चाचा की लड़की की चूत फाड़ चुदाई

फिर हम 69 की पोज़िशन में आ गये और मैंने अपना मुंह उसकी चूत पर रख दिया और जीभ को चूत में अंदर – बाहर करने लगा. मेरे ऐसा करने से वो और जोश में आ रही थी. वो बार – बार अपनी कमर ऊपर उठा रही थी. उसकी आवाज़ तेज होती जा रही थी. अब वो बोलने लगी – जान, अब नहीं रहा जा रहा मुझसे, अब देर न करो और लंड डाल दो चूत में…

हेल्लो दोस्तों! मैं अंतर्वसना को पिछले 6 साल से पढ़ रहा हूं. मैंने कई बार अपनी कहानी लिखने की कोशिश की, लेकिन टाइम नहीं मिल पाया. फाइनली अब मौका मिला तो मैंने लिख दी.

यह बात आज से 6 साल पहले की है. जब मैंने कॉलेज में एडमिशन लिया था. मैंने स्कूल बहुत चेंज किए हैं और यही रीज़न रहा है कि मुझे सेक्स करने में 18 साल लग गये. या यह कहें कि मेरे नसीब में चूत मिलनी ही अब थी.

आप लोगों का टाइम ज्यादा न खराब करते हुए मैं अपनी कहानी पर आता हूं. यह मेरी पड़ोसन अंजलि की कहानी है, जो मेरे चाचा की लड़की है. अंजलि का फिगर 34-28-32 है, लेकिन उसकी हाइट थोड़ी कम रह गई, वरना माल तो बहुत तगड़ा है. मेरी और उसकी सेटिंग बचपन से ही थी, लेकिन फाइनली मौका मिला मेरे 12वीं के एग्जाम के बाद की छुट्टियों में.

मेरा उसके घर आना जाना आम बात थी. कोई हम पर शक नहीं करता था. लेकिन हमें प्सार करने का टाइम नहीं मिल पा रहा था. किसी दिन किस कर लेते या किसी दिन मैं उसके बूब्स दबा देता था. लेकिन सब्र का फल मीठा होता है मैंने बस यह सुना था. लेकिन जब मिला तो यकीन हो गया.

तो फाइनली हमें भी प्यार करने का टाइम मिल गया. उसके पापा की शूज की शॉप थी. जब वो वहां गये हुए थे और उसकी मम्मी उसके मामा के यहां गई हुई थी. उस दिन उसका फोन आया कि आज वो घर पर अकेली है. तो फ़िर क्या था, नेकी और पूछ – पूछ. मैं सब काम छोड़कर उसके घर पहुंच गया और जाते ही सबसे पहले मैंने उसका मेन गेट बंद किया. फिर उसे वहां से ही हग करके उसके रूम में ले गया और उसे किस करना शुरू कर दिया. सालों की आग आज बुझने वाली थी.

मैं उसे किस किए जा रहा था और उसके बूब्स दबा रहा था. वो मेरे लंड के साथ खेल रही थी. फिर मैंने उसका सूट और अपनी शर्ट निकाल दिया. उसने लाल रंग की ब्रा पहन रखी थी. उसके 34 के साइज़ के बूब्स क्या लग रहे थे! मन कर रहा था कि उन्हें खा लूं. फिर मैंने उसकी ब्रा भी निकल दी और उसके बूब्स को मुंह में लेकर पीने लगा. उसके मुंह से मादक आवाज़ निकालने लगी. मैं उसके पूरे शरीर को चूमने पर लगा हुआ था.

धीरे – धीरे मैं उसके पेट पर चूमते हुए उसकी चूत तक पहुंच गया और सलवार के ऊपर से चूत पर किस कर लिया. उसकी चूत पूरी गीली हो चुकी थी और उसका वो गीलापन सलवार पर भी महसूस हो रहा था. मैं खड़ा हुआ और फिर मैंने उसकी सलवार और पैंटी भी निकाल दी. अब वो मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी. क्या लग रही थी! 34″ के बूब्स और बिना बालों वाली गुलाबी चूत जो आज मेरी होने वाली थी. फिर मैंने अपनी भी जीन्स और अंडरवियर को निकाल दिया और मेरा 8 इंच का लंड‍ सीधा उसके सामने आ गया.

अब मैं फ़िर से उसके ऊपर आ गया और उसे किस करने लगा. फिर मैं एक हांथ से उसकी चूत को टच करने लगा. फिर मैंने अपनी एक अंगुली उसकी चूत में डाल दिया. उसकी चूत बहुत गरम थी, लगा कि मेरी अंगुली जल जाएगी. और फिर मैं अंगुली को अंदर – बाहर करने लगा. उसकी आवाज़ तेज होने लगी. मुझे भी जोश आने लगा था.

मैं ऊपर उठा और अंजली को लंड‍ मुंह में लेने को बोला. पहले तो वो मना करने लगी, लेकिन मेरे बोलने पर मुंह में लेकर चूसने लगी. उसने पहली बार लौंड़ा मुंह में लिया था, तो उसे नहीं पता था कि कैसे सक करते हैं. लेकिन फिर भी मेरे बोलने पर उसने सक करना शुरू किया.

फिर हम 69 की पोज़िशन में आ गये और मैंने अपना मुंह उसकी चूत पर रख दिया और जीभ को चूत में अंदर – बाहर करने लगा. मेरे ऐसा करने से वो और जोश में आ रही थी. वो बार – बार अपनी कमर ऊपर उठा रही थी. उसकी आवाज़ तेज होती जा रही थी. अब वो बोलने लगी – जान, अब नहीं रहा जा रहा मुझसे, अब देर न करो और लंड डाल दो चूत में.

अब मैं सीधा हुआ और उसके ऊपर आ गया और लंड को उसकी चूत पर रगड़ने लगा. मुझे पता था कि यह उसका पहली बार है और उसे दर्द होगा तो मैं उसको किस करने लगा और लंड‍ धीरे – धीरे अंदर करने लगा. जैसे ही लंड का टोपा चूत में गया. वो ज़ोर से चिल्ला पड़ी, लेकिन किस करते हुए मैंने अपने होठों से उसके मुंह को बंद कर रखा था. इस कारण उसकी आवाज़ बाहर नहीं निकल सकी.

वो मुझे अपने ऊपर से हटाने लगी, लेकिन मैंने उसे समझाया और लगातार किस करता रहा. जब वो थोड़ी नॉर्मल हुई तो मैंने एक झटका और मारा और आधा लंड उसकी चूत में घुसता चला गया. झटका इतना ज़ोर का था कि उसकी आखों से आंसू निकल आए और मुंह होठों में कैद होने के कारण उसकी आवाज़ गले में ही दब गई.

उसकी चूत से खून निकलने लगा था. मैं 5 मिनट बिना हिले ऐसे ही उसके ऊपर लेटा रहा और किस करता रहा. जब वो नॉर्मल हुई तो मैं आधा लंड‍ ही अंदर – बाहर करने लगा. कुछ देर बाद वो भी अपनी कमर ऊपर – नीचे करने लगी. अब उसे भी मज़ा आने लगा था, लेकिन अभी आखिरी शॉट तो बचा था. मैंने उसे बिना बताए ज़ोर से झटका मारा और पूरा लंड‍ चूत में चला गया.

वो रोने लगी और मेरे नीचे से निकलने की कोशिश करने लगी, लेकिन मैंने उसे ज़ोर से पकड़ रखा था. मैं कुछ देर ऐसे ही बिना हिले डुसे उसके ऊपर पड़ा रहा. जब मुझे लगा कि अब उसका दर्द कम हो गया है तो मैं धीरे – धीरे लंड को अंदर – बाहर करने लगा. वो भी अपनी कमर हिलाने लगी थी, तो मुझे इशारा मिल गया.

मैंने अब अपना लौड़ा ज़ोर – जोर से अंदर – बाहर करना शुरू कर दिया और अब उसकी चीख मादक आवाज़ में बदल कर तेज़ हो गई थी. फिर मैंने उसके पांव अपने कंधों पर रख लिए और उसे जोर – जोर से चोदने लगा. इस बीच वो 2 बार झड़ चुकी थी. इतनी जबरदस्त चुदाई से उसकी हालत अब खराब होने लगी थी. उसे दर्द भी हो रहा था और वो मुझे रुकने को बोल रही थी, लेकिन मेरे ऊपर तो चोदने का भूत सवार था. मैं उसकी बिना सुने ही चोदे जा रहा था.

अब मेरा भी होने वाला था, तो मैंने अपनी स्पीड और तेज़ कर दी. 15- 20 झटकों के बाद मैं भी झड़ गया और उसके ऊपर ही लेट गया. 20 मिनट बाद हम उठे तब उसे बहुत दर्द हो रहा था और चादर पर खून लगा हुआ था. मैंने उसे उठाया और बाथरूम लेकर गया. फिर मैंने उसकी चूत साफ की और फिर उसे रूम में लाकर लिटा दिया.

अब उसके पापा के आने टाइम हो रहा था, तो मैंने उसे किस किया और अपने कपड़े पहन कर वहां से अपने घर आ गया. इसके बाद से अब जब भी हमें मौका मिलता है, हम चुदाई करते रहे हैं. लेकिन अब मैं कॉलेज आ गया था तो उससे मिलना कम हो गया है.

अभी के लिए इतना ही, लेकिन कहानी में मोड़ अभी आना वाकी है वो आगली बार. उम्मीद करता हूं आप सब को मेरी कहानी पसंद आई होगी. अपने कॉमबेंट देने के लेए मुझे मेल करें. मैं आपके मेल का इंतेज़ार करूंगा. आगे की कहानी मैं आपके मेल मिलने के बाद लिखूंगा.

मेरी मेल आईडी है – [email protected]

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