बदलती किस्मत भाग – 3

हेलो दोस्तों, कैसे हो आप सब? मैं ऋषभ हाजिर हूँ अपनी कहानी लेकर. कुछ देर बाद मुझे आशीष ने उठाया. इसके बाद मैं तैयार हो गया. फिर मैंने उन लोगों को फोन लगाया और इसके बाद निकल गये. वहां जाकर हमने सब हिसाब बराबर किया…

इस कहानी का पिछला भाग – बदलती किस्मत भाग – 2

इसके बाद हम घर वापस आने लगे. इसी बीच आशीष ने कार बस स्टैंड के पास खड़ी कर दी. यह देख मैंने उससे पूछा कि क्या हुआ? हम यहां क्या कर रहे हैं? तब आशीष ने कहा कि कुछ नहीं यार, मेरी कजिन आ रही है तो उसे रिसीव करते चलते हैं. फिर मैंने पूछा कि घूमने आ रही है क्या? तो आशीष ने बताया कि उसके बेस्ट फ्रेंड का बर्थ डे है. उसने बताया कि वो हमारे साथ दो दिन रहेगी.

हमने करीब 1 घंटा इंतजार किया तब जाकर उसकी बस आई. वो बस से उतरी और फिर हाथ हिला कर हमें हाय किया. दोस्तों, वो हाईट में करीब 5 फुट 2 इंच रही होगी. उसका रंग गोरा था और फिगर 32 28 32 का था. उसने कुर्ती और जीन्स पहन रखा था साथ ही चश्मा भी लगाया हुआ था. दिखने में वो बहुत सेक्सी तो नहीं थी लेकिन बन सकती थी.

वो काफी बड़ा बैग लेकर आई थी. फिर मैं उसके पास गया और बैग उठाने लगा तो तो वो मेरी तरफ देखने लगी. फिर उसने आशीष की तरफ देखा तो आशीष ने कहा कि मेरा ही दोस्त है दे दो बैग.

इसके बाद मैंने बैग उठाया और फिर गाड़ी में रखा. तब वो मेरी तरफ आयी और हाथ बढा कर बोली – हाय, मैं रागिनी. तब मैंने भी अपना परिचय दिया. फिर आशीष बोला कि हो गयी पहचान. इसके बाद आशीष ने बताया कि रागिनी भी एमबीए कर रही है.

तब रागिनी ने मुझे आंख मारते हुए कहा- आशीष, कुछ सीखो अपने दोस्त से. मैं इतनी दूर से आयी हूँ और तुम बैग लेने भी नहीं आये. वो तो अच्छा हुआ कि ऋषभ आ गया वरना मुझे ही ये इतना भारी बैग उठना पडता.

आशीष – सॉरी, आगे से नही होगा. वैसे मेरा दोस्त तो अच्छाई की मूरत है. फिर मेरी तरफ देख कर बोला – देख यार, तेरी वजह से मुझे डांट पड़ गयी.

फिर हम घर की ओर निकले. रागिनी का भी एमबीए चल रहा था. रास्ते में वो तो जैसे सवालों की लिस्ट लेकर ही बैठ गयी और पूरा टाइम बस बातें करती गयी. वैसे वो दिल से बहुत अच्छी थी और मेरा भी कोई गलत इरादा नहीं था.

जब हम घर पहुंचे तो वो आंटी से मिली. इसके बाद हम सब खाने को बैठे गये. खाने के वक्त भी बहुत बातें हुई. फिर वो आंटी की मदद करने लगी. इधर मैं आशीष के साथ कमरे में अपना फेसबुक चेक कर रहा था तो देखा कि नेहा के बहुत सारे मैसेज आये हुए थे और वो मुझसे बहुत नाराज थी.

मैंने सोचा के अब अगर इसे मनाया तो नहीं मानेगी इसलिए अच्छा है घर जाकर सॉरी बोल दूंगा और साथ में आई लव यू भी. तभी रागिनी रूम में आ गयी तो मैंने झट से कंप्यूटर बंद कर दिया.

रागिनी बोली – तुम 7 बजे तक तैयार हो जाओ. हमें 8 बजे निकलना है.

आशीष – कहां निकलना है?

रागिनी – अरे क्या कहा था? मेरी दोस्त का बर्थ डे है मैंने पहले ही बताया था ना!

आशीष – तो हम तुम्हें वहां छोड देंगे ना ओर लेने भी आयेंगे. हमारे आने की क्या जरूरत है?

रागिनी – अरे वाह! मुझे वहां पर अकेला छोड़ दोगे क्या?

आशीष – अरे अकेला कहां छोड़ रहा हूँ? तुम्हारी दोस्त होंगी न वहां पर और वैसे भी लडकियों की पार्टी में हमारा क्या काम?

रागिनी – अरे नहीं वहां पर लड़के भी होंगे ना! और तुम्हें आना ही होगा वरना मैं आंटी को बता दूंगी.

आशीष – अरे यार, अच्छा ठीक है हम आयेंगे!

फिर कुछ देर मैं और आशीष घूमने चले गये लेकिन ठीक वक्त घर पहुंच गये पर रागिनी ने खुद वक्त लगा दिया. अब मैं अपने रूम में गया और शर्ट उतारा ही था कि तभी रागिनी आ गयी. मैं उस समय बिना शर्ट के ही खड़ा था. वैसे मेरी बॉडी अच्छी है, इसलिये कोइ प्रॉब्लम नहीं थी.

रागिनी – ओह! तुम तो अब तक बिना शर्ट के खड़े हो? अच्छा रुको मैं तुम्हें शर्ट बताती हूँ.

फिर उसने मेरे बैग से कुछ शर्ट निकाले और मेरी छाती पर हाथ फेरते हुए बोली – वैसे बॉडी अच्छी बनाई है तुमने.

मैं – अरे ऐसा मत करो अजीब लगता है.

रागिनी – अरे अब ये बॉडी लडकियों के लिये बनाये हैं ना तो फिर इतना डरते क्यों हो?

मैंने कहा – मैं बस खुद को हेल्दी रखने के लिये ये सब करता हूँ.

रागिनी – ओह अब बहस छोडो ओर जल्दी तैयार हो जाओ वरना हमें देर हो जायेगी.

फिर हम तीनों कार में निकले रास्ते में एक गिफ्ट शॉप पर गाड़ी खड़ी की और उसने अपनी दोस्त के लिए गिफ्ट ले लिया. फिर हम पार्टी हॉल में पहुंचे. वहां रागिनी और मैं उतर गए और आशीष गाड़ी पार्क करने लगा.

फिर हम अंदर गये तो रागीनी ने मेरा हाथ ऐसे पकड़ा जैसे वो मेरे गर्लफ़्रेंड हो. मैंने उसकी तरफ सवालिया नजरों से देखा तो वो बस मुस्कुरा रही थी. फिर मैंने भी ज्यादा नहीं सोचा और अंदर चला गया. अंदर गानों का बहुत शोर था.

रागिनी को देखते ही 4-5 लडकियां हमारे तरफ आ गईं और रागिनी के गले लग गईं. ऐसा लग रहा था जैसे रागिनी वहां बहुत फेमस रही हो. फिर सभी रागिनी से कुछ न कुछ पूछ रही थी. तब मैंने वहां से जाना ठीक समझा लेकिन उसने मेरा हाथ नहीं छोड़ा.

तभी उसकी एक सहेली बोली – ओहो रागिनी वैसे तू तो हमें बहुत ताने देती थी और अब खुद नया बॉयफ़्रेंड बना लिया और बताया तक नहीं. मैंने बताना चाहा तो उसने मेरा हाथ दबा दिया और ना का इशारा किया. फिर मैं भी चुप हो गया.

इसके बाद वो सब मुझसे सवाल करने लगीं और रागिनी ने सबके उल्टे – सीधे जवाब दे दिये. कुछ देर बाद वो सब चली गईं तो मैंने उससे कहा – अरे यार, ये क्या किया? उनको गलत क्यों बताया?

रागिनी – अरे यार, मैं इन सब मामलों में ज्यादा लकी नहीं थी, सब दोस्त मुझे चिढाते थे. इसलिये थोड़ा सा झूठ बोल दिया बस.

मैं – और अगर कुछ प्रॉब्लम हो गयी तो तुम क्या बोलोगी?

रागिनी – अरे यार, इतना टेंशन क्यों लेते हो मैं सब संभाल लूंगी.

तब तक आशीष भी आ गया. वो मुझे साथ लेकर गया और कुछ बियर का जुगाड़ देखने लगा पर यहां पर वैसा कुछ नहीं था. हम वापस आ गये. तभी स्टेज पर एक लड़की हाथ में माईक लेकर आयी. उसके आते ही पूरे हॉल में अंधेरा हो गया.

हमने रागिनी को ढूंढा फिर उस लडकी ने हैपी बर्थ डे का गाना गाया. जिस लड़की का बर्थ डे था उसका नाम प्रीती था. जब एक लाईट प्रीती पर पड़ी तो उसे देखते ही मैं उसका दीवाना हो गया. फिगर का तो पता नहीं पर हां वो बहुत खूबसूरत थी. उसने मिनी स्क़र्ट और स्लीवलेस ब्लैक शर्ट और व्हाइट कोट पहन रखा था, जिसमें वो पूरी परी के जैसे दीख रही थी.

हॉल में मौजूद सब लड़के उसके तरफ ही देख रहे थे. मैं भी अपनी नजर उससे हटा नहीं पा रहा था. तभी पता नहीं कहां से रागिनी आ गई और उसने जोर से हाथ पे चिकोटी काट ली.

मैं – अरे यार, ये क्या किया? लगता है ना!

रागिनी – अरे बस उसे ही क्यों घूरे जा रहे हो और भी लडकियां हैं न. वैसे उसके चेहरे से साफ लग रहा था के वो जल रही है.

मैं – अरे अब तुम्हारी दोस्त है ही इतनी खूबसूरत और सेक्सी कि नजर ही नहीं हट रही है!

रागिनी – वैसे इतना भी मत घूरो. 4 हफ्ते बाद उसकी शादी है और उसका पति भी यहीं पर है.

मैं – कहां है?

रागिनी – वो वहां पर उसके बाजू में खड़ा है.

जब मैंने उसके होने वाले पति को देखा तो मुझे बहुत बुरा लगा क्योंकि वो किसी परी कि तरह खूबसूरत थी और उसका पति शक्ल से कुछ सांवला था और उम्र में भी उससे काफी बड़ा था. हालांकि उसने महंगे कपडे पहने थे. जिससे लगा कि पैसे वाला है और शायद शादी भी इसी वजह से हो रही थी. मुझे उस पर तरस आया पर अब कर भी क्या सकते है, ऐसा सोच के छोड़ दिया.

आगे क्या हुआ, जानने के लिए इस कहानी के अगले भाग का इंतज़ार करें.

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