भाभी ने सिखाए चुदाई के कई तरीके, मैंने उन्हीं पर आजमाया

जब से मेरे मौसेरे भाई की शादी हुई थी तभी से मैं अपनी भाभी को चोदना चाहता था लेकिन भाभी इतना आसानी से हाथ में आने वाली नहीं थीं. फिर भी मैंने हिम्मत नहीं हारी और आखिर मुझे सफलता मिल गई. इस दौरान उन्होंने मुझे चुदाई के कई तरीके बताए जिन्हें मैंने उन्हीं पर आजमाया…

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम यश है और पानीपत हरियाणा का रहने वाला हूं. मेरी उम्र 32 साल है और मैं एक शादीशुदा युवक हूं. दोस्तों, मैंने विगत आठ – दस माह पहले अन्तर्वासना पर पहली कहानी पढ़ी थी, उसके बाद मैं इसका फैन हो गया. यहां पर एक से बढ़ कर एक चुदाई की कहानियां हैं, जिन्हें पढ़ कर मैं काफी उत्तेजित हो जाता हूं.

अन्तर्वासना के कई लेखक अपनी मां, बहन, भाभी, भाई आदि के साथ अपने यौन संबंधों की कहानियां लिख कर बड़ी ही हिम्मत का काम करते हैं. आमतौर पर ये इतना आसान नहीं होता. ऐसे ही लेखकों से प्रेरणा लेकर मैं भी आज मेरी ज़िंदगी में घटित हुई एक सच्ची घटना शेयर करने जा रहा हूं. उम्मीद करता हूं कि मेरी यह कहानी अन्तर्वासना के सभी पाठक पाठिकाओं को पसंद आएगी.

कहानी में आगे बढ़ने से पहले मैं आप लोगों को थोड़ा अपने बारे में बता देना चाहता हूं. दोस्तों, मैं दिखने में थोड़ा सांवला पर स्मार्ट हूं. मेरा कसरती बदन लड़कियों को बड़े आराम से अपनी तरफ आकर्षित कर लेता. मेरी लंबाई 5 फुट 7 इंच है. मैं आप लोगों को बता देना चाहता हूं कि मेरा लंड 7 इंच लंबा और 2.5 इंच मोटे पाइप जैसा है.

अब मैं आप लोगों का ज्यादा टाइम न लेते हुए सीधे अपनी कहानी पर आता हूं. यह कहानी मेरी और मेरी भाभी मंजरी (बदला हुआ नाम) की है, जिनको मैंने जम कर चोदा था. मंजरी भाभी मेरे मोसेरे भाई की पत्नी हैं. मैं उनको बहुत दिनों से चोदना चाहता था, पर वो मुझसे इस हद तक खुल नहीं रही थी कि मैं चुदाई के लिए आगे बढ़ सकूं. दोस्तों, मैं यहां पर ये बता देना चाहता हूं कि मेरी मौसी का घर मेरे घर से काफी करीब है तो मैं अक्सर उनके घर पहुंच जाता था.

मेरी कहानी तब शुरू हुई जब मैं कुंवारा था और मंजरी भाभी मेरे मौसरे भाई से शादी करके नई – नई मेरी मौसी के घर आई थीं. जब मैंने उन्हें पहली बार देखा तो देखता ही रह गया. उसी दिन मैंने मन में ये ठान लिया था कि कैसे भी करके मुझे इन्हें चोदना है. अपने इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए मैं शुरुआत से ही भाभी से थोड़ा खुल कर बातें करता था. मैं मज़ाक – मज़ाक में उन पर अश्लील कमेंट भी कर दिया करता था लेकिन वो बुरा नहीं मानती थीं.

अब मैं आप सब को अपनी भाभी के बारे में बता देता हूं ताकि आप सब अगर चाहें तो उनको इमेजिन करके अपनी वासना शांत कर सकते हैं. मेरी भाभी ज्यादा लम्बी नहीं है. उनकी लम्बाई 4 फुट 11 इंच है. लेकिन वो जबरदस्त हुस्न की मालकिन हैं. उनका फिगर 32 चूची 28 कमर और 32 गांड है. उनका बदन इतना गोरा था, जैसे पौधे से अलग हुआ कपास. उनको जो भी देख उसके दिमाग में बस उन्हें चोदने का ही खयाल आता था.

इस तरह मैं धीरे – धीरे दिन निकलते गए और मैं भाभी से और खुलता गया. उसको भी शायद मेरी बातें अच्छी लगती थीं इसलिए धीरे – धीरे वो भी मुझसे थोड़ा खुलती गईं. अब मेरे दिमाग में बस यही घूम रहा था कि कैसे मैं भाभी को चोद कर अपना बनाऊं. हालांकि, वो भी मुझसे चुदना चाहती थीं लेकिन ये बात उन्होंने मुझे बाद में बताई. कई बार मजाक – मजाक में मैंने भाभी से कहा भी कि काश आप मेरी होतीं तो मैं आपको हमेशा खुश रखता. इस पर वो हंस के बात को टाल देतीं.

ऐसे ही एक दिन मैं और भाभी उनके कमरे में बैठे थे. हम बात कर रहे थे. बातों ही बातों में मैंने फिर मैंने उनसे यही बात कही तो उन्होंने फिर हंस कर बात टाल दी. लेकिन फिर उस दिन मैंने भाभी को पकड़ लिया और उनसे उनसे अपने प्यार और सेक्स का इज़हार कर दिया. पर वो शायद मुझसे और ज्यादा खुलना चाहती थीं, इसलिए उन्होंने मेरे सामने एक शर्त रखी और उसे पूरा करने को कहा. माफ करना दोस्तों, मैं यहां पर उस शर्त का उल्लेख नहीं करना चाहता.

खैर, फिर मैंने उनकी शर्त पूरी कर तो उन्होंने मुझसे सेक्स की हां कर दी. उन्होंने मुझे बताया कि 2 दिन बाद वो घर पर अकेली होंगी और उस दिन उन्होंने मुझे आने के लिए कहा.

फिर मैं 2 दिन बाद तय समय पर उनके घर गया तो वो घर पर अकेली मेरा इन्तजार कर रही थीं. जैसे ही भाभी ने दरवाजा खोला वैसे ही मैं अंदर गया और सीधा उनसे लिपट गया. इस पर वो बोलीं कि पहले अंदर तो आ जाओ.

इतना कह कर फिर उन्होंने दरवाजा बंद किया और हम अंदर आ गए. अंदर आते ही मैं भाभी को चूमने लगा. दोस्तों, किसी औरत के साथ वासना भरा ये मेरी जिंदगी का पहला चुम्बन था. मुझे बहुत मजा आ रहा था. फिर उनको चूमते हुए मैंने बेड पर लिटा लिया और उनकी चूचियों को दबाने लगा.

दोस्तों, मैं आप सबको बता देना चाहता हूं कि मैंने इससे पहले कभी सेक्स नहीं किया था तो मुझे सेक्स कैसे करते हैं इस बारे में ज्यादा पता भी नहीं था. पर मैं भाभी की चूचियों को जम कर दबा रहा था. उनकी चूचियां बहुत मुलायम थीं, इसलिए उन्हें दबाने में मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.

थोड़ी देर बाद फिर उन्होंने अपना सूट और अपनी ब्रा को एक साथ ही उतार दिया. इससे उनकी नंगी चूचियां मेरे सामने आ गईं, जिन्हें देख कर मुझसे रहा न गया और मैं उनकी गोरी – गोरी मस्त चूचियों की चूसने लगा. इसमें उनको भी मजा आ रहा था और वो गर्म हो रही थीं.

कुछ देर बाद फिर मैंने भाभी सलवार और पैंटी भी उतार दी, जिससे उनकी एक दम गुलाबी चूत मेरे सामने आ गई. उनकी चिकनी चूत देख कर मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ और मैं उन्हें चोदने के लिये उतावला हो उठा. दोस्तों, चूंकि मुझे पहले से चुदाई का कोई ज्ञान नहीं था इसलिए मैंने भाभी से कहा कि आप मेरा लण्ड हाथ में लेकर अपनी चूत के छेद पर सेट कर दो.

फिर भाभी ने मेरी शर्ट और पैंट को एक ही झटके में खोल दिया. अब मेरा लम्बा और मोटा लण्ड भाभी की आंखों के सामने आ गया, भाभी ने उसे गौर से देखा और एक पल एक टक देखती ही रह गईं. फिर उन्होंने मेरे लण्ड को पकड़ कर अपनी चूत के छेद पर लगा लिया और मुझे थोड़ा धक्का लगाने को बोला.

फिर मैंने धीरे से धक्का लगाया तो मेरा लण्ड भाभी की चूत में चला गया. दोस्तों, लण्ड अंदर जाते ही मुझे ऐसा लगा जैसे मेरा लण्ड किसी गरम भट्टी में चला गया हो! और फिर मैं रुक गया. तभी भाभी ने मुझसे कहा कि ऐसे ही धक्के लगाते हुए मेरी चूचियों को चूसो और मैं किसी आज्ञाकारी बच्चे के जैसे वैसा ही करने लगा.

मुझे बहुत मजा आ रहा था और भाभी भी मजे लेकर चुद रही थीं. फिर करीब मिनट की चुदाई के बाद मेरा होने वाला था तो भाभी बोली की मेरी चूत में ही निकाल दो. इसके बाद पता नहीं कैसे मेरी स्पीड अपने आप बढ़ती गई और अगले ही पल मेरे लण्ड ने उनकी चूत में पिचकारी मार दी और मैं ठंडा हो गया.

दोस्तों, इसके बाद भाभी ने मुझे अलग – अलग चुदाई के कई तरीके सिखाये और मैंने उन्हीं तरीकों को इन्हीं पर आजमाते हुए उनको कई बार चोदा. आज भी मैं भाभी के पास जाता हूं तो वो प्यार से मेरा स्वागत करती हैं और मौका लगते ही मैं उनकी चूत का भोसड़ा बना कर चला आता हूं. आप सबको मेरी कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी –
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