बदलती किस्मत भाग – 2

दिल्ली पहुंच कर मैं सेक्स कंप्लीट न होने के चलते उदास था. तभी मेरे चाचा के लड़के ने एक कॉल गर्ल का इंतजाम करवा दिया. वह एक मॉडल थी और घरवालों की मर्जी के बगैर काम करती थी. मैंने उसे एक होटल में बुलाया. वह एक दम फायर आइटम थी…

इस कहानी का पिछला भाग – बदलती किस्मत भाग – 1

हाय दोस्तों, मै ऋषभ एक बार फिर से हाजिर हूँ अपनी कहानी लेकर. घर से निकल कर मैं दिल्ली पहुंच गया. वहां पर मेरे पापा के दोस्त और मेरे अंकल रहते थे. वो हमारा बिजनेस भी चलाते थे. वो हमारे रिश्तेदार थे. मेरा रुकने का इंतजाम वहीं पर था.

उनका बेटा आषीश मेरा अच्छा दोस्त था. मैं वहां दोपहर को पहुंचा. इसके बाद खाना खाया और फिर उन लोगों से मिला, जिनसे मुझे पैसे लेने थे. मैंने उन्हें पूरी पेमेंट फाइनल करने के लिए 4 दिन का समय दिया.

उसके बाद मैं फिर अंकल के घर आ गया, पर मेरा मन वहां पर नहीं लग रहा था. मेरी परेशानी देख के आषीश बोला – क्या भाई, गर्लफ्रेंड की याद आ रही है क्या?

मैंने हंसते हुए कहा – हां यार, कल कुछ काम छोड़ के आया था ना बस इसीलिये!

आषीश – अच्छा! तू कहे तो कुछ सेटिंग करवा दूं तेरी!

मैं – क्या सेटिंग?

आषीश – मतलब, सब कुछ.

मैं – मतलब कॉल गर्ल? कुछ प्रॉब्लम तो नहीं होगी न?

आषीश – नहीं भाई, मेरा दोस्त खुद ही एजेंट है. इसलिए कोई प्रॉब्लम नहीं है! तू बिंदास रह!

मैं बोला – कुछ फोटो वगैरह है देखने को?

आषीश – हां है ना! मैं अभी मंगवाता हूँ.

इतना कह कर उसने अपने दोस्त को फोन करके व्हाट्सएप पर कुछ फ़ोटो मंगाया और मुझे दिखाया. उनमे से मुझे एक लड़की पंसद आयी. वो किसी भी तरफ से कॉल गर्ल नहीं लग रही थी. कोई मॉडल जैसी लग रही थी.

फिर मैंने रात का टाइम फिक्स किया. इसके बाद उन्होंने मुझे एक होटल का पता दिया. मैंने आंटी को कहा कि मैं आज रात अपने एक दोस्त के यहां रहूँगा. उनसे ये भी कहा कि ये बात वो अंकल को बता दें. उनके हां कहने के बाद फिर मैंने आषीश की बाईक ली और बताये गये होटल पर पहुंच गया.

होटल पहुंचने के बाद मैंने रूम बुक किया और अंदर चला गया. इसके बाद मैंने उन्हें रूम नम्बर बता दिया. थोडी देर बाद मेरे दरवाजे को खटखटाया गया. मैंने दरवाजा खोला तो वही लडकी थी. मैंने उसे अंदर बुलाया. वो ब्लैक टी शर्ट और ब्लू जीन्स में थी.

वो अंदर आई, बेड पर बैठी और जेब से निकाल कर सिगरेट पीने लगी. इसके बाद उसने मेरी ओर देखा और फिर अपने कपड़े उतारने लगी. सबसे पहले उसने टी शर्ट उतारा. कसम से दोस्तों, मैंने इतनी बिंदास लड़की कभी नहीं देखी थी.

फिर वो मुझसे बोली कि कपड़े उतारोगे भी या ऐसे ही शुरू हो जाओगे. तब मैंने उसे रोकते हुये कहा कि अभी तो पूरी रात बाकी है, थोड़ा खाना खाते है फिर बाद में देखेंगे.

इसके बाद मैंने खाना मंगाया और फिर हमने साथ में खाना खाया. खाना खाते हुये मैं पूरे वक्त उसी को देख रहा था. वो दिखने में गोरी थी. उसकी हाईट कुछ 5 फुट के आसपास रही होगी. उसके चूचे 32 और कमर 28 की लग रही थी. वह मुझे अच्छे घर की लड़की लग रही थी.

मुझे इस तरह देखते हुए देख वो बोली कि ऐसे क्यों देख रहे हो? मैंने जवाब नहीं दिया और उससे पूछा तुम्हारा नाम क्या है? वो बोली – मोनिका! तब मैंने कहा कि तुम्हें देख कर ऐसा तो नहीं लगता कि तुम ये सब करती होगी.

वो बोली – नहीं, ये मेरा काम नहीं है. मैं एक मॉडल हूँ और अपने घर वालों से लड़ कर यहां मॉडलिंग करती हूँ. जब कभी पैसों की जरूरत होती है तो ये सब करना पड़ता है.

मैंने कहा – तुम ये सब छोड़ दो. तुम बहुत खूबसूरत हो! बस थोड़े वक्त बाद ही तुम बहुत फेमस हो जाओगी!

इतना कहने के बाद फिर मैं उसके पास गया तो वो थोड़ी शरमा रही थी. यह देख मैंने कहा – तो तुम शरमाना भी जानती हो! यह सुन कर वो हंसने लगी. इसी बीच मैंने उसे अपनी बाहों में भर लिया और उसके गाल पर किस कर दिया.

मुझे तो यकीन ही नहीं हो रहा था कि इतनी सुंदर कोई लड़की वो भी एक मॉडल आज यहां मेरे पास आयी है. फिर मैंने उसके होंठों पर किस करना शुरू किया. अब उसने मुझे जोर से पकड़ लिया और खुद भी जोर – जोर से किस करने लगी.

तभी अचानक मैंने उसे छोड़ दिया और उसे बैठा कर नीचे चला आया. मैं कंडोम लाना भूल गया था. फिर थोड़ी दूर स्थिति मेडिकल स्टोर पर जाकर मैंने कंडोम का एक पैकेट लौआ और वापस कमरे में आ गया.

कमरे में आते ही वो एक दम जंगली की तरह मुझसे लिपट गयी और मुझे किस करने लगी. फिर मैं भी उसकी किस का जवाब देने लगा और उसके गर्दन पर होंठ रख कर किस करने लगा.

इसी बीच मैंने उसे बेड पर लिटा दिया और उसके ऊपर आ गया. उसने उठ कर मुझे किस करना चाहा लेकिन मैंने वो नहीं होने दिया और सीधा उसके पेट पर आ गया और वहां किस करने लगा. जिससे उसके मुंह से मादक सिसकारियां निकलने लगीं. अब वो ‘आह .. आह हम्म आह आह ..’ करने लगी.

फिर मैंने जैसे ही उसकी नाभि पर होंठ लगाये तो वो मुझे धकेल के उठने लगी. वो बहुत गरम हो चुकी थी. मैंने फिर उसे धक्का दिया और एक बार फिर से लिटा दिया. इसके बाद मैंने उसकी ब्रा उतारी और उसके मस्त चूचे चूसने लगा. अब वो ‘आह… आह .. हम्म .. हाअ.. आह..’ की आवाजें करने लगी.

तभी अचानक उसने मुझे बहुत जोर का धक्का दिया और बैठ गई. फिर वह मेरी शर्ट के बटन तोड़ने लगी. तब मैंने किसी तरफ उसे खुद से दूर किया और जल्दी से अपनी शर्ट उतार फेंकी. क्योंकि अगर वो शर्ट फाड़ देती तो बड़ी दिक्कत हो जाती. मैं घर कैसे जाता.

शर्ट उतार कर जैसे ही मैंने उसके ऊपर हावी होना चाहा वैसे ही उसने मुझे फिर से बेड पर धकेला और इस बार मेरी छाती पर आ कर बैठ गयी. इसके बाद वह मुझे पागलों की तरह किस करने लगी. उसने मेरे मुंह में अपनी पूरी जीभ घुसा दी. वह बहुत जोर से किस करने लगी थी. उसके किस करने की वजह से मेरी तो सांस ही अटक गयी थी.

मैंने उसे बहुत हटाना चाहा पर नहीं उठी. पता नहीं कहाँ से उसमें मुझसे ज्यादा ताकत आ गयी थी. कुछ देर बाद वो खुद से उठी और मुझे एक थप्पड़ मार दिया. मैंने पूछा कि थप्पड़ क्यों मारा? इस पर वह बोली – चुप कमीने, बहुत चुदाई की मस्ती है ना! आज तुझे दिखाती हूँ कि चुदाई क्या होती है?

इतना कह कर उसने मेरे हाथों पर अपने घुटने रख दिए. इससे मेरे हाथ बंद हो गये. फिर उसने झुक कर मेरी जींस निकाली और हाथों में लेकर मेरा लवड़ा दबाने लगी. वो तो पहले से ही खड़ा था और अब उसमें दर्द भी होने लगा था.

फिर उसने मेरी पूरी पैंट नीचे की और बाजू हट गयी. इससे मेरे हाथ छूट गये. अब मैंने उसके हाथ पकड़े और जोर से उसे बेड पर धकेल दिया. इसके बाद मैंने उसकी जींस में हाथ डाला और एक ही झटके में वो भी निकाल दी.

अब मैं भी नंगा था और वो भी. फिर उसने मेरे तरफ देखा और एक बहुत अजीब सी हसी हंसी. इसके बाद हम दोनों जंगली की तरह एक – दूसरे पर झपट पड़े एक – दूसरे को चूमने और चूसने लगे.

थोड़ी देर बाद फिर मैंने उसकी चूत पर अपना लन्ड सेट किया और धक्का दे दिया. उसकी चूत काफी गीली थी और वह पहले भी चुद चुकी थी. इसलिए झट से मेरा लन्ड उसकी चूत में घुस गया. उसे बिल्कुल भी दर्द नहीं हुआ. अब हम धकापेल चुदाई करने लगे.

वो भी जंगली की तरह चुदाई का मज़ा ले रही थी. थोड़ी देर बाद मैं झड़ गया और निढाल होकर उसके ऊपर ही लेट गया. इस बीच वो न जाने कितनी बार झड़ चुकी थी. लेकिन हमें मज़ा खूब आया.

उस रात हमने 3 बार चुदाई की और रात को 4 बजे सोये. अगली सुबह 7 बजे मेरी नींद खुली तो मैं उसे ढूंढने लगा. मैंने देखा कि तब तक वो नहा कर तैयार थी. उसे पैसों की जरूरत थी इसलिए मैंने उसे ज्यादा पैसे देने चाहे तो वो मना करने लगी.

उसने कहा कि मुझे तुमने पूरा सैटिस्फाइड किया है, बाकी लोग तो बस अपना पानी निकाल के सो जाते है. हमारे बारे में कोई सोचता ही नहीं, पर तुम बहुत अलग हो. यह मेरी पहली चुदाई है जिसमें मुझे भी मजा आया. मैं तुमसे ज्यादा पैसे नहीं लुंगी उल्टा जब मुझे तुम्हारी जरूरत होगी मैं तुम्हें खुद बुला लुंगी.

लेकिन दोस्तों, मैंने उसकी एक न सुनी और उसे पैसे देकर वहां से घर आ गया. मैं बहुत खुश था क्योंकि मैंने रात में कई बार चुदाई की थी और पूरा जी भर के की थी. हालांकि, मेरी पर नींद पूरी नहीं हुई थी इसलीए थोड़ा सुस्ता रहा था.

थोड़ी देर बाद अंकल आ गये थे और सब नाश्ता करने लगे. कुछ देर बाद अंकल के फोन पर पापा का फ़ोन आ गया. पापा ने मुझे बहुत डांट लगाई क्योंकि मेरा फोन बन्द था. मैंने देखा तो पाया कि मेरा मोबाइल तो कल सुबह से ही बंद था और जल्दी में मैं चार्ज करना भूल गया था.

अंकल के जाने के बाद मैं और आशीष साथ बैठे थे. फिर उसने पूछा कि कैसा रहा तो मैंने उसे बताया कि बहुत अच्छा था. यह सुन कर वो हंसने लगा. उसके बाद मुझे जिसने पैसे लेने थे उन लोगों को फोन किया तो उन्होंने मुझे दोपहर को कुछ पैसे देने के लिये बुलाया. दोपहर में अभी टाइम था तो फिर मैं सोने चला गया.

इस कहानी का अगला भाग – बदलती किस्मत भाग – 3

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