छोटी बहन की सील तोड़ी

वो मुझपर चिल्लाने लगी- भैया ये आप क्या कर रहे हैं? कोई अपनी बहन के साथ ऐसा करता है क्या?

दोस्तों, यह मेरी पहली कहानी है और यह मेरे साथ घटी एकदम सत्य घटना है. उम्मीद है कि आपको मेरी कहानी पसंद आएगी.

मेरा नाम आयुष है. मैं इंदौर का रहने वाला हूँ और मेरी उम्र 22 वर्ष है. मेरे परिवार में मेरे अलावा एक बड़ा भाई, माँ- पापा और एक छोटी बहन है.
मेरी बहन का नाम निशा है और उसकी उम्र 19 साल है. मैं आपको अपनी बहन के बारे में बता दूं, उसका फिगर बहुत ही मस्त है, शायद 34 30 34 का होगा और वो पढ़ने कॉलेज जाती है.

शुरुआत में मेरे मन में उसके लिए कभी कोई बुरा ख्याल नही था. बात उन दिनों की है, जब वह 12वीं में थी. बड़े भाई की शादी हो गयी थी इसलिए वह साथ नहीं रहते थे. हम भाई-बहन इतने बड़े हो जाने के बाद भी साथ में मस्ती किया करते थे. हमारा एक ही रूम था जिसमे दो बेड लगे थे.

एक बार हम मस्ती कर रहे थे, कि गलती से मेरा हाथ उसके दुग्ध कलशों से छू गया. वह कसमसा गयी और वहां से भाग गयी. उस समय मुझे हाथों पर बहुत मुलायम सा अहसास हुआ था. उसके बाद मैंने उसके बूब्स को नग्न देखने का इरादा बना लिया.

मैं मौका ढूंढने लगा कि कब मैं निशा के बोबों को देखूं. अब जब भी हम मस्ती करते मैं जानबूझ कर उसके मम्मों को छू देता. एक दिन मैंने हिम्मत करके उससे पूछा कि उसका कोई बॉयफ्रेंड है क्या? उसने मुझे न में जवाब दिया. मैंने पूछा- क्यों नही है? इसपर निशा ने जवाब दिया- भैया मुझे ये सब बातें पसंद नहीं हैं और वह वहां से चली गयी.

अब मुझे रात में नींद कैसे आती. मैं अपनी बहन को सोच कर मुठ मारने लगा. एक दिन की बात है जब मैं रात में पानी पीने के लिए उठा तो मैंने देखा कि निशा की टी-शर्ट ऊपर हो गयी थी और उसका पूरा पेट दिखाई दे रहा था. मेरा लंड खड़ा हो गया.

मैं हिम्मत कर के उसके पास बैठा और उसकी कमर को छुआ. वह हिल गयी पर उठी नहीं. मैंने अपना एक हाथ उसके मम्मों पर रखा और धीरे से सहलाने लगा. मुझे बहुत मजा आ रहा था. फिर मैंने अपना हाथ उसके टी-शर्ट के अंदर डाला. उसने ब्रा नहीं पहना था रात में. मेरा हाथ जैसे ही उसके मम्मों से टच हुआ, मेरे शरीर में मानों करंट दौड़ गया हो. मैंने उसके मम्मों को जोर से दबा दिया. जिससे वो उठ कर बैठ गयी और मेरी फट गयी कि अब तो मैं गया.

वो मुझपर चिल्लाने लगी- भैया ये आप क्या कर रहे हैं? कोई अपनी बहन के साथ ऐसा करता है क्या?

मैंने बोला- देख निशा, बस मैं तो पानी पीनेके लिए उठा था पर तेरा पेट देख के मेरा मन नहीं माना.

निशा ने जवाब दिया- लेकिन भैया, मैं आपकी सगी बहन हूँ! आप मेरे साथ ऐसा करने की सोच भी कैसे सकते हैं?

मैंने पटाने की कोशिश करते हुए बोला- देख निशा! इस उम्र में सब का मन करता है, ये सब करने का. तेरा नहीं करता क्या?

निशा पलट कर बोली- मन करे तो क्या तुम अपनी बहन के साथ ऐसा करोगे?

मैंने उसे समझाया- निशा प्लीज, समझ न मेरी भावनाएं. तेरा मन नहीं करता क्या?

निशा- नहीं करता. आप जाओ यहां से.

मैं उसके पास गया और उसके होठों पर हाथ फिराते हुए बोला- बस निशा एक बार साथ दे देख, तुझे भी मज़ा आएगा.

निशा- नहीं भैया, आप जाओ मुझे नहीं करना ये सब.

पर मैंने कुछ नहीं सुना और उसे बिस्तर पर धकेल कर उसके होठों पे अपने होठ रख दिए और किस करने लगा. उसने अपने आप को छुड़ाने की पूरी कोशिश की. इससे पहले की वो अपने आप को मुझसे छुड़ा लेती मैंने उसके लोअर में हाथ डाल दिया और उसकी कुवारी चूत को दबाने लगा. वो गरम हो गयी और न चाहते हुए भी मेरा साथ देने लगी. मैंने अपना एक हाथ उसके मम्मों पर रखा और मसलने लगा. निशा की सिसकियां निकलने लगी- आह भाई! मत करो ऐसा.

मैंने उसकी टी-शर्ट को उतार दिया जिससे मुझे उनके दर्शन हुए, जिनके लिए मैं मरा जा रहा था. क्या बताऊ दोस्तों क्या मम्मे थे? मैं देखते ही टूट पड़ा. उसके मम्मों को चूसते हुए मैंने अपने एक हाथ से उसकी चूत को सहलाना जारी रखा. अब उसे अहसास होने लगा कि आज वो चुदने वाली है कुछ भी हो जाए. तो उसने भी मेरा साथ देने में अपनी भलाई समझी और मेरे खड़े 8 इंच के लंड को अपने हाथों में पकड़ लिया.

मेरी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा. अब मैंने उसके लोअर और पेंटी को भी उतार दिया. क्या नज़रा था? कुवारी चूत और उसके ऊपर भूरी झांटो का जमावड़ा था.

मैंने उसे कहा- निशा, अपने भाई का लंड कैसा लगा.

उसने कहा- भाई आपका बहुत मस्त है.

मैं बोला- फिर निशा अपने भाई का मुंह में लोगी न?

उसने हाँ में सर हिलाया. मैंने अपना लंड उसके मुंह में दे दिया और वो चूसने लगी. जब उसने चूस कर मेरा पानी निकाल दिया तो मैंने उसकी कुवारी चूत को चूसना शुरू किया. वो सिसकियां भरने लगी अहह ऊईई उम्म अअअअअ हांआआ कुछ ही देर में उसने पानी छोड़ दिया.

अब मैंने अपना लंड उसकी चूत में डालने के लिए तैयार किया तो निशा डरने लगी- भाई मत करो. आगे कुछ हो जायेगा तो?

मैंने समझाया- बेबी, ऐसा कुछ भी नहीं होगा बस थोडा दर्द होगा शुरू में फिर बहुत मज़ा आएगा.

निशा – नहीं भाई मत करो.

मैंने बोला- चल नहीं करता बस ऊपर से थोडा कर लेने दे अंदर नहीं डालूँगा.

वो मान गयी, मैंने अपना लंड उसकी चूत पर फिरना शुरू किया. थोड़ी देर में निशा ज्यादा गरम हो गयी और बोलो- भाई, अब मत तड़पाओ अंदर डाल दो.
मुझे इसी पल का इंतज़ार था मैंने अपना लंड उसकी चूत पर जमाया और एक जोरदार धक्का मर कर अपना आधा लण्ड उसकी चूत में डाल दिया.

वह चिल्लाने लगी- अहह ऊईई, भाई निकालो इसे मुझे दर्द हो रहा है. मैंने उसे और मौका नहीं दिया और उसके होठों पे अपने होठ जमा दिए और अपना बचा आधा लण्ड उसकी चूत में डाल दिया. उसे बहुत दर्द हुआ पर मैंने उसे चिल्लाने का मौका ही नहीं दिया. जब उसका दर्द थोडा कम हुआ तो मैं अपने लण्ड को हिला- हिलाकर उसे चोदने लगा. उसकी चूत से खून निकला था पर मैंने उसे बताया नहीं वर्ना वो ज्यादा डर जाती.

अब उसे मज़ा आने लगा और वो मेरी मदद करने लगी. लगभग 15 मिनट बाद हम दोनों साथ में झड़ गए और मैंने अपना सारा पानी उसकी चूत में ही गिरा दिया.

अब हम थक चुके थे. हम थोड़ी देर वैसे ही पड़े रहे उसके बाद वो उठी और खून देखा तो रोने लगी-देखो भाई, तुमने क्या किया? अब मैं क्या करूंगी?मुझे दर्द होगा. मैंने उसका डर दूर किया- नहीं छोटी कुछ नहीं होगा. मैं तुझे गोली ला दूंगा, फिर तुझे कुछ नहीं होगा दर्द भी नहीं और बच्चा भी नहीं.

उसने हाँ में जवाब दिया उसके बाद वो उठी और अपने आप को साफ किया और हम दोनो सो गए.
उसके बाद हम रोज़ चुदाई करने लगे और मज़े लेने लगे. अब मेरी जॉब लग गयी और मैं घर नहीं जा पाता पर जब भी मैं घर जाता हूँ मौका देखकर अपनी छोटी बहन को मजा दे आता हूँ.

तो दोस्तों ये थी मेरी पहली और सच्ची कहानी
आप को केसी लगी प्लीज़ जवाब जरूर दें.
मुझे आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतज़ार रहेगा.
मेरी मेल आईडी- [email protected]

अगर आपकी प्रतिक्रया अच्छी मिली तो एक और सच्ची घटना के साथ लौटूंगा।

4 Replies to “छोटी बहन की सील तोड़ी”

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