भाभी मेरे बेड पर आकर चुदी

एक बार मैं दीवाली पर अपने घर गया हुआ था. एक रात मैं अपने बेड पर लेटा सो रहा था कि तभी भाभी आकर मेरे बगल में लेट गईं. फिर उस रात वो सब हो गया जो होना चाहिए था…

हेलो फ्रेंड्स मेरा नाम प्रिंस है और मेरी उम्र 26 साल है. मैं उत्तर प्रदेश का रहने वाला हूं. मेरी लम्बाई 5 फुट 9 इंच है और मेरा लंड 7 इंच लम्बा और 2.5 इंच मोटा है. दोस्तों, मैं अन्तर्वासना का पिछले कई वर्षों से नियमित पाठक हूं और हर रोज कहानियां पढ़ता हूं. अन्तर्वासना पर कहानी पढ़ते पढ़ते आज मन में ख्याल आया कि क्यों न मैं भी अपनी कहानी अन्तर्वासना पर लिख कर आप लोगों के साथ साझा करूं.

वैसे तो मैंने अब तक कई लड़कियों और भाभियों को चोद कर उन्हें और खुद को दोनों को संतुष्ट किया है. लेकिन ये जो कहानी आज मैं बताने जा रहा हूं, इसकी बात ही कीच और है. ये मेरी पहली सेक्स स्टोरी थी. उम्मीद करता हूं आप लोगों को बहुत पसंद आएगी और इस कहानी को पढ़ कर लड़कियां अपनी चूत में उंगली करने और लड़के अपने लंड को हाथ में लेने को मजबूर हो जाएंगे.

अब आप लोगों का समय न खराब करते हुए मैं सीधा अपनी कहानी पर आता हूं. बात आज से लगभग 5 साल पहले की है. मैं उस वक़्त कानपुर में अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था. इसी बीच दीवाली की छुट्टी पड़ी तो मैं अपने घर आ गया. हर बार की तरह इस बार भी मेरे घर वाले मुझे देख कर बहुत खुश थे.

माफ करना दोस्तों, मैं इस कहानी की नायिका मतलब मेरी सेक्सी भाभी के बारे में तो बताना ही भूल गया. मेरी भाभी का नाम स्वाति है और पेशे से वो एक टीचर हैं. वो बहुत ही सेक्सी माल हैं. उनका फिगर तो कमाल का है.

ख़ैर अब कहानी में आगे बढ़ते हैं. जब मैं घर आया तो मैंने देखा कि इस बार मेरी भाभी मुझसे कुछ ज्यादा ही खुल और मजाक कर रही थीं. यह देख कर मैं भी उनसे खुल के मजाक करने लगा. धीरे – धीरे हम दोनों में हंसी मज़ाक कुछ ज्यादा ही बढ़ गया.

बात दीवाली के पहले की है. एक रात मैं अपने कमरे में लेटा – लेटा ऊंघ रहा था. तभी अचानक मुझे अपने कमरे का गेट खुलने की आहट हुई. मैं नींद में था, इसीलिए मैंने उधर देखा नहीं. थोड़ी देर बाद मैंने महसूस किया कि मेरे पास में कोई लेटा है. तब मैंने अपनी आंख ख़ोला कर देखा तो वो मेरी भाभी थीं.

उन्हें अपने पास लेटा देख कर पहले तो मैं डर गया लेकिन फिर थोड़ी देर बाद मैंने उनसे यहां मेरे साथ लेटने का कारण पूछा तो वो कुछ नहीं बोलीं बल्कि उन्होंने मुझे पकड़ा और चूमना शूरू कर दिया. उनके ऐसा करने पर मैं एक दम से शॉक्ड हो गया. मुझे कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि ये क्या और कैसे हो गया.

ख़ैर फिर थोड़ी देर बाद मैंने खुद को संभाला और इसके बाद हाथ ले जाकर उनके मम्मों को पकड़ कर जोर से मसल दिया और उन्हें चूमने लगा. मैंने इतनी तेजी से उनके मम्मे मसले कि उनके मुंह से एक दर्द भरी सिसकारी निकलने लगी. लेकिन फिर जब मैंने उन्हें चूमना शुरू किया तो वो मदमस्त जो गईं और मादक आवाज में ‘आह आह’ की आवाज़ करने लगीं.

थोड़ी देर बाद फिर मैंने उनका ब्लाउज खोल दिया. अन्दर उन्होंने ब्लैक कलर की जालीदार ब्रा पहन रखी थी, जिसमें से उनके मम्मे बाहर आने को बेताब दिख रहे थे. यह देख मैंने उनके ब्रा की स्ट्रिप को खींच कर उसे उतारने लगा लेकिन वह थोड़ी टाइट थी इसलिए निकल नहीं रही थी तो मैंने उसे फाड़ दिया. मेरे ऐसा करते ही उनके मम्मे उछल के मेरे सामने आ गए.

मैं उन्हें देखता ही रह गया. उनके बड़े – बड़े और दूध जैसे सफेद मम्मों को देख कर मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ तो फिर मैंने एक हाथ से उनके मम्मे को पकड़ लिया और दबाने लगा साथ ही दूसरे मम्मे को मुंह में लेकर चूस भी रहा था. मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था और शायद भाभी को भी क्योंकि वह लगातार सिसकारियां ले रही थीं.

फिर थोड़ी देर बाद मैंने उनकी साड़ी को ऊपर उठाया और उनकी चूत पर पैंटी के ऊपर से ही हाथ रख दिया. मैंने देखा कि भाभी की पैंटी उनके चूत के रस से पूरी तरह भीगी हुई थी. यह देखते ही मैंने उनकी पैंटी के अंदर हाथ डाल दिया और फिर एक उंगली भाभी की चूत में घुसा दी. जैसे ही मेरी उंगली भाभी की चूत में घुसी वो एक दम से मुझसे चिपक गईं और मुझे बड़ी जोर – जोर से चूमने लगीं.

अब मैं भी पूरे जोश में आकर उनकी चूत में जोर – जोर से उंगली करने लगा. करीब 3-4 मिनट तक मेरे ऐसा करने के बाद भाभी झड़ गयीं और फिर वह कुछ देर के लिए ठंडी हो गईं. लेकिन न तो अभी मैं झड़ा था और न ही बिना अपना लंड उनकी चूत में डाले मैं मानने वाला था.

भाभी के झड़ने के बाद भी मैं लगातार उनकी चूत में उंगली कर रहा था और साथ में उनके भूरे – भूरे निप्पल्स को भी दो उंगलियों के बीच में पकड़ कर धीरे – धीरे मसल रहा था. मेरे ऐसा करने से थोड़ी देर बाद वो फिर से गर्म हो गईं और मुझे अपनी चूत में लंड डालने के लिए बोलने लगीं.

अब मुझसे भी कंट्रोल नहीं हो रहा था. एक तो कई दिनों बाद चूत मिल रही थी और वो भी मेरी अपनी भाभी की, तो ऐसे में भला कोई कैसे कंट्रोल कर पाता. फिर मैंने अपना लंड भाभी की चूत के छेद पर रखा, जो मेरे उंगली करने की वजह से ढीला हो गया था और दबाव बना कर अपना पूरा लंड एक ही बार में अन्दर कर दिया.

लंड अंदर जाते ही एक बार भाभी चिहुंक सी उठीं. लेकिन फिर अगले ही पल वह भी मेरे लंड का मज़ा लेने लगीं. अब मैं उनकी चूत में धक्के लगाने लगा था. मेरा मोटा और लम्बा लंड उनके चूत की दीवारों से रगड़ खा रहा था, जिससे मुझे असीम आनंद मिल रहा था. भाभी को भी खूब मजा आ रहा था. मेरे हर धक्के पर वो ‘ऊह आह ऊह आह’ की मादक आवाजें निकाल रही थीं.

इस तरह मैंने करीब 10 मिनट तक उनकी चुदाई की. फिर मैंने उन्हें घोड़ी बनने को कहा तो वो झट से उल्टा होकर घोड़ी बन गईं. इसके बाद फिर मैंने पीछे से अपना लंड उनकी चूत में पेल दिया और धक्के पर धक्का लगाने लगा. मेरे हर धक्के के साथ मेरी जांघें भाभी के चूतड़ों से टकरा कर फट्ट – फट्ट की उत्तेजक आवाज निकाल रही थीं. इस तरह करीब 20 मिनट की चुदाई के बाद फिर मैंने भाभी की चूत में ही अपना माल छोड़ दिया. अब तक वो भी 3 बार झड़ चुकी थीं.

थोड़ी देर बाद फिर मैं उनसे अलग हुआ और फिर से उन्हें किस करना स्टार्ट कर दिया. थोडा देर में वह फिर से गर्म हो गईं और हमने एक राउंड और चुदाई की. बाद में मैंने भाभी की गांड भी मारी लेकिन वो सब मैं फिर कभी बताऊंगा. मेरी कहानी आप लोगों को कैसी लगी? मुझे मेल करके जरूर बताना. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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