भाभी को चोद के मां बनाया

एक बार मैं अपनी बुआ के यहां गया तो मुझे उनकी बहू यानी कि मेरी भाभी दिखाई दीं. मैं उन्हें काफी टाइम बाद देख रहा था. वह बहुत खूबसूरत लग रही थीं. मैं उन्हें देखता रह गया. फिर मैं उन्हें देखने के लिए अक्सर बुआ के यहां जाने लगा. धीरे – धीरे हम नजदीक आते गए और हमारी नजदीकियां शारीरिक संबंध तक पहुंच गईं…

हेलो दोस्तों, मेरा नाम अमर है और मेरी उम्र 27 साल है. मैं दिल्ली के रोहिणी इलाके का रहने वाला हूं. आज तक मैंने बहुत सी सेक्सी कहानियां पढ़ी और उनका मज़ा लिया है लेकिन लिख पहली बार रहा हूं. इसलिए इसमें कुछ गलती भी हो सकती है और कुछ लोगों को फेक भी लग सकती है लेकिन मेरी यह कहानी पूरी तरह सच्ची है और मेरे खुद के साथ घटित हुई घटना है. अगर इसमें कोई गलती हो जाए तो माफ करना.

मैं अच्छा दिखने वाला मीडियम पर्सनैलिटी वाला खूबसूरत लड़का हूं. मेरी हाइट 5 फुट और 8 इंच है. जबकि मेरे लन्ड की लम्बाई 6.5 इंच है और मोटाई भी अच्छी – खासी है.

अब आप लोगों का ज्यादा टाइम न लेते हुए मैं सीधा अपनी कहानी पर आता हूं. ये बात तब की है जब मैं 20 साल का था. तब मैं अपनी बुआ के यहां गया. वहां बुआ की बहू यानी कि मेरी भाभी भी थीं. वो बहुत सुंदर थीं. मैं उन्हें काफी टाइम बाद देख रहा था. इस दौरान उनके एक बेटा भी हो चुका था. जब मैंने उन्हें देखा तो देखता ही रह गया.

उन्हें देखते ही मेरी जवानी जाग उठी और तरह – तरह के खयाल आने लगे. मैं उन पर मर मिटा था. दोस्तों, कहानी में आगे बढ़ने से पहले मैं आपको भाभी के बारे में बता देना चाहता हूं. उनकी उम्र करीब 30 साल है लेकिन उन्हें देख के कोई यह नहीं कह सकता कि वो इतनी उम्र की हैं और उनके एक बच्चा भी है.

भाभी का फिगर 34 26 34 का है और वो भरे – पूरे बदन वाली गजब की माल हैं उन्हें देखते ही बुड्ढों का भी लन्ड खड़ा हो जाए. हालांकि, दूसरों की तरह उन्हें देखने के बावजूद भी मेरा लन्ड खड़ा नहीं हुआ लेकिन मेरा दिल कर रहा था कि मैं उन्हें देखता ही रहूं.

दोस्तों, उनकी फैमिली में भाभी के अलावा मेरी बुआ, फूफा, उनका बड़ा लड़का (भाभी का पति), छोटा लड़का और भाभी का लड़का था. मैं सब कुछ भूल कर भाभी को देखता ही रहा. फिर जब मुझे होश आया तो लगा कि कहीं कोई देख न ले इसलिए मैंने अपनी नज़रें भाभी के ऊपर से हटा लीं और फिर सब के साथ बैठ कर बातें करने लगा.

दिन इसी तरह बीत गया. रात हुई. हमने सबने खाना खाया और सोने की तैयारी में लग गए. दोस्तों, बुआ का मकान बहुत बड़ा नहीं था इसलिए मेरा बिस्तर भैया – भाभी के कमरे में ही लगा दिया गया.

भैया ऑफिस से आए थे. इसलिए थके होने की वजह से जल्दी ही सो गए. मैं भी अपने बिस्तर पर लेट गया. भाभी को अभी नींद नहीं आ रही थी इसलिए वो जाग रही थीं. फिर हम दोनों बात करने लगे.

मुझे उनसे बात करके बहुत अच्छा लगने लगा. इसी तरह बात करते – करते काफी देर हो गई. फिर हम दोनों भी सो गए. फिर अगले दिन मैं वापस अपने घर आ गया.

भाभी से बात करके मुझे बहुत अच्छा लगा. लेकिन भाभी को भूल नहीं पा रहा था इसलिए मैं कई बार बुआ के यहां गया. और इस तरह धीरे – धीरे मेरे और भाभी के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं. हमने मोबाइल नम्बर भी एक्सचेंज कर लिए और इस तरह फ़ोन पर भी हमारी बातें होने लगीं.

दोस्तों, सच पूछिए तो मैं उनका दीवाना हो गया था लेकिन उनसे कहने से डरता था. एक दिन यूं ही हम फोन पर बात कर रहे थे. तभी अचानक भाभी ने मुझे उनके घर आने को कहा. लेकिन मैंने मना कर दिया. इस पर वो ज़िद करने लगीं. आखिरकार मुझे उनके घर जाना पड़ा.

कुछ देर तक नीचे बुआ लोगों के बात करने के बाद मैं ऊपर भाभी के कमरे में गया. वहां भाभी अकेली थीं. उन्हें देख के मैंने पूछा – क्या बात है भाभी?

भाभी बोलीं – अमर, मुझे तुमसे कुछ बहुत जरूरी बात करनी है लेकिन तुम्हें कसम खानी पड़ेगी कि तुम उस बात को किसी से नहीं बताओगे. उनकी यह बात सुन कर मैंने कहा – ठीक है भाभी, मैं कसम खाता हूं कि आप मुझसे जो कुछ कहेंगी मैं किसी से नहीं बताऊंगा.

यह सुन कर वो मेरे पास आईं और बोलीं – अमर, आई लव यू. यह सुन कर मुझे शॉक सा लगा. मैं कुछ बोलता उससे पहले ही वो मेरे पास आकर मेरे गले से लग गईं. थोड़ी देर में जब मैं संभला तो मैंने पीछे से उन्हें पकड़ लिया और उनके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और उन्हें चूमने लगा.

भाभी भी इसमें मेरा साथ दे रही थीं. हम 5 मिनट तक ऐसे ही एक – दूसरे के होंठों का रसपान करते रहे. तभी नीचे से बुआ ने मुझे आवाज लगाई. उनकी आवाज सुन कर हम अलग हो गए और फिर मैं वहां से नीचे चला और थोड़ी देर नीचे बैठने के बाद मैं अपने घर चला आया.

उस दिन हुआ तो कुछ भी नहीं लेकिन उसके बाद से हम छुप – छुप के मिलने लगे. लेकिन फिर भी हम गले लगाने और किस करने से आगे नहीं बढ़ पा रहे थे. उस टाइम तक मेरे लिए प्यार का मतलब इतना ही था.

हालांकि, जब मैं उन्हें गले लगता तो मेरा लन्ड खड़ा जरूर होता था लेकिन मैं उसे छुपाने की नाकाम कोशिश करता रहता. इसी तरह 3 महीने बीत गए. मैं चुदाई के लिए कुछ नहीं कर रहा था. यह देख भाभी ने ही पहल की.

एक दिन मैं उनके घर गया था तो उस टाइम बुआ कहीं बाहर गई हुई थीं. जबकि फूफा और दोनों भाई ऑफिस गए थे. उस दिन जैसे ही मैं पहुंचा वैसे ही भाभी ने मुझे पकड़ लिया और किस करने लगीं. उनके ऐसा करने से मेरा लन्ड खड़ा हो, जिसे मैं छुपाने की कोशिश करने लगा. लेकिन भाभी ने मुझे ऐसा करते देख लिया और हाथ नीचे ले जाकर लन्ड को पकड़ लिया. फिर वो उसे सहलाते हुए बोलीं – कितना प्यारा है, पता नहीं क्यों तुम इसे छुपा के रखते हो?

उनका हाथ लगते ही लन्ड और कड़क हो गया. लेकिन मुझसे कुछ बोलते नहीं बना. फिर भाभी ने मुझे बेड पर धक्का दे दिया और मेरे ऊपर आ गईं. अब वह मेरे पूरे बदन को चूमते हुए मेरी शर्ट के बटन खोलने लगीं. थोड़ी ही देर में मैं ऊपर से नंगा हो गया.

अब बारी नीचे की थी. भाभी किस करते हुए नीचे गईं और मेरी जीन्स के बटन को खोल दिया. इसके बाद उन्होंने मेरी अंडर वियर खींच दिया. अब मेरा लन्ड उनके सामने आ गया जो पूरा खड़ा होकर टनटना रहा था.

उसे देखते ही वो खुश हो गईं. फिर उन्होंने अपनी साड़ी ऊपर कर ली. नीचे उन्होंने पैंटी नहीं पहन रखी थी. साड़ी ऊपर उठते ही मेरी नज़र उनकी चूत पर पड़ी. वो एक दम चिकनी थी. जिसे देख के मेरे मुंह में पानी आ गया.

फिर वो अपनी टांगें दोनों तरफ करके मेरे ऊपर आ गईं. ऊपर आते ही मैंने उन्हें खींच लिया. मेरे ऐसा करने से मेरा पूरा लन्ड सीधा उनकी चूत में घुस गया. अचानक हुए इस हमले से वह चिहुंक उठीं.

उनकी चूत पूरी तरह गीली थी. फिर मैं नीचे से अपनी चूतड़ उठा कर धक्के मारने लगा. कुछ देर में जब उन्हें भी मज़ा आने लगा तो वो भी मेरा साथ देने लगीं. अब वो उछल – उछल के चुद रही थीं. हम दोनों मस्त हो चुके थे और हमारे मुंह से लगातार सिसकियां निकल रही थीं. करीब 10 मिनट की जोरदार चुदाई के बाद जब मेरा माल निकलने वाला हुआ तो मैंने उन्हें नीचे कर दिया और 8-10 धक्के लगाने के बाद उनकी चूत में झड़ गया. मेरे साथ ही भाभी की चूत ने भी पानी छोड़ दिया.

उस दिन के बाद से भाभी के साथ मेरा दूसरा ही रिश्ता बन गया. अब जब भी हमें मौका मिलता तो हम सेक्स करते और मैं हर बार अपना माल उनकी चूत में छोड़ देता. फिर एक दिन भाभी ने मुझे फोन करके बताया कि इस महीने उनके पीरियड्स नहीं आए. यह सुन कर मैं खुश हो गया. दोस्तों, बिना शादी के बाप बनने की खुशी अलग ही होती है.

आप सबको मेरी यह कहानी कैसी लगी? मुझे मेल करके जरूर बताएं. कहानी के संबंध में आप अपने सुझाव भी भेज सकते हैं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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