अक्षत यौवना का कौमार्य भंग

हर भारतीय स्त्री और पुरुष की तरह मेरे मन में कौमार्य भंग को लेकर एक अजीब सी उत्तेजना थी. बावजूद इसके कि मैं काफी समय से एक जिगोलो की तरह काम कर रहा था. मुझे बमुश्किल से सिर्फ एक अक्षत चूत मिली थी. और संयोग से फिर उसी के सहयोग से मुझे एक और कौमार्य भंग का अवसर मिला………

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रोमांस की चाह और एक गैर मर्द

जब दो विपरीत लिंगी रोमांस के आकर्षण की वजह से एक स्थायी रिश्ते में बंध जाते हैं और फिर जिम्मेदारियों की वजह दोनों विपरीत दिशा में सोचना शुरू कर देते हैं तो फिर ऐसी रिक्तता एक तीसरे व्यक्ति के लिए संभावना उत्पन्न कर देती है. एक युगल की प्राथमिकताएं विलग होने पे उनके मार्ग भी अलग दिशा में मुड़ जाते हैं. एक ऐसे ही प्रेमी युगल की कहानी……….

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दो सहेलियाँ

दोस्तों!! ये कहानी दो बहुत ही अच्छी सहेलियों की है, जिनका आपस का प्यार दो सगी बहनों से भी ज्यादा है. रिया और मोना की दोस्ती की मिसाले उनके कॉलेज में हर कोई देता है. दोनों का घर भी एक दुसरे के पास ही था. इन दोनों का हर काम साथ साथ ही होता था. लेकिन ऐसा क्या हुआ कि मोना और रिया आज अपने रिश्ते को वापस समझने कि कोशिश कर रही हैं. वजह इस कहानी में….

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पति और पत्नी का अमर प्रेम

सुहाना ने जैसे ही खिड़की के परदे हटाये सुबह सुबह सूरज की किरने आँखें मीचते हुए अश्विन के चेहरे पे पड़ी. एक हल्की मुस्कान दोनों के ही चेहरे पे तैर गयी. रविवार की ये सुबह कुछ ज्यादा ही रोमांटिक लग रही थी. क्यों?…….ये जानने के लिए कहानी को थोडा बैक फ़्लैश में ले चलते हैं……….

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सेक्सी आंटी के साथ प्रथम अनुभव

किशोरवय मन बड़ा चंचल और जिज्ञासु प्रवृत्ति का होता है. मैं भी ऐसा ही था. सेक्स का अधूरा ज्ञान  और सेक्सी  आंटियों के बढ़े हुए आगे पीछे के उभार मन को विचलित करने के साथ-साथ पैन्ट के अन्दर भी हलचल मचा देते थे. लेकिन इसी हलचल ने मुझे मेरे प्रथम सेक्स अनुभव का अवसर दिया…

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रागिनी का चुदाई राग

मैने उसे अपनी बाहों मे उठाया और बेड पे ले जाकर लिटा दिया. लेकिन ये क्या उन्होंने मुझे जोर से पकड़ लिया और बेतहाशा चूमने लगीं. उनकी ये हरकत अप्रत्याशित थी लेकिन उनके चूमने का असर मेरे ऊपर काफी त्वरित गति से हुआ. मैं भी उन्हें पागलों की तारह चूमने लगा. एक झटके में मैंने उनकी नाइटी उतार फेंकी और उनके बूब्स को दबाने लगा.

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मामा की लड़की और मेरा प्रेम प्रसंग

मैं भूल गया था की वो मेरी मामा की लड़की है|  बस याद था तो ख़ुशी के होठ|  अभी भी मैं वो स्पर्श महसूस कर सकता हूँ|  मैं धीरे- धीरे गर्म होने लगा था|  दीदी अब किस मेरे होठों के बहुत करीब कर रही थी|  जो मुझे और उत्तेजित कर रहा था.

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मेरी उन्मुक्त पड़ोसन भाभी

दोस्तों एकांत या एकाकी जीवन अपने अन्दर कल्पनाओं का समुद्र लिए हुए होता है.  ऐसे में जब मनचाहा साथ मिलता है तो हम अपने भीतर छुपे उस समुद्र को साझा करना चाहते हैं. मेरी पड़ोस वाली भाभी के प्रति आकर्षण की पहली वजह तो शायद यही थी. और दूसरी वजह  थी, जवानी की भूख जो किसी भी तरह बस शान्त होना चाहती है….

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सच्चे प्यार की तलाश

दोस्ती और प्यार के बीच बड़ा बारीक सा फासला होता है. वो फासला तो हम तय कर चुके थे. दोस्ती में कोई डीमांड नहीं होती. एक दुसरे के गिले शिकवे स्थायी नहीं होते. लेकिन प्यार स्थायित्व मांगता है. एक दूसरे के भावनाओं की गहरी समझ मांगता है. मेरे पहले प्यार की छोटी सी दास्तान….

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मैं बन गया कुत्ता!

मैं बन गया कुत्ता…देखो बन गया कुत्ता ….बांध इशक का पट्टा…..देखो बन गया कुत्ता…. ये गाना तो आपने जरूर सुना होगा. लेकिन ये गाना मेरी असल जिन्दगी में भी चरितार्थ हो रहा था. मेरी गर्लफ्रेंड  की ये फैंटसी पूरा करना मुझे सच में काफी आनन्द दायक लगा. बिलकुल अलग तरह का सेक्स एन्जॉय किया था मैंने…..

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