चूत लास्ट में चुदवाऊंगी

मेरे ऑफिस में एक लड़की काम करती थी. वह मुझे सिगरेट शॉप पर रोज मिलती थी. धीरे – धीरे हमारे बीच नजदीकियां बढ़ती गईं और हम हमबिस्तर हो गए. लेकिन हमबिस्तर होने से पहले उसने एक शर्त रख दी कि चूत सबसे लास्ट में मरवाऊंगी…

हेलो दोस्तों, मेरा नाम किशन है. आज मैं आपको एक कामुक और हवस भरे दिल की कहानी सुनने जा रहा हूं. उम्मीद करता हूं आप सबको पसंद आएगी.

बात उस समय की है जब एक दिन मैं अपने ऑफिस के बाहर सिगरेट पी रहा था. मेरे सामने एक लड़की कॉफी पी रही थी. वो भी मेरी तरफ देख रही थी. उसे देख के मेरे लन्ड में हलचल महसूस हुई. फिर मैं वापस अपने ऑफिस चला गया.

अब तो ये रोज़ का नियम हो गया था. मैं सिगरेट पीने के बहाने उसी टाइम बाहर जाता जब वह कॉफ़ी पीने आती और फिर मैं उसे देखता रहता, वो मुझे देखती रहती.

एक दिन मैंने हिम्मत की और वहीं बैठ गया. वह अभी भी मेरी तरफ देख रही थी. फिर मैंने उसे इशारे वहीं बैठने को कहा. वो बैठ गई. उस टाइम मैं अपने कान में ईयरफोन लगा के रोमांटिक गाने सुन रहा था. जब वो बैठी तो एक कान का ईयरफोन मैंने उसे भी दे दिया. गाना सुन कर वो मुस्कुराने लगी. फिर जब हम जाने लगे तो हमने अपने मोबाइल नम्बर एक्सचेंज कर लिए.

वो भी मेरे ही ऑफिस में काम करती थी लेकिन उसका डिपार्टमेंट दूसरा था. इसके बाद रात में हमने फोन पर काफी सारी बातें की. उसकी प्यारी – प्यारी बातें सुन कर लन्ड ने पानी छोड़ दिया था और अब वो उसकी चूत के आगोश में जाने के लिए बेकरार था. लेकिन पहला दिन था तो कुछ नहीं हो सकता था.

इसी तरह कई दिनों तक हमारी बातें होती रहीं. धीरे – धीरे हमारी बातों का रुख सेक्स की तरफ मुड़ता गया. दोस्तों, ये पहल भी मैंने ही की थी. अगर मैं न करता तो शायद वो बस नॉर्मल बात ही करती रहती और हमारी लव स्टोरी बात – बात तक ही सीमित रह जाती.

फिर एक दिन हमारे ऑफिस की छुट्टी थी. मैं सुबह उठा तो देखा कि उसकी मिस्ड कॉल पड़ी है. मैं फ़ोन किया तो उसने कहा कि बस यूं ही तुम्हारी याद आ रही थी तो कॉल कर लिया. मैंने उसे बताया कि अभी मैं सो ही रहा था. मेरी बात सुन कर वह बड़े जोर से हंसी. दोस्तों, उसकी हंसी बहुत प्यारी थी. इस तरह काफी देर तक हमारी बातें होती रहीं. दोस्तों, जब भी मैं उससे फोन पर बात करता, हमेशा मेरा लन्ड खड़ा हो जाता. लेकिन मैं उससे चुदाई के लिए कह नहीं पाता था

उस दिन मैंने सोच लिया था कि आज इससे सेक्स के लिए कह के ही रहूंगा. तभी उसने कहा कि उसे कुछ काम है और फिर फोन रख दिया. अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था. इसलिए करीब 2 घंटे बाद मैंने उसे दोबारा कॉल किया और अपने रूम बुलाया. वो आने को तैयार हो गई और फिर रंडी के जैसे बिना झिझक मुझसे बोली कि जब तक मैं आ रही हूं, तब तक मेडिकल स्टोर से 3 पैकेट कंडोम लेकर आ जाओ. मुझे तो ऐसा लगा जैसे वो मेरे कहने का इंतज़ार कर रही थी.

उससे बात करने के बाद मैं मेडिकल स्टोर गया और कंडोम ले आया. थोड़ी देर बाद वह भी आ गई. उसके आने से एसी लगे होने के बावजूद रूम का माहौल गर्म हो गया. उसके आते ही मैंने तुरन्त दरवाजा बंद किया उसको पकड़ के किस कर लिया, उसने भी जवाब में मुझे किस किया. फिर जब हम अलग हुए तब उसने सीधे और सपाट लहजे में कहा कि चूत मैं सबसे लास्ट में मरवाऊंगी. इस पर मुझे कोई ऐतराज नहीं था.

फिर हमारा खेल शुरू हुआ. मैं फिर उस पर टूट पड़ा और अपनी बाहों के आगोश में लेकर लिपलॉक किस करने लगा. करीब 10 मिनट तक ये चलता रहा. फिर मैंने उसके गालों पर किस किया. दोस्तों, उसके गाल इतने क्यूट थे कि होंठ हटाने का मन ही नहीं हो रहा था. इसके बाद मैं उसके गले पर किस करते हुए कान के पास पहुंचा और कान की लौ को होंठों में दबा लिया. मेरे ऐसा करने से वह अचानक उछल सी गई. मैं काफी देर तक उसके कान की लौ को चूसता रहा.

फिर मैं उसके कपड़े निकालने शुरू किये. सबसे पहले मैंने उसका स्कर्ट उतारा और फिर पिंक कलर की ब्रा को भी खींच कर उसके बदन से अलग कर दिया. अब मुझे उसके मम्मे दिखाई दिए. दोस्तों, क्या मस्त मम्मे थे उसके! एक दम सफेद और उन पर भूरे कलर का निप्पल बहुत ही आकर्षक लग रहा था. उन्हें देख कर मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ और मैं उसके मम्मों पर टूट पड़ा.

मैंने एक मम्मे को मुंह में भर लिया और दूसरे को अपने हाथों में लेकर मसलने लगा. बहुत मज़ा आ रहा था दोस्तों. अब वह पूरी तरह उत्तेजित हो चुकी थी. उसके मुंह से मादक सिसकियां निकल रही थीं.

इसी दौरान उसने मेरी टी-शर्ट खींच कर उतार दी और मेरी पीठ पर लगातार हाथ फेर रही थी. फिर थोड़ी देर बाद मैं धीरे – धीरे और नीचे आया और उसके पेट पर किस करने लगा. अब मेरी जीभ उसके पूरे बदन पर सरक रही थी. इससे वो मचलने लगी.

तभी अचानक उसने एक शब्द कहा, “अब बस”. मैं वहीं का वहीं रुक गया. मैंने सोचा कि अब तो आज भी मेरा लन्ड खड़ा का खड़ा ही रह जाएगा और मुझे मुठ मार के ही अपना पानी निकलना होगा. लेकिन अगले ही पल वह बोली कि अब और भी कुछ करोगे या चाटते ही रहोगे! यह सुन कर मैं खुश हो गया और पूछा कि बताओ क्या करूं? तो वो बोली, “एक काम करो, आज तुम मेरी गांड मार लो, चूत मारने का इतना ही शौक होगा तो अगली बार मार लेना”.

यह सुन कर मैं और खुश हो गया और कहा कि ठीक है, वैसे भी मुझे गांड मारना ज्यादा पसंद है. फिर इतना कह के मैंने अपना पैंट उतारा और उसने मेरी अंडर वियर खींच के खोल दी. जैसे ही अंडर वियर निकली मेरा 7 इंच लम्बा लन्ड उसके सामने आ गया. जिसे देख के उसके चेहरे पर एक अजीब से मुस्कान तैर गई.

फिर वह अपने आप उल्टा हो कर लेट गई और बोली, “अब मारो”. उसका इतना कहना था कि मैंने लन्ड पर कंडोम चढ़ाया और उसे गांड के छेद पर सेट कर दिया. इसके बाद मैंने दोनों हाथों से उसकी गांड चौड़ी की और धीरे – धीरे लन्ड पर दबाव बनाता गया. कुछ ही देर में मेरा पूरा लन्ड उसकी गांड में घुस गया. लेकिन मुझे थोड़ा सा आश्चर्य इस बात का हुआ कि लन्ड अंदर जाने के बाद उसके मुंह से तनिक भी आवाज न आई. मतलब साफ था, वह पहले भी कई बार गांड में लन्ड ले चुकी थी.

खैर, फिर इन सब बातों से ध्यान हटाते हुए मैंने अपने मेन काम पर फोकस किया. मैं उसकी गांड में धक्के लगाने लगा. पहले धीरे – धीरे फिर तेज और तेज. वह रंडियों की तरह मेरे हर धक्के पर अपनी गांड पीछे करके लन्ड खा रही थी. करीब 15 मिनट की धकापेल चुदाई के बाद मेरा पानी निकल गया और मैं थक कर उसके ऊपर लेट गया.

फिर उसने मुझे खुद से अलग किया और मेरे पूरे बदन को चूमने लगी. साथ ही साथ वह मुझे सहला भी रही थी. उसके ऐसा करने की वजह से मेरा लन्ड फिर खड़ा हो गया और फिर से मैंने उसकी गांड मारी. उस दिन मैंने कुल चार बार उसकी गांड मारी. बहुत मज़ा आया था दोस्तों.

उसके बाद फिर वह चली गई. अब तो हमारा यह नियम बन गया था कि जब भी ऑफिस बन्द होता वो मेरे घर आ जाती और हम जम कर चुदाई करते. वह बहुत ही मस्त गांड मरवाती थी और मुझे भी जम कर मज़ा मिलता था. दूसरी बार जब वह आई तो मैंने उसकी चूत भी मारी. दोस्तों, आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि गांड मरवा चुकने के बावजूद उसकी चूत कुंवारी थी. लेकिन यह कहानी फिर कभी. तब तक के लिए नमस्कार.

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