भाभी ने मुझसे चुदवा कर अपना सपना पूरा किया

अब हम दोनों बिलकुल नंगे एक – दूसरे के सामने थे. अब हमारे बीच तनिक भी शर्म नहीं रही. अब मैं उन पर टूट पड़ा. कई दिनों से मैं इस दिन का इंतजार कर रहा था आज जाकर वह दिन आया है. अब मैंने दोबारा उनके होंठों पर किस करना शुरू किया और वो भी इसमें मेरा पूरा साथ दे रही थीं…

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम यश है और मैं मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले का रहने वाला हूँ. मेरी उम्र 17 वर्ष है और मैं अभी पढ़ाई कर रहा हूँ. दोस्तों मैंने अन्तर्वासना पर बहुत सी कहानियां पढ़ रखी हैं और इन कहानियों को पढ़ कर मज़े भी खूब लूटे हैं. दोस्तों आज मैं आप सब के सामने मेरे साथ कुछ ही दिन पहले घटी अपनी एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ. उम्मीद करता हूँ कि यह आपको पसंद आएगी.

दोस्तों, अब मैं अपनी कहानी पर आता हूँ. बात 8 फरवरी की है. उस दिन मुझे अपने भाभी के घर जाना था. वो मेरे घर से कुछ ही दूरी पर रहती हैं. उनके पति मतलब मेरे भैया शहर से बाहर जॉब करते हैं इसलिए उनका घर आना बहुत ही कम होता है.

अब मैंने अपना सारा काम ख़त्म किया और अपनी बाइक लेकर भाभी के घर के तरफ निकल पड़ा. करीब 15 मिनट के सफर के बाद मैं अपनी भाभी के घर पहुँच गया. उस किराए के मकान में भाभी अकेली ही रहती हैं. उनके घर पहुँच कर मैंने डोर बेल बजाई.

जब भाभी ने दरवाजा खोला तो मैं उन्हें देखता ही रह गया. वह एक दम कयामत लग रही थीं. ऐसा लग रहा था मानो मैं तो इस दुनिया से अलग किसी दूसरी दुनिया की हुस्न की परी को देख रहा हूँ. उन्हें देख कर मैं तो उनमें खो ही गया था. जब उन्होंने मुझे टोका तो मैं सपने से बाहर आया. फिर भाभी ने कहा – क्या हुआ देवर जी, कहा खो गए? अंदर आओगे या फिर आपका यहीं रहने का इरादा है.

उनका सवाल सुन कर मैंने एक हल्की सी मुस्कान दी और फिर अंदर चला गया. फिर तो बस बातों का सिलसिला चालू हो गया ऐसा लग रहा था मानो हम कई सालों बाद मिले हों. हमें तो पता ही नहीं चला कि कब समय निकल गया. अब मुझे वापस जाना था तो मैंने भाभी से कहा कि ‘भाभी, मुझे लेट हो रहा अब मैं जाता हूँ फिर कभी आऊंगा’.

यह सुन कर उन्होंने कहा कि ‘इतने दिनों बाद तो आज आप आये हो आज यही रुक जाओ न’. मम्मी से मैं कह दूंगी. फिर मैंने कहा ठीक है भाभी. अब मैंने सोचा जब कुंआ खुद प्यासे के पास आया है तो मैं कैसे मना कर सकता हूँ. फिर हमने खाना खाया और फिर हम टीवी देखने लगे.

मैं बिलकुल ही उनसे सट कर बैठा हुआ था. जिससे मुझ पर वासना हावी होती जा रही थी. मेरा लण्ड धीरे – धीरे अपने आकर में आने लगा था जिसे झुपाने की मैं नाकाम कोशिश कर रहा था पर मैं उसे छुपा न सका. अब शायद भाभी की नज़र भी मेरे लन्ड पर पड़ गई थी. अब उन्होंने मुझसे पूछ ही लिया – क्या हुआ देवर जी? कुछ परेशानी है क्या आपको?

मैंने कहा – नहीं भाभी, कुछ नहीं.

अब उन्होंने कुछ नहीं कहा और मुझसे थोड़ा और सट कर बैठ गईं और अपना एक हाथ मेरी जांघ पर रख दिया. जिस वजह से अब मैं काबू से बाहर हुआ जा रहा और शायद वो भी यही चाहती थीं. आखिर वो भी एक औरत ही हैं. अब धीरे से मैंने अपना सर उनके कंधे पर रख दिया. जब इस पर उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो मैं थोड़ा और आगे बड़ा और अपने एक हाथ से उनकी जांघ को सहलाने लगा.

अब वो भी मदहोश होने लगी और अचानक उन्होंने मेरे ऊपर अटैक कर दिया. जिससे मैं चौंक गया लेकिन मैं भी तो यही चाहता था. अब उन्होंने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए और एक लंबी सी किस का शुरुआत कर दी. फिर मैंने एक हाथ उनकी नाइटी के ऊपर से उनके बूब्स पर रख दिया और उन्हें दबाने लगा.

अब वो इतनी खो चुकी थी कि उन्हें अब कुछ होश ही नहीं था. अब वह बस मुंह से सिसकार रही थी और बोल रही थीं, ‘जोर से दबाओ और जोर से, निचोड़ दो आज इन्हें, कब से तरस रही यह आह्ह्ह्ह उम्म्म’. फिर हमने देर न करते हुए अपने कपड़े उतारे दिए.

अब हम दोनों बिलकुल नंगे एक – दूसरे के सामने थे. अब हमारे बीच तनिक भी शर्म नहीं रही. अब मैं उन पर टूट पड़ा. कई दिनों से मैं इस दिन का इंतजार कर रहा था आज जाकर वह दिन आया है. अब मैंने दोबारा उनके होंठों पर किस करना शुरू किया और वो भी इसमें मेरा पूरा साथ दे रही थीं.

अब मैं धीरे – धीरे उनके चेहरे को चूमते हुए उनकी गर्दन पर किस किया और धीरे – धीरे नीचे की तरफ आता गया. अब मैं उनके बूब्स पर एक भूखे बच्चे की तरह टूट पड़ा. अब मैं अपने एक हाथ से उनके एक बूब्स को दबा रहा था तो एक को चूसे जा रहा और वो तो बस सीत्कार रही थीं.

उनका हाथ अब तक मेरे खड़े हो चुके लण्ड को सहला रहा था और अब मैं अपने एक हाथ से उनके बूब्स को दबा रहा था और एक हाथ से उनकी चूत को मसल रहा था और उनका बूब्स चूस कर तो मुझे बहुत आनंद आ रहा था. क्या टेस्ट था उनका!

अब मैं आउट ऑफ़ कण्ट्रोल था लेकिन मैं तस्सली से उनका रस पान करना चाहता था. अब मैं और नीचे आया और उनकी नाभि को किस किया जिससे उनकी सिसकारी निकल गयी. जिसे सुन कर मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था. अब मैं उनके शरीर को चूमते – चाटते हुए उनकी चूत तक जा पहुंचा. उनकी चूत में से एक अलग ही महक आ रही थी. यह महक मदहोश कर देने वाली थी. मैं तो बस उसमें खो जाना चाहता था.

अब मैंने जैसे ही उनकी चूत को चाटना शुरू किया. उनकी सिसकियाँ और तेज़ हो गईं और वो मेरा सर अपनी चूत पर दबाने लगी. अब मुझे और मज़ा आने लगा था और मैं उनकी चूत के दाने को अपने होंठों से मसलने लगा. जिससे वह और जोर से चिल्लाने लगी. वह लगातार ‘आह्ह्ह यश ना आहह’ करती रहीं.

जब मैंने उनके दाने को जीभ से छेड़ा तो उनकी तो मानो जैसे जान ही निकल गयी हो. उनकी बॉडी अब एक दम से अकड़ने लगी और वो मेरा सर अब और जोर से अपनी चूत में दबाने लगी. जिससे मुझे थोड़ी सी घुटन हुई लेकिन मुझे मज़ा भी आ रहा था. अब मैं उनकी चूत को अंदर तक चाट रहा था और अब वह एक जोर दार चीख के साथ अपना रस छोड़ने लगी. जिसे मैंने बर्बाद न जाने दिया और उसकी एक – एक बूँद को चाट कर उनकी चूत को साफ़ कर दिया.

अब उनका तो हो गया था लेकिन मेरा बुरा हाल हो रहा था. मेरी स्थिति को उन्होंने समझा और फिर हम 69 की पोजीशन में आ गए. अब मेरे लण्ड को वो एक लॉलीपॉप की तरह चूस रही थी और मैं उनकी चूत अब और जोर – जोर से चूसने लगा. जिससे हम दोनों को बहुत ज़्यादा मज़ा आ रहा था.

ये कार्यक्रम करीब 10 मिनट चला और फिर हम दोनों एक साथ ही झड़ गए. फिर मैं उनसे सट कर उनके बगल में ही लेट गया और फिर हम आपस में बातें करने लगे. बातें करते – करते हम एक – दूसरे को सहलाते जा रहे थे. जिससे हमारी वासना एक बार फिर से बढ़ गई और अब हम दुबारा 69 में हो गए और में उनकी चूत को अपनी जीभ से चोदने लगा और वो मेरे टट्टों को चाटने लगी.

जिससे हम दोनों सीत्कारने लगे, अब भाभी से रहा न गया और वो बोली – यश, अब और न तड़पाओ, जल्दी से अपना लण्ड मेरी इस प्यासी चूत में ड़ाल कर इसकी प्यास बुझा दो.

मैंने भी उनकी हां में हां मिलायी और कहा – भाभी, अब मुझसे भी सब्र नहीं हो रहा है. अब जल्दी से आप सीधे लेट जाओ.

अब उन्होंने भी तनिक भी देर नहीं की और झट से लेट गईं. फिर मैंने एक तकिया उठाया और उसे उनकी गांड के नीचे रख दिया और उनकी एक टांग अपने कंधे पर रख कर अपने लन्ड को उनकी चूत पर सेट किया और घिसने लगा. जिससे उनकी वासना की भूख और भड़क गयी और उनकी सिसकियाँ तेज होती जा रहीं थी.

दोस्तों, अब मुझसे भी रहा नहीं जा रहा था तो मैंने एक जोरदार झटका मारा. जिससे मेरा आधा लण्ड उनकी चूत में समा गया और उनकी चीख निकल गयी. वो बोली – देवर जी, धीरे करो न, मैं तो अब सदा के लिए तुम्हारी ही हूँ. मैं कहीं भागी थोड़े ही जा रही हूँ. अब प्यार से धीरे – धीरे डालो, तभी मज़ा आएगा.

लेकिन मैंने उनकी एक न सुनी और धक्के पर धक्के देने लगा और अब वो भी अपनी गांड उठा – उठा कर मेरा साथ दे रही थी. मेरे हर धक्के पर उनकी सिसकारी निकल रही थी. अब मैंने अपना पूरा लण्ड उनकी चूत से निकाला और एक दम से पूरी ताकत से उसे उनकी चूत के अंदर कर दिया.

जिससे उनकी एक जोरदार चीख निकल गयी लेकिन मुझे मज़ा भी खूब आया. ऐसे हमारा ये कार्यक्रम करीब 15-20 मिनट चला. इस बीच वो 2 बार झड़ चुकी थी और अब मैं भी उनकी चूत में ही झड़ गया.

अब हम शांत होकर एक – दूसरे से लिपट कर लेटे हुए थे और आपस में बातें कर रहे थे. बातों ही बातों में उन्होंने बताया कि उन्होंने मेरे खाने में सेक्स की दवा मिला दी थी और वो तो मुझसे न जाने कब से चुदने के लिए बेकरार थी. अब आज जाकर उनका सपना पूरा हुआ. फिर उन्होंने मुझे ‘आई लव यू’ कहा और मैंने भी उन्हें ‘आई लव यू टू’ कहा.

फिर उन्होंने बताया कि वो अपने पहले बच्चे का बाप मुझे ही बनाएँगी. जिसे सुन कर मैं बहुत खुश हुआ.

तो दोस्तों, आपको मेरी ये सच्ची घटना कैसी लगी ज़रूर बताइएगा. मैं आपके मेल्स का इंतज़ार करूँगा. मेरी आईडी – [email protected]

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