चूत चाटने का शौकीन

एक बार मैं बिस्तर पर पड़े- पड़े अपने लंड को सहला रहा था, मुझे ये ध्यान ही नहीं था कि कमरे की खिड़की खुली हुई है. सहलाते- सहलाते जब लंड कड़क हो गया तो मुझे लगा कि मेरे रूम की खिड़की खुली हुए है और खिडकी से कोई मुझे देख रहा है…

अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार. मेरा मानना हैं कि सभी की लाइफ में सेक्स की बहुत महत्वपूर्ण जगह है. आज मैं आपको अपने जीवन की एक सत्य घटना बताने जा रहा हूँ उम्मीद है आप लोगों को पसंद आएगी.

दोस्तों मेरा नाम वैभव है. मैं 24 साल का युवक हूं और देहरादून का रहने वाला हूं. मेरी लंबाई 5 फिट और 8 इंच है. मैं बहुत ही नार्मल लड़का हूं. मेरे लिंग की लंबाई करीब 8 इंच है. दोस्तों मेरी ये आदत है कि जब तक मैं मुठ न मार लू मुझसे रहा ही नहीं जाता. मुझे बिस्तर पर लेट कर मुठ मरने का शौक है.

एक बार मैं बिस्तर पर पड़े- पड़े अपने लंड को सहला रहा था, मुझे ये ध्यान ही नहीं था कि कमरे की खिड़की खुली हुई है. सहलाते- सहलाते जब लंड कड़क हो गया तो मुझे लगा कि मेरे रूम की खिड़की खुली हुए है और खिडकी से कोई मुझे देख रहा है.

मुझे पता चला कि खिड़की से मुझे देखने वाला कोई और नहीं भाभी र्ही थी. ये भाभी मेरी सगी भाभी नहीं हैं दोस्तों. ये मेरे किराएदार की पत्नी हैं, जिन्हें मैं भाभी ही कहा करता था. भाभी पिछले तीन सालों से हमारे यहां रह रहीं है. पहले दोस्तों मैं आपको भाभी के बारे में बता देता हूं, हमारी किरायेदार भाभी की उम्र लगभग 45 साल की थी और वह भरे हुए बदन की खूबसूरत महिला हैं.

उसके 2 बच्चे थे. बड़ा बेटा 17 साल का और छोटा 14 साल का था. उनका पति सरकारी नौकरी करता है. दोस्तों मैं आपको बताना भूल गया था कि मुझे भरे हुए शरीर वाला माल बहुत पसन्द है और मैं चूत चाटने का बहुत बड़ा शौकीन हूं. इसलिए मैं भाभी को बहुत पसंद करता था, लेकिन कभी उनसे बोल नहीं पाया था. उस दिन भी मैं उनकी ही कल्पना करके मुठ मार रहा था. जैसे ही मुझे लगा कि वो मुझे देख रही हैं, मैने पूरा लंड बाहर निकाल लिया और तेजी से मुठ मारने लगा. मुठ मारने के बाद मैंने पूरा माल अपने पेट पर गिरा दिया.

अब मुझे लगने लगा कि वह भी मेरी तरफ आकर्षित हो रही हैं, तो मैंने उन पर डोरे डालना शुरू कर दिया. जब भी वो अकेली होती मैं उनके कमरे में चला जाता. शायद उसे भी ये सब अच्छा लग रहा था.

एक दिन भैया के ऑफिस जाने के बाद वो नहा कर कपड़े डालने छत पर आईं तो मैंने उससे पूछ ही लिया कि उस दिन वो मुझे क्यों देख रही थी. उसने कोई जवाब नहीं दिया इस पर मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और उसे किस कर दिया. उसका चेहरा लाल हो गया और उसने मुझे एक जोरदार तमाचा जड़ दिया और बोली कि मैं तुम्हारी माँ की उम्र की हूं और तुम मुझसे ऐसे बात कर रहे हो. मुझे भी गुस्सा आ गया तो मैंने उससे कहा तो उस दिन खिड़की से देख क्यों रही थी. इतने में ही उसका बेटा आ गया और में चुप- चाप अपने कमरे में चला गया.

लेकिन यहां तो आग लगी हुई थी. अगले दिन सभी के जाने पर मैंने उससे पूछा जब तुम्हें देखने में मज़ा आता है तो दिक्कत क्या है? इतना कहकर मैंने उसके चूचों को दबा दिया और उसने तेजी से झटक कर मुझे अपने आप से दूर कर दिया. मैं उठा और उसे दबोच लिया और कहा मैं आपकी चूत चाटना चाहता हूं, बस एक बार मान जाओ.

यह सुनकर वो बड़ी तेजी से हसने लगी और बोली चोदने वाले तो बहुत देखे हैं पर चूत चाटने वाला नहीं देखा. उसने इतना कहा ही था कि मैंने उस पर चुंबनों की बरसात कर दी. एक ही झटके में उसकी साड़ी को ऊपर कर दिया और उसकी पैंटी उतार कर फेंक दिया. फिर तुरंत ही अपना मुंह अंदर डाल दिया और कुत्तों की तरह उसकी चूत को चाटने लगा.

अब उसे भी मज़ा आने लगा था और वह शी शी की आवाज़ निकाल रही थी. कुछ ही देर में उसने अपना चूत रस छोड़ दिया और मैं उसे गटक गया. फिर मैं उठा और उसके ब्लाउज को उतार कर ब्रा के बाहर से ही उसके चूचों को दबाने लगा. फिर मैंने उसकी ब्रा भी उतार दिया और शिद्दत से उसके चूचों को चूसने लगा.

काफी देर तक उसके चूचों के चूसने के बाद हम 69 की पोज़िशन में लेट गये. मैंने उसकी झांटों को भी चूसा. करीब 15 मिनट तक हमने एक- दूसरे को खूब चूसा और फिर अलग हो गए. अब मैं उसकी बुर में अपना लण्ड डालना चाह रहा था. इसलिए मैंने उसे सीधा लेटने को बोला और उसके ऊपर चढ़ गया और उसके होंठों को चूसते हुए लण्ड उसकी चूत में डाल दिया.

लेकिन उसे शायद ऐसे में मज़ा नहीं आ रहा था. इसलिए वो मुझसे बोली तुम नीचे लेट जाओ और मेरे लेटते ही उसने अपनी चूत को मेरे मुंह पर रख दिया. जैसे ही मैं जीभ निकलता वो चूत ऊपर उठा लेती और मुझे ललचा देती. इस बार जैसे ही उसने ये किया मैने फुर्ती से उसकी चूत को दांतो से काट लिया वो सिसक उठी और अब अपनी चूत को ऊपर उठना बंद कर दिया. करीब 5 मिनट बाद उसने सारा पानी मेरे मुंह पर ही छोड़ दिया. अहा क्या नज़ारा था मुझे तो मज़ा आ गया था.

फिर मैंने उसकी चूत में लंड डाला और धीरे- धीरे उसे चोदने लगा. शुरू में धीरे करने के बाद मैंने अपनी गति को बढ़ा दिया. उसकी आहें निकालनी शुरू हो गईं थी. मैंने अपने एक जोर का धक्का मारा तो वो बोली मार ही डालोगे क्या? आराम से करो दर्द होता है. तुम्हारे जितना मोटा लंड मैंने आज तक नहीं देखा.

मैंने उसे 15 मिनट तक खूब चोदा इस बीच वो दो बार झड़ गयी. मेरा तो झड़ने का नाम ही नहीं ले रहा था तो मैंने लण्ड को निकाला और उस के मुंह में डाल दिया और उसके मुंह को चोदने लगा. उसके आँसू निकल गये थे.

मैंने बोला- मेरा निकलने वाला है. कहां निकालू?

उसने बोला- मुंह में ही निकाल दो.

और फिर मैंने अपना सारा माल उसके मुंह में ही छोड दिया. वो पूरा माल गटक गयी और फिर बोली औरत जब अपने से 15 साल छोटे से चुदवा लेती है तो उसकी जवानी वापस लौट आती है. हम कुछ देर ऐसे ही पड़े रहे और फिर मैने उसकी गांड़ में अंगुली करना शुरू कर दिया. लेकिन दोस्तों उसकी गांड़ चुदाई की कहानी अगली बार, अभी के लिए इतना ही.

आपको मेरी कहानी कैसे लगी. आप मुझे मेल
करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी[email protected] है.

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