बांग्लादेशी माल को गुजराती लौंडे ने चोदा

उसके कहने के बाद भी मैं नहीं रूका और उसकी गर्दन और उसके कानों को चूमे जा रहा था. उसने मेरे से छुटकारा पाने की काफी कोशिश की लेकिन मैंने उसको कस कर पकड़ रखा था. करीब 10 मिनट के बाद उसने छूटने की कोशिश कम कर दी थी क्योंकि अब उसे भी मजा आ रहा था…

हैलो दोस्तों, मेरा नाम अजय है और मैं गुजरात का रहने वाला हूँ. दोस्तों, मेरी उम्र 22 साल है और मैं दिखने में काफी स्मार्ट भी हूँ. मेरी यह कहानी एक सच्ची घटना पर आधारित है. अपनी इस कहानी में मैं ट्विटर पर बनी मेरी एक दोस्त सादिया सुल्ताना की चुदाई करता हूँ.

अब मैं अपनी कहानी पर आता हूँ. सादिया से मेरी दोस्ती ट्विटर पर किसी ट्वीट के दौरान हुई थी. वह 18 साल की नौजवान लड़की है और बांग्लादेश में रहती है. दिखने में वो थोड़ी मोटी थी लेकिन उसके गाल एक दम टमाटर जैसे लाल और गोल थे, उसके स्तन काफी बड़े थे और मस्त गांड के बारे में तो पूछिए ही मत.

शुरुआत में हम दोनों ने ट्विटर पर थोड़ी – बहुत चैटिंग की और फिर बाद में हम फेसबुक पर एक – दूसरे से जुड़ गए. फेसबुक पर हम दोनों बहुत चैंटिग किया करते थे. मैंने बहुत बार उससे सैक्स चैट करने की भी कोशिश की लेकिन वो हर बार कुछ न कुछ बहाना करके बात को टाल देती थी और फिर मैं हमेशा ही उसके नाम की मुठ मार कर सो जाता था.

मेरे अन्दर उसे चोदने की आग लगी हुई थी लेकिन दिक्कत ये थी कि वो बांग्लादेश में रहती थी और मैं गुजरात का रहने वाला था. लेकिन वो कहते हैं न ‘जिसे आप दिल से चाहो, सारी कायनात उसे आप से मिलाने में लग जाती है’. ऐसे ही एक दिन उसने मुझे मैसेज किया और बताया कि उसके रिश्तेदार हैदराबाद में रहते हैं और वो अपने पापा के साथ उनसे मिलने कल ही हैदराबाद आ रही है.

उसका यह मैसेज पढ़ते ही मैं खुशी से उछल पड़ा. क्योंकि जिस मौके का मैं सालों से इंतजार कर रहा था वो मौका आखिर आ ही गया था. अब क्या था! मैं अगले दिन ही हैदराबाद चला गया और वहाँ एक होटल में रूम लेकर ठहर गया. इसके बाद फिर मैंने मैसेज करके उसे बताया कि मैं उससे मिलने के लिए हैदराबाद आया हूँ. यह सुन कर कि मैं सिर्फ उससे मिलने के लिए इतनी दूर आया हूँ, वो बहुत खुश हुई.

फ़ी मैंने उसे मिलने के लिए होटल में बुलाया. उसके लिए पहले तो वो मना करने लगी लेकिन फिर बाद में वो मिलने के लिए होटल आने को तैयार हो गई और अगले दिन आने को कहा.

अगले दिन शाम को मुझसे मिलने वो होटल आई. होटल आकर फिर उसने मुझे मैसेज किया तो मैंने रूम का दरवाजा खोला तो वो बाहर ही खड़ी थी. उसने सलवार सूट पहन रखा था और होंठों पर हल्की गुलाबी लिप्सटिक लगा रखी थी. परफ्यूम की वजह से उसके बदन से बहुत ही कामुक सुंगध आ रही थी. मेरा तो मन कर रहा था कि साली की सलवार को यहीं पर फाड़ कर उसको चोद डालूँ लेकिन फिर मैंने खुद पर कन्ट्रोल किया और उसे अन्दर आने को कहा.

अन्दर जाकर हमने थोड़ी इधर – उधर की बातें की. लेकिन इस दौरान मेरी नजर तो उसके मोटे – मोटे बोबों पर ही थी. अब उसे भी पता चल गया था कि मैं उसके चूचों की तरफ देख रहा हूँ तो वो थोड़ा असहज महसूस करने लगी. फिर मैं उसकी तरफ खिसक कर गया और उसका हाथ पकड़ लिया और उसके गर्दन को चूमने लगा. अब वो बोली – प्लीज, ऐसा मत करो.

उसके कहने के बाद भी मैं नहीं रूका और उसकी गर्दन और उसके कानों को चूमे जा रहा था. उसने मेरे से छुटकारा पाने की काफी कोशिश की लेकिन मैंने उसको कस कर पकड़ रखा था. करीब 10 मिनट के बाद उसने छूटने की कोशिश कम कर दी थी क्योंकि अब उसे भी मजा आ रहा था.

फिर मैंने एक हाथ से उसके मुँह को पकड़ा और एक जबरदस्त किस कर डाला. जिससे उसकी सारी लिप्सटिक उतर गई. अब मैं उसकी टाईट कमीज के ऊपर से ही उसकी चूचियों को मसल रहा था और एक हाथ से उसकी गांड को भी सहला रहा था.

अब मैंने उसको बेड पर लिटाया और झटके से उसकी पायजामी को उतार दिया. उसने काली जालीदार पैंटी पहनी हुई थी. अब मैं पागलों की तरह उसकी पैंटी सूँघने लगा. उसकी पैंटी से बड़ी कामुक खुशबू आ रही थी. फिर झटके से मैंने उसकी पैंटी को निकाला और उसकी चूत को निहारने लगा.

उसकी चूत एक दम साफ़ गोरी व टाईट थी. फिर मैं अपनी जीभ से उसकी चूत को चाटने लगा. जिससे उसके मुंह से ‘अाहह’ की आवाज निकल पड़ी. करीब 10 मिनट तक उसकी चूत चाटने के बाद मैंने उसे पूरा नंगा कर दिया और उसके बदन को अच्छी तरह से चाटने लगा. अब वो बहुत गर्म हो चुकी थी और बोल रही थी, “प्लीज, अब देर न करो और अपना लंड मेरी चूत में डाल दो.”

अब मैंने तुरन्त ही अपना लंड निकाला और उसको चूसने के लिए बोला तो वो मना करने लगी लेकिन फिर मेरे जोर डालने पर वो राजी हो गई और फिर उसने करीब 5 मिनट तक अच्छे से मेरा लंड चूसा. अब हम दोनों से कंट्रोल नहीं हो रहा था तो मैंने उसकी गांड के नीचे तकिया लगाया. जिससे उसकी चूत ऊपर की तरफ उठ अाई.

उसकी उठी हुई और थोड़ी खुली चूत मुझे बहुत आकर्षित कर रही थी. फिर मैंने अपने लंड पर थूक लगाकर उसकी चूत में झटका लगाया और पहले ही झटके में मेरे लंड का सुपारा उसकी चूत के अन्दर चला गया और सादिया के मुंह से चीख निकल पड़ी.

फिर मैंने उसे किस किया और थोड़ी देर बाद एक और झटके में लंड को पूरा अंदर डाल दिया. जिससे उसके मुँह से चीख पड़ी ‘उईईईई अम्मा मर गई’. फिर थोड़ी देर बाद उसे भी आंनद आने लगा और वो भी सिसकारियां लेकर मजे लेने लगी. अब वह ‘आहह आहह उम्म, चोदो मेरे राजा चोदो मुझे’ कर रही थी और मैं भी उसे पूरे जोश से चोद रहा था.

अब पूरे कमरे में फच्च – फच्च की आवाजें गूँज रही थी. अब पसीने, थूक और चूत के पानी से रूम में एक अजीब सी कामुक गंध आ रही थी और हम दोनों पर इस गंध का नशा सा चढ़ गया था.

फिर करीब 20 मिनट की धुआंधार चुदाई के बाद हम दोनों झड़ने वाले थे. फिर 4-5 झटकों के बाद मेरे मुँह से जोर से आवाज निकली और मैंने अपना पूरा का पूरा गरम माल सादिया की चूत में गिरा दिया. अब हम दोनों के बदन अकड़ गये थे.

फिर कुछ देर उस पर लेटे रहने के बाद मैं सादिया के ऊपर से उतरा और हम दोनों एक – दूसरे की तरफ देख कर मुस्कराये और फिर मैंने उसे किस किया. बाद में फिर उस रात मैंने उसकी गांड भी बजाई लेकिन वो अगली कहानी में.

आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी? मुझे मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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