भाई के साली की जबरदस्त चुदाई

भाभी की प्रेग्नेंसी के समय उनकी देखभाल करने के लिए उनकी बहन हमारे यहां आई थी. वह मुझे बहुत पसंद थी और मैं उसे चोदना चाहता था. एक दिन कुछ ऐसा हुआ कि वह खुद ही मेरे नीचे आ गई…

अन्तर्वासना के सभी पाठक भाइयों और बहनों को मेरे खड़े लंड का प्रणाम! दोस्तों, मेरा नाम रवि है और मैं उत्तर प्रदेश के शहर कानपुर का रहने वाला हूं. चलिए अब आपको बोर न करते हुए सीधे ले चलते हैं अपनी चुदाई भरी दुनिया में, लेकिन उससे पहले कहानी पढ़ने वाली भाभियां अपनी पैंटी उतार कर चूत में कुछ डाल कर बैठें क्योंकि ऐसा न करने पर चूत में उंगली करनी पड़ सकती है और भाई लोग अपनी अंडर वियर खोल के लौड़े को हाथ में ले लें.

दोस्तों, ये कहनी मेरी और मेरे भाई के साली की है, उसका नाम वर्षा है. वर्षा का फिगर तो ऐसा था कि देखते ही लंड खड़ा हो जाए. उसके दूध 32, कमर 34 और गांड के बारे में क्या बताऊं! उसे देखते ही लगता कि बस एक ही झटके में गांड में लंड डाल दो और डाले रहो. बहरहाल उसकी गांड का साइज 34 था और पीछे को निकली हुई थी.

एक बार जब हमारी भाभी भइया की चुदाई के चलते पेट से हुईं, तब उनकी देखभाल करने के लिए वर्षा को बुलाया गया पर ये बात मुझे नही पता थी. इतना ही नहीं मुझे बताये बिना ही उसे मेरा कमरा भी दे दिया गया.

शाम को जब मैं कॉलेज से लौटा तो सीधे अपने बाथरूम में चला गया. मुझे नहीं पता था कि वो पहले से ही बाथरूम में है. उस समय उसने केवल ब्रा और पैंटी ही पहन रखा था और उसकी पीठ मेरी तरफ थी. इन कपड़ों में वो काफी कामुक लग रही थी. उसको देखते ही ऐसा लगा कि अभी इसके पास जाऊं और सीधा इसकी चूत में अपना लंड डाल दूं और चोदता रहूं. हालांकि फिर मैं बिना कुछ बोले ही वापस आ गया.

अब वो मेरे दिमाग मे बस चुकी थी. मुझे अब बस किसी भी तरीके से उसकी चुदाई करनी थी. मैंने इधर – उधर बहुत दिमाग दौड़ाया लेकिन कैसे करूं ये मैं सोच नहीं पा रहा था.

शाम को जब सभी खाने के लिए उपस्थित हुए तो वो आकर मेरे बगल वाली कुसी पर ही बैठ गई. उसे अपने बगल में बैठे देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया और घबराहट में गलती से मेरा पैर उसके पैरों से टच हो गया. पैर टच होते ही उसने गुस्से से मेरी तरफ देखा, यह देख मैं तो डर ही गया.

फिर मैंने जल्दी से खाना खाया और वहां से उठ कर अपनी किताबें लेने के लिए अपने कमरे में आ गया. तभी पीछे से वर्षा कमरे में आई और उसने मुझे कस कर पकड़ लिया और बोली, “मुझे छूने में इतना टाइम क्यों लगा दिया? मैं तो कब से तुमसे प्यार करती हूं”.

उसके मुंह से इतना सुनते ही मैंने उसे गले से लगा लिया और उसके होंठों पर अपने होंठों को रख दिया. मैं करीब 10 मिनट तक उसके होंठों को चूसता रहा. फिर धीरे से मैंने अपना हाथ उसके दूधों पर रख दिया. मेरे ऐसा करते ही उसके मुंह से ‘आहहह’ की एक मादक सिसकारी निकली और फिर उसने अपना हाथ मेरे हाथ के ऊपर रख दिया और दबाव बना अपने दूधों को जोर – जोर से दबवाने लगी.

दूसरी तरफ नीचे मेरा खड़ा लंड उसकी चूत पर ठोकर मार रहा था. थोड़ी देर तक उसके दूध दबाने के बाद फिर मैं अपना एक हाथ नीचे ले गया और उसकी पैंटी के अंदर डाल दिया, साथ ही एक हाथ से उसके दूध भी दबाता रहा.

मेरी इस हरकत पर उसने पैंट के ऊपर से ही मेरे लंड को पकड़ कर दबा दिया. उसके ऐसा करने पर मेरे मुंह से भी एक आह निकल गई. अब मैं भी अपने पूरे जोश में आ गया और जैसे ही उसके गले पर अपने होंठों को रखा, वह अकड़ सी गई. वर्षा का एसा कामुक रूप मैंने पहली बार देखा था. फिर मैं थोड़ी देर तक उसे किस करता रहा.

करीब 10 मिनट बाद वो बोली, “रवि, अब जल्दी से कुछ करो”. इस पर मैंने पूछा कि क्या करूं? मेरा सवाल सुन कर वो शर्मा गई और फिर धीरे से अपनी नज़रें झुका कर बोली कि मेरी चूत में अपना लंड डाल दो, अब मुझसे रुका नहीं जा रहा है.

उसके मुंह से इतना सुन कर मैंने झट से उसकी टी-शर्ट निकाल दी. अब वो ब्रा में बिलकुल सनी लियोनी जैसी लग रही थी. मैं उसे देखता ही रह गया. फिर उसने खुद ही अपनी ब्रा खोल दी. मैं थोड़ा झुक हुआ था तो उसके ऐसा करते ही उसके दोनों दूध उछल कर बिलकुल मेरे मुंह के सामने आ गए. फिर क्या था, मैंने उसके एक दूध पर अपना मुंह लगा दिया और दूसरे हाथ से उसका दूसरा दूध दबाने लगा. वर्षा अपने हाथों से मेरे मुंह को अपने दूधों पर दबा रही थी.

थोड़ी देर बाद फिर मैं उससे अलग हुआ और मैंने उसकी पैंट उतार दी. इसके बाद फिर मैंने उसकी पैंटी भी खींच कर एक ही झटके में उतार दिया. फिर मैं नीचे गया और उसकी चूत पर मुंह लगा कर चाटने लगा. अब उसके मुंह से खाली ‘आह आह ओह्ह ओह्ह’ की आवाजें ही निकल रही थीं.

थोड़ी देर बाद उसने मुझे उठने को कहा. मैं उठा और फिर वह 69 की पोजीशन में आ गई. इसके बाद उसने बिना मेरे कुछ कहे ही मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगी. मुझे एसा लग रहा था जैसे मैं बिलकुल आसमान में उड़ रहा हूं. 

करीब 10 मिनट तक चाटना और चूसना चलता रहा. इस दौरान उसकी चूत दो बार पानी छोड़ चुकी थी. अब मैं भी अपनी चरम अवस्था पर पहुंचने वाला था तो मैंने अपना लंड उसके मुंह से निकाल लिया क्योंकि मैं अपना वीर्य बर्बाद नहीं करना चाहता था. मैं चाहता था कि मेरा वीर्य उसकी कोख में ही जाए.

इसके बाद थोड़ी देर रुक कर फिर मैंने जैसे ही उसकी चूत पर अपना लंड लगया वो खुद ही लंड अंदर लेने के लिए उचकने लगी. फिर मैंने एक ही झटके में अपना पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया. उसे बहुत दर्द हुआ और वो चीख कर रह गई. उसकी आंखों में आंसू भी आ गए थे. यह देख मैं कुछ देर के लिए रुक गया.

फिर जब उसका दर्द कुछ कम हुआ वो खुद ही अपनी चूत उछालने लगी. यह देख मैंने भी एकदम से रफ़्तार पकड़ ली. हमारी चुदाई में जान सी आ गई थी. अब उसके मुंह से सिर्फ ‘अह्ह्ह अह्ह्ह्हहह अह्ह्ह्हह हां हां’ की ही आवाज निकल रही थी.

करीब 10 मिनट की धमाकेदार चुदाई के बाद फिर मैंने अपना पानी उसके अंदर ही छोड़ दिया. उसके चेहरे की मुस्कान बता रही थी कि वो पूरी तरह संतुष्ट है. अगले दिन फिर मैंने इमरजेंसी पिल्स लेकर उसे दी.

वो करीब 2 महीने तक हमारे यहां रही. इस दौरान मैंने उसकी खूब चुदाई की. अगली कहानी में मैं बताऊंगा कि किस तरह मैंने उसकी गांड मारी. मुझे मेल करके कहानी के संबंध में अपनी राय जरूर देना. मुझे आपके मेल का इंतज़ार रहेगा. मेरी मेल आईडी – [email protected]

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *