खूबसूरत कली को मैंने फूल बनाया

अब वह भी मेरा साथ देने लगी. इस तरह मैंने उसकी पेन्टी में अपना एक हाथ डाल दिया और दूसरे हाथ को उसके ब्रा में डाल कर उसके मम्मों को दबाने लगा. क्या ममे थे यार उसके! कितने सॉफ्ट और मुलायम थे! अब मैं लगातार उसके मम्मों को और उसकी चूत को मसल रहा था. इस तरह वह गर्म होने लगी तथा मेरे भी कपड़े उतारने लगी और मैं भी उसके कपड़े उतारने लगा. अब हम दोनों सिर्फ अन्डर वियर में रह गये थे और वो ऊपर से ही मेरे लंड को देखने लगी. फिर मैंने उसकी ब्रा और पेंटी को भी उतार फेंका और उसकी संतरे जैसी खिली हुई चूत पर अपना मुंह रख दिया… पढ़ना जारी रखें “खूबसूरत कली को मैंने फूल बनाया”