बुआ पहले बाथरूम में फिर बेडरूम में चुदीं

इस कहानी में मैं बताऊंगा कि कैसे मैंने अपनी बुआ को अपने घर बुलाया और उनके नंगे बदन को देख कर जब मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ तो कैसे मैंने उनकी चुदाई की…

हेलो दोस्तों, मेरा नाम आर्यन है. मेरी उम्र 20 साल है और मैं 12वीं में पढ़ता हूं. आज मैं आप लोगों को एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूं. ये कहानी मेरी और मेरी बुआ की है.

बुआ का नाम पूनम है और वह बहुत ही हॉट हैं. उनकी शादी हो चुकी है और उनकी ससुराल हमारे घर से थोड़ी ही दूर पर है. दोस्तों, मेरे मम्मी – पापा दोनों जॉब करते हैं. एक दिन दोनों जॉब के सिलसिले में 2-3 दिन के लिए शहर से बाहर चले गए. अब घर में केवल मैं ही बचा था तो मैंने सोचा कि चलो बुआ को ही बुला लेता हूं, दो लोग हो जाएंगे.

फिर मैंने उनको फोन किया और कहा कि बुआ आप 2-3 दिन के लिए मेरे घर रहने आ जाओ. आप भी घर पर अकेली हो और मैं भी अकेला हूं तो दोनों का टाइम कट जाएगा. दोस्तों, मैं आपको बताना ही भूल गया कि मेरे फूफा दूसरे शहर में नौकरी करते हैं और बुआ को कोई बच्चा भी नहीं है. इसलिए वो घर में अकेली ही रहती थीं.

मेरे कहने के करीब 2 घण्टे बाद बुआ हमारे यहां आ गईं. उस दिन उन्हें देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया. उन्होंने एक दम टाइट कपड़े पहन रखे थे, जिसमें से उनके बदन का हर एक कट साफ नज़र आ रहा था.

फिर मैंने उन्हें बैठाया और पानी पिलाया. पानी पीने के बाद वो बैठी रहीं. मैं उनके सामने सोफे पर बैठा था. हम बात करते जा रहे थे लेकिन मेरी नज़रें अभी भी उनके जिस्म से हट नहीं रही थीं. तभी अचानक बुआ मुस्कुराने लगीं. पहले तो मैं समझ नहीं पाया लेकिन फिर जब मेरा ध्यान मेरे लंड की तरफ गया तो सारा माजरा समझ में आ गया. मेरा लंड लोवर में तंबू बना था और बुआ का सारा ध्यान उसी पर था. फिर मैंने इधर – उधर करके उसे छुपा लिया.

फिर थोड़ी देर बाद बुआ उठीं और टॉयलेट करने के लिए बाथरूम चली गईं. जब वो काफी देर तक बाहर नहीं निकलीं तो मैं बाथरूम के दरवाजे के पास गया और होल से अंदर देखने लगा. अंदर बुआ पूरी नंगी होकर अपनी चूत में उंगली कर रही थीं. यह देख मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ और मैं जोश में आकर वहीं मुठ मारने लगा. कुछ ही देर में मैंने वहीं पानी छोड़ दिया.

फिर मैं वापस आकर सोफे पर बैठ गया और बुआ की चुदाई करने के तरीकों के बारे में सोचने लगा. थोड़ी देर बाद मेरे कुछ दोस्त खेलने के लिए मुझे बुलाने आये. तब मैं बाथरूम के पास गया और उनसे बोला कि मैं खेलने जा रहा हूं, थोड़ी देर में आ जाऊंगा. उन्होंने भी जाने को कह दिया.

अब मैं दोस्तों के साथ चला तो गया था लेकिन मेरा मन नहीं लग रहा था इसलिए मैं वहां से जल्दी ही वापस आ गया. बुआ मुझे अभी भी कहीं नहीं नज़र आ रही थीं तो पहले मैंने उन्हें इधर – उधर देखा लेकिन जब कहीं न दिखीं तो मैं दोबारा बाथरूम के दरवाजे के पास पहुंच गया. वो अंदर ही थीं और नहा रही थीं.

मैं उन्हें नहाते देखने लगा. अंदर शॉवर से पानी गिर रहा था और बुआ उसके नीचे नंगी खड़ी नहा रही थीं. यह देख कर मैं समझ गया कि मेरी बुआ शांत करने के लिए ठंडे पानी से नहा रही हैं. उन्हें नहाते देख मैंने एक बार फिर मुठ मारी और वापस आकर सोफे पर बैठ गया.

बुआ टॉवल ले जाना भूल गई थीं और उन्हें ये भी नहीं पता था कि मैं वापस आ गया हूं तो वो नंगी ही बाहर आ गईं. उन्हें नंगा देख कर मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया. मैं उन्हें घूरे जा रहा था. तभी उनकी नज़र मेरे ऊपर पड़ी. मुझे वहां पर देखते ही वो झट से वापस बाथरूम में चली गईं और अपने गीले कपड़े पहन कर वापस आईं. कपड़े गीले होने की वजह से उनके मम्मे और एक दम साफ दिखाई दे रहे थे. मैं उन्हें देखता रहा लेकिन बोला कुछ नहीं. उन्होंने भी कुछ नहीं कहा. फिर हमारा वो दिन ऐसे ही निकल गया. कुछ नहीं हो सका.

अब मेरे पास सिर्फ एक दिन बचा था. क्योंकि अगले दिन मेरे मम्मी – पापा को आना था. इसलिए मैंने सोच लिया कि अब जो भी करना है जल्दी करना है.

फिर अगले दिन मैं घर से बाहर कहीं नहीं गया. जब वो नहाने गईं, मैंने खुद के सारे कपड़े उतारे और बाथरूम का दरवाजा बाहर से खोल कर अंदर घुस गया. दोस्तों, मैं अपने बाथरूम का दरवाजा बाहर से भी खोल लेता हूं. मुझे अंदर देख के वो घबरा गईं और अपने कपड़ों से खुद को छुपाने लगीं.

अब चूंकि मुझे ही कदम आगे बढ़ाना था तो मैंने कहा कि बुआ मुझे भी आपके साथ नहाना है. पहले तो वो मना करती रहीं और बोलीं कि किसी को पता चल जाएगा तो हम दोनों की खैर नहीं होगी. इस पर मैंने कहा कि यहां पर हमारे अलावा और कोई नहीं है, तो किसी को कैसे पता चलेगा. लेकिन वो थीं कि मान ही नहीं रही थीं. मैं भी कम नहीं था, साथ नहाने की ज़िद करता रहा. आखिर वो भी मान गईं.

अब उन्होंने दोबारा से अपने सारे कपड़े साइड में रख दिए. इसके बाद हम दोनों साथ में नहाने लगे. वो एक दम नंगी थीं. उन्हें नंगी देख के मेरा लंड खड़ा हो गया था. फिर थोड़ी देर बाद उन्होंने मुझसे कहा, “आर्यन, मेरा हाथ कमर पर नहीं पहुंच रहा है, तुम साबुन लगा दो न”.

यह सुन कर मैं बहुत खुश हुआ. मैं समझ गया कि अब मेरा काम हो जाएगा. वो खड़ी थीं और मैं भी खड़े होकर उनकी पीठ में साबुन लगाने लगा. साबुन लगाते हुए जब मैं आगे बढ़ा तो मेरा लंड उनकी गांड पर टच हो गया. वाह, क्या फील था! खैर, मैं साबुन लगाता रहा.

उन्होंने कुछ नहीं कहा तो मेरी हिम्मत बढ़ गई और धीरे – धीरे मैं अपना हाथ उनकी गांड पर ले गया दबाने लगा. इतने पर भी जब उनकी तरफ से कोई विरोध नहीं हुआ तो फिर मैंने शॉवर बंद कर दिया और उन्हें किस करने लगा.

अब उन पर भी चुदाई का भूत सवार हो चुका था. वो भी मेरा साथ देने लगीं. फिर थोड़ी देर किस करने के बाद उन्होंने मेरा लंड पकड़ा और उसे हिलाने लगीं. यह देख मैं बहुत खुश हुआ. फिर उनसे अलग होकर मैंने उनकी टांगें उठाई और दीवार पर टिका कर खड़े – खड़े ही लंड उनकी चूत में डाल दिया. दोस्तों, मेरी बुआ लगभग मेरे जितनी ही लंबी थीं इसलिए खड़े – खड़े चुदाई करने में ज्यादा दिक्कत नहीं हुई.

अब मैं लगातार धक्के मारते हुए उनकी चुदाई कर रहा था. बुआ को भी मज़ा आ रहा था. तभी उन्होंने कहा कि तेरे फूफा कुछ नहीं कर पाते हैं. इस पर मैंने कहा कि वो साला बूढ़ा है, खड़ा ही नहीं होता होगा, तभी तो हम मस्ती कर रहे हैं, अगर वो कर पाते तो आप कहां मेरे नीचे आतीं. मेरी ये बात सुन कर बुआ हंसने लगीं.

काफी देर तक ऐसे खड़े – खड़े ही चुदाई करने के बाद जब हमारी टांगें थकने लगीं तो मैं उन्हें बेडरूम ले गया और उन्हें लिटाकर चुदाई करने लगा. उनके मुंह से सिसकियां निकल रही थीं, जिसे सुन कर मेरी रफ्तार लगातार बढ़ रही थी. करीब 10 मिनट तक लिटा कर चुदाई करने के बाद मैंने अपना वीर्य उनकी चूत में भर दिया और फिर हंस कर कहा कि लो अब मैंने आपके अंदर अपना बीज बो दिया है, अब आपकी चूत रूपी उर्वर जमीन से पैदा होने वाली नई फसल मेरी होगी. यह सुन कर बुआ हंसने लगीं. मैं भी हंसने लगा.

फिर उस दिन हमने कई बार चुदाई की. अगले दिन जब बुआ गईं तब तक मैंने उनकी इतनी चुदाई कर दी थी कि उनसे ठीक से चला भी नहीं जा रहा था. उस दिन से आज करीब 1 साल हो चुके हैं. इस एक साल के दौरान मैंने कम से कम 20 बार अपनी बुआ को चोदा है.

जब भी उनका मन करता है वो हमारे घर आ जाती हैं और हम चुदाई के खेल में मशगूल हो जाते हैं. अभी वो कल भी आईं थी और हम अपना काम कर ही रहे थे कि तभी वो भोसड़ी वाला मेरा फूफा आ गया और लेकिन हम बच गए. वो बाहर से सीधा वहीं आया था क्योंकि उनके घर पर ताला बंद था. जब उसने आवाज दी तो बुआ झट से बाथरूम में घुस गईं और मैं गेट खोलने चला गया. आपको मेरी कहानी कैसी लगी, कमेंट करके जरूर बताएं.

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