बेटी को पढ़ाने के लिए बुला पड़ोसन चुदी

अब मैं और तेज़ी से चोदने लगा. बहुत मज़ा आ रहा था. थोड़ी ही देर में मैं फिर झड़ गया. चूंकि उसकी गांड बहुत सेक्सी थी तो अब मुझे उसकी गांड मारने का मन हुआ तो मैंने उसको बोला कि मुझे तुम्हारी गांड मारनी है. इसपर वो कहने लगी कि मैंने कभी गांड नहीं मारवायी…

हेलो फ्रेंड्स, मेरा नाम स्मित है और मैं गुजरात का रहने वाला हूँ. मेरी ये पहली कहानी है. उम्मीद है आप सबको पसंद आएगी. मेरी उम्र 22 है और मैं मैकेनिकल इंजीनियर हूँ. मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ. दोस्तों, पिछले कई दिनों से मैं सोच रहा था कि मैं भी अपनी कहानी आपके सामने रखूं, लेकिन मौका न मिल पाने के कारण आज रख रहा हूँ.

ये तब की बात है, जब मैं कॉलेज में था. 1 साल पहले मैं अपनी फैमिली के साथ किराये के मकान में रहता था. मैं दिखने में हैंडसम और हॉट हूँ. मैं भाभियों को अक्सर पसंद आता हूं और मुझे भी भाभियां बहीत पसंद हैं.

उस वक्त मेरे पड़ोस में एक फॅमिली रहने आयी. उस फैमली में भाई (महिला का पति जिसे मैं भाई बोलता था) उसकी पत्नी और उसकी छोटी बेटी थे. वो जब रहने आये तब मैं कॉलेज के एग्जाम के लिये दोस्तों के रूम में शिफ्ट था.

जब मेरे एग्जाम ख़त्म हुए तो मैं घर आया और देखा कि भाभी क्या बला थी! उसके चूतड़ देख तो मेरा लंड खड़ा हो गया. उसका बूब्स बड़े थे. खैर, मैंने किसी तरह अपने आप पर कण्ट्रोल किया. अरे, मैं आपको बातों ही बातों में बताना भूल गया कि मेरा लंड 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है. घर जाकर माँ से पूछा तो पता चला कि वो अहमदाबाद की फैमिली हैं. फिर मेरी तो छुट्टियां ही थी तो मैं मन ही मन खुश हो गया.

दूसरे दिन उसे कुछ काम था तो मेरी माँ से मुझे मिलने के लिए बुलाया. मेरी माँ ने मुझे बताया तो मैं उसके घर पहुंच गया. मैंने उसे देखा तो देखता ही रह गया. मेरा लंड फिर खड़ा हो गया. मन किया कि उसे वहीं पकड़ कर चोद दूं. उसने मुझे बैठने को कहा और फिर पानी लेकर आयी. उसने बताया कि उसकी छोटी बेटी क़े एग्जाम हैं तो पढ़ाई में मैं कुछ मदद कर दूं.

मैंने कहा ठीक है और फिर कल दोपहर में को आने को बोला. मेरे मन में लड्डू फूटने लगे थे. घर आते ही मैंने उसके बारे में सोच कर दो बार मूठ मार ली. मैंने मन ही मन तय कर लिया की इसको किसी भी हालात में चोदना है.

फिर अगले दिन दोपहर को मैं उसके घर गया. वो आज भी हॉट और सेक्सी लग रही थी. उसने साड़ी पहनी हुई थी. उसके बूब्स के आकार साफ दिखाई दे रहे थे. फिर उसने मुझे बैठने को बोला और पानी ले आयी.

फिर हमने कुछ इधर – उधर की बातें की और फिर उसने बताया कि उसकी बेटी उसके पापा के साथ बाहर गई है थोड़ी देर में आती होगी. वो थोड़ी मॉडर्न टाइप थी. अब उसने मेरे बारे में पूछा कि क्या पढ़ाई कर रहे हो वगैरह – वगैरह. फिर उसने पूछा कि कोई गर्लफ्रेंड पटाई की नहीं. दोस्तों, मेरी एक गर्लफ्रेंड थी, लेकिन फिर भी मैंने मना कर दिया. चूंकि मैं थोड़ा शर्मिला हूँ तो मैं उससे कुछ पूछ नहीं पाया.

मैं बस उसके म्म्मे देख रहा था. जिसे वो देख गई. फिर वो थोड़ा मुस्कुराई और मेरे पास आई. मेरा लंड तो कब से तंबू हो गया था. तभी अचानक से उसने धीरे से मेरे लंड पे हाथ रख दिया. जिससे मेरे अन्दर करन्ट सा दौड़ गया. अब उसने मेरे लंड को ऊपर से ही हिलाना शुरू कर दिया.

दोस्तों, मैंने मेरी गर्लफ्रेंड के साथ कभी चुदाई नहीं की थी. इसलिए ये चुदाई का पहला अनुभव था. अब मुझसे भी रहा नहीं जा रहा था तो मैंने भी उसके मम्मे पकड़े और दबाने लगा. क्या मस्त मम्मे थे! एकदम जैसे मलाई.

अब वो सिसकारियां भरने लगी. फिर मैं और जोर से दबाने लगा. तभी उसने मेरे पेंट की ज़िप खोल दी और मेरा लंड निकाल कर देखने लगी और कहने लगी बड़े शैतान हो स्मित तुम. फिर उसने मेरा लन्ड निकाल कर थोड़ा हिलाया और सीधा मुह में लेकर जैसे कोई आइसक्रीम चूस रही हो, वैसे चूसने लगी.

अब मैं तो मानो जन्नत में पहुंच गया हूऊँ ऐसा मज़ा आ रहा था. फिर मैंने उसकी साड़ी उतार दी और पेटीकोट खोल दिया और उसकी चड्डी के ऊपर से ही उसकी चूत सहलाने लगा. वो लगातार ‘आआह आह’ की आवाजें निकालने लगी.

जिससे मैं और गर्म हो गया. फिर मैंने उसे उठाया और पलंग पर पटका कर उसकी चड्डी निकाल दी. मैंने देखा कि उसकी चूत क्लीन सेव थी. फिर मैंने अपनी जीभ से उसकी चूत चाटना शुरू किया तो वो पागल सी हो गई. थोड़ी देर बाद उसमें से पानी निकला, जिसे मैं सारा पी गया. मस्त स्वाद था.

फिर वो मेरा लंड चूसने लगी. मैं अभी भी उसकी चूत चाट रहा था और हम 69 की पोजीशन में थे. फिर थोड़ी देर बाद मैंने उसको घोड़ी स्टाइल में रखकर आराम से लंड के सुपारे को चूत पे रखा और जोर से धक्का दिया. जिससे उसे दर्द हुआ और वो चिल्ला उठी. फिर मैं धीरे – धीरे लन्ड अंदर – बाहर करने लगा.

अब वो भी मजे ले रही थी और ‘आआहद आह’ की आवाजें निकल रही थी. फिर जब मेरा माल निकलने वाला था तो मैं उसके अंदर ही झड़ गया. अब तक वो भी जड़ गई थी.

थोड़ी देर बाद वो फिर से मेरा लंड चूसने लगी. जिससे मेरा लन्ड फिर से खड़ा होने लगा. अब मैंने उसके दोनों पैर अपने कंधे पर रख के नजदीक लाया और फिर लंड नीचे से डाला. जिससे वो सिरह उठी. अब मैंने धक्के लगाने शुरू किया तो वो आवाजें निकालने लगी और गालियां देकर बोलने लगी, “चूत फाड़ दे… चोद आह, और ज़ोर से चोद, ह्म्म्म और तेज़.”

अब मैं और तेज़ी से चोदने लगा. बहुत मज़ा आ रहा था. थोड़ी ही देर में मैं फिर झड़ गया. चूंकि उसकी गांड बहुत सेक्सी थी तो अब मुझे उसकी गांड मारने का मन हुआ तो मैंने उसको बोला कि मुझे तुम्हारी गांड मारनी है. इसपर वो कहने लगी कि मैंने कभी गांड नहीं मारवायी.

मैं बोला कुछ नहीं होता. बस थोड़ी देर दर्द होगा फिर मजा आएगा. लेकिन वो मना करने लगी. तो फिर मैं उसको सहलाने लगा. धीरे – धीरे कुछ समय बाद फिर वो मान गई. अब मैं अलमारी से थोड़ा ऑइल लेकर आया और उसको घोड़ी बनाकर थोड़ा ऑइल उंगली में लगाया और फिर एक उंगली उसकी गांड में डाल दी. जिससे वो जोर चिल्लाई.

फिर मैं धीरे – धीरे लन्ड को अंदर – बाहर करने लगा. कुछ देर बाद मैंने दूसरी ऊँगली भी डाल दी. उसको अब मजा आ रहा था.

फिर मैंने उंगली निकाल कर लंड के सुपारे को उसकी गांड के छेद पे रख दिया और थोड़ा धक्का दिया. इससे आधा लंड अंदर चला गया. वो थोड़ी चिल्लाई पर फिर मैंने दूसरी बारे एक ही जटके में पूरा लंड डाल दिया और धकापेल चुदाई करने लगा. थोड़ी देर उसे दर्द हुआ लेकिन फिर वो आहें भरने लगी. कुछ देर बाद मैं उसकी गांड में झड़ गया. और फिर मैं उसकी बेटी को बिना पढ़ाये अपने घर चला आया.

अब हम अक्सर समय मिलते ही चुदाई करते हैं. दोस्तों, कैसी लगी मेरी ये कहानी? आप मुझे मेल द्वारा बता सकते हैं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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