चाची ने भतीजे से चुदवाया

चाची बोलीं कि सेक्स करना है कि नहीं? चाहता तो मैं भी था इसलिए मैंने कहा कि हां करना तो है. तब चाची ने कहा कि तो मैं जो कर रही हूं, वो करो. मैं भी मान गया. फिर मैं भी चाची का साथ देने लगा…

मेरा नाम अंशु (बदला हुआ) है और मेरी उम्र 21 साल की है. मेरे लण्ड का साइज 7.5 इंच है. आप सभी लण्ड वालों और चूत वालियों को मेरे लंड महाराज की तरफ से नमस्कार! मैं उत्तर प्रदेश के एक छोटे से जिले का रहने वाला हूं और ये कहानी 2 महीने पहले की है. ये मेरे और मेरी चाची के साथ घटी एक सच्ची घटना है.

मेरी चाची का नाम प्रेमा (बदला हुआ) है और उनकी उम्र लगभग 37 साल की है. उनका बदन भरा हुआ है और वो अपने शरीर को बहुत मेंटेन करके रखती हैं. उनका साइज 32 28 34 का है, जो काफी मस्त है.

दोस्तों, मेरे चाचा बॉम्बे में जॉब करते हैं और घर साल में एक बार आते हैं. जबकि चाची यहीं घर पर ही रहती हैं. मेरे मम्मी – पापा दोनों जॉब करते हैं और दोनों लोग सुबह अपने – अपने आफिस चले जाते हैं तो घर पर सिर्फ मैं और चाची ही रहते हैं.

हम दोनों के बीच एक दम दोस्त जैसा रिश्ता है. चाची को कोई काम होता था तो वो मुझसे ही कहती हैं और मैं कर देता हूं. एक दिन हुआ ये कि चाची को मार्किट से अपने लिए कुछ कपड़े लेने थे तो वो मुझसे बोलीं कि मुझे मार्किट ले चलोगे, मुझे कपड़ा लेना है? मुझे जाने में कोई ऐतराज तो था नहीं इसलिए मैंने हां कर दिया और अपनी बाइक पर उनको बैठा कर मार्किट के तरफ चल दिया.

मार्किट जाते वक्त वो मुझसे एक दम सट के बैठी थीं और उनकी बड़ी – बड़ी चूचियां मेरी पीठ से टकरा रगों थीं. मेरा हाल बुरा हो गया था और लण्ड एक दम कड़क हो गया था. हालांकि, किसी तरह मैंने अपने आप को संभाला और मार्किट पहुंच गए. चाची मुझे एक कपड़े की दुकान पर ले गयीं. वहां से उन्होंने अपने लिए एक साड़ी कुछ ब्रा पैंटी लिया.

इसके बाद उन्होंने कुछ घर का सामान भी लिया. फिर हम घर की तरफ चल दिये. आते वक्त चाची मुझसे फिर वैसे ही चिपक के बैठी थीं. मेरा मन तो बस यही हो रहा था कि चाची को पटक के चोद दूं लेकिन वो मेरी चाची थीं इसलिए डर की वजह से मैं कुछ नहीं कर रहा था.

खैर किसी तरह हम घर पहुंचे. उस समय यही कोई 11.30 बज रहे थे. घर पहुंचने के बाद चाची ने चाय बनाई और हम उनके रूम में बैठ कर चाय पीने लगे. चाय पीते समय इधर – उधर की बात भी हो रही थी. तभी मैंने चाची से कहा, “चाची जी आपसे एक बात पूछूं अगर आप नाराज न हों तो”?

चाची बोलीं – पूछो.

मैंने कहा – आपको चाचा की याद नहीं आती है क्या?

इस पर चाची ने कहा – बहुत याद आती है खास कर रात को सोते समय.

हालांकि उनकी बात मैं समझ गया था लेकिन फिर भी मैंने पूछा कि रात को ही क्यों ज्यादा आती है? जवाब में चाची बोलीं, “तू नहीं समझेगा इस बात को”.

इस पर मैंने कहा – समझाएंगी तभी तो समझूंगा न!

चाची – जाने दे.

मैं – बताओ ना चाची.

चाची – छोड़ो, इन सब बातों को तुम नहीं समझोगे.

फिर थोड़ी देर बाद चाची ने मुझसे पूछा – अंशु, तुम कभी किसी के साथ वो किया है?

मैंने अनजान बनते हुए कहा – क्या?

तब चाची बोलीं – अरे वही जो पति – पत्नी रात को करते हैं.

इस पर मैंने कहा कि चाची, आपको जो भी पूछना है खुल के पूछिये न. मैं समझ नहीं पा रहा हूं.

तब चाची बोलीं – कभी तुमने किसी के साथ सेक्स किया है?

मैंने कहा – नहीं.

चाची बोलीं – क्यों?

मैं – कभी किसी के साथ करने का मौका ही नहीं मिला.

यह सुन कर चाची बोलीं – मन नहीं करता है क्या तुम्हारे करने का?

इस पर मैंने कहा – करता तो है लेकिन कोई मिली ही नहीं.

फिर चाची बोलीं – अगर करने का मौका मिले तो करोगे किसी के साथ?

मैं उतावला होते हुए बोला – हां चाची करूंगा बिलकुल करूंगा.

मेरे मुंह से हां सुनते ही चाची ने अपने होंठ मेरे होंठ पर रख दिया और किस करने लगीं. दोस्तों, मुझे तो ऐसा लग रहा था जैसे मेरी मुराद पूरी हो गयी. लेकिन मैंने अपने आप को संभाले हुए चाची से पूछा – चाची, आप ये क्या कर रही हैं?

चाची बोलीं कि सेक्स करना है कि नहीं? चाहता तो मैं भी था इसलिए मैंने कहा कि हां करना तो है. तब चाची ने कहा कि तो मैं जो कर रही हूं, वो करो. मैं भी मान गया. फिर मैं भी चाची का साथ देने लगा.

चाची मेरे होंठों को लगातार चूसे जा रही थीं. फिर मैं अपना एक हाथ नीचे ले गया और चाची की चूची को दबाने लगा. मैं कभी उनकी एक चूची दबाता तो कभी साड़ी के ऊपर से ही उनकी चूत को रगड़ता.

अब चाची भी पूरे फॉर्म में आ गयी थीं. उन्होंने मेरे लण्ड को पकड़ लिया और पैंट के ऊपर से ही दबाने लगीं. यह देख मैंने अपना लण्ड पैंट से निकल के चाची को थमा दिया. चाची मेरे लण्ड को हाथ में पकड़ते ही मुंह में लेकर चूसने लगीं. अब मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ और मैं चाची के मुंह में ही झड़ गया. चाची मेरा पूरा रस पी गयीं.

इसके बाद उन्होंने मेरी पैंट और अंडर वियर खींच के निकाल दिया. अब मैंने भी चाची को खड़ा करके धीरे – धीरे उनकी साड़ी को खोल दिया. फिर ब्लाउज और पेटीकोट भी निकाल दिया. अब हम दोनों नंगे हो गये थे. चाची को नंगा करते ही मैं उनके ऊपर टूट पड़ा. इस पर चाची बोलीं, “कहीं भागी नहीं जा रही हूं, आराम से करो सब तुम्हारा ही है”.

फिर मैंने चाची को बेड पर लेटा दिया और उनकी टांगों को चौड़ा किया. अब उनकी चूत मेरे सामने थी. उनकी चूत को देखते ही मैं उस पर टूट पड़ा और चाटने लगा. मैं कभी अपनी जीभ को उनकी चूत में डालता तो कभी उंगली. ऐसा करने से चाची के शरीर में अकड़न सी आ गयी और फिर वो भी झड़ गयीं. मैं भी उनका सारा रस पी गया.

अब चाची फिर से मेरे लण्ड से खेलने लगीं जिससे मेरे लण्ड फिर से खड़ा हो गया. उसे खड़ा देख चाची बोलीं, “अंशु, अब रहा नहीं जाता, जल्दी से मुझे चोद डालो”.

उनके मुंह से यह सुन कर मैंने भी देर ना करते हुए अपना लण्ड चाची की चूत पर रखा और एक झटके में आधा अंदर कर दिया. चाची को दर्द होने लगा तो वो बोलीं कि धीरे करो दर्द हो रहा है. फिर मैं धीरे – धीरे लण्ड आगे – पीछे करने लगा. थोड़ी देर बाद चाची भी नीचे – ऊपर होने लगीं.

इसी बीच मैंने एक और झटका मारा, जिससे मेरा पूरा लण्ड उनकी चूत में चला गया. लण्ड अंदर जाते ही चाची ने मुझे कस के पकड़ लिया लेकिन मैं झटके मरता रहा. थोड़ी देर बाद चाची के मुंह से सीत्कार और मादक आवाजें बाहर निकलने लगीं.

चाची को चोदते लगभग 25 मिनट हो गया था और मैं झड़ने का नाम नहीं ले रहा था. चाची दो बार झाड़ चुकीं थीं. मैं लगातार धक्के मरता रहा और जब मुझे लगा कि मैं भी झड़ने वाला हूं तो चाची से बताया. वो बोलीं कि अंदर ही निकाल दो. फिर 15-20 धक्के लगाने के बाद मैं उनके अंदर ही झड़ गया.

इसके बाद मैं चाची के ऊपर लेट गया. कुछ समय बाद हम दोनों अलग हुए और अपने आप को साफ करके अपने कपड़े पहन लिए. फिर मैंने चाची से पूछा कि कैसा लगा? चाची बोलीं, “बहुत मजा आया, इससे पहले कभी मैंने इतना मजा नहीं पाया”. यह सुन कर मैं खुश हो गया.

दोस्तों, तब से लेकर आज तक मैं अपनी चाची को चोदता हूं. मुझे उनकी चूत का पानी बहुत अच्छा लगता है और चाची भी मुझे बिना पिलाये सोती नहीं हैं. कहानी कैसी लगी? मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

7 thoughts on “चाची ने भतीजे से चुदवाया”

  1. Khani bhut achl lagi kaas aisi chachi humey bhi mil.kati to may apna Sapna pura kar leta .kisi sey baat karney mey bhi dar lagta hai may jha rahta hu usjagah hai per dar lagta hai pehnawa to sexy roop mey hay per samaj ko lok leyhaj hai is karan may useysey kuch karney mey darta hu.aap bhagsali hai ki aap aunty ko khus kartey ho.

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