बहाने से घर बुलाकर चुदी पड़ोस की मस्त कुड़ी

थोड़ी देर बाद उसने मुझे धक्का देकर बेड पर गिरा दिया. इसके बाद उसने मेरे पैंट की ज़िप खोल कर लंड बाहर निकाला और उसे अपने मुंह में ले लिया. अब मैं अपना हाथ नीचे करके उसके बूब्स मसल रहा था और वो मेरे लंड को लॉलीपॉप के जैसे चूस रही थी. बड़ा मज़ा आ रहा था…

हेलो डिअर फ्रेंड्स, कैसे हो आप सब? मेरा नाम अजय है और मैं दिल्ली का रहने वाला हूं. मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूं और यहां प्रकाशित होने वाली हर एक कहानी को पढ़ता हूं. उनमें से कुछ कहानियां सच्ची तो कुछ झूठी भी लगती हैं. ये जो मैं आपको बताने जा रहा हूं वो मेरे पहले सेक्स के बारे में है, उम्मीद करता हूं आप लोगों को पसंद आएगी.

ये कहानी मेरी और मेरी पड़ोसन की है. मेरी पड़ोसन 19 साल की है और मैं उसे चोदना चाहता था. लेकिन शुरू – शुरू में तो वो कोई मौका ही नहीं दे रही थी. चूंकि मैं उसका पड़ोसी था तो मेरा उसके घर आना – जाना होता रहता था. कभी – कभी जरूरत पड़ने पर मैं उनका काम भी कर दिया करता था.

एक दिन उसके घर पर कोई नहीं था, सिर्फ वो अकेली थी. उसने मुझे कॉल किया और बोली कि मेरी टीवी में सिग्नल नहीं आ रहा है तुम आकर मिला दो न. मैंने कहा ठीक है थोड़ी देर में आता हूं.

फिर करीब 5 मिनट के बाद जब मैं उसके घर पहुंचा तो उसे देख कर चौंक गया. वो अपनी टीवी ऑन किये हुए बैठी थी और उस पर ब्लू फ़िल्म चल रही थी. उस टाइम उसने कपड़े भी नहीं पहन रखे थे. एक दम नंगी बैठी थी.

उसे इस तरह देख कर मैं अपने आप को संभाल नहीं सका और उसके पास जाकर उससे लिपट गया और उसके होंठों पर अपने होंठ रख कर किस करने लगा. लगभग 5 मिनट तक मैं उसके रस भरे होंठों को चूसता रहा. इस दौरान वो भी मेरा बराबर साथ देती रही और मेरे होंठों का रसपान करती रही.

फिर मैं अलग हुआ और उससे बोला कि तुमने कपड़े क्यों नहीं पहन रखे हैं तो उसने जो कहा वो सुन कर मैं चौंक गया. उसने डायरेक्ट ही मुझसे बोल दिया कि वो मुझसे चुदवाना चाहती है. मैंने चौंकते हुए कहा, “क्या?” तब वह बोली कि ज्यादा भोला मत मैं सब जानती हूं, चल अव आ जा और शुरू हो जा”.

फिर मैं उसके करीब गया और मैंने उसके बूब्स दबाना स्टार्ट कर दिया. जैसे ही मैंने उसके बूब्स पर हाथ रखा वो सिसकियां लेने लगी और मेरे लंड को हाथ में पकड़ कर सहलाने लगी.

फिर थोड़ी देर बाद उसने मुझे धक्का देकर बेड पर गिरा दिया. इसके बाद उसने मेरे पैंट की ज़िप खोल कर लंड बाहर निकाला और उसे अपने मुंह में ले लिया. अब मैं अपना हाथ नीचे करके उसके बूब्स मसल रहा था और वो मेरे लंड को लॉलीपॉप के जैसे चूस रही थी. बड़ा मज़ा आ रहा था.

थोड़ी देर बाद फिर उसने मुझसे कहा कि अब मैं और इंतज़ार नहीं कर सकती, जल्दी से अपना यह मोटा लंड मेरी चूत में डाल कर उसकी प्यास बुझाओ, नहीं तो मैं मर जाऊंगी! उसकी ये बातें सुन कर मैंने कहा, “ठीक है, ठीक है, तुम्हारी ये भी इच्छा पूरी कर देता हूं”.

इतना कहने के बाद मैंने अपने लंड को उसकी चूत के छेद पर रखा और एक जोरदार धक्का मारा. मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया और वह जोर – जोर से सिसकियां लेने लगी. फिर मैंने एक धक्का और लगाया. इस बार मेरा पूरा लंड उसकी चूत को फाड़ता हुआ अंदर चला गया. उसे बहुत तेज दर्द हुआ और उसकी आंखों में आंसू आ गए.

अब मैंने धीरे – धीरे उसकी चूत में अपना लंड अंदर – बाहर करना शुरू कर दिया. साथ ही मैं उसके मम्मों को भी दबा रहा था उसके पूरे बदन पर यहां – वहां किस भी कर रहा था. मेरे ऐसा करने से धीरे – धीरे उसका दर्द कम होने लगा और वह सब कुछ भूल कर मेरा साथ देने लगी. अब उसे भी मज़ा आने लगा था और वह नीचे से अपनी गांड उठा – उठा कर पूरा लंड अंदर ले रही थी.

मेरा लम्बा लंड उसकी चूत की गहराईयों में उतर कर बच्चे दानी तक ठोकर मार रहा था और उसकी कसी हुई चूत की दीवारें जब मेरे लंड से रगड़ रही थीं तो मुझे जन्नत सा मज़ा मिल रहा था.

मेरी स्पीड लगातार बढ़ती जा रही थी और वह पागलों जैसे, “आह आह ओह्ह ओह्ह और जोर से चोदो, फाड़ दो मेरी चूत को, बुझा दो इसकी सारी प्यास, बहुत तंग करती है मुझे आज तुम इसकी सारी खुजली मिटा दो मेरे राजा, बना दो इसका भुर्ता, आज से मैं सिर्फ और सिर्फ तुम्हारी हूं, तुम जब भी चाहो जहां भी चाहो मुझे चोद सकते हो, मुझ पर और मेरे इस शरीर पर तुम्हारा पूरा अधिकार है, आज से मैं तुम्हारी रखैल बन कर रहूंगी. बनाओगे न मुझे अपनी रखैल?” और भी पता नहीं क्या – क्या बोल रही थी. मैं कहा, “हां मेरी जान अब से तो तुम बन ही गई हो मेरी जान”.

उसकी मादक सिसकारियां पूरे कमरे में गूंज रही थीं. लगभग 12 मिनट तक उसे लगातार फुल स्पीड से चोदने के बाद जब मेरे पैर दुखने लगे तो मैंने उसे ऊपर आने को कहा. मेरे कहते ही वो झट से मेरे ऊपर आ गई और मेरे खड़े लंड पर बैठ गई.

फिर वह उछल – उछल कर लंड लेने लगी. दोस्तों, कझ पोजीशन में चोदने में बड़ा मज़ा आता है लेकिन फिर जल्दी ही उसके भी पैर दुखने लगे तो फिर मैंने उसे घोड़ी बनाया और पीछे से उसके ऊपर सवार हो गया और धक्के पर धक्के मारने लगा. बड़ा मज़ा आ रहा था. दोस्तों, मुझे आज तक इतना मज़ा नहीं मिला था. थोड़ी देर बाद फिर वो अकड़ने लगी और फिर अपना पानी छोड़ दिया. अब तक वो 3 बार झड़ चुकी थी. उसके साथ ही मैंने भी अपना सारा माल उसकी चूत में भर दिया और थक कर उसके ऊपर ही लेट गया.

फिर करीब 5 मिनट आराम करने के बाद मैंने उसकी गांड भी मारी. इस दौरान वो बहुत रोई पर मुझे बहुत मज़ा आया. फिर एक बार मैंने और उसकी चुदाई की और फिर अपने घर वापस चला आया. उस दिन के बाद से जब भी मेरा मन करता है मैं उसके घर चला जाता हूं और मौका देख कर उसकी चुदाई कर देता हूं. दोस्तों, आप लोगों को मेरी यह पहली चुदाई कहानी कैसी लगी? मुझे मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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