भाई ने जबरदस्ती चोद कर जन्नत का मज़ा दिया

मैं अपने भाई से चुदना नहीं चाहती थी. मैं उसे सिर्फ भाई मानती थी लेकिन एक दिन ऐसी घटना घटी कि मेरे न चाहते हुए भी उसने मुझे चोद दिया. फिर तो इतना मज़ा आया कि बता नहीं सकती…

हेलो दोस्तों, मेरा नाम प्रिंसी है और मैं जयपुर की रहने वाली हूं. मेरे घर में मैं, मेरे मम्मी – पापा और बड़ा भाई कुल चार लोग ही हैं. मेरे मम्मी – पापा दोनों एक ही बैंक में काम करते हैं और हम दोनों भाई – बहन अभी पढ़ाई करते हैं. मेरा भाई बीएससी थर्ड ईयर में है और मैं बीए सेकेंड ईयर में.

एक दिन पापा – मम्मी एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए उनके यहां चले गए. अब घर में केवल मैं और मेरा बड़ा भाई राहुल ही बचे थे.

उसके अगले दिन मैं सुबह उठी और नाश्ता बना कर नहाने चली गई. नहाने के मुझे ध्यान आया कि बाकी कपड़ों के साथ मैं टॉवल लाना भूल गई. तब मैंने भाई से कहा कि प्लीज भाई मुझे टॉवल दे दे, मैं लाना भूल गई.

वह टॉवल लेकर आया और मुझे लेने को कहा. मैं बाथरूम का दरवाजा धीरे से खोला और टॉवल लेने के लिए हाथ आगे बढ़ाया. मैंने देखा कि इस समय उसकी नज़रें लगातार मुझे ही घूर रही थीं. फिर मैंने टॉवल लिया और गेट बंद करने लगी तो उसने धक्का देकर पूरा दरवाजा खोल दिया और खुद बाथरूम के अंदर आ गया.

यह देख मैं घबरा गई और उससे कहा, “यह क्या कर रहे हो? बाहर जाओ नहीं तो मैं मम्मी – पापा को बोल दूंगी”. इस पर उसने कहा कि बता देना लेकिन अभी मैं जो कह रहा हूं वो सुन. मैंने कुछ नहीं कहा तो वो बोला कि देख मुझे पेशाब लगी है, ऐसा कर तू मेरे लंड को हाथ में पकड़ कर पेशाब करवा दे और मैं तुझे कराता हूं, बहुत मज़ा आएगा.

इस पर मैंने कहा, “नहीं, मुझे नहीं करना है ये सब आप जाओ प्लीज!” तब तक उसने मेरी टॉवल खींच दी और खुद भी नंगा हो गया. उसका लंड एक दम खड़ा था. फिर वो उसे हाथ में लेकर आगे – पीछे करने लगा.

यह देख मैं दूसरी तरफ मुंह करके खड़ी हो गई. तभी भाई ने पीछे से मेरे हाथ में अपना लंड पकड़ा दिया और खुद मेरी चूत मसलने लगा. उसका हाथ चूत पर लगते ही मैं उछलने लगी और उसका लंड आगे – पीछे करने लगी.

फिर वो बैठ गया और पेशाब करने लगा. पेशाब करने के बाद वो मेरी दोनों टांगों के बीच में आ गए और मेरी नंगी चूत को चाटने लगा. वो मुझे ऊपर उठा कर जोर – जोर से मेरी चूत चाट रहा था.

उनके ऐसा करने से मुझे बहुत तेज़ पेशाब आने को हुई और मैंने उनके ऊपर ही करना शुरू कर दिया. लेकिन भाई ने अपना मुंह मेरी चूत से हटाया नहीं और मेरा पेशाब पीने लगे. साथ में अपने एक हाथ से लंड को पकड़ कर आगे – पीछे भी कर रहे थे.

फिर उसने मुझे मुझे नीचे फर्श पर लिटाया और अपना लंड मेरे मुंह में दे दिया. अब मैं चाह कर भी विरोध नहीं कर पा रही थी. मैं उसका लंड चूसने लगी. फिर थोड़ी देर बाद उसने मेरे मुंह से लंड निकाल लिया और चूत पर रख दिया. इसके बाद उसने एक धक्का मारा और मेरे मुंह से चीख निकल गई. मेरी चूत से खून निकलने लगा था और मैं लगभग रोने लगी लेकिन इसके बावजूद वह नहीं माना.

धीरे – धीरे उसका पूरा लंड मेरी चूत के अंदर चला गया. अब वह जोर – जोर से धक्के लगाते हुए मुझे चोदने लगा. साथ ही साथ मेरे बूब्स भी दबाने लगा था. थोड़ी देर बाद फिर मुझे भी मज़ा आने लगा और मैं भी अपनी कमर हिलाने लगी.

अभी कुछ ही वक्त बीता था कि मेरी चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया. भाई के धक्के लगातार बढ़ते ही जा रहे थे. अब पूरे बाथरूम में फच्च – फच्च की आवाज की आवाज गूंजने लगी थी. फिर थोड़ी देर बाद भाई ने भी अपना सारा माल मेरी चूत में छोड़ दिया. उसका पानी बहुत गर्म था और जब वह मेरी चूत में निकला तो मुझे बहुत मज़ा आया.

लेकिन ये क्या, मुझे तो लगा था कि पानी निकलने के बाद वह शांत हो जाएगा लेकिन वो तो रुकने के मूड में ही नहीं लग रहा था. फिर उसने मुझे गोद में उठाया और बेडरूम में ले गया. वहां ले जाकर वह फिर मेरी चुदाई करने लगा. बेडरूम में चोदते हुए उसने दो बार अपना पानी मेरी चूत में निकाला. अब मुझे एक दम जन्नत सा मज़ा मिल रहा था. मैं अपनी पूरी शर्म – ओ – हया भूल गई थी.

फिर थोड़ी देर रुकने के बाद वह दोबारा से शुरू हो गया. उस दिन भाई ने मुझे पुरी रात चोदा. अगले दिन सुबह जब मैं बिस्तर से उठी तो मुझसे चला नहीं जा रहा था. इसलिए मैंने पैन किलर ली और नहाने चली गई.

नहाने के बाद जब मैंने वापस आकर देखा तो पूरी बेडशीट खराब हो चुकी थी. फिर मैंने भाई से कहा कि पहले तू जाकर नहा ले फिर मैं बेडशीट धो देती हूं. वह जल्दी ही नहाकर वापस आ गया. इसके बाद मैं बेडशीट लेकर बाथरूम में गई तो वो फिर से अंदर आ गया और मेरी सलवार पकड़ कर बोला कि मुझे तुम्हारी गांड मारनी है.

इस पर मैंने कहा कि पहले मुझे कपड़े तो धो लेने दो लेकिन बक नहीं माना और मुझे घोड़ी बना कर मेरे ऊपर चढ़ गया. फिर उसने एक ही झटके में अपना पूरा का पूरा लंड मेरी गांड में घुसा दिया और धक्के मारने लगा. मुझे बहुत तेज़ दर्द हुआ लेकिन मैं कुछ बोल न पाई.

वह लगातार मेरी गांड में धक्के लगाता रहा. फिर करीब 10 मिनट बाद उसके लंड से एक तेज़ धार निकली और मेरी गांड भर गई. इसके बाद फिर वह मुझसे चिपक के मेरे ऊपर लेट गया. अब मेरी गांड से उसका माल रिस – रिस कर निकल रहा था. बहुत मज़ा आ रहा था.

ऐसे ही उन तीन दिनों में हमने कुल 17 बार चुदाई की. हर बार मुझे और ज्यादा मज़ा आता था. वो दिन मेरी ज़िंदगी के सबसे खूबसूरत दिनों में से हैं. मैं उन्हें कभी नहीं भूल सकती. अब भी भाई को जब कभी टाइम मिलता है, वो मुझे चोद देता है और हम दोनों की प्यास बुझा देता है.

आप लोगों को मेरी कहानी कैसी लगी? मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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