छत फांद कर गर्लफ्रेंड को पहली चुदाई का सुख दिया

मेरी गर्लफ्रेंड मेरे पड़ोस में अपने मामा के यहां रहती थी. इसके बावजूद मुझे कभी चुदाई का मौका नहीं मिल पाया था. एक दिन जब जब उसके मामा कहीं बाहर चले गए तो उसने मुझे बुलाया. मैं छत फांद कर उसके पास पहुंचा और उसको पहली चुदाई का सुख दिया…

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम राहुल सिंह है और मैं छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले का रहने वाला हूं. मेरी उम्र 23 साल है. मैं पिछले 5 सालों से नियमित तौर पर अन्तर्वासना की कहानियां पढ़ रहा हूं. इसकी कहानियां मुझे बहुत अच्छी लगती हैं. आज मैं भी आप लोगों के सामने अपनी पहली कहानी पेश करने जा रहा हूं, जो मेरे और मेरी गर्लफ्रेंड के बीच की है. उम्मीद करता हूं पसन्द आएगी. इसमें अगर मुझसे कोई गलती हो जाए तो माफ करना.

अब आप लोगों का ज्यादा समय न वेस्ट करते हुए मैं सीधा अपनी कहानी पर आता हूं. बात आज से करीब 2 साल पहले की है. मैं एक लड़की से बहुत प्यार था. वो मेरी ही गली में अपने ननिहाल में रहती थी. हम दोनों रोज फोन पर प्यार भरी बातें किया करते थे. हम दोनों अपने पहले मिलन के जुगाड़ में थे लेकिन मौका था कि मिल ही नहीं रहा था.

माफ करना दोस्तों, मैं अपनी गर्लफ्रेंड का नाम बताना ही भूल गया. उस का नाम रानी है. वो बहुत ही सुन्दर है. हालांकि, उसका रंग थोड़ा सांवला है, लेकिन फिगर और फेस कटिंग बहुत सुन्दर है. जो भी उसे देख ले बस देखता ही जाए.

सितम्बर का महीना चल रहा था. हल्की गुनगुनी ठंड पड़ने लगी थी. रोज की तरह ही हमने उस दिन भी फोन पर ढेर सारी बातें की. बातों ही बातों में जब मैंने उससे मिलने का कोई जुगाड़ करने को कहा तो वो बोली, ‘थोड़ा इंतज़ार कर लो’ और इतना बोल कर हंस दी. मैं ठीक से उसकी बातों का मतलब नहीं समझ सका और चिढ़ कर कहा, “इंतज़ार ही तो कर रहा हूं इतने दिन से.” इस पर वह हंसते हुए बोली, “तो फिर थोड़ा और कर लो”. फिर थोड़ी देर बाद हमने फोन रख दिया.

फिर दोस्तों, उसी रात हमें मौका मिल गया. शाम को उसके मामा कहीं बाहर चले गए. अब उसके घर में दो ही लोग बचे थे – वो और उसकी मामी, जिनके साथ रात में उसे सोना था. हालांकि मुझे इस बारे में बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी.

रात में मेरे मोबाइल पर उसका कॉल आया. उस टाइम मैं जाग रहा था. जैसे ही मैंने फोन उठाया, उसने गिनती के आठ शब्द बोले, “आ जाओ छत पर, मौका मिल गया है”. और फिर इसके बाद फ़ोन काट दिया. दोस्तों, यह सुन कर मैं खुशी के मारे लगभग उछल ही पड़ा था.

फिर मैं अपनी छत फांद कर उसके छत पर गया. वहां वह मेरा वेट कर रही थी. इसके बाद वह मुझे नीचे एक रूम में ले गई. उस रूम में उसके और मेरे आलावा कोई नहीं था. अब मैं उसे देख रहा था और वो मुझे.

फिर मैं उसके पास गया और उसे कस पकड़ कर अपने गले से लगा लिया. दोस्तों, उसका बदन मेरे बदन से टच होते ही मेरे दिल मे एक अजीब से हलचल होने लगी और धीरे – धीरे मेरा लंड खड़ा हो गया.

यह उसका भी पहली बार था और मेरा भी, इसलिए हमें कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूं और कैसे करूं. खैर, फिर मैंने उसके नाजुक होंठों पर अपने होंठ रख दिया और किस करना स्टार्ट कर दिया. दोस्तों, किस तो वैसे मैंने पहले भी बहुत बार किया था लेकिन इस बार किस करने में कुछ अलग ही मजा था. लेकिन कैसा मज़ा था वो मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता. इसे वही व्यक्ति फील कर सकता है जो इस सिचुएशन से गुजरा हो.

किस करने के दौरान मैंने एक – एक कर के उसके पूरे कपड़े निकल दिए. अब वह एक दम से नंगी हो गई थी. फिर जब उसका ध्यान अपने ऊपर गया तो वह शर्मा कर मुझसे अलग हो गई और अपने दोनों हाथों से अपने स्तनों को छुपाने लगी. यह देख मैंने कहा – क्या कर रही हो जान, अब मेरे और तुम्हारे बीच में कोई पर्दा नहीं होना चाहिए, हो जाने दो जो हो रहा है.

यह सुन कर वह अपनी चूचियों पर से हाथ हटा कर मुस्कुराने लगी और फिर मुझे पकड़ कर मेरे गालों पर जोर से दांत काट लिया. इसके बाद फिर एक – एक करके उसने मेरे भी सारे कपड़े उतार दिए. अब मैं भी जन्मजात नंगा हो गया.

फिर मैंने उसे वहीं कमरे में रुख़ी सिंगल बेड वाली पलंग पर लेटा दिया और उसके पूरे जिस्म को किस करते हुए उसके ऊपर आ गया. मैंने ऊपर से किस करना शुरू किया था और नीचे तक चला गया. फिर जब मैंने उसकी चूत पर किस किया तो उसने मुझे रोक दिया. इस पर मैंने कहा – बहुत मजा आएगा करने दो. तब उसने कुछ नहीं कहा और मैंने अपनी जीभ उसकी चूत पर लगा दी. अब वह बस अपनी आंखें बंद करके मज़ा ले रही थी.

दोस्तों, मैं आपको एक बात बताना ही भूल गया, वो ये कि मुझे चूत चाटना बहुत पसंद है. फिर थोड़ी देर बाद मैंने उस से कहा मेरा भी मुंह में ले लो तो उसने मना कर दिया. फिर जब मैंने कई बार कहा तो वह मानी. लेकिन जब उसने मेरे लंड को देखा तो उसका मुंह खुला का खुला रहा गया.

फिर वो खुद को संभालते हुए बोली – इतना लम्बा और मोटा मेरे अंदर जाएगा कैसे, मैं नहीं ले पाउंगी! तब मैंने उससे कहा कि ये सब तुम मेरे ऊपर छोड़ दो, मैं बड़े ही आराम से इसे तुम्हारे अंदर कर दूंगा. दोस्तों, मेरे साथ एक और खास बात है वो ये कि मेरा लंड गोरा है और उस पर एक तिल भी है. खैर, फिर उसने चूम कर थोड़ी देर के लंड मुंह में लिया लेकिन जल्द ही उसे बाहर निकाल दिया. उसे लंड चूसना नहीं आता था.

फिर मैं उसके ऊपर आया और उसकी चूत पर अपना लंड रख दिया. इसके बाद मैंने धीरे से लंड अंदर डाला तो उसे दर्द होने लगा. इसलिए उसने अपने गांड नीचे करके लंड को बाहर निकाल दिया. लेकिन अब मैं कहां मानने वाला था. मैंने फिर से उसकी चूत पर अपना लंड रखा और जोर से धक्का दे दिया. मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया. इतना जाते ही उसकी सील टूट गई और चूत से खून निकलने लगा. यह देख कर वो बहुत डर गई. फिर मैंने उसे समझया कि पहली बार में ऐसा होता है लेकिन बाद में मजा आता बहुत आता है, इसमें घबराने की कोई बात नहीं, सबके साथ ऐसा होता है. फिर वो मन गई.

अब मैं धक्के पर धक्के मारने लगा. मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस चुका था. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. उसकी चूत बहुत टाइट थी. इसलिए लंड उसकी चूत की दीवारों से एक दम रगड़ कर अंदर – बाहर हो रहा था. इस वजह से उसे भी मज़ा आ रहा था. हालांकि, पहली बार होने की वजह से थोड़ा दर्द भी हो रहा था. थोड़ी देर बाद जब लंड ने चूत अपनी जगह बना ली और आराम से सरकने लगा तो वह अपनी गांड उचका – उचका कर लंड अंदर लेने लगी. हम सेक्स में इतने मशगूल हो गए थे कि हमें पता ही नहीं चला कि कब मेरे लंड ने उसकी चूत में ही अपनी धार छोड़ दी.

फिर हम दोनों ने रात भर सेक्स किया और सुबह होने से पहले ही मैं छत के रास्ते अपने घर आ गया. उसके बाद मैंने उसके साथ बहुत बार सेक्स किया. हर बार वह मुझे कुंवारी चूत जैसे मज़ा देती. बाद में फिर वो अपने घर चले गई और मे फिर से अकेला हो गया. मुझे आज भी उसकी याद आती है. आप लोगों को मेरी यह कहानी कैसी लगी? मुझे मेल करके जरूर बताएं – [email protected]

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