एथलीट लड़की से मैंने की पहली चुदाई

मेरा नाम मोनू है और यह मेरी पहली कहानी है. उम्मीद करता हूं कि आप सबको पसंद आएगी. वैसे तो मैं कई चूतों को फाड़ चुका हूं लेकिन मुझे मेरी पहली चुदाई आज तक नहीं भूली, तब मैंने रीना नाम की लड़की को चोदा था…

कहानी में आगे बढ़ने से पहले मैं आपको रीना के बारे मे बता दूं. रीना का कद 5 फुट और 6 इंच के आसपास का होगा. उसका फिगर करीब 32 28 32 का था. वो देखने में किसी पारी से कम नहीं लगती थी.

रीना और मैं एक ही जिम में जाते थे. रीना वहां एथलेटिक्स के लिए आती थी और मैं ऐसे ही बॉडी फिट रखने के लिए रोज जाता था. ऐसे ही आते – जाते एक – दूसरे को देखते – देखते हम दोनों की नज़रें मिल गईं.

फिर एक दिन मैंने उसे रोक कर उससे उसका नाम पूछ लिया. उसने भी तपाक से अपना नाम बता दिया. कुछ दिनों तक ऐसे ही हमारी नॉर्मल बातें होती रहीं. उसके बात करने के तरीके से मुझे लगने लगा था कि वो भी मुझे पसंद करने लगी है.

एक दिन ऐसे ही मैंने कहीं घूमने का मन बनाया. फिर मैंने ऐसे ही रीना से भी पूछ लिया तो उसने भी चलने के लिए हां कर दी.

इसके बाद हम दोनों मेरी बाइक से निकल पड़े. रास्ते मे वो मेरे से बिल्कुल चिपक कर बैठी थी. उसके उभार मेरी पीठ में चुभ कर मुझे उत्तेजित कर रहे थे.

फिर मैंने एक अच्छी सी जगह देख कर बाइक रोक दी. इसके बाद हम दोनों बाइक से उतर कर बातें करने लगे. वो बोले ही जा रही थी और मैं उसको सुन रहा था.

फिर मैंने उसका हाथ पकड़ लिया. इस पर वो चुप हो गई और आंख उठा कर मेरी तरफ देखने लगी. मैं भी उसकी आंखों में देख रहा था. देखते – देखते हम दोनों एक – दूसरे की आंखों में खो गए थे. करीब 5 मिनट बाद मुझे होश आया.

फिर मैंने उसका हाथ पकड़े – पकड़े ही वहीं पर उससे अपनी मुहब्बत का इज़हार कर दिया. मेरे आई लव यू बोलते ही वो मेरे गले से लग गई और बोली – मोनू,
कितने दिन लगा दिए तुमने मुझे ये बोलने में!

फिर उसने अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए और फिर करीब 5-6 मिनट तक हम एक – दूसरे को चूमते रहे. वहां हम ज़्यादा देर तक नहीं रुक सकते थे क्योंकि रास्ता था और कोई भी आ सकता था.

फिर हम वहां से चल पड़े. आगे जाकर पार्क में कुछ क्वालिटी टाइम बिताया आपस में काफी सारी बातें की और वापस चल दिये. वापस आते टाइम हमने एक – दूसरे से कुछ नहीं बोला. फिर मैंने उसको जहां से पिक किया था वहीं पर ड्रॉप कर दिया और बाय बोल के चला गया.

रात को उसका फोन आया और हमने खूब सारी बातें की. तभी वो बोली कि मुझे तुमसे मिलना है. फिर हम दोनों अकेले मिलने का प्लान बनाने लगे, लेकिन कहीं जगह का जुगाड़ नहीं हो पा रहा था.

फिर एक दिन मेरे घर वालों को मेरे भाई के यहां जाना पड़ गया और वे लोग चल गये. मेरा भाई, भाभी के दूसरे शहर में रहता था. अब मैं घर पर अकेला बच गया. मैंने मौके का फायदा उठाने की सोची और झट से रीना को फोन करके बताया तो वो खुशी से उछल पड़ी.

फिर उसने अपने घर वालों को झूठ बोला और कहा कि अपनी दोस्त के पास जा रही है. इतना कह कर वो मेरे घर आ गई. मेरे घर आते ही मेरे गले से लग गई और मुझे चूमने लगी. फिर मैं भी उसके होठों का रस-पान करने लगा.

तभी अचानक मुझे याद आया कि दरवाजा तो खुला ही है. फिर मैं बीच में ही रुक गया और जाकर गेट को लॉक कर आया. वापस आकर मैं फिर से उसके होंठों को चूमने लगा.

होंठों को चूमते – चूमते ही मैं उसे मेरे रूम में ले गया.मेरा
रूम हमारे मेन गेट के बिल्कुल ही पास था. रूम में जाने के बाद मैंने उसको बेड पे लिटा दिया और उसके ऊपर होकर फिर से उसके होंठों को चूमने लगा.

तभी वो बोली कि बस यही करते रहोगे या फिर कुछ और भी करने का इरादा है. मैं उसका इशारा समझ गया और फिर मैंने उसके कपड़े उतारने शुरू कर दिए. अब वो मेरे सामने केवल ब्रा और पैंटी में ही लेटी हुई थी.

फिर मैं उसके बूब्स को दबाने लगा. इसमें उसे भी मज़ा आ रहा था. थोड़ी देर बाद वो बोलने लगी – मोनू प्लीज़, थोड़ा कस कर दबाओ ना. तब मैं तेजी से उसके मम्मों को दबाने लगा और फिर मैंने उसकी ब्रा भी निकाल दी.

अब वो मेरे सामने केवल पैंटी में ही थी. फिर मैंने भी अपने सारे कपड़े उतार दिए और अपना लन्ड उसके हाथ में दे दिया. अब वो मेरे लन्ड के साथ और मैं उसके बूब्स के साथ खेलने लगा.

फिर मैंने अपना हाथ उसकी चूत पर रख दिया तो वो एक दम से सहम कर सिसकारियां भरने लगी और मेरे लन्ड के साथ खेलना बंद कर दिया.

फिर मैंने एक उंगली उसकी चूत में डाल दी. जिससे वो चिहुंक उठी. अब मैं उंगली को धीरे – धीरे उसकी चूत
में आगे – पीछे करने लगा. मेरे ऐसा करने में उसको बहुत मज़ा आ रहा था.

थोड़ी देर बाद वो बोली – मोनू, बस करो अब बर्दाश्त नहीं होता. उसकी यह बात सुन कर मैंने अपनी उंगली उसकी चूत से निकल ली और अपना लन्ड उसके मुंह में डाल दिया. वो मेरे लन्ड के साथ ऐसे खेल रही थी, जैसे काफ़ी पुरानी खिलाड़ी हो.

थोड़ी देर बाद मैंने अपना लन्ड उसके मुंह से निकल लिया और उसकी चूत के छेद पर अपने सुपाड़े को रख दिया. इसके बाद फिर एक ही झटके में मैंने अपना आधा लन्ड
उसकी चूत में डाल दिया. फिर मैं थोड़ी देर रुका और दूसरा झटका भी मार दिया.

मेरा पूरा लन्ड उसकी चूत में घुस चुका था. इससे रीना उत्तेजित हो गई थी और जोर से मस्ती में आकर उसने अपनी आंखें बन्द कर ली थी. उसके जबड़े उभर आये थे और मुंह खुला का खुला रह गया था.

अब मैं फिर से थोड़ा रुक गया और फिर धीरे – धीरे अपने लन्ड को उसकी चूत में आगे – पीछे करने लगा. रीना को अब बहुत मज़ा आ रहा था और मस्ती में वह पागल हुई जा रही थी.

इधर मैं भी आनन्द में डूबा हुआ था और मेरा मोटा लण्ड रीना को दूसरी दुनिया की सैर करवा रहा था. हम दोनों आपस में गुंथे हुये थे. रीना की चूत की कस कर चुदाई
हो रही थी. उत्तेजनावश उसके दांत भिंचे हुए थे, चेहरा बिगड़ा हुआ था, आंखें बन्द थीं और जबड़े बाहर निकले हुये थे.

इधर चुदाई के साथ – साथ मेरे हाथ उसके कड़े स्तनों का मर्दन भी कर रहे थे. करीब 10 मिनट की चुदाई के बाद रीना का नशा आखिर चूत का पानी बन कर बह निकला. लेकिन मैं अभी भी उसकी चूत के मज़े ले रहा था.

थोड़ी देर बाद वो फिर से अपनी गांड उछालने लगी और एक बार फिर से जोश में आकर मज़े लेने लगी. इसके करीब 7-8 मिनट बाद मेरा भी निकालने वाला था तो मैने रीना से पूछा कि कहां निकालूं? तो वो कहने लगी कि मेरी चूत में ही निकाल दो. मैं इसको अपनी चूत में ही महसूस करना चाहती हूं.

उसकी बात सुन कर मैंने तेजी से धक्के लगाने शुरू कर दिए. लगातार 8-10 झटके लगाने के साथ ही मैं उसकी चूत में ही झड़ गया. फिर मैं रीना के ऊपर ही लेट गया.

थोड़ी देर बाद हम दोनों उठे और मैंने अपने लंड और उसने अपनी चूत की सफाई की. फिर कुछ देर बाद वह चली गई. मेरी कहानी कैसी लगी मुझे मेल करके बताएं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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