बच्चे के लिए बुलाकर चुदवाया

धीरे – धीरे मैं उसके साथ रोमांटिक बातें करने लगा. उसने मुझे बताया कि उसने डॉक्टर को काफी दिखाया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. इतना सुनने के बाद मैंने उसे प्यार से पकड़ कर अपने पास खींच लिया. वो भी झट से मेरे पास आकर मुझसे चिपक गई…

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम राहुल है. मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूं और जब तक रात को मैं अन्तर्वासना की कहानी पढ़ नहीं लेता तब तक मुझे नींद ही नहीं आती. मेरा लंड 7.5 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है. अन्तर्वासना पर ये मेरी दूसरी कहानी है, मेरी पहली कहानी बहुत से लोगों को पसंद आई, उसके लिए उनका धन्यवाद!

अब मैं ज्यादा टाइम न वेस्ट करते हुए सीधा अपनी कहानी पर आता हूं. अन्तर्वासना पर प्रकाशित मेरी पिछली कहानी को पढ़ कर एक महिला ने मुझे मेल किया. उन्होंने बताया कि काफी कोशिश के बाद भी उनको बच्चा नहीं हो रहा है. इस पर मैंने उनसे कहा कि इसमें मैं आपकी क्या मदद कर सकता हूं? जवाब में उन्होंने कहा कि अगर आपको कोई ऐतराज न हो तो मैं आपके साथ कोशिश कर सकती हूं, क्या पता मेरी सूनी गोद भर ही जाए!

दोस्तों, आप तो समझ ही गए होंगे कि इसमें मुझे भला क्या ऐतराज हो सकता था. मैंने हां कह दिया और पूछा मुझे कब और कहां आना होगा? उसने कहा कि वो मैं जल्दी ही बताती हूं और आपका जो भी होगा, वो मैं दे दूंगी. मैं उसका मतलब समझ नहीं पाया लेकिन फिर भी मैंने उससे पूछा नहीं. फिर उसने मेरा मोबाइल नम्बर लिया और जल्द ही बताने को कहा.

फिर 2 दिन बाद उसका कॉल आया. उसने मुझे दिल्ली बुलाया और मेरे लिए ट्रेन टिकट भी बुक करा कर भेज दिया. ये सब बहुत जल्दी में हुआ इसलिए मैंने आने से मना कर दिया. वह रिक्वेस्ट करने लगी कि प्लीज एक बार आ जाओ. फिर मैंने काफी सोचने के बाद उसे हां कह दी. उसने मुझे बताया कि मेरे रुकने का इंतजाम किसी होटल है.

उससे बात करने के बाद मैं जाने के लिए तैयार हुआ और शाम को स्टेशन पहुंच गया. थोड़ी देर बाद ट्रेन आ गई और उसमें बैठ कर मैं अगले दिन दिल्ली पहुंच गया.

वो मुझे रिसीव करने अपनी कार लेकर स्टेशन आई थी. उसने मुझे फोन करके अपनी लोकेशन बताई और मैं वहां पहुंच गया. मुझे देख कर उसने एक स्माइल दे दी. मैं भी मुस्कराया. दोस्तों, देखने में वो काफी यंग लेकिन थोड़ी मोटी लगती थी. उसके 36 के बूब्स और 36 की उभरी हुई गांड देख कर मेरा लंड तो वहीं खड़ा हो गया लेकिन वो पब्लिक प्लेस था इसलिए हमने कुछ नहीं किया.

फिर हम कार में बैठे और चल दिए. रास्ते में उसने मुझे बताया कि वो मुझे होटल छोड़ने आई है. दोस्तों, मैं कार में कुछ नहीं बोला, बस उसके फिगर को देखता रहा. क्या बूब्स थे यार! थोड़ी देर बाद उसने बात करना शुरू किया और हमारे बीच पूरे रास्ते नॉर्मल बात ही हुई.

कुछ देर बाद होटल आ गया. उसने मुझे होटल के बाहर ड्रॉप किया और बोली कि वो 2 बजे होटल आएगी और रात में भी वहीं मेरे साथ ही रहेगी क्योंकि उसके पति काम के सिलसिले में दुबई जा रहे हैं. यह सुन कर मैं बहुत खुश हो गया. फिर मैंने उससे कहा कि ऐसे ही बिना कुछ दिए चली जाओगी? तब उसने कहा, “अभी नहीं, कुछ इंतज़ार करो”. लेकिन मेरे फिर कहने पर उसने मुझे एक प्यारी सी किस्सी दी और फिर मैं कार से उतर कर होटल के रूम में चला गया.

होटल जाने के बाद मैं रिफ्रेश हुआ और फिर मैंने लंच किया और 2 बजे का वेट करने लगा. थोड़ी देर बाद बेल बजी. मैंने दरवाजा खोला तो वो अंदर आ गई. फिर उसने मुझे लंच के लिए पूछा. मैंने कहा कि कर लिया. फिर हम कुछ देर ऐसे ही बात करते रहे. उस समय उसने पिंक कलर का सूट पहन था. जिसमें वो बहुत खूबसूरत लग रही थी. उसके बूब्स देख कर मेरा लंड खड़ा होने लगा.

धीरे – धीरे मैं उसके साथ रोमांटिक बातें करने लगा. उसने मुझे बताया कि उसने डॉक्टर को काफी दिखाया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. इतना सुनने के बाद मैंने उसे प्यार से पकड़ कर अपने पास खींच लिया. वो भी झट से मेरे पास आकर मुझसे चिपक गई.

फिर मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ लगा दिए और किस करने लगा. दोस्तों, मैंने उसे जोर से पकड़ रखा था ताकि वो चाह कर भी दूर न जा पाए. अब मैं उसके और वह मेरे होंठों पर काटने लगी. उसकी सांसें गर्म हो चुकी थीं.

फिर मैंने मौका देख कर अपने हाथ उसके मम्मों पर रख दिए. मम्मों पर हाथ लगते ही वह चिहुंक उठी. अब मैं जोर – जोर से उसके मम्मों को दबाने लगा. जिससे वह ‘आह आह’ करने लगी. थोड़ी देर बाद मैंने उसका ऊपर का टॉप खोल दिया. नीचे वह व्हाइट ब्रा पहने हुए थी. अब मैं उसकी ब्रा के ऊपर से ही उसके मम्मे दबाने लगा. जिससे वह सिसकियां लेने लगीं.

फिर थोड़ी देर बाद मैंने ब्रा ख़ोल कर उसके मम्मों को आज़ाद कर दिया. उसके बाद उसको बेड पर पटक कर मैं उसके मम्मों को जोर – जोर से चूसने लगा. वह आह भरते हुए बोली, “धीरे करो, दर्द होता है.” लेकिन मैंने उसकी एक न सुनी और मम्मों को मसलता रहा.

थोड़ी देर बाद फिर मैंने उसके सलवार का नाड़ा ख़ोल दिया और उसकी पजामी को उतार फेंका. नीचे उसने ब्लैक कलर की पैंटी पहन रखी थी. मैंने उसकी पैंटी के ऊपर के उसकी चूत पर अपना मुंह लगा दिया. इससे वह तड़प उठी.

इसी बीच मैंने उसकी पैंटी को खोल दिया. मैंने देखा उसकी चूत काफी फूली हुई थी और उस पर एक भी बाल नहीं था. उसने बताया कि वो अभी – अभी अपने चूत के बाल साफ़ करके आई है. फिर मैंने अपने होंठ उसकी चूत पर लगा दिया और उसकी चूत को चूसने लगा. वो तड़पने लगी और जोर – जोर आह भरते हुए कहने लगी, “राहुल, अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा है, जल्दी से अपना लंड मेरी चूत में डाल दो”.

लेकिन मैं उसे और तड़पाना चाह रहा था. इसलिए उसकी चूत को चूसता मम्मों को दबाता रहा. फिर थोड़ी देर मैंने अपने कपड़े भी उतार दिए. मेरा 7.4 इंच का लंड देख कर उसकी आंखें फटी की फटी रह गईं. फिर मैंने उसे मेरा लंड मुंह में लेने को कहा तो उसने झट से ले लिया. वो मेरे लंड को करीब 5 मिनट तक चूसती रही. उसकी लंड चुसाई से मैं मदमस्त हो गया और मेरे मुंह से भी आह आह की आवाज आने लगी.

फिर मैंने उसे अपने नीचे लेटाया और धीरे से अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया. दोस्तों, मेरा लंड काफी बड़ा था, इस कारण पूरा उसकी चूत में नहीं जा रहा था. फिर मैंने धीरे – धीरे कोशिश करके तीसरे झटके में लगभग पूरा लंड उसकी चूत में उतार दिया. उसे बहुत दर्द हुआ और वो चिल्ला उठी, “उईई मां मर गई, धीरे धीरे, रुको, एक मिनट रुक जाओ प्लीज, एक मिनट”.

मैं समझ गया कि लंड मोटा और लम्बा होने के कारण ये प्रॉब्लम हो रही है. फिर मैं कुछ टाइम के लिए रु्क गया और उसके मम्मों को चूसने लगा. थोड़ी देर बाद फिर मैं धीरे – धीरे अपनी गांड को हिलाने लगा.

धीरे – धीरे उसकी दर्द भरी आहें वासना भरी सिसकियों में बदलने लगीं. यह देख मैंने अपने धक्कों की स्पीड बढ़ा दी और जोर – जोर से चोदने लगा. वो चिलाती रही, परंतु मैंने उसकी एक न सुनी और झटके चालू रखे.

थोड़ी देर बाद उसे भी मज़ा आने लगा. अब वह भी नीचे से अपने गांड उठा – उठा कर लंड अंदर ले रही थी. करीब 20 मिनट तक चोदने के बाद मैं रिया की चूत में ही झड़ गया. मैंने देखा कि वो भी तब तक 2 बार झड़ चुकी है. फिर मैं उसके ऊपर ही लेट गया. हमें कब नींद आ गई, पता ही नहीं चला. सुबह लगभग 5 बजे मेरी नींद खुली तो मैंने उसे उठाया और किस करने लगा. वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी.

इसके बाद मैंने 2 बार उसे चोदा और अपना माल उसके अंदर ही निकाल दिया. वह मेरे से बहुत खुश थी. अपनी अगली कहानी में मैं बताऊंगा कि मेरे से उसे बच्चा हुआ या नहीं. तब तक के लिए नमस्कार. कहानी कैसी लगी? मेल करके मुझे बताना मत भूलना. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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