बुआ की बहू ने मुझसे चुदवाया

फिर भाभी ने मुझे चाय नाश्ता दिया और फिर हम ऐसे ही बात करने लगे. फिर मैंने अचानक भाभी को अपनी तरफ खींचा और उनको किस करने लगा. वह भी मेरा पूरा साथ देने लगी थी और हम दोनों एक – दूसरे की मदहोशी में खो गए. फिर हमने धीरे – धीरे एक – दूसरे की कपड़े उतारना शुरू कर दिया और फिर हम पूरे नंगे हो गए…

हेल्लो दोस्तों! मेरा नाम निखिल है और मैं ठाणे महाराष्ट्र से हूँ. मेरी उम्र 26 साल है और बदन भी अच्छा खासा है. मेरा बदन किसी भी लड़की या भाभी को आसानी से पसंद आ जाता है.

अब आपको मैं अपनी एक सच्ची कहानी की तरफ ले चलता हूँ. मेरी यह कहानी साल 2015 की है. मेरी बुआ की बहू यानि कि मेरी भाभी जी का नाम रिंकू है और वह दहिसर में रहती हैं. रिंकू भाभी दिखने में काफी अच्छी लगती हैं. उनका बदन एक दम स्लिम और ट्रिम है और फिगर भी ठीक ही ठाक है. मगर वह स्वाभाव की काफी अच्छी हैं. हमारे सामने वह बहुत ही फ्रैंक हैं.

बात यूं हुई कि हम लोग पहले ज्यादा बात नहीं करते थे क्योंकि मैं कभी भी उनसे बात करने में कोई खास इंटरेस्ट नहीं लिया करता था. मगर एक दिन अचानक से मेरे पास वाट्सअप पर उनका मैसेज आया. उन्होंने लिखा था, ‘हेल्लो निखिल कैसे हो?’ मैंने भी उनका रिप्लाई किया. फिर कुछ वक्त तक यूंही हमारी नार्मल बातें होती रही.

फिर वह मुझे अपने ससुराल के बारे में बताने लगी कि कैसे उसके ससुराल वाले और उसका पति उनको दबाव में रखते हैं. उनका कहीं आना – जाना भी नहीं होता है और अगर वह कभी नीचे कुछ काम से भी जाती हैं तो उनकी सास जासूस बन कर साथ में ही जाती है.

मैं उनको दिलासा देता रहा और इसी तरह हम एक – दूसरे से काफी घुल मिल गए. अब वह अपनी सभी पर्सनल बातें मुझसे साझा करने लगी थीं. उसने मुझे अपनी सेक्स लाइफ के बारे में भी बताया कि कैसे वे लोग रोज़ सेक्स करते हैं.

इन सब बातों को सुन कर मुझे भी कुछ होने लगा जिससे मैं भी इन सभी बातों में रूचि दिखाने लगा जो उसे भी अच्छा लगने लगा था. एक दिन ऐसे ही बात करते – करते मैंने उनसे मज़ाक में ही बोल दिया कि मेरा भी मन कर रहा है कि आकर मैं तुम्हारे साथ सेक्स करूं. इतना बोल कर मैं थोड़ा डर गया था कि पता नहीं वह क्या बोलेंगी और मेरे बारे में क्या समझेंगी?

मगर उन्होंने जो जवाब दिया. उसको सुन कर तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ. दोस्तों, उन्होंने मुझे बोला – सच में मैं भी यही चाह रही हूँ. मगर तुमसे कह नहीं पा रही थी.

अब फिर मैंने बोला – तो देर किस बात की भाभी. आप बोलो तो कब और कहां पर मिलना है?

भाभी बोली – अरे निखिल, थोडा सब्र करो मौका मिलते ही मैं तुम्हें बता दूंगी कि कहां मिलना है.

फिर मैंने भी कुछ नहीं बोला और सही वक्त का इंतज़ार करने लगा. अचानक एक दिन मेरे पास भाभी का मैसेज आया. उन्होंने लिखा था, ‘निखिल जी इस शनिवार को मैं घर पर अकेली रहूंगी. घर के सभी लोग बाहर जा रहे हैं तो आप आ जाइये.

दोस्तों, इस मैसेज को पढ़ कर तो मेरी ख़ुशी का कोई ठिकाना ही नहीं रहा और मैं ख़ुशी के मारे पागल हो गया था. मैं काफी उत्सुक था और इंतजार कर रहा था कि कब शनिवार आएगा और मैं भाभी के पास जाऊंगा. आखिर कार जैसे – तैसे दिन कटते गये और वह दिन भी आ ही गया.

नवंबर का महीना था. मैं 7 बजे ही उनके घर पर पहुँच गया. मुझे देख कर वह काफी खुश हुई. फिर अंदर जाकर मैंने उनको कस कर गले से लगाया और फिर हम सीधे जाकर बेडरूम में पलंग पर बैठ गए.

फिर भाभी ने मुझे चाय नाश्ता दिया और फिर हम ऐसे ही बात करने लगे. फिर मैंने अचानक भाभी को अपनी तरफ खींचा और उनको किस करने लगा. वह भी मेरा पूरा साथ देने लगी थी और हम दोनों एक – दूसरे की मदहोशी में खो गए. फिर हमने धीरे – धीरे एक – दूसरे की कपड़े उतारना शुरू कर दिया और फिर हम पूरे नंगे हो गए.

अब हम दोनों एक – दूसरे के साथ बातें करने लगे और बातों के साथ – साथ मस्ती भी करने लगे थे. कभी वह मेरे होंठों को चूसती तो कभी मैं उनके होंठों को और कभी मैं उनकी मस्त नरम चूंची को चूसता. चूंची चूमते समय मैं थोड़ा काट भी लेता था. जिससे वह और गरम हो जाती.

आखिर वह भी कब तक सहन करती. अब हम दोनों ही काफी गरम हो चुके थे. मेरा औज़ार सख्त हो गया था और उसमें से थोड़ा पानी भी आ रहा था. तभी भाभी ने मुझसे बोला – निखिल, अब मत तड़पाओ मुझे. प्लीज जल्दी से अंदर डाल दो न. अब मुझसे नहीं रहा जा रहा है.

फिर मैंने भी उसको तड़पाना ठीक नहीं समझा आखिरकार आग दोनों तरफ बराबर की लगी थी. इसीलिए मैंने भाभी को पीठ के बल लेटाया और उनके ऊपर आ गया और फिर मैंने अपना औज़ार उनके योनि के प्रवेश द्वार पर रखा और एक हल्का सा झटका मारा. जिससे मेरा लंड अंदर फिसलता हुआ चला गया.

भाभी की हलकी सी चीख निकल गयी और वह बोलने लगीं – आह!आह! थोड़ा धीरे से डालो न राजा. मैं कहीं भागी नहीं जा रही हूँ.

मगर इन सब बातों पर ध्यान न देते हुए मैंने लगातार अपने धक्के चालू रखे. अब मुझे भी काफी मज़ा आने लगा था और वह भी अपनी आँखें बन्द करके मुझसे लिपट गयी थी. करीब 5-10 मिनट के बाद उसका बदन एक दम से अकड़ने लगा और उसने मुझे बहुत जोर से पकड़ लिया.

जिससे उसके नाख़ून मेरी पीठ में चुभ गए और वह जोर से झड़ गयी. मगर मेरा वीर्य पात अभी तक नहीं हुआ था सो मैं अपने धक्के को चालू रखा और अब मैंने अपनी रफ़्तार भी थोड़ी और बढ़ा दी थी. जिससे भाभी को भी फिर से जोश आ गया और वह मुझसे बोलने लगी – हां हां, निखिल और जोर से करो और जोर से. आज मुझे पूरी तरह से संतुष्ट कर दो. आह!आह! मैं गईईई.

उनके इस तरह की आवाज़ से मैंने भी अपने ऊपर से अपना काबू खो दिया और अपनी रफ्तार को और बढ़ा दिया. तभी भाभी बोली – अब जल्दी से निकाल दो. मेरे पति के आने का वक़्त हो गया है.

मैंने भी टाइम देखा तो 8.20 हो रहे थे और मुझे भी वापस ठाणे आना था, सो मैं तेजी के साथ धक्के मरता गया. करीब 5 मिनट के बाद मेरा भी निकलने वाला था तो मैंने भाभी से बोला कि भाभी, मेरा आने वाला है किधर निकालूं?

तो भाभी बोली – अंदर ही निकाल दो निखिल. मैं तुम्हारे गरम पानी को अपनी चूत के अंदर लेना चाहती हूँ.

मैंने कहा – ठीक है भाभी. मगर कहीं कुछ गड़बड़ तो नहीं हो जाएगी?

तो वह बोली – कुछ नहीं होगा मैं वाश कर लूंगी.

उनके इतना बोलते ही मेरा पानी निकलने लगा और मेरे पानी से उनकी चूत भर गई. अब वह भी मेरा पानी अपने अंदर लेकर काफी संतुष्ट हो गयी थीं.

इसके बाद थोड़ी देर तक हम दोनों ऐसे ही लेटे रहे और फिर उठ कर बाथरूम में गए और खुद को साफ़ किया. उसके बाद बाहर आकर मैंने जल्दी से कपड़े पहने और निकलने की तैयारी करने लगा. भाभी ने मुझे जाते – जाते एक किस दी और बोली – अब जब कभी मौका मिलेगा मैं तुम्हे बुलाऊंगी और तुम वादा करो कि तुम जरूर आओगे.

मैंने भाभी को आने का वादा किया और फिर वहां से चला आया. मैं भी काफी थक गया था और मैं घर पहुंच कर खाना खाकर सो गया. इसके बाद भी हमारा ये सिलसिला जारी रहा और भाभी ने मुझे अपनी कुछ सहेलियों से भी मिलवाया और मैंने उन्हें भी संतुष्टि का अच्छा अनुभव करवाया.

अब वह सब मुझे बुलाती हैं और काम होने के बाद अच्छे – खासे पैसे भी देती हैं. अब मैं अपनी जॉब के साथ – साथ मेरा ये वाला साइड बिज़नेस भी करने लगा हूँ. तो दोस्तों ये थी मेरी कहानी जो एकदम सच्ची घटना है. आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी मुझे मेल करके जरूर बताएं. मुझे आपके मेल का इंतजार रहेगा. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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