जी बी रोड की रंडीबाजी

चूत और लंड के खेल को खेलने के लिए मुझे कोठों की पनाह सबसे अच्छी लगती थी. न कोई रिश्तों का बंधन न ही चुदाई के पहले और बाद वाली मिन्नतें. हर बार चूत बदल सकने की छूट मिलती सो अलग. मेरी सेक्स की सारी ट्रेनिंग तो इन कोठों पे ही हुयी है. इन्ही कुछ पल की मुलाकातों वाली कई दस्तानों में से एक ………….

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