बुआ की बेटी के साथ उसकी मम्मी को चोदा

बुआ ने मुझे अपनी बेटी के साथ चुदाई करते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया था. बेटी के टॉयलेट जाने पर उन्होंने मुझे धमकी दी कि मेरे पापा से बता देंगी. फिर कैसे मैंने उन्हें चोदा पढ़ें इस कहानी में…

दोस्तों, मेरा नाम राज है. एक बार मौका मिलने पर मैंने अपने बुआ की बेटी पूजा की चूत चोद दी थी. उस दिन मैं उन्हीं के घर पर था और बुआ जी कहीं बाहर गई हुई थीं. पहले तो वह चुदाई करवाना ही नहीं चाहती थी. उसने मुझे काफी मना किया लेकिन एक बार जब मैंने पकड़ लिया था तो फिर कैसे छोड़ देता.

उस चुदाई के बाद तो मेरी किस्मत ही बदल गई. अब तो मैं उसको रोज चोदने लगा था. उसका भी मन अब और रंगत में आ रहा था. हमें चुदाई करते हुए दो महीने हुए थे. इन 2 महीनों में मैंने उसकी चूत को कमरा बना दिया था.

मैं कभी उसकी चूत में नींबू डाल के चोदता था तो कभी विक्स रगड़ कर करता था. इससे उसकी चूत में जलन होती और उसको बड़ा मजा आता.

दोस्तों, पूजा की मां मतलब मेरी बुआ भी बड़ी कमसिन हसीना हैं. उनका फिगर 24 32 28 है. जब से मैंने पूजा को चोदा तभी से मेरी इच्छा बुआ को चोदने की भी थी लेकिन काफी टाइम तक मुझे ऐसा कोई मौका ही नहीं मिला, जिससे मैं बुआ को यह महसूस करा सकता.

आखिरकार एक दिन भगवान ने मेरी सुन ही ली. एक दिन मैं पूजा को अपने रूम में चोद रहा था. हम दोनों चुदाई में एक दम मस्त थे. ठंडी का महीना था. दोपहर का समय था और उस समय घर में केवल दादी भर थीं. इस मौके का फायदा उठा कर मैं और पूजा पूरी तन्मयता से लगे हुए थे. हमे चुदाई में कुछ ज्ञान ही नहीं रहा की कब बुआ घर पर आ गईं और हमारे पास आकर हमें देख रही थी.

तभी अचानक मेरी नजर उन पर चली गई और मैंने गौर किया की वो मुझे और पूजा को ऐसा देख के गुस्सा नहीं हो रही थीं बल्कि खुश हो दिख रही थीं. खैर, हम दोनों डर मारे के उठ कर बैठ गये. इसके बाद कपड़े पहनने के लिए भाग कर पूजा भाग के बाथरूम में चली गई. लेकिन मैं वहीं लेटा रहा.

मुझे ऐसे पड़े देख बुआ ने मुझसे कहा कि तुझे शर्म है या नहीं या अभी कुछ बाकी रह गया है. दोस्तों, मैं पक्का मुंह फट आदमी था. फिर मैंने डरते हुए ही सही लेकिन मैंने कह दिया कि काम पूरा हुआ ही नहीं और आप आ गईं.

यह सुन कर बुआ ने कहा कि मेरी बेटी से पेट नहीं भरा तो अब मुझसे भरेगा क्या? इस पर मैंने अपनी गर्दन हिला दी. दोस्तों, उधर पूजा कपड़े बदल रही थी और इधर उसकी माँ मेरे पास बैठ गईं और कहने लगीं कि रुक पापा को बोलती हूँ तेरे!

यह सुन कर मैं डर गया. मैं उनके पैर पकड़ने लगा और पापा से कुछ भी बताने को मना किया तो उन्होंने कहा कि एक शर्त पर नहीं बताऊंगी. मैंने बिना कुछ सुने ही कह दिया कि मुझे सब मंजूर है. फिर उन्होंने कहा कि जो तुमने मेरी बेटी के साथ किया है वही मेरे साथ भी करो.

दोस्तों, अंधा क्या चाहे दो आंखें. उनके इतना कहते ही मैंने उनके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और कपड़ों के ऊपर से ही उनके मम्मे मसलने लगा. उन्होंने साड़ी पहनी हुई थी.

फिर मैं उनके ब्लाउज के पीछे की तरफ हाथ ले गया और हुक को खोल दिया. इसके बाद ब्लाउज को खींच कर उतार दिया. अब वो ब्लैक ब्रा में थीं. जिसे भी मैंने खींच कर खोल दिया.

दोस्तों, इतने बड़े मम्मे देखते ही मैं पागल हो गया और जोर – जोर से मसलने लगा. जिससे उनकी सिसकारियां निकलने लगीं जो पूरे कमरे में गूंज रही थी. थोड़ी देर बाद वो काफी उत्तेजित हो गईं और कहने लगीं, “चोद दे मुझे, बुझा दे मेरी प्यास और मसल दे मुझे, मैं काफी दिनों से प्यासी हूँ, ओह्ह आह आह” और इतना कहते हुए वो ढीली हो गईं.

मैंने उनके मम्मों को खूब मसला और उनकी साड़ी खोल के पूरा नंगा कर दिया. इतने में उनकी बेटी पूजा आ गई. अब उसका भी डर निकल गया था क्योंकि अब उसकी माँ भी मेरे नीचे आ गई थी. अपनी माँ को ऐसी हालत में देख कर उससे भी रहा नहीं गया और उसने तुरंत अपने सारे कपड़े उतार दिए और मेरे पास आ गई.

दोस्तों, कहते हैं न कि ऊपर वाला जब भी देता है छप्पर फाड़ के देता है. अब बुआ मेरे ऊपर आ गई. वो बिलकुल नंगी थीं और पूजा मेरे नीचे थी. मैं बुआ की चूत चाट रहा था और पूजा मेरा लन्ड चूसने में लगी थी.

इतने में बुआ बेकाबू होने लगीं. यह मैं समझ गया. फिर मैंने अपना लंड पूजा के मुंह से निकाल कर बुआ की चूत पर रख दिया. दोस्तों, बुआ कई महीनों से चुदी नहीं थीं क्योंकि मेरे फूफा जी थोड़े कमजोर हैं और उनका काम कंस्ट्रक्शन का है, इसलिए वो अक्सर बाहर भी रहते हैं.

अब जैसे ही मैंने बुआ की चूत पर लंड रखा तो बुआ को दर्द होने लगा. तब पूजा ने बुआ के होंठ पर अपने होंठ रख दिए. फिर मैंने एक झटके में आधा लंड उनकी चूत में डाल दिया. इससे बुआ छटपटाने लगी, लेकिन मैंने देर न करते हुए एक झटका और दे दिया और पूरा लंड उनकी चूत में घुसा दिया.

इस पर बुआ ने पूजा को एक थप्पड़ मार दिया, जिससे पूजा हट गई और बुआ मुझसे कहने लगीं, “निकाल निकाल आह कुत्ते निकाल, जल्दी निकाल”. लेकिन मैंने उनकी एक न सुनी और जोर की चुदाई शुरू कर दी.

अब बुआ को मजा आने लगा. वो तो पहले से ही अनुभवी थीं, अब मेरा साथ देने लगी. तभी पूजा बुआ के मम्मों को मसलने लगी. इतने में बुआ का शरीर अकड़ने लगा और फिर थोड़ी देर बाद वह झड़ गईं.

दोस्तों, मैंने 23 मिनट तक बुआ को जम कर चोदा. अब मेरा भी शरीर अकड़ने लगा था तो मैंने बुआ को इशारा किया. तब बुआ ने कहा कि कब से प्यासी है तेरी बुआ अंदर ही निकाल दे.

उनके ये कहते ही मैंने जोर से झटके देने शुरू किए. अब फच्च फच्च की आवाज से पूरा कमरा गूंजने लगा और अंत में एक गर्म तेज रस की धार से मैंने बुआ की चूत को भर दिया. फिर मैं थक कर बुआ के ऊपर ही लेट गया और करीब आधा घंटा तक पड़ा रहा.

फिर मैंने पूजा की छोटी बहन नीलम को भी चोदा लेकिन इसकी कहानी अगली बार. ये कहानी आपको कैसी लगी मुझे मेल करके जरूर बताइएगा. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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