चाची की चुदास भरी सिसकियां

उसके बाद दोबारा मैंने उसके बूब्स दबाये किस किया. जिससे वो फिर से गरम हो गई. फिर मैंने अपने लंड पर कंडोम चढ़ाया और उसकी चूत पर रगड़ने लगा. वो तड़प उठी और मुझे नीचे खीचने लगी थी. वो चाहती थी कि मैं तुरन्त ही लन्ड उसकी चूत में डाल दूं…

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम आयुष है और मैं नई दिल्ली में रहता हूँ. अभी मेरी उमर 24 साल है. मेरी ये कहानी मेरी और मेरी चाची पायल के ऊपर हैं. मैं दिल्ली के सरोजिनी नगर इलाके में रहता हूँ और हमारी जॉइंट फैमिली है. जिसमें मैं, मेरे मम्मी – पापा और मेरे चाचा – चाची रहते हैं.

ये बात साल 2014 की है. मेरे चाचा एक ट्रैवेल कंपनी में काम करते हैं. इसलिए उनको हमेशा बाहर विदेशी लोगों को घुमाने ले जाना पड़ता है. मेरी चाची की उम्र 32 साल है और उनका फिगर दिशा पाटनी के जैसा है.

बात शुरू होती है 14 मार्च से. उस दिन मेरे चाचा घर पर ही थे. वो अभी – अभी 1 ग्रुप का टूर खत्म करा के आये थे. उस रात को मैं पानी पीने के लिए गया तो उनके रूम से सिसकारियों की आवाज़ आ रही थी. मैंने ध्यान से उनकी सिसकारी सुनी. वो सिसकी करीब 5 मिनट में बंद हो गयी थी.

उसके बाद चाची की बोलने की आवाज़ सुनाई दी, “तुम तो 10 दिन बाद आते हो उसमे भी जल्दी ही थक जाते हो.” वो चाचा को कोस रही थीं. उस दिन मुझे समझ में आया कि चाची बहुत प्यासी हैं. उस दिन से मैंने चाची के ऊपर ध्यान देना स्टार्ट कर दिया.

रात को खाना खाने के बाद चाची के रूम में जाना और उनसे बातें करना, टीवी देखना ये भी शुरू कर दिया. फिर ये सिलसिला करीब एक हफ्ता तक चला. एक रात को मैं और चाची टीवी देख रहे थे. उसमें ‘शूटआउट एट वडाला’ मूवी आ रही थी. उस मूवी में सेक्स का सीन आया, जिसे हम दोनों ने देखा. फिर मैं सोने अपने रूम में आ गया.

थोड़ी देर बाद मैं टॉयलेट जाने लगा तो मुझे चाची के रूम से फ़ोन पर बात करने की आवाज़ सुनाई दी. चाची किसी से फोन पर सेक्स की बात कर रही थीं. उनकी सिसकारियों की आवाज़ बहुत तेज आ रही थी. शायद वो अपनी चूत में उंगली डाल रही थी और कह रही थी, “जल्दी आ जाओ टूर खत्म करके. मुझसे नहीं रहा जाता अब बिना लन्ड के.”

उसके एक घंटे बाद आवाज़ आना बन्द हो गयी थी. शायद चाची उंगली करके सो गई थी. अगले दिन मैंने चाची से कहा, “चाची, कल रात आप को क्या हो गया था?” यह सुन कर तो वो एक दम से सकपका गयी और कहने लगी, “कुछ भी तो नहीं हुआ था.” तो मैंने डायरेक्ट चाची से बोल दिया, “चाची, मैंने सब सुन लिया है. आप बहुत प्यासी हैं और आपको प्यार की जरूरत है.”

उसके बाद मैं चाची के नजदीक गया और उनको किस करने लगा. तो चाची ने कहा, “अभी नहीं, अभी तुम्हारी मम्मी यहीं हैं. रात को रूम में आना.” मैंने कहा ठीक है.

अब मैं अपने रूम में चला आया. अब मुझे रात का वेट था. इस दौरान शाम को मैंने चाची को कहा कि आज आप जैसे सुहागरात पर तैयार थीं वैसे ही तैयार रहना. तो उन्होंने कहा ठीक है. इसके बाद फ़िर मैं केमिस्ट की दुकान में गया और वहां से कंडोम, वायग्रा और नींद की गोली ले आया.

रात को मम्मी – पापा के खाने में मैने नींद की गोली डाल दी और वायग्रा की गोली मैंने खुद खा ली. अब मुझे इंतजार था तो मम्मी – पापा के सोने का. वो भी एक घंटे में ही बेहोस हो गए.

उसके बाद मैंने चाची को कहा कि तैयार हो जाओ. तो उन्होंने कहा, “बस हो रही हूँ.” करीब 20 मिनट के बाद चाची ने मुझे अपने रूम में बुलाया. जब मैं गया तो उन्हें देखता रह गया. उन्होने अपनी शादी वाला लहँगा पहना हुआ था. वो बिल्कुल नई दुल्हन की तरह सजी हुई थीं.

अब मैं उनके पास गया और उनका घूंघट उठा कर उनके होंठों के ऊपर टूट पड़ा. वो भी मेरा साथ एक भूखी शेरनी की तरह देने लगी. मैं धीरे – धीरे उनके बूब्स दबाने लगा. इससे उनकी सिसकियां निकलने लगीं. उनकी सिसकारियों का तो कहना नहीं था!

फिर मैंने उनके ब्लाऊज को उतारा तो देखा कि उन्होंने पिंक ब्रा पहनी हुई थी. जोकि बहुत हॉट लग रही थी. फिर मैंने उनकी ब्रा को भी उतार दिया. उनके बूब्स देख कर तो मैं पागल ही हो गया था.

उनके लाइट ब्राउन निप्पल वो भी टाइट हो रखे थे. पहले तो मैंने उनको खूब दबाया और फिर खूब चाटा भी. अब वो तो एक दम पागल ही हो गई थी. उन्होंने मेरे पीठ पर नाखून गड़ा दिए. फिर धीरे – धीरे मैं नीचे उनके पेट पर किस करने लगा. जिससे वो बहुत उत्तेजित हो गयी.

फिर मैंने उसका लहँगा उतार दिया. उसने नीचे भी पिंक पैंटी पहनी थी. जोकि अब तक बहुत भीग चुकी थी. उसमें से बहुत ही अच्छी खुशबू आरही थी. अब मैंने उनकी पैंटी उतार दी. अन्दर क्लीन शेव चूत थी. जिसे देख कर मैं तो पागल ही हो गया था.

फिर मैंने अपनी पैंट से डेयरी मिल्क निकाली और उसकी चूत में मेल्ट करके लगा दी. अब मैं उसकी चूत चाटने लगा. कसम से दोस्तों, चूत में चॉकलेट लगा कर चाटो और तब देखना कितना अच्छा टेस्ट आता है! उसकी चूत को चाटते हुए अभी 2 मिनट ही हुए थे कि वो मेरा सर अपने चूत पर दबाने लगी. तभी उसकी चूत से गरम लावा निकला जो मैं चाट गया.

उसके बाद दोबारा मैंने उसके बूब्स दबाये किस किया. जिससे वो फिर से गरम हो गई. फिर मैंने अपने लंड पर कंडोम चढ़ाया और उसकी चूत पर रगड़ने लगा. वो तड़प उठी और मुझे नीचे खीचने लगी थी. वो चाहती थी कि मैं तुरन्त ही लन्ड उसकी चूत में डाल दूं.

फिर मैंने अपना लन्ड उसकी चूत पर लगाया और जोर का एक धक्का मारा. जिससे उसका दर्द के मारे बुरा हाल हो गया. फिर मैंने धीरे – धीरे धक्का लगाना शुरू कर दिया. अब वो भी मेरा साथ देनी लगी.

वायग्रा का असर मुझमें तो था ही. इसलिए 25 मिनट तक मैंने उसको अपने नीचे रख कर चोदा. फिर मैंने उसको अपने ऊपर ले लिया. अब वो मेरे लन्ड के ऊपर कूद – कूद कर चुदने लगी.

करीब 15 मिनट में वो थक गई तो मैंने कंडोम निकल के फेक दिया और चाची के मुंह में अपना लंड डाल दिया. करीब 10 मिनट चूसने के बाद मेरे लण्ड का पानी निकल गया, जिसे वो पी गयी. उस दिन से चाची और मेरा पति – पत्नी वाला रिश्ता बन गया. अब हमें जब भी मौका मिलता है, हम चुदाई करते हैं.

हम दोनों ने करीब 5 साल चुदाई की. उसके बाद चाचा को विदेश से जॉब का ऑफर आ गया और वो विदेश चले गए. अभी 4 पहले चाची को अपने साथ लेकर चले गए.

अब हम दोनों वीडियो कॉल सेक्स चैट कर लेते हैं. अब मुझे उनकी बहुत याद आती है. क्योंकि मुझे चूत चाटने की आदत लग गयी है. इसलिए बिना चूत चाटे मज़ा ही नहीं आता है.

मेरी यह कहानी आप लोगों को कैसी लगी? मुझे मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी –
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