पड़ोसी पनवाड़ी को घर बुलाकर मैं उसके लन्ड की दिवानी हुई

फिर उसने मेरे ब्लाउज के बटन खोले और मेरे बूब्स को आजाद कर दिया और मेरे रसीले बूब्स को अपने होंठों में लेकर वो चूमने, चाटने और मसलने लगा. इस सब में मुझे एक अलग ही एहसास आ रहा था और मैं ‘आह आह’ करके सिसकियां ले रही थी. फिर उसने मेरे पेटीकोट का भी नाड़ा खोल दिया और मुझे नंगा कर दिया. इधर मैंने भी उसकी अंडर वियर निकाल दी और सारे कपड़े बेड से नीचे जमीन पर फेंक दिये…

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