बुआ के बगल में लेटी चचेरी बहन को चोदा

फिर हम मेरे कमरे में पहुंचे. वहां बुआ मेरे बायीं ओर एयर तनु दायीं तरफ लेट गयीं. इसके बाद फिर मैंने लाइट बंद की और सोने की कोशिश करने लगा. ठंड का मौसम था. रात होने के साथ ठंड बढ़ने लगी. इस कारण तनु मेरे से चिपक गई…

हेलो दोस्तों, मेरा नाम अमन है और मैं 25 साल का हूं. मैं मध्य प्रदेश के जबलपुर का रहने वाला हूं. मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूं और लगभग सारी कहानियों को पूरा मज़ा लेकर पढ़ता हूं. हालांकि, इनमें से कुछ कहानियां सही तो कुछ झूठ लगती हैं लेकिन फिर भी ये अपना उद्देश्य पूरा करने में सफल रहती हैं. कहानी को पढ़ने के बाद हर पाठक वासना के वशीभूत हो जाता है और उसे बस चूत और लंड ही नज़र आते हैं.

अब इधर – उधर की बातों में अपना ज्यादा टाइम न खराब करते हुए सीधे अपनी कहानी पर आता हूं. ये मेरे साथ घटी एक सच्ची घटना है, इसमें मैं बताऊंगा कि कैसे मैंने एक साथ दो लड़कियों को चोदा.

एक बार मेरी आंटी मेरे घर आई हुई थीं. उनके साथ उनकी बेटी तनु भी आई थी. दोस्तों, मैंने तनु को 4 साल पहले देखा था, उस समय वो छोटी सी प्यारी बच्ची लग रही थी लेकिन अब वो पूरी माल बन गई थी. उसके बड़े – बड़े बूब्स, गोल और मोटी गांड का तो कहना ही क्या! उसका बदन ऐसा कि जो भी देख ले चोदने का ही मन करे.

जब मैं उससे मिला तो देखते ही मेरा लंड खड़ा होकर फुंफकारने लगा. क्या मस्त माल थी यार! मेरा तो मन हुआ कि वहीं के वहीं पटक के चोद दूं लेकिन चूंकि वो रिश्ते में मेरी बहन लग रही थी और मैं सामाजिक बंधनों में बंधा था तो कुछ नहीं कर पाया.

वो भी मुझे देख के काफी खुश थी. शायद इतने दिनों बाद हमारा मिलना उसे भी अच्छा लगा था. हमने आपस में ढेर सारी बातें कीं. ऐसा लग रहा था जैसे हमारी बातें ही नहीं खत्म होंगी.

रात हुई सब लोग खाने के बाद सोने की तैयारी करने लगे. घर के सारे बड़े लोगों ने नीचे सोने का निश्चय किया और बाकी लोगों को ऊपर मेरे कमरे में सोने के लिए बोल दिया गया. मेरे साथ तनु और मेरी बुआ को सोना था. मेरी बुआ की उम्र 28 साल थी.

फिर हम मेरे कमरे में पहुंचे. वहां बुआ मेरे बायीं ओर एयर तनु दायीं तरफ लेट गयीं. इसके बाद फिर मैंने लाइट बंद की और सोने की कोशिश करने लगा. ठंड का मौसम था. रात होने के साथ ठंड बढ़ने लगी. इस कारण तनु मेरे से चिपक गई.

तभी अचानक मेरी नींद खुली और मैंने तनु को खुद से चिपके हुए देखा. फिर क्या था, मैंने मौके का फायदा उठाया और हाथ उसकी पीठ पर रख कर उससे एक दम से चिपक गया. इसके बाद फिर धीरे – धीरे मैं उसकी पीठ सहलाने लगा. उसने कोई विरोध नहीं किया. इससे मेरी हिम्मत बढ़ गयी.

फिर मैं अपना हाथ आगे ले आया और उसके बूब्स पर रख कर धीरे – धीरे दबाने लगा. अब तक मेरा लंड खड़ा होकर एक टाइट हो चुका था. फिर जब बूब्स दबाने पर भी उसने कुछ नहीं कहा तो मैं अपना लंड उसकी चूत पर टच करने लगा.

लेकिन ये क्या. मुझे तो लग रहा था कि वो सो रही है लेकिन जैसे ही मेरे लंड ने कपड़ों के ऊपर से उसकी चूत पर धक्का मारा वैसे ही उसके मुंह से ‘आह आह’ की आवाज निकल गई. उसकी ये आवाज सुन कर मैंने अपना हाथ उसकी स्कर्ट के अंदर डाल दिया. दोस्तों, उसके बूब्स बहुत चिकने थे. मेरा हाथ उन पर लगते ही उसने अपनी आंखें ख़ोल दी. अब क्या था, मुझे ग्रीन सिग्नल मिल गया था.

फिर मैंने उसका स्कर्ट खींच कर उतार दिया. स्कर्ट उतारने में उसने मेरी पूरी मदद की. इसके बाद फिर मैंने उसकी ब्रा भी खोल दी. अब मेरे सामने उसके नंगे बूब्स थे, जिन्हें देख कर मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ और मैंने उन पर अपने होंठ लगा दिए. अब मैं उसके बूब्स चूस रहा था और वो अपने हाथ से उन्हें दबा – दबा कर मेरा सहयोग कर रही थी.

यह देख कर मैंने धीमी आवाज में उससे पूछा कि कैसा लग रहा है? तब वह अपना मुंह मेरे कान के पास लाकर बोली, “चप्प – चप्प करते रहो, ये आवाज सुनने में मज़ा आता है और बूब्स चुसाई का आंनद और बढ़ जाता है”. उसकी यह बात सुन कर मैं मुस्कुराने लगा.

फिर मैंने धीरे से उसको मेरा लंड चूसने को कहा तो वह मना करने लगी. लेकिन फिर जब मैं अपना मुंह उसके कान की लौ के पास ले जाकर फिर से लंड चूसने को कहा तो वह मान गयी. हम बहुत धीरे – धीरे बोल रहे थे क्योंकि हमें डर था कि हमारी तेज आवाज सुन कर कहीं बुआ न जाग जाएं.

फिर मेरा लंड चूसने के लिए वह अपनी पोजीशन चेंज करने ही वाली थी कि मैंने उसे पकड़ लिया और उसके कान की लौ चूसने लगा. मेरे ऐसा करते ही वह सिहर उठी और किसी तरह मुझसे छूट कर नीचे चली गई. इसके बाद उसने मेरे पैंट की चेन खोल कर लंड बाहर निकाला और घप्प से उसे मुंह में भर लिया.

दोस्तों, वह लंड चूसने में अनाड़ी थी लेकिन फिर भी जैसे ही उसने मेरा लंड मुंह में लिया, मुझे इतना गजब का फील आया कि मैं बता ही नहीं सकता. ऐसा लग रहा था जैसे मैं जन्नत में पहुंच गया हूं. इस दौरान मैं भी लगातार उसके बूब्स मसल रहा था.

लंड चुसवाने के बाद फिर मैंने उसे सीधे होने को कहा. जैसे ही वो सीधी हुई मैं उसकी पूरी बॉडी में किस करने लगा. वो भी मुझे लगातार किस किये जा रही थी. मैंने उसकी लिप्स और गांड तक में भी किस किया. क्या होंठ थे उसके मैं बता नहीं सकता. पूरी बॉडी पर किस करने से वह मदमस्त होकर तड़पने सी लगी थी.

अब मैंने भी देर करना ठीक नहीं समझा. मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खींच कर खोल दिया और उसे नीचे करने के बाद उसकी पैंटी को भी उतार दिया. इसके बाद अपना लंड उसकी चूत पर सेट किया और कम्बल ओढ़ लिया.

इसके बाद मैंने जोर का एक धक्का मारा. मेरा आधा लंड उसकी चूत को फाड़ता हुआ अन्दर घुस गया. उसे बहुत तेज दर्द हुआ और दर्द की वजह से वो रोने लगी. मैं पहले से ही होशियार था इसलिए उसके मुंह पर हाथ रख कर उसे चीखने से रोक दिया. अब वह मुझसे छूटने की कोशिश कर रही थी लेकिन मैंने अपने हाथों की पकड़ मजबूत बनाये रखी, जिससे वो मुझसे अलग नहीं हो पाई.

अब मैं उसे लगातार किस करने लगा ताकि उसका दर्द कुछ कम हो जाए. थोड़ी देर बाद फिर वो नॉर्मल हो गयी और उसकी दर्द भरी सिसकियां बंद हो गयीं तो dir मैंने एक धक्का और लगाकर पूरा लंड उसकी चूत में उतार दिया.

इसके बाद फिर मैं लगातार धक्के लगाने लगा. हालांकि अभी मेरे धक्कों की रफ्तार थोड़ी धीमी थी लेकिन जैसे – जैसे उसका दर्द कम होता जाता था और लंड चूत में अपनी जगह बनाता गया वैसे – वैसे मैं अपने धक्कों को रफ्तार बढ़ाने लगा. थोड़ी देर बाद उसे भी मज़ा आने लगा और अब वह भी नीचे से अपनी कमर हिलाने लगी. इस दौरान मैं लगातार उसके बूब्स भी मसलता जा रहा था.

करीब 30 मिनट की चुदाई के बाद फिर मैं उसकी चूत में ही झड़ गया. अब तक वो 3 बार अपना पानी छोड़ चुकी थी. फिर मैं उससे चिपक कर लेट गया. थोड़ी देर बाद फिर मेरा लंड खड़ा होने लगा और मैंने एक बार फिर से उसकी चुदाई की. दोस्तों, इसके आगे की कहानी मैं स्टोरी के अगले भाग में बताऊंगा. मेरी कहानी आप लोगों को कैसी लगी? मुझे मेल करके जरूर बताना. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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