भाभी ने चूत चुदवा कर मुझे प्ले बॉय बनाया

एक बार मैं अपनी दीदी के यहां गया था. उनकी एक पड़ोसन बहुत ही खूबसूरत थी. देखते ही वह मुझे पसंद आ गई और मैं चोदने का उपाय करने लगा. इसमें मैं किस तरह और कितनी जल्दी सफल हुआ ये इस कहानी को पढ़ेंगे तब न समझ आएगा…

सभी कुंवारी और चुदी हुई चूतों को मेरे खड़े लन्ड का नमस्कार! दोस्तों, मेरा नाम दीपू है और अन्तर्वसना पर ये मेरी पहली चूत चुदाई की कहानी है.

आप लोगों का ज्यादा समय न लेते हुए मैं अपनी कहानी पर आता हूं. बात आज करीब 4 साल पहले की है, जब मैं 21 साल का था. दोस्तों, मैं आपको बता दूं कि उस टाइम मेरी बॉडी थोड़ी कमजोर थी क्योंकि मैं मुठ बहुत मारता था. लेकिन 1 साल पहले जब मेरी ज़िंदगी में मेरी गर्लफ्रेंड आई, तब से मैंने मुठ मारना बंद कर दिया क्योंकि अब वो मेरी सारी शारीरिक जरूरतें पूरी करती है.

बात मई महीने की है. मैं अपने 12वीं के पेपर देकर छुट्टियों में दीदी के यहां गया था. उनके पड़ोस में एक बहुत ही मस्त भाभी रहती थीं. उस मस्त आइटम का नाम रिया था. दोस्तों, जब मैंने पहली बार रिया को देखा तो देखता ही रह गया. क्या फिगर था यार! 36 28 36 का फिगर देख के ऐसा लगता था जैसे भगवान ने हर अंग को बड़ी फुरसत से तराश के बनाया हो.

उनका रंग दूध जैसा गोरा था. जब मैं दीदी के यहां पहुंचा तो उस टाइम वो दीदी के पास मिर्ची लेने आई थीं क्योंकि उनके घर मिर्ची खत्म हो गई थी. उन्हें देख के मैंने मन ही मन भगवान से कहा कि अगर इसकी चूत मिल जाए तो मैं गंगा नहा लूं.

खैर, मुझे देखते ही वो बोलीं कि तुम ही दीपू हो? इस पर मैंने कहा कि आपको कैसे पता? तो वो बोलीं कि सुबह आपके आने से पहले आपकी दीदी ने बताया था कि तुम आने वाले हो. फिर इतना कह के वो चली गई और मैं बस उसके बूब्स और गांड देख के उनके ही बारे में सोचता रहा.

फिर मैं कुछ देर दीदी के पास रुका और फिर बहाना बनाकर रिया भाभी के यहां चला गया. वहां पहुंचने पर हम बात करने लगे. बातों ही बातों में उन्होंने बताया कि भैया दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल हैं और उनकी कोई फिक्स ड्यूटी टाइमिंग नहीं है. वो रोज रात को लेट आते हैं.

तभी अचानक मैंने भाभी से पूछ लिया कि भाभी आपको बच्चा नहीं है क्या? तो भाभी मुस्कुराते हुए बोलीं – उन्हें फुरसत ही कहां है जो वो कुछ करें तो बच्चा कैसे होगा? इस पर मैंने अनजान बनते हुए कहा कि भाभी मैं कुछ समझा नहीं. इस पर भाभी बोलीं कि थोड़े दिन यहां रहो, सब समझा दूंगी.

उनकी बात सुन कर मैंने मन ही मन सोचा कि लगता है मेरे भाग्य खुलने वाले हैं. भाभी जल्द ही मेरे नीचे आने वाली हैं. दोस्तों, मैं आपको बताना ही भूल गया था कि रिया भाभी दिल्ली की ही रहने वाली हैं. खैर, फिर उनसे बात करने के बाद मैं वहां से चलने लगा तो चलते – चलते मैंने उनसे पूछा कि घर में कौन – कौन है? इस पर भाभी बोलीं कि अभी तो मैं अकेली हूं लेकिन उनके आने पर दो हो जाएंगे.

तब मैंने भाभी को छेड़ते हुए कहा कि भाभी हम दो तो हैं ही. इस पर भाभी ने बड़ी ही कातिल नज़रों से मुझे देखा और कहा – क्या मतलब? उनकी अदाएं देख के मैंने सोचा कि अच्छा मौका है लूट ले इस पतंग को!

फिर मैं भाभी के पास गया और बोला – मेरी बात का कोई मतलब नहीं भाभी. इतना बोल के मैं जाने लगा तो उन्होंने मुझे बुलाया और कहा कि दीदी के पास जाओ और उनसे बोल दो कि मैं कुछ देर तक भाभी के पास हूं और इतना बोल के जल्दी आओ.

उनकी बात सुन कर मुझे लगा जैसे आज ही मेरे प्यासे लन्ड की प्यास बुझ जाएगी. फिर मैं झट से गया और दीदी से बोल आया. जब मैं वापस आया तो देखा कि भाभी झुक के मेज का कपड़ा ठीक कर रही हैं. उस टाइम उन्होंने सूट – सलवार पहन रखा था. झुकने की वजह से उनके 36 के बूब्स साफ दिख रहे थे. जिन्हें देख के मेरा लौंडा खड़ा होने लगा था.

तभी भाभी की नज़र मेरे ऊपर आई और उन्होंने मुझे खुद को घूरते पकड़ लिया. फिर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा – क्या देवर जी, इतनी दूर से ही रेप करोगे मेरा या पास भी आओगे!

ये सुनते ही मैं भाभी के पास गया और उन्हें जोर से पकड़ के बोला – नहीं जान, पास बुलाओ तो मैं तुम्हें जन्नत की सैर करा दूंगा! तभी भाभी ने मेरे खड़े लन्ड को अपने हाथ में पकड़ लिया और बोलीं – मेरी शादी को एक साल हो गए हैं, इस दौरान तुम्हारे भाई से मैं कुल 7 बार चुदी हूं. फिर उन्होंने आगे कहा कि और तो और वो मेरी वासना शांत भी नहीं कर पाते, लेकिन मुझे विश्वास है कि तुम मुझे असीम सुख दोगे!

फिर इतना बोल के वो उन्होंने मुझे किस करना स्टार्ट कर दिया. अब मैं भी जोश में आ गया और भाभी चेहरे को चाटने लगा. थोड़ी देर बाद फिर हम बेडरूम में गए और बेड पर लेट गए. इसके बाद मैंने ब्लाउज के ऊपर से ही भाभी के मम्मों पर किस करने लगा.

मेरे ऐसा करने से भाभी सिसकियां लेने लगीं. थोड़ी देर तक मैं ऐसा ही करता रहा. फिर भाभी ने अपने कपड़े उतार दिए. अब उनके बदन पर केवल ब्रा और पैंटी बची रह गई थी. उनके गोरे बदन पर 36 के साइज की ब्रा बहुत खूबसूरत लग रही थी.

अब मुझसे रहा नहीं गया तो मैंने भाभी के सारे कपड़े उतार दिए और उन्हें पागलों की तरह किस करने लगा. कभी उनके लिप्स पर तो कभी गालों पर. अब भाभी पूरी तरह गर्म हो गईं और बोलीं – अब अपना 6 इंच का लन्ड जल्दी से मेरी चूत में डाल दो.

उनकी बात सुन कर मैं धीरे – धीरे नीचे आने लगा. मेरी यह यात्रा भाभी की चूत पर आकर खत्म हुई. फिर मैंने भाभी की गुलाबी चूत चाटना शुरू कर दिया. साथ ही साथ मैं भाभी की चूत में उंगली भी करने लगा. उनकी चूत ऐसी लग रही थी जैसे कभी चुदी ही न हो.

भाभी एक दम मस्त हो गई थीं. फिर उन्होंने मुझसे कहा कि जीभ और अंदर तक डाल के फाड़ दे मेरी चूत. यह सुन कर मैं और भी ज्यादा उत्तेजित हो उठा और अपनी जीभ अंदर तल ले जाने लगा. थोड़ी देर बाद मैंने भाभी से कहा कि अब आप मेरे भी कपड़े उतार दो. मेरा ऐसा कहना था कि भाभी ने झट से मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मेरा 6 इंच का लन्ड देख के उसे मुंह में लेकर चूसने लगीं.

अब मैं भाभी के मुंह में ही धक्के मार रहा था. करीब 5 मिनट बाद मैंने भाभी को बेड पर लिटाया और उनकी चूत पर अपना लन्ड टिका कर रगड़ने लगा. इससे भाभी और भी ज्यादा उत्तेजित हो गईं और बोलीं – चोद ले न भोसड़ी के, क्यों अपनी मां चुदा रहा है, डाल जल्दी अंदर!

यह सुनते ही मैं जोश में आ गया और एक जोरदार धक्का मार कर अपना आधा लन्ड भाभी की चूत के अंदर कर दिया. जैसे ही लन्ड उनकी चूत में गया वो जोर से चीख पड़ीं और उन्होंने अपने नाखून मेरी पीठ में गड़ा दिए. इसके बाद वह मुझसे बोलीं – बहन के लौड़े, साले हवसी आराम से कर न, क्यों मेरी चूत की मां चोद रहा है?

उनकी गालियां सुन कर मैं और जोश में भर गया. फिर मैंने जोर लगा कर पूरा का पूरा लन्ड भाभी की चूत में डाल दिया. दर्द की वजह से भाभी की आंखों से आंसू निकलने लगे थे. लेकिन इस पर बिना ध्यान दिए मैं धक्के लगाने लगा. जब भी मेरा 6 इंच का लन्ड भाभी की चूत में पूरा अंदर जाता तो वह उचक उठती थीं.

कुछ देर बाद जब भाभी का दर्द कम हुआ तो वो भी अपनी गांड उठा – उठा कर चुदने लगीं और साथ में ‘चोदो मुझे और जोर से चोदो, आह आह, मेरे राजा आज मेरी इस चूत को अपना बना लो और मुझे संतान का सुख दे दो’ बोलने लगीं.

उनकी ऐसी बातें सुन कर मेरी उत्तेजना लगातार बढ़ती जाती थी. इस तरह मैंने उन्हें करीब 20 मिनट तक चोदा और फिर उनकी चूत में ही झड़ गया. भाभी मेरी इस चुदाई से बहुत खुश हुई और अपने पति को गालियां देते हुए बोलीं – वो साला गांडू, मुझे एक दिन का भी सुख नहीं दे पाया लेकिन आज तुमने मुझसे संतुष्ट कर दिया. इसलिए मैं तुम्हें इसका इनाम दूंगी.

इतना कह के भाभी ने मुझे एक लड़की का मोबाइल नम्बर दिया और बोलीं – इसे कॉल कर लेना, ये तुम्हें पैसे भी देगी और मज़े भी. फिर मैंने अपने कपड़े पहने और भाभी को गले लगाकर दीदी के यहां चला आया. फिर खाना खाकर मैं लेट गया.

फिर जब मैं उठा तो दीदी मुझसे बोलीं कि वो बाजार जा रही हैं. जीजू वहीं रास्ते में मिलेंगे और फिर बाजार दे वो लोग 2 घण्टे में वापस आ जाएंगे. ये सुनकर मैं बहुत खुश हुआ. फिर जब दीदी चली गईं तो मैंने भाभी को बुलाया और दीदी के बेडरूम में ले जाकर खूब चोदा.

इसके बाद मैंने भाभी के दिए नम्बर पर फोन लगाया और उस लड़की से बात की. फिर तय समय पर मैं उससे मिला, वो बहुत ही खूबसूरत लड़की थी. उसे चोद – चोद के मैंने संतुष्ट कर दिया और फिर उसने इसके लौट मुझे पैसे भी दिए. इस तरह मैं प्ले बॉय बन गया. आप सब को मेरी यह पहली कहानी कैसी लगी, मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *