बहन की ननद ने बिना चुदाई ही मेरा पानी निकाल दिया

मेरी दीदी की नई – नई शादी हुई थी. जब वह पहली बार अपने ससुराल से घर आईं तो उनके साथ उनकी चचेरी ननद भी थी. वह बहुत खूबसूरत थी. मेरा उससे टांका भिड़ गया लेकिन पहली बार उसने चुदाई किए बिना ही मेरा पानी निकाल दिया…

अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा प्यार भरा प्रणाम! दोस्तों मेरा नाम समीर है और मैं नोएडा में रहता हूं. मेरी उम्र 22 साल है और मैं दिखने में काफी गोरा और स्मार्ट हूं.

यूं तो मैंने अपनी लाइफ में बहुत सी चूतों को खुश किया है लेकिन दोस्तों, पहली चुदाई का मज़ा ही निराला होता है. इस कहानी के माध्यम से मैं आप लोगों को उसी मज़े का एहसास करा कर खुद फिर से करने की कोशिश करूंगा.

ये बात तब की है जब मैं 12वीं में था और उस समय मेरी उम्र 20 साल थी. दोस्तों, मैं बचपन से ही एक नम्बर का ठरकी था पर घर वालों के लिए सबसे शरीफ था.

मेरी बड़ी दीदी की शादी हो चुकी थी और जब वह पहली बार वापस घर आईं तो उनके साथ उनकी चचेरी ननद भी आई. उसका नाम मालविका था और उम्र 21 साल थी.

मालविका को मैं पहली बार देख रहा था. उसे देखते ही मेरा मुंह खुला का खुला ही रह गया. अपने नाम में ‘माल’ को सही साबित करती हुई वह एक दम कट्टो माल थी. उसका दूध सा गोरा रंग, बड़ी – बड़ी आंखें, रसीले और गुलाबी होंठ, बड़े – बड़े गोल और टाइट बूब्स और पतली कमर बहुत ही मस्त लगती थीं.

एक बात और जब भी वह चलती थी तो उसके उभरे हुए गोल चूतड़ उसकी टाइट जीन्स में ऐसे लगते जैसे अगर कोई उसकी गांड में लन्ड डाल दे और वह हल्के से भी अपने चूतड़ हिलाए तो सामने वाले का पानी तुरन्त छूट जाए.

उसके बारे में इतना पढ़ कर आप लोग तो समझ ही गए होंगे कि वह कितनी खूबसूरत थी. उसकी खूबसूरती के बारे में मैं बस इतना ही कह सकता हूं कि वह पूरा क़यामत लग रही थी.

अब आप लोगों का ज्यादा समय न वेस्ट करते हुए मैं सीधा अपनी कहानी पर आता हूं. जिस दिन मालविका आई उस दिन जब भी मेरी नज़र उसकी नज़रों से मिलती तो एक शरारती मुस्कान उसके चेहरे पर फैल जाती. दोस्तों, उस समय तक मैं लड़कियों के एक्सप्रेशन से उनकी नियति के बारे में जान लेने लगा था. उसकी मुस्कान देख कर ही मुझे अंदाजा हो गया था कुछ हो सकता है.

दोस्तों, वो उम्र में मुझसे थोड़ी बड़ी थी लेकिन मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला था. रात हुई तो सब अपने बिस्तर पर सोने चले गए. थोड़ी ही देर बाद अचानक लाइट चली गई. गर्मी का मौसम था इसलिए फिर सबने छत पर सोने का निश्चय किया और बिस्तर लेकर ऊपर पहुंच गए. मालविका भी छत पहुंच गई.

दोस्तों, हमारे घर की छत काफी बड़ी है और दो हिस्सों में बंटी थी. बीच में दो टंकियां रखी थीं इसलिए दूसरी तरफ का कुछ ज्यादा हिस्सा नहीं दिखता था. इसलिए एक तरफ चारपाई बिछा कर घर के बड़ों यानी पापा, मम्मी, चाचा और चाची को लेटने के लिए कह दिया गया और दूसरी तरफ चटाई पर मैं, 12 साल का मेरा चचेरा भाई, मालविका और दीदी इसी क्रम में लेट गए.

थोड़ी देर बाद सब सो गए लेकिन मुझे नींद कहां आने वाली थी. कुछ देर इधर – उधर करवट बदलने के बाद मैंने अपने चचेरे भाई के ऊपर से अपना पैर मालविका की तरफ ले गया और उसके पैरों को धीरे – धीरे सहलाने लगा.

थोड़ी देर तक उसकी तरफ से कोई हरकत नहीं हुई तो मुझे लगा कि कहीं मेरा पांसा उल्टा न पड़ जाए औए वह मेरी शिकायत घर में न कर दे! यह सोचते ही मैं चुपचाप दूसरी तरफ सिर करके लेट गया.

अब मैं ऊंघने लगा था तभी मैंने महसूस किया कि कोई मेरी पीठ को हाथ से सहला रहा है. धीरे – धीरे वह हाथ मेरी पीठ से सरकता हुआ आगे आया और मेरे लन्ड को दबा के वापस चला गया.

हाथ के वापस जाते ही मैंने पलट के देखा तो मालविका ने एक दम से अपनी आंखें बन्द कर ली और सोने का नाटक करने लगी. मैं समझ गया था कि यह वही थी. फिर मैंने तुरन्त ही छोटे भाई को किनारे किया और खुद मालविका के बगल में पहुंच गया.

वो अभी भी सोने का नाटक कर रही थी लेकिन मुझे अपने पास महसूस करके उसकी सांसें तेज हो गई थीं. उसके सांसों की गर्मी मैं अपने होंठों पर महसूस कर रहा था. फिर मैंने धीरे – धीरे अपने होंठ उसके होंठों के पास ले जाने लगा.

उसकी सांसें और तेज हो गईं. अब मैं उसके होंठों के बिल्कुल करीब ही था. अचानक उसने अपनी आंखें खोली और मुझसे बोली – तुम बहुत गंदे हो. इतना कह के उसने मेरे होंठों को अपने होंठों में कैद कर लिया और चूसने लगी. मैं भी उसका साथ देते हुए उसके रसीले होंठों को चूसने लगा और बोला – तुम ही कौन सा कम हो!

फिर हम काफी देर तक यूं ही एक – दूसरे के होंठों को चूसते रहे. इसी बीच होंठ चूसते हुए ही उसने नीचे ध्यान दिया और मेरा 7 इंच का लन्ड जो अब तक अपने असली रूप में आ चुका था, उसे अपनी दोनों जांघों के बीच में दबा लिया. इसके साथ ही उसने अपने दोनों हाथ मेरी शर्ट में डाल दिया और मेरी छाती को सहलाने लगी.

मैं उस टाइम सातवें आसमान पर था. क्योंकि पहली बार जब कोई लड़की आपका लन्ड छूती है तो उसका मज़ा ही अलग होता है. उसके लन्ड पकड़ने से मुझ पर नशा सा छाने लगा था और मैं जोश में आकर उसके उसकी गर्दन को चूमने और अपने गर्म होंठों से चाटने लगा.

मेरे ऐसा करते ही उसे और जोश आ गया और उसने सीधा मेरे लोवर और चड्ढी के अंदर अपना हाथ डाल दिया. अब उसने मेरे लन्ड को अपने हाथों में ले लिया था और जोर से दबा कर पकड़ लिया. फिर वो मेरे लन्ड के ऊपरी हिस्से को अपने अंगूठे की मदद से सहलाने लगी. उसके ऐसा करने से मैं पागल सा हो गया और सीधा उसके टॉप को ऊपर करके ब्रा के ऊपर से ही पागलों की तरह उसके चूचे दबा – दबा कर चूसने लगा.

उसके चूचे जैसा मैंने सोचा था वैसे ही थे. शेप में बिल्कुल गोल. उन्हें छुपाने के लिए उसने लाल रंग की ब्रा पहन रखी थी. यह उसे और भी सेक्सी बना रही थी. अब स्थिति ये थी कि एक तरफ मैं उसके चूचे दबा रहा था दूसरी तरफ वो मेरे लन्ड को दबा कर आगे – पीछे कर रही थी.

फिर मैंने खींच कर उसकी ब्रा उतार दी और उसके निप्पल्स पर पहले चारों तरफ जीभ घुमाई और फिर एक मम्मे को मुंह में लेकर चूसने लगा. साथ ही दूसरे मम्मे को हाथ में लेकर दबाने और उसके निप्पल से खेलने लगा. इस तरह बारी – बारी मैंने उसके दोनों मम्मों को चूसा.

थोड़ी देर में मैंने अपना सिर उठा कर उसका चेहरा देखा तो पाया कि वो बिल्कुल लाल पड़ गई है. अब मुझे उसकी आंखों में हवस साफ नज़र आ रही थी. फिर मैंने धीरे – धीरे उसके दोनों मम्मों के बीच में गया और किस कर लिया.

फिर मैं उसके पेट पर किस करते हुए नीचे जाने लगा. जब मेरे होंठ उसकी नाभि पर पहुंचे तो उस पर मैंने दांतों से हल्का सा काट लिया. मेरे ऐसा करते ही उसने मेरे बाल पकड़ कर मुझे ऊपर खींच कर चुपके से मुझसे बोली – अबे, मुझे भी बहुत जल्दी है कि मैं तुझे अपनी चड्ढी के अंदर छुपे हुए हीरे का दर्शन करा दूं लेकिन अभी मेरे पीरियड्स चल रहे हैं, इसलिए मैंने पैड पहन रखा है, दूसरी बात अगर हम अभी यहां पर सेक्स करेंगे तो आवाज सुन कर कोई जाग गया तो गड़बड़ हो जाएगी और फिर दोनों गए काम से. थोड़ा इंतज़ार कर लो, मैं कहीं भागी थोड़ी जा रही हूं, कम से कम 15 दिन तो यहां रहूंगी ही.

उसकी बात सुन कर मैंने सोचा कि बोल तो सही रही है. जोश – जोश में कुछ ज्यादा ही हो गया. बगल में दीदी लेटी हैं और दूसरी तरह घर के बाकी लोग भी हैं. ऐसे में अगर कोई उठ जाता तो हमारा काम लग चुका होता.

फिर मैंने उससे कहा कि अच्छा एक काम कर तू हिला – हिला कर मेरे लन्ड का पानी निकाल दे फिर हम सो जाते हैं. बाद में तुम्हारा पीरियड्स खत्म होने पर और मौका मिलने पर सेक्स करेंगे. मेरी बात सुन कर वह मुस्कुराने लगी और फिर उसने मेरे लन्ड को हिला कर उसका पानी निकाल कर उसे शांत कर दिया.

इसके बाद मैं अपनी साइड आ गया और लेट कर सो गया. आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी, कमेंट करके जरूर बताएं.

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