बीवी बन कर चुदी पड़ोसन

मेरे पड़ोस में एक परिवार रहता था. उनकी शादी को 5 साल हो गए थे लेकिन कोई बच्चा नहीं हुआ था. एक दिन भाभी ने मुझे बताया कि उनका पति नामर्द है. फिर क्या था, मैंने उन्हें मदद की पेशकश कर दी. इसके बाद क्या हुआ ये जानने के लिए तो आपको कहानी पढ़नी पड़ेगी…

हेलो दोस्तों, मेरा नाम समीर हैं और आज मैं अपनी एक सच्ची कहानी लेकर आप लोगों के सामने हाज़िर हूं, उम्मीद करता हूं आप सब लोग मेरी इस सेक्सी कहानी का मज़ा लेंगे.

अब मैं अपनी कहानी पर आता हूं. मेरे लण्ड की लंबाई 6.5 इंच और मोटाई 3 इंच हैं. बात आज से करीब 6 महीने पहले की है. उस टाइम मैं दिल्ली के एक कॉल सेंटर में काम करता था और वहीं पर किराये पे रूम लिया हुआ था.

मेरे रूम के सामने एक 30 साल की भाभी रहती थीं. उनका नाम नीता था. नीता भाभी के पति एक कंपनी में मैनेजर थे. उन दोनों की शादी को 5 साल हो गए थे लेकिन फिर भी कभी तक एक भी बच्चा नहीं हुआ था.

दोस्तों, भाभी देखने में बहुत ही सेक्सी थीं. उनका फिगर 34 30 36 का था, जो किसी को भी अपना दीवाना बनाने के लिए पर्याप्त था. शुरू – शुरू में जब मैं नया – नया था तो उन लोगों से मेरी बात बहुत कम होती थी लेकिन फिर धीरे – धीरे कुछ ही दिनों में हम हम लोगों के बीच काफी अच्छी दोस्ती हो गयी थी.

इसी तरह कुछ वक्त और बीता. इसी दरमियान भाभी का मोबाइल मुझे मिल गया. ये मत सोचिए की किसी दूसरे ने दिया, भाभी ने ही मुझे अपना मोबाइल नम्बर दिया था और मुझसे मेरा लिया था. धीरे – धीरे हमारे बीच व्हाट्सऐप पर चैटिंग होने लगी. पहले दिन में ही होती थी फिर रोज रात में भी होने लगी. लेकिन हमारे बीच बातें नॉर्मल ही होती थीं.

शुरू में सब एक दम नार्मल चल रहा था, लेकिन एक दिन जब मैं नीता भाभी के पास चीनी मांगने के लिए गया तो देखा कि वो काफी उदास बैठी हैं. उन्हें इस तरह उदास देख कर जब मैंने उनसे इस उदासी का कारण पूछा तो पहले तो उन्होंने कुछ नहीं बोल के मना कर दिया लेकिन फिर जब मैं नहीं माना और बताने के लिए ज्यादा जोर दिया तो उन्होंने कहा कि वो अपने पति से खुश नहीं हैं. उन्होंने मुझे बताया कि उनके पति नामर्द हैं. फिर इतना बोल कर वो रोने लगीं और मुझसे लिपट गईं.

तब मैंने उन्हें चुप कराया और कहा कि भाभी आप रो मत, अगर आपकी इच्छा हो और आप कहो तो मैं आपकी हेल्प कर सकता हूं. फिर इतना कह कर मैं चीनी ले के चला गया. उस टाइम उन्होंने मुझे कोई जवाब नहीं दिया.

फिर थोड़ी देर बाद भाभी ने मुझे फ़ोन किया और वो मुझसे बोलीं कि समीर, आज तुम्हारे भैया घर नहीं आएंगे और मुझे अकेले डर लगता हैं तो ऐसा करो आज रात को तुम मेरे पास ही सो जाओ और खाना भी यहीं आकर साथ में ही खा लेना. उनकी ये बात सुन कर मैं समझ गया कि उन्होंने फ़ोन क्यों किया है और आज रात क्या होने वाला है. खैर, फिर मैंने भी उन्हें हां बोल दिया.

किसी तरह रात को होने वाली घटनाओं के बारे में सोचते – सोचते दिन कट गया. शाम हुई और रात में खाने के समय मैं भाभी के यहां गया. जब भाभी ने गेट खोला तो मैं उन्हें देखता ही रह गया. उस टाइम उन्होंने नेट वाली लाल रंग की साड़ी पहनी हुई थी, जिसमें वो किसी अप्सरा जैसी लग रही थीं. उन्होंने मुझे खुद को ऐसे देखते हुए देखा तो बोलीं कि पहले अंदर तो आ जाओ, फिर जी भर कर देख लेना.

उनकी बात सुन कर मैं अंदर आ गया और फिर उन्होंने दरवाजा बंद कर लिया. अब क्या था! अंदर आते ही मैंने भाभी को अपनी बाहों में लिया और अपने होंठ को उनके होंठों पर रख दिया. भाभी भी बहुत प्यासी थीं तो वो भी मेरे किस का जवाब देने लगीं. करीब 5 मिनट तक ये किसिंग सीन चलता रहा. उसके बाद हम अलग हुए.

तब नीता भाभी बोलीं कि अभी तो पूरी रात बाकी है, पहले खाना खा लें उसके बाद मुझे भी जी भर के खा लेना, आज से मैं तुम्हारी भाभी नहीं तुम्हारी बीवी हूं. यह सुन कर मैंने एक बार फिर से उन्हें गले लगाया और माथे पर किस करके छोड़ दिया.

फिर भाभी ने खाना लगाया और हम ने जल्दी से खाना खत्म करके टीवी देखने लगे. टीवी पर एक इंग्लिस मूवी आ रही थी, जिसमे एक किसिंग सीन चल रहा था. उस सीन को देख नीता मेरे पास आई और मेरे होंठों को अपने होंठों में कैद करके चूसना शुरू कर दिया. मैं भी उसका बराबर सहयोग कर रहा था.

फिर धीरे – धीरे एक – एक करके मैंने नीता के सारे कपड़े उतार दिए. अब वो मेरे सामने एक दम नंगी थी. अब तक उसने भी मेरे सारे कपड़े निकाल दिये थे. इससे मेरा खड़ा लन्ड उछल के उसके सामने आ गया. उसे देख कर वो बोली कि मेरे पति का इससे काफी पतला और छोटा है.

मैंने कोई जवाब नहीं दिया. देता भी क्या? फिर मैंने उसके बूब्स को चूसना शुरू किया और धीरे – धीरे उसके चूत तक आ गया. फिर हमने अपनी पोजिशन बदली और 69 की अवस्था में आ गए.

अब वो मेरे लण्ड को और मैं उसकी चूत को चूस रहा था. वह एक दम लॉलीपॉप के जैसे मज़े लेकर मेरे लन्ड को चूस रही थी. उसके मुंह की गर्म सांसें मुझे जन्नत का सा एहसास करा रही थीं. इस बीच वो 2 बार झड़ चुकी थी. करीब 10 मिनट तक चली लन्ड चुसाई के बाद मैं भी उसके मुंह में झड़ गया और उसने मेरा सारा माल पी लिया.

झड़ने की वजह से लन्ड ढीला पड़ गया था लेकिन उसने मेरे लण्ड को चूस – चूस कर चुदाई के लिए फिर से तैयार कर दिया. अब मैंने भी समय न गंवाते हुए अपने लण्ड को उसकी चूत के छेद पर रख के एक ही धक्के में पूरा अंदर घुसा दिया और धक्के लगाने लगा. उसे दर्द होने लगा था इसलिए वो चिल्ला – चिल्ला कर लन्ड को बाहर निकालने के लिए कह रही थी मगर मैंने उसकी एक न सुनी और लगातार धक्के लगता रहा.

फिर थोड़ी देर में उसे भी मजा आने लगा और वो भी गांड उठा – उठा कर मेरा साथ देने लगी. एल बार लन्ड से पानी निकल चुका था इसलिए इस बार टाइम लग रहा था. करीब 30 मिनट तक हमारी यह चुदाई चली. लन्ड और चूत के इस युद्ध में वो 3 बार झड़ी और फिर जब मेरा आने को हुआ तो मैंने अपना सारा माल उसके चूत में ही डाल दिया. वह तृप्त हो गई थी और मुस्कुरा कर मेरी तरफ देख रही थी. दोस्तों, उस रात हमने 4 बार चुदाई की और फिर नंगे ही सो गए.

दोस्तों ये थी मेरी कहानी अगर मुझे कोई गलती हुई हो तो मुझे माफ़ कीजियेगा. आप सभी के सुझाव और सलाह सादर आमंत्रित हैं. आप मुझे मेल कर सकते हैं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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