आज मेरी प्यास बुझाओ, अगली बार जो बोलोगे करूंगी

मेरे पड़ोस में एक चाची रहती थीं. मैं उन्हें चोदना चाहता था लेकिन मौका नहीं मिल पा रहा था. लेकिन एक दिन जब मैंने हिम्मत दिखाई तो वो मेरे नीचे आ गईं. मैं उनसे अपना लन्ड चुसवाने की फिराक में था लेकिन वो कहने लगीं कि आज मेरी चूत की प्यास बुझा दो, अगली बार जो तुम बोलोगे वो मैं करूंगी. फिर मैंने क्या किया वो इस कहानी में आगे पढ़ें…

हेलो दोस्तों, मेरा नाम अंकुश है और मैं अभी कॉलेज में पढ़ता हूं. मैं हंसमुख, हैंडसम और सुंदर बंदा हूं. मेरे कॉलेज की कई लड़कियां मुझ पर फिदा हैं. लेकिन मैं किसी को भाव नहीं देता. क्योंकि मुझे आंटियां ज्यादा पसंद हैं.

अब मैं अपनी कहानी पर आता हूं. मेरे घर के पास वाले मकान में एक बहुत ही सुंदर औरत रहती है. जब वो चलती थी तो उसका पिछवाड़ा देखते ही मेरा लन्ड सलामी देने लगता था.

मैं उनको चाची कहता था. वैसे उनका नाम माया था. दोस्तों, उन्हें देख कर मैंने कई बार उनके नाम की मुठ मारी थी और उन्हें चोदने के सपने देखता रहता था. सपने में भी मैंने उन्हें कई बार चोदा था और इस वजह से रात को मेरा स्वप्नदोष भी हो जाता था.

उनके पति यानी कि चाचा नौकरी के सिलसिले में घर से बाहर ही रहते थे. इस वजह से चाची के चूत की प्यास बुझ नहीं पाती थी. वो भी अपनी चूत चुदाने के लिए तड़प रही थी. वो भी चाहती थी कि कोई आए और अभी उसकी प्यास बुझा दे. ये सब बातें बाद में चाची ने खुद ही मुझे बताई थीं.

एक बार चाची अपने घर पर अकेली थीं. तब किसी काम से मैं उनके घर गया. उनको देखते ही हमेशा की तरह मेरा लन्ड खड़ा हो गया. उस टाइम वो अपने रूम में थीं. मुझे देख के मुस्कुराते हुए बोलीं, “क्या बात है आज आप हमारे यहां?” तब मैंने मौके का फायदा उठाते हुए कह दिया कि किसी की याद आ गई तो चला आया. यह सुन कर वो हंस पड़ीं और मेरे लिए पानी लाने चली गईं.

फिर मैं उनके बेड पर बैठ गया. बेड पर उनकी व्हाइट ब्रा और ब्लैक पैंटी पड़ी थी. मैं उन्हें देख के आंटी के साइज का अंदाज़ लगाने लगा. मैंने अनुमान लगाया कि उनका साइज 34 30 32 का है.

इतने में वो पानी लेकर आ गईं और मुझसे बोलीं, “क्या देख रहे हो?” यह सुन कर मैंने मन ही मन सोचा कि लगता है इन्होंने अपनी ब्रा – पैंटी देखते मुझे देख लिया. खैर, मैंने कहा कि कुछ नहीं और फिर पानी पीकर उन्हें गिलास वापस कर दिया.

अब मेरे मन में बस एक ही खयाल आ रहा था कि कुछ भी हो जाए आज इन्हें चोद के ही मानना है. क्योंकि उनकी ब्रा और पैंटी देख कर मेरा लन्ड खड़ा होकर अब तक अपने पूरे साइज में आ चुका था.

फिर वो गिलास वापस रहने गईं तो मैं बेड पर लेट गया और लन्ड छुपाने की कोशिश करने लगा. मैं अपना लन्ड छुपाने के चक्कर में बाकी सब भूल गया था. और इसी बीच पता नहीं कब लेटा – लेटा मैं उनकी ब्रा और पैंटी के ऊपर आ गया.

फिर जब वो वापस आईं और उनका ध्यान उनके कपड़ों पर गया तो वो मेरे पास आईं और झुक के बोलीं, “थोड़ा ऊपर तो होना”. मैं हो गया. फिर उन्होंने मेरे नीचे से अपनी ब्रा और पैंटी निकाली और बोलीं, “थोड़ा संभल के लेटना चाहिए था तुम्हें”. इस पर मैंने उन्हें सॉरी बोला तो वो बोलीं कि कोई बात नहीं.

फिर वो भी मेरे पास ही लेट गईं और हम इधर – उधर की बात करने लगे. हम बात तो कर रहे थे लेकिन मेरा ध्यान उनके लिप्स और बूब्स पर ही था. शायद उन्होंने भी मेरी नज़रों को ताड़ लिया था लेकिन कहा कुछ नहीं. मेरे मन में उनको चोदने का खयाल पूरी तरह हावी हुआ जा रहा था.

तभी मैंने हिम्मत करके उनका हाथ पकड़ लिया और फिर अपनी तरफ खींच के बाहों में ले लिया. मेरे ऐसा करने से मन ही मन वो भी बहुत खुश थीं लेकिन थोड़ा नाटक करते हुए बोलीं, “ये क्या कर रहे हो छोड़ो मेरे को”. उन्होंने गुस्सा होने का दिखावा भी किया लेकिन इसके बाद भी मैंने उन्हें नहीं छोड़ा बल्कि उनके चेहरे को हाथ में लेकर उनके लिप्स को चूसने लगा.

पहले तो उन्होंने छूटने की झूठी कोशिश की लेकिन फिर धीरे – धीरे मेरा साथ देने लगीं और तब मैं उनके ऊपर आ गया और फिर बिना किसी डर के उनके होंठ चूसने लगा. अब वो भी मेरा साथ दे रही थीं.

फिर मैंने अपना हाथ उनके बूब्स रख दिया. वाह, क्या मुलायम बूब्स थे, उनके! अब मैं ब्लाउज के ऊपर से ही उनके बूब्स दबाने लगा था. इससे उनके मुंह से हल्की – हल्की सिसकियां निकल रही थीं.

फिर उन्होंने खुद ही अपने ब्लाउज के बटन खोल दिए और उसे उतार के दूर फेंक दिया. व्हाइट ब्रा में वह कयामत लग रही थीं. लेकिन फिर मैंने खुद ही जल्दी से उनकी ब्रा उतारी और उसे भी फेंक दिया. अब उनके बूब्स को मैंने अपने दोनों हाथों में ले लिया और मसलने लगा. ऐसा लग रहा था दोस्तों, जैसे मैं जन्नत में पहुंच गया हूं.

थोड़ी देर बाद मैं अपना हाथ नीचे ले गया और कपड़े के ऊपर से ही उनकी चूत सहलाने लगा. इतनी मस्त फीलिंग्स आ रही थीं दोस्तों कि मैं बता नहीं सकता. फिर देर न करते हुए मैंने उन्हें पूरा नंगा कर दिया.

दोस्तों, बिना कपड़ों के स्वर्ग से आई किसी अप्सरा जितनी खूबसूरत लग रही थीं. फिर मैं उनके एक दम पास आया और चूत पर हाथ लगाया तो देखा कि उनकी चूत एक दम गीली हो चुकी है. मेरा हाथ चूत से लगते ही वो ‘ओह्ह आह’ करके सिसकियां लेने लगी.

उनकी मादक आवाज सुन कर मैं मस्त हो गया और उसी मस्ती में उनकी चूत मसलने लगा. मेरे ऐसा करने से उनकी सिसकियां भी तेज होने लगीं. फिर वो बोलीं, “अंकुश, अब मत तड़पाओ यार, बस जल्दी से चोद दो मुझे, बहुत प्यासी हूं, आज फाड़ दो मेरी चूत को”.

दोस्तों, मैं अभी उसे चोदना नहीं चाहता था. मैं पहले उससे अपना लन्ड चुसवाने की फ़िराक़ में था. इसलिए मैं अपना लन्ड उनके मुंह के पास ले गया और बोला कि चूसो इसे. मेरे कहने पर उन्होंने थोड़ी देर के लिए लन्ड मुंह में लिया लेकिन फिर जल्दी ही बाहर निकाल कर बोलीं कि अंकुश, पहले मेरी चूत की प्यास बुझा दो फिर मैं चूस दूंगी लेकिन पहले अपना लन्ड मेरी चूत को दो. इस पर मैंने उनसे प्रॉमिस मांगा कि अगली बार सिर्फ लन्ड ही चूसोगी!

मुझे डर लग रहा था. मैं सोच रहा था कि क्या पता ये पहला और आखिरी मौका हो, बाद में फिर माया मेरे साथ सेक्स करेगी या नहीं! लेकिन उसने प्रॉमिस कर दिया और कहा कि अगली बार सिर्फ लन्ड ही चूसुंगी और जो भी तुम बोलोगे वो सब करूंगी लेकिन इस बार जो मैं बोल रही हूं वो करो.

फिर मैंने अपने लन्ड का सुपाड़ा माया चाची की पर रखा औए धीरे – धीरे लन्ड अंदर डालने लगा. काफी दिनों से चुदी न होने के कारण उनकी चूत टाइट हो गई थी. इसलिए जब लन्ड अंदर घुस रहा थातो उन्हें दर्द महसूस हो रहा था. लेकिन उन्होंने उस दर्द की कोई परवाह नहीं की और बराबर मेरा साथ देती रहीं. साथ ही बोल रही थीं कि अंकुश, फाड़ दो मेरी चूत को और बुझा दो मेरी सालों की प्यास को.

तभी मैंने तेजी से एक झटका दिया और मेरा पूरा लन्ड उनकी चूत में घुस गया. वो ‘उईई मम्मी’ कहती हुई जोर से चीख पड़ीं. इस पर मैंने तुरंत ही उनके होंठों को अपने होंठों में कैद कर लिया और धक्के मारने लगा.

मैं लगातार धक्के मार रहा था और अब वो नीचे से उछल – उछल के मेरा लन्ड अंदर ले रही थीं. करीब 10 मिनट की की जोरदार चुदाई के बाद उनकी चूत में ही मेरा पानी निकल गया. और मेरे वीर्य की गर्मी पाते ही उनकी चूत ने भी अपना रस छोड़ दिया. फिर वो शांत हो गईं. इसके बाद उन्होंने मुझे शुक्रिया कहा और फिर लिप किस करते हुए मुझसे लिपट गईं.

दोस्तों, मेरी यह कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करके जरूर बताना. अपनी अगली कहानी में मैं आप सब को बताऊंगा कि कैसे मैंने माया चाची को लन्ड चुसा के उनकी गांड मारी. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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