भाई की शादी में बहन को ममेरे भाई ने चोदा

इस कहानी में बताऊंगा कि किस तरह मेरे मामा के बेटे ने मौसेरे भाई के साथ मिलकर मेरी एकलौती बहन को चोदा. यह चुदाई मेरे भाई की शादी वाली दिन उनकी बारात में हुई. तो पढ़ें इस कहानी को मज़े लें…

नमस्कार दोस्तों, हम 3 भाई और 1 बहन हैं. मेरी बहन की उम्र 22 साल है. उसका नाम शालू है. वह एक नॉर्मल बॉडी वाली लड़की है और उसकी हाइट 5 फुट और 3 इंच है. उसका चेहरा हल्का सांवला है और चूचियां अमरूद जैसी हैं. कुल मिलाकर वह एक दम सेक्सी माल है.

दोस्तों, मेरे मामा पास के ही एक शहर में रहते हैं. उनके 2 लड़के हैं. उनका छोटा लड़का अमित मेरी बहन शालू से 4-5 साल बड़ा है. मम्मी और शालू जब भी मामा के घर जाते हैं तो शालू और अमित आपस में खूब बातें करते हैं. अमित सचिन को बाहर घुमाने भी ले जाता है. दोस्तों, शालू अभी सेक्स से दूर एक दम सीधी – सादी लड़की थी.

मेरे बड़े भाई की शादी हो चुकी थी. मेरे बीच वाले भाई की शादी बरेली में तय हो गई. हमारी तरफ से काफी लोग बारात में गए थे. बारातियों के ठहराने के लिए जनवासा लड़की के घर से काफी दूर था. जहां पर हमें रोका गया था वो रेलवे के क्वाटर थे. उसके आप – पास का ज्यादातर एरिया जंगल जैसा था. बारात पहुंचने पर हमारा बहुत स्वागत हुआ. दोस्तों, रिसेप्शन लड़की वालों के घर पर ही था.

शालू पिंक साड़ी और ब्लैक ब्लाउज में थी. जिसमें वह बहुत ही ज्यादा सुंदर लग रही थी. उसकी चूचियां टाइट ब्रा में लसी हुई थीं, जिसमें से उसके निप्पल्स साफ नज़र आ रहे थे. लड़के उसकी खूबसूरती को दूर से ही देख कर मज़े ले रहे थे.

मामा का लड़का अमित एयर मेरा मौसेरा भाई सचिन सचिन शालू से ही चिपके रहने की कोशिश कर रहे थे. मैंने इस बात को कई बार नोटिस किया लेकिन फिर इग्नोर कर देता.

बारात खूब नाच गया कर पहुंची थी. खाना खा कर थके होने की वजह से सब लोग जल्दी ही लौट आए. मेरे बड़े भाई साहब और कुछ लोग फेरों के लिए वहीं रह गए. मैं और शालू भी जनवासे से लौट आए. हम भी थके थे. थकावट की वजह से ज्यादातर लोग सो गए थे. रात के 1 बज रहे थे और शालू को लड़की वालों के घर फिर जाना था.

मैं आराम के मूड में था. तभी शालू मेरे पास आई और बोली- भैया, मुझे लड़की वालों के घर जाना है. तुम मेरे साथ चले चलो क्योंकि बाहर बहुत सुनसान है. इस पर मैंने कहा कि थोड़ी देर में चलते हैं. यह सुन कर शालू ने बुरा सा मुंह बना लिया.

दोस्तों, उस टाइम अमित और सचिन जाग रहे थे. तभी वे दोनों बोले, चलो हम चलते हैं तुम्हारे साथ. इस पर मैंने शालू से कहा कि हां शालू तुम इन्हीं दोनों के साथ चली जाओ.

शालू तैयार हो गई और फिर अमित और सचिन के साथ चल दी. बाहर बहुत अंधेरा और एक दम सुनसान था. लाइट भी नहीं थी. डर की वजह से शालू ने अमित का हाथ पकड़ लिया था. उसके हाथ पकड़ते ही अमित शुरू हो गया.

उसने कहा – शालू, आज तुम बहुत सुंदर दिख रही हो. मेरा मन कर रहा है कि तुम्हें किस कर लूं. इस पर शालू ने कहा – धत्त! मैं तेरी बहन हूँ. दोस्तों, सचिन उस समय पीछे चल रहा था. अब अमित ज़िद करने लगा कि प्लीज एक किस कर लेने दो. इतना कहने के बाद उसने शालू को अपनी ओर खींच लिया.

अब शालू की चूचियां अमित के सीने से टकरा रही थीं. सड़क पूरी सुनसान थी. फिर अमित ने शालू के चेहरे को अपने हाथों में लिया और उसके होंठों पर किस कर लिया. इससे शालू शरमा गई. अब शालू छूटने की कोशिश करने लगी. उसने बोला कि छोड़ो भैया पीछे सचिन भाई हैं क्या सोचेंगे?

तब अमित ने कहा कि सचिन भैया कुछ नहीं कहेंगे. उन्हें पता है कि मैं तुमसे प्यार करता हूँ. यह सुन कर शालू शरमा गई और चलने लगी. थोड़ी डोर पर अमित ने दूसरे रास्ते से चलने को कहा. वह काफी सुनसान था. सचिन अब तक जान बूझकर काफी पीछे रह गया. इसका फायदा उठाकर अमित शालू से खूब छेड़छाड़ कर रहा था.

थोड़ी देर में दोनों एक बिल्डिंग के पास पहुंच गए. वह जनमासे का ही पिछला हिस्सा थी. उसे देख कर शालू बोली कि यह तो भाभी का घर नहीं है. तब अमित ने कहा अरे यार थकान की वजह से शायद हमें समझ नहीं आया और हम जनमासे के पिछले हिस्से में आ गए हैं. आओ थोड़ी देर यहां आराम कर लेते हैं फिर चलते हैं.

यह देख पहले तो शालू गुस्सा हुई लेकिन थकी तो वो भी थी इसलिए मान गई. अब वो दोनों एक रूम में पहुंच गए. वह रूम बिल्कुल खाली था और वहाँ बिस्तर भी लगे थे. फिर वो दोनों रूम में पहुंच गए.

फिर अमित ने अंदर से कुंडी बन्द कर ली. शालू के पूछने पर उसने कहा कि बस ऐसे ही बन्द की है. फिर वह शालू से चिपक के बैठ गया. अब अमित और शालू बिल्कुल करीब थे. वह इस तरह से बैठा था कि उसका सीना शालू के अमरूदों से टकरा रहा था. अब शालू ने उसकी तरफ देखा और एक स्माइल पास कर दी. तब अमित ने तुंरत ही उसके चेहरे को पकड़ा और बेतहाशा किस करने लगा.

शालू के गुलाबी होंठ अमित के होंठों में समा गए. लेकिन शालू कुछ नहीं बोली. इससे अमित का हौसला और बढ़ गया. अब उसने अपना हाथ शालू की कमसिन और कठोर चूचियों पर रख दिया और सहलाने लगा. उसके ऐसा करने से शालू के मुंह से सिसकियाँ निकल रही थी.

अब अमित ने अपना हाथ शालू के ब्लाउज के अंदर डाल दिया और शालू के अमरूदों को निचोड़ने लगा. इस पर शालू दर्द भरी सिसकारी लेने लगी. फिर अमित उसकी ब्लाउज का बटन खोलने की कोशिश करने लगा. लेकिन शालू ऐसा करने से मना करने लगी और बोली – तुमने तो बस किस करने को कहा था और वो कर लिया, चलो अब देर हो रही है, समान भी पहुंचना है नहीं तो बड़े भैया नाराज़ होंगे.

इस पर अमित ने कहा कि समान तो सचिन ने पहुंचा दिया होगा. तभी अमित के फ़ोन पर कॉल आई. अमित ने पूछा कि भैया पहुंचा दिया? तो सचिन ने कहा कि हां पहुंचा दिया है और भाई साहब से बोल दिया कि शालू की शायद बदहजमी हो गई थी इस वजह से उल्टियां होने लगी और वह अमित के साथ वापस लौट गई. लो भैया से बात करो.

तब अमित ने भैया से कहा कि शालू की तबीयत खराब हो गई है तो मैं उसको जनमासे छोड़ने जा रहा हूँ. तब भैया ने कहा ठीक है. फिर अमित ने कहा लीजिए शालू से बात करिए. तब भैया ने शालू से कहा कि तुम आराम करो, सुबह आ जाना यहाँ सब लोग हैं तुम्हारी जरूरत भी नहीं है. तब शालू ने कहा ठीक है भैया.

अब अमित ने फौरन शालू को अपनी बाहों में भर लिया और होंठ चूसने लगा. तब शालू बोली कि कोई आ जाएगा. तब अमित ने कहा कि तुम बेफिक्र रो बाहर से सचिन भैया ने ताला लगा दिया है और वैसे भी इस साइड में चौकीदार के अलावा कोई नहीं आता और सचिन भैया ने तो चौकीदार को भी सेट कर लिया है. अब हम दोनों खुल कर मस्ती कर सकते हैं.

अमित की यह बात सुन कर शालू शरमा गई. अब अमित ने शालू को बाहों में भर लिया और बिस्तर पर लिटा कर उसकी चूचियों को मसलने लगा. अब शालू की सांसें बेकाबू हो रही थीं. फिर अमित ने शालू का ब्लाउज उतार दिया और पिंक ब्रा के ऊपर से शालू की चूचियों को चूसने लगा.

शालू की साड़ी तो पहले से अस्त – व्यस्त हो चुकी थी. फिर अमित ने एक झटके में ही उसकी साड़ी को उतार दिया और पेटिकोट का नाड़ा पकड़ कर खींच दिया. पिंक कलर की पैंटी में कैद शालू की चूत गीली हो चुकी थी.

यह देख अमित बेकाबू हो गया और फिर उसने ब्रा को खींच कर उतार दिया और पैंटी में हाथ घुसेड़ने लगा. जिससे शालू के मुंह से दबी सी सिसकारियां निकलने लगीं. अब शालू के अमरूद जैसे चूचे लाल हो गए थे.

फिर अमित अपने कपड़े भी उतार दिए और नंगा हो गया. अमित का 7 इंच लम्बा लन्ड देख कर शालू शरमा गई. अब अमित ने शालू के शरीर मसलना शुरू कर दिया. जिससे शालू की उत्तेजना अपने चरम पर पहुंच गई.

फिर उसने अपना लन्ड शालू की कुंवारी चूत पर सेट किया और एक धक्का दे दिया. इस धक्के की वजह से अमित का लन्ड शालू की चूत को फाड़ता हुआ अंदर घुस गया और शालू की चीख निकल पड़ी. यह देख अमित ने फौरन ही उसके मुंह को अपने हाथों से बन्द कर और फिर शालू के होंठों को अपने मुंह में ले लिया.

अब अमित मेरी बहन पर छा गया और तेजी से धक्के मारने लगा. उसके हर धक्के के साथ मेरी बहन की कुंवारी चूत खुलती जाती थी और उसमें से खून भी निकल रहा था. शालू के मुंह से दर्द भरी सिसकारियां भी निकल रही थी. धीरे – धीरे उसे भी मज़ा आने लगा.

थोड़ी देर बाद तूफान ठंडा हो गया. अब मेरी बहन निढाल हो गई थी. और अमित ने भी अपना पानी शालू की चूत में हो छोड़ दिया. इसके बाद अमित ने शालू को अपनी बाहों में भर लिया.

शालू शरम के मारे अपना चेहरा अमित की छाती में छुपा लिया. फिर अमित ने शालू की रगड़ाई शुरू की और एक बार फिर चुदाई की तैयारी करने लगा. उन्होंने फिर से चुदाई की. चुदाई का यह दौर भोर में 5 बजे तक चला. उस समय जब सचिन ने दरवाजा खोला तो फिर दोनों बाहर आए.

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