अनदेखा प्यार – भाग१

जब मैं उसकी बुर को रगड़ता या दबाता तो वह हर बार उत्तेजना में अपने पैर सिकोड़ लेती थी।

मेरा नाम अनुराग है और मैं एक बिजनेसमैन हूँ। मेरी उम्र 26 साल है। मैं दिखने में एक औसत लड़का हूँ।

आठ साल पहले की बात है। नवंबर का महीना था, ठण्ड जोरों की थी। कुछ ही दिन पहले मेरा पुरानी गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप हुआ था। अब मैं एकदम अकेला था और नई लड़की की तलाश में था। एक शाम मैं अकेला बैठा अपनी पुरानी गर्लफ्रेंड के नंबर की सीरीज मिला रहा था। कुछ देर बाद एक नंबर पर एक लड़की ने हेलो बोला।

मैं- हेलो, कैसी हो?
वो- ठीक हूँ।

मैं- क्या कर रही हो?
वो- कुछ नहीं, बैठकर चाय पी रही हूँ।

मैं- घर में सब कैसे हैं?
वो- सब ठीक हैं।

मैं- और नया आशिक़ बनाया कि नहीं?
वो- क्या? आप कौन हैं?

मैंने उसे अपने बारे में बताया। वह एकदम घबराई हुई थी। वह मुझपर चिल्लाने लगी- आप बिना किसी जान पहचान के कैसे बात कर रहे हैं? मैंने सॉरी बोला और उसने कॉल काट दिया। अगली सुबह मैंने उसे कॉल किया और उसे कहा कि मैं आपसे दोस्ती करना चाहता हूँ।

पहले उसने बहुत नखरे दिखाए। मेरे बहुत कहने पर वह मान गयी। मैंने उसके बारे में पूछा तो उसने बताया कि उसका नाम नैना है। वह एक शादीशुदा औरत है और उसका 7 साल का एक बेटा है। अब हमारी रोज बातें होने लगी।

कुछ ही दिनों में न्यू ईयर आने वाला था। मैं अपने दोस्तों के साथ नेपाल घूमने चला गया। नए साल की रात मैंने उसे कॉल किया और न्यू ईयर विश किया। उसने मुझसे पूछा- कहाँ हो? मैंने बताया, इसपर वह थोड़ा अपसेट हो गई, पर मैंने ध्यान नहीं दिया। अगले दिन जब हमारी बात हुई उस समय भी वह अपसेट थी।

रात को मैंनें मैसेज में पूछा तो उसने कहा- तुम मुझे छोड़ के क्यों चले गए? तुम्हें मेरे साथ होना चाहिए था। उसकी बातों से मुझे लगने लगा कि वह मेरे साथ रहना चाहती है। फिर उसने मुझसे पूछा कि मेरी कोई गर्लफ्रेंड है या नहीं। मैंने बताया कि मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है। अब हम दोनों रोज रात में फोन पर बातें करने लगे।

फिर वैलेंटाइन डे आया। वैलेंटाइन की रात मैंने उसे प्रपोज़ किया और उसने हां कह दिया। मैंने उसे बताया कि मैं उसे देखना चाहता हूँ। उसने हामी भर ली। अब हम रोज रात को फ़ोन पर चुदाई की बात करते थे। जिसमें उसे बहुत मज़ा आता था। एक रात हम फ़ोन सेक्स कर रहे थे, तभी मैंने उससे कहा “नैना, मैं तुम्हें चोदना चाहता हूँ”। उसने कहा- तो चोदो न तुम्हें रोका किसने है।

अब मैंने उससे पूछा- नैना, मर्द जो औरत में डालते हैं, उसे क्या कहते हैं? उसे बताने में शरम आ रही थी, पर मेरे दबाव देने पर उसने बताया कि उसे लण्ड कहते हैं। फिर मैंने कहा औरत वाले को क्या कहते हैं? उसने कहा बुर कहते हैं। उसके बाद हम फ़ोन सेक्स करने लगे।

उस रात वो बहुत ज्यादा गरम हो चुकी थी। उसने बातों बातों में मुझसे कहा “चोद साले चोद”। उसकी ये बात सुनकर मुझे बहुत मजा आया। उस रात हमने फ़ोन पर खूब चुदाई की। उसका चूत रस निकल चुका था। वह उठ कर बाथरूम गयी और अपनी बुर को पानी से धो कर साफ़ किया। आज मेरे लण्ड से भी रोज से ज्यादा पानी निकला था।

आखिर तीन साल बाद वो वक़्त आ ही गया, जब मैं उससे मिला और उसे पहली बार देखा। वह एक औसत कद की भरे जिस्म वाली बिल्कुल गोरी औरत थी। वह गहरे गले वाली ब्लैक टॉप में कयामत लग रही थी। मैंने खुद को किसी तरह कंट्रोल किया।

हमने बहुत सी बातें की और घूमने गए। कुछ घंटे साथ रहने के बाद वह चली गयी और मैं वापस अपने शहर आ गया। लेकिन मैं उसे चोद न पाने की वजह से बहुत बेचैन था। फोन पर मैंने उसे सारी बातें बताई। उसने कहा मिलने के लिए जगह की दिक्कत है पहले जगह का उपाय करो। इन बातों को सुन कर मैं और बेचैन हो गया।

छह महीने बाद उसके बुलाने पर मै मिलने उसके घर गया। मुझे लेने वह स्टेशन आई थी। रास्ते में उसने बताया कि उसके पति दूकान गए हैं, घर पर उसका बेटा और उसकी माँ हैं और उसने घर में कहा है कि मैं उसका दोस्त हूँ।

जब हम उसके घर पंहुचें तो उसने मुझे फ्रेश होने के लिए अपना टॉवल दिया और बाथरूम तक छोड़ने आई। फ्रेश होने के बाद मैं उसकी माँ से बातें करने लगा। कुछ देर बाद उसका पति भी आ गया। उसने मुझे अपने पति से मिलवाया। उसके पति ने मुझे रात में रुकने के लिये बोला और अपनी दूकान चला गया।

उसकी माँ की तबियत कुछ ख़राब थी। उसने उन्हें खाना खिला के सुला दिया। मैं किचन में जा कर उससे बातें करते हुए खाना खाने लगा। उसने गहरे गले की टॉप पहनी थी। जिसकी वजह से उसकी चूचियों की खाई मुझे साफ़ दिख रही थी। भरा बदन होने के कारण उसकी चूचियाँ और गांड बहुत उभरे हुए थे।

खाना खाने के बाद वह मुझे अपने साथ बैडरूम में ले गयी। वहाँ उसका बेटा टीवी देख रहा था। कुछ देर बाद उसके लड़के ने कुछ खाने की ज़िद की। मैंने उसे पैसे देकर बाहर भेज दिया।

उसके जाने के बाद मैंने नैना को अपनी तरफ खींचकर बेड पर लेटा दिया और उसके होठों को चूसने लगा। वह भी मेरा साथ देने लगी। फिर मैंने उसकी चूचियों को खूब मसला। मैं उसके चूचकों को कपड़े के ऊपर से ही दांतों से काटने लगा। उसे भी मजा आने लगा।

अब मैंने उसका टॉप उतार दिया और उसकी चूचियों से ब्रा को अलग कर चूचक को चूसने लगा। मुझे बहुत मजा आ रहा था। फिर मैंने उसके लोअर को नीचे करने की कोशिश की, लेकिन उसने मना कर दिया।

इसके बाद मैंने उसके दोनों पैरों को अपने पैरों से फैलाया, और उसकी पैंटी में हाथ डाल दिया। क्या मखमली बुर थी! मैं उसे सहलाने लगा। वह लगातार आहें भर रही थी। अब मैं धीरे धीरे हाल में ही झाँट साफ की गई उसकी बुर की दरार में अपनी अंगुली रगड़ने लगा। जब मैं कभी उसकी बुर रगड़ता या दबता, वह हर बार उत्तेजना में अपने पैर सिकोड़ लेती थी।

अब मैंने उसकी बुर की छेद में अपनी एक अंगुली डाली। वह बहुत मजे लेकर अंगुली से चुदवा रही थी। अब मैं उसे अंगुली से बहुत ज़ोर ज़ोर चोदने लगा। कुछ देर बाद उसकी बुर से ढेर सारा पानी निकल गया और वो एकदम निढाल होकर लेटी रही और मैं अपने हाथ में लगा उसका पानी सूंघने लगा, मुझे बहुत मज़ा आ रहा था।

तभी उसका बेटा आ गया और हम दोनों अलग हो गए। मैं तुरन्त बाथरूम गया। उसे मेरी हालत का पता था। वह भी मेरे पीछे पीछे आई और मुझे मुठ मरता देख उसने अपने हाथों में मेरे लण्ड को ले लिया और उसे आगे पीछे करने लगी। मुझे बहुत मजा आने लगा। कुछ देर बाद मेरे लण्ड से एक लम्बी पिचकारी निकली। नैना ने लण्ड दबाकर वीर्य की आखिरी बूंद निकाल दी। फिर हम दोनों एक साथ बाहर आ गए। उसके बाद हमने बातें की कुछ खाया पिया और मैं वापस चला आया।

इसके आगे की कहानी अगले भाग में।
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