भाई की शादी में मिली अनजान हसीना

अब पहले तो मैंने उसकी पीठ पर चुम्बन किया और फिर मम्मों पर होते हुए फिर उसकी नाभि पर आ गया और फिर कमर पर किस करते हुए उसकी जांघों पर पहुंचा और अंत में मैंने अपना मुंह उसकी फुद्दी पर रख दिया और उसकी चूत को जी भर के चाटा. उसकी चूत से बहुत पानी निकल रहा था. उसकी चूत में मेरी झीभ थी और मेरे हाथ में उसके दोनों आम थे…

हेलो दोस्तों, मेरा नाम राज (बदला हुआ) है और मेरी उम्र 29 साल है. मैं काफी हष्ट पुष्ट दिखता हूँ. आज मैं आपसे अपनी पहली चुदाई का अनुभव बताने जा रहा हूँ. उम्मीद करता हूं आप सबको पसंद आएगी.

दोस्तों, एक बार की बात है मैं अपने मामा जी की बेटी की शादी में गया हुआ था. वहाँ पर किसी लड़की ने मामा के लड़के से बोला कि तुम्हारा भाई तो मस्त दिखता है. फिर यही बात मामा के बेटे ने आकर मुझे बताई. पहले तो मैंने इस बात पर ध्यान नहीं दिया पर अगले दिन उसने मुझे खुद से लिखा प्रेम पत्र पहुंचा दिया. जिससे मेरा भी दिल पसीज गया.

अब हुआ ये कि वो दो बहनें थी. और मुझे ये नहीं पता था कि जो मुझे पसंद करती है वो कौन है? असलियत में दोनों बहनें मुझे पसंद करती थीं. फिर मैंने लेटर पर लिखे नम्बर पर फ़ोन करके उसको मिलने को बुलाया और वो आ गई. सर्दियों के दिन थे और शाम के 7 बज रहे थे. हर तरफ अँधेरा भी हो गया था.

जब वो आई तो हम दोनों ने एक – दूसरे की बाहों में बाहें डाल दी और किस करने लगे. तब मैंने पहली बार उसके मम्मों को कपड़ें के ऊपर से ही स्पर्श किया. और फिर धीरे – धीरे मेरा हाथ उसकी चूत पर भी पहुंच गया. कपड़ों के ऊपर से ही मुझे महसूस हो रहा था कि उसकी चूत पर बहुत हल्के – हल्के बाल हैं. करीब 10-15 मिनट तक ये सिलसिला चलता रहा और फिर हम अलग होकर वापस घर चले गए.

अब हुआ यूँ कि मैंने उसकी शक्ल अँधेरे में ठीक से देखा नहीं पाया था. अगले दिन उसने फ़ोन करके मुझसे कहा कि खेतों में आ जाना हम वहां काम करने जाएंगे. खेतों पर पहुंच कर वहाँ पर मौका मिलने पर मैंने मुझे अच्छी लगने वाली उसकी बहन को पकड़ लिया और उसके साथ मज़े किये. उसने भी मुझसे मज़े ले लिए.

रात में उसने मुझे फोन किया. वो गुस्से में थी. उसने मुझे बताया कि मैंने गलत जगह हाथ डाल दिया था. उसके बाद हमारा संपर्क टूट गया. फिर एक दिन मैं काम से वापस घर लौट रहा था तो एक अनजान नम्बर से मेरे फ़ोन पर एक मिस्ड कॉल आया.

उस मिस कॉल से मेरे भाग्य एक बार फिर से खुल गए. ये वही लड़की थी जिसने मुझे लव लेटर दिया था. अब वो फिर से पूरी मेरी तरफ आ चुकी थी. फिर हम फोनपर ही बातें करने लगे और धीरे – धीरे लंड और फुद्दी पर आ गए.

ऐसी बातों से हम दोनों ही गर्म हो रहे थे. ऐसे में वो अपनी ऊँगली से काम चला लेती और मैं उसकी याद में अपना लन्ड हिला लेता था. मैंने कई बार उससे मिलने को कहा लेकिन इस बार वह मिलने को तैयार नहीं हो रही थी.

लेकिन फिर वो एक दिन मिलने को राज़ी हो गई. जब वो आई तो मैं उसे देखता ही रह गया. क्या बदन था उसका! एक दम गोरा चिट्टा. उसकी चूचियां 32, कमर 28 और चूतड़ 34 के रहे होंगे. जब मैं उसकी तरफ बढ़ा तो उसने थोड़ा विरोध किया पर बाद में वो भी मज़े लेने लगी.

अब पहले तो मैंने उसकी पीठ पर चुम्बन किया और फिर मम्मों पर होते हुए फिर उसकी नाभि पर आ गया और फिर कमर पर किस करते हुए उसकी जांघों पर पहुंचा और अंत में मैंने अपना मुंह उसकी फुद्दी पर रख दिया और उसकी चूत को जी भर के चाटा. उसकी चूत से बहुत पानी निकल रहा था. उसकी चूत में मेरी झीभ थी और मेरे हाथ में उसके दोनों आम थे.

वो काफी उत्तेजित हो चुकी थी. उसकी सांस काफी तेज हो गयी थीं. फिर थोड़ी देर में वो मेरे मुंह में ही झड़ गयी. फिर मैं भी सीधा हुआ और उसकी जांघों पर अपने लंड को रगड़ कर सारा माल उसकी चूत के बाहर गिरा दिया.

10 मिनट में ही मेरा लंड फिर से तन गया. आखिर आज पहली बार उसे फुद्दी का स्वाद जो लेना था. अब मैंने उसकी चूत में ऊँगली डाल दी. जो बड़ी ही मुश्किल से पूरी तरह अंदर घुसी. फिर मैंने उसके मम्मों को सहला कर उसको अच्छी तरह गर्म किया और अपने लौड़े को उसकी फुद्दी के मुहाने पर रख दिया और एक हल्का सा धक्का मारा.

उसके मुंह से एक तेज चीख निकल गई. लेकिन तब तक मेरा सुपारा अंदर जा चुका था. तो मैंने लंड को अंदर ही रहने दिया और हाथों से उसके मम्मे मसलने लगा. उसकी चूत काफी टाइट थी. थोड़ी देर बाद उसे भी मज़ा आने लगा.

जब मेरा पूरा गर्म लंड अंदर जाता तो वो भी अपने चूतड़ों को उठा कर मेरा पूरा लन्ड अंदर लेने की कोशिश करती. फिर क्या था! धीरे – धीरे मेरी धक्कों की गति बढ़ने लगी. तभी वो कामुक से स्वर में बोली, “और करो, और तेज करो”. तो मैंने पूछा कि क्या करूँ?

तो वो बोली, “मादरचोद, अपनी रंडी को और तेज चोद और क्या करेगा. आज तो फाड़ दे मेरी इस चूत को”.

उसकी यह बात सुन कर मेरे शरीर में करंट सा दौड़ गया और अब मेरी स्पीड और तेज हो गई थी. उसकी कामुक आवाज़ की वजह से माहौल में और भी मस्ती छा रही थी. फिर थोड़ी देर बाद मैं उसकी मस्त चूत में ही झड़ गया.

उसके बाद हम दोनों नंगे एक – दूसरे की बाहों में रात भर लिपटे रहे पड़े रहे. और हमारा कायर्क्रम रात भर चलता रहा. हमारा यह संबंध करीब 2-3 साल तक चला फिर उसकी शादी हो गई और मैं भी अपने काम में व्यस्त हो गया.

लेकिन दोस्तों, मैं उसकी एक बात पर फ़िदा था, वो जब मेरे ऊपर चढ़ कर चूतड़ हिला – हिला कर मेरे लंड को अंदर लेती थी तो मुझे बहुत मज़ा आता था.

तो दोस्तों, मेरी यह कहानी आप लोगों को कैसे लगी? अच्छी लगी हो तो मुझे मेल करके जरूर बताएं. मेरी ईमेल आईडी – [email protected]

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