ट्रेन के गॉर्ड वाले कोच में धमाकेदार चुदाई

मुझे अपने एक क्लाइंट से मिलने दिल्ली जाना था. मेरा रिज़र्वेशन नहीं था इसलिए मैं गॉर्ड वाले कोच में चढ़ गया. कोच खाली था लेकिन मेरे बाद उसमें एक औरत चढ़ी जिसे पटाकर मैंने धमाकेदार चुदाई की…

अन्तर्वासना पढ़ने वाली सभी चूत की रानियों को मेरे लन्ड का सलाम! मेरा नाम राज है और मैं 23 साल का नौजवान युवक हूँ. मैं एक प्लेबॉय कंपनी में काम करता हूँ.

मैंने अपने प्लेबॉय के करियर में बहुत सी औरतों को मां बनने का सुख दिया और बहुत सारी असंतुष्ट महिलाओं के जीवन में खुशहाली ला दिया. अब मैं आपका ज्यादा समय लेते हुए सीधा अपने साथ घटी घटना के बारे में बताता हूँ.

बात पिछले साल की है, तब मैं एक कस्टमर से मिलने के लिए दिल्ली जा रहा था. मैं अपने सिटी के रेलवे स्टेशन पर पहुंच कर ट्रेन के बारे में पता किया और टिकट ले कर प्लेटफॉर्म पर आ गया. प्लेटफॉर्म पर बहुत ज्यादा भीड़ नहीं थी. शाम हो चुकी थी और ट्रेन आने में अभी आधा घंटा बाकी था. इसलिए मैं स्टेशन पर से बाहर आया और वाइन शॉप से वोदका की एक बोतल ली और स्टेशन वपास पर आ गया.

कुछ देर बाद ट्रेन आ गई और मैं इंजन के साथ वाले डिब्बे में गॉर्ड के साथ बैठ गया. कुछ देर बाद ट्रेन ने चलने के लिए हॉर्न दे दिया. तभी एक लेडी मेरे वाले डिब्बे में आ गई. तभी ट्रेन चल दी. अब वो औरत सीट पर बैठ गई. दोस्तों, गॉर्ड वाले डिब्बे में एक ही सीट होती है, इसलिए मैं समान रखने वाली जगह पर बैठ गया. वह जगह उसकी नज़रों के सामने ही थी.

बहुत देर तक हम में से किसी ने कोई बातचीत नहीं की. थोड़ी देर बाद मैंने हिम्मत करके उसके साथ बात करना शुरू किया. बातचीत के दौरान उसने बताया कि वो भी दिल्ली जा रही है. बातों ही बातों में मैंने मुझे लगा कि वह मुझ पर कुछ ज्यादा ही ध्यान दे रही है.

अब मैंने भी हिम्मत करके उसकी तरफ देखने लगा. फिर थोड़ी ही देर में हम लोगों ने नॉनवेज बातें करनी शुरू कर दी. बातों ही बातों में मैं उसे टच कर लेता लेकिन वह कुछ नहीं कहती थी. जिससे मेरे अंदर उसको चोदने का कीड़ा जाग उठा. धीरे – धीरे अब मैं मौका मिलने पर उसके बड़े – बड़े बूब्स को टच करने लगा लेकिन इस पर भी वह कुछ नहीं बोल रही थी. अब मेरी हिम्मत और बढ़ गई.

अब वो भी मेरे पैंट के ऊपर से ही मेरी जांघ पर हाथ फेरने लगी थी. इससे मेरा लन्ड जो पहले ही खड़ा हो चुका था अब ऐसा लग रहा था कि पैंट फाड़ कर बाहर आ जाएगा. तभी अचानक उसने मेरे लन्ड को जोर से पकड़ लिया और मुझसे बोलने लगी कि वह बहुत दिनों से प्यासी है और अब ज्यादा देर तक खुद को काबू नहीं कर सकती.

उसकी बात सुन कर मैंने भी टाइम को वेस्ट न करते हुए उसके कपड़े उतारना शुरू कर दिया. अंदर उसने व्हाइट ब्रा और व्हाइट पैंटी पहने हुए थी. इन कपड़ों में वह पूरी क़यामत लग रही थी.

उसे इस रूप में देखने के बाद मैंने पहले से ही अपने बैग में रखी वोदका की बोतल निकाल ली और जब उसे दिखाया तो उसके चेहरे पर मुस्कान आ गई. अब उसने मेरे हाथ से बोतल ले लिया और तुरंत ही उसका ढक्कन खोल कर पीना शुरू कर दिया.

फिर मैंने उससे बोतल ली और थोड़ी सी वोदका उसके बूब्स और बॉडी पर डाल दी. फिर मैं भी पीने लगा. बोतल खाली होते ही मैंने उसकी ब्रा को उतार दिया और उसके बूब्स को चूसने लगा. मेरे ऐसा करने के कारण वो ज़ोर – ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी.

करीब 5 मिनट तक उसके बूब्स को चूसने के बाद मैंने अपना हाथ उसकी पैंटी में डाल दिया. तब मुझे अपनी उंगलियों पर हल्का गर्म – गर्म और कुछ गीला – गीला सा महसूस हुआ. यह देख कर मुझे अंदाजा हो गया कि उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया है.

फिर मैंने अगले ही पल उसे लगेज वाली सेल्फ पर बिठाया और उसकी पैंटी को हटाकर चूत को चाटना शुरू कर दिया. इससे वो ज़ोर – ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी और मेरे बालों को पकड़ कर तेजी से खींच रही थी. मुझे ऐसा लग रहा था जैसे वह मेरा पूरा का पूरा मुंह ही अंदर लेना चाहती है. बीच – बीच में वह बड़बड़ा भी रही थी.

कुछ देर बाद मैं उठ गया और उसके चूत के मुहाने पर लन्ड को टिका दिया. लन्ड टिकाते ही उसने कहा कि इतने दिन हो गए हैं लेकिन मैंने किसी के साथ नहीं किया है इसलिए धीरे – धीरे ही अंदर डालना.

यह सुन कर तो जैसे मेरे भाग ही खुल गए हों. मैंने मन ही मन सोचा कि ये कली चूत के पुजारियों से इतने दिन तक कैसे बची रही. दूसरे ही पल दिमाग में ख्याल आया कि चलो जो भी हुआ अच्छा ही हुआ. आज फर्स्ट हैंड चूत मेरे सामने है तो इसका मज़ा लेना चाहिए.

यह सोच कर मैंने अपने लन्ड का टोपा उसकी चूत के मुंह पर टिकाया और हल्का सा झटका दे दिया. जिससे मेरा लन्ड कुछ अंदर तक चला गया लेकिन दर्द की वजह से वो तड़प उठी. लेकिन मुझे कोई फर्क नहीं पड़ा और मैंने एक दूसरा झटका दे दिया. इस धक्के के साथ ही मेरा पूरा लन्ड उसकी चूत के अंदर घुस गया.

इस बार उसके मुंह से तेज चीख निकल पड़ी और उसकी आंखों में आंसू आ गए. अब मैंने उसके मुंह को अपने एक हाथ से बंद कर दिया और कुछ देर के लिए रुक गया और उसे किस करने लगा.

कुछ देर बाद फिर मैंने उसे चोदना चालू किया. आखिरकार 20 मिनट की जोरदार चुदाई के बाद मेरा पानी निकल गया और हमारा ये प्रोग्राम खत्म हुआ. इस दौरान वह 3 बार झड़ चुकी थी. फिर पूरे सफर में मैंने उसे 5 बार अलग – अलग स्टाइल में चोदा और उसके साथ खूब एन्जॉय किया.

जल्द ही मैं अपनी किसी दूसरी घटना के साथ फिर हाज़िर होऊंगा तब तक के नमस्कार. और हां आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी? मुझे मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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