बस में चूत में उंगली करके क्लासमेट को किया शांत

मेरी क्लासमेट मुझसे चुदवाना चाहती थी लेकिन मैं शर्मीला होने की वजह से कुछ नहीं कर पाया था. उसके बर्थडे वाले दिन आखिरकार उसने कॉलेज बस में साफ – साफ कह दिया. फिर क्या हुआ जानने के लिए पढ़ें कहानी…

नमस्कार दोस्तों, ये मेरी पहली कहानी है. मैं 24 साल का एक नौजवान लड़का हूँ. मेरा कद 5 फुट और 9 इंच और वजन 82 किलोग्राम है. मेरा रंग सांवला है. मैंने हाल ही में अपना एमबीबीएस कंप्लीट किया है और अभी मैं एक प्रसिद्ध डॉक्टर के साथ इंटर्नशिप कर रहा हूँ.

अब सीधा कहानी पर आते हैं. ये बात तक की है जब मैं कॉलेज में पढ़ता था. मैं रोज अपने कॉलेज बस से जाता था. मेरे पास ही एक लड़की भी रहती थी, जो मेरे साथ ही कॉलेज जाती थी. हमारा घर सबसे दूर था, इस कारण अंत में बस में सिर्फ हम दोनों ही बचते थे.

उसका नाम अनुष्का था लेकिन जानने वाले लोग उसे अनु नाम से ही बुलाते थे. वह मेरी ही कक्षा में पढ़ती थी. उसका रंग गोरा था और हाइट करीब 5 फुट और 3 इंच थी. उसका वजह 50 किलोग्राम के करीब था. शक्ल से वह बहुत ही सुंदर और मासूम दिखती थी. उसकी उम्र के हिसाब से उसके चूचे कुछ ज्यादा ही विकसित हो गए थे. उस टाइम उसका फिगर 34-28-36 का था.

दोस्तों, वो पीछे वाली सीट पर बैठती थी और जब बस खाली हो जाती तो वह मुझे अपने पास बुला लेती थी. फिर हम साइड में होकर चिपक कर बैठते और एक – दूसरे से बात करते. बीच-बीच में वो किसी न किसी बहाने अपने बूब्स को मेरे हाथ से टच करा देती थी. इससे मेरे शरीर में एक अजब सी लहर दौड़ जाती.

दोस्तों, उस टाइम मैं बहुत शर्मीले किस्म का लड़का था, इसलिए उसके इतना करने के बावजूद काफी दिनों तक मैं कुछ नहीं नहीं कर पाया. कुछ दिन ऐसे ही चलता रहा. एक दिन उसका जन्मदिन आया. उस दिन वो एक दम टाइट शर्ट पहन कर कॉलेज आई थी. शर्ट में से ऐसा लग रहा था, जैसे उसके बूब्स बाहर आने के लिए बेताब हों.

उस दिन लौटते बस खाली होने पर हम रोज की तरह पास – पास बैठे थे. तभी उसने मुझे कहा – राहुल, देखो न मेरा दिल कितनी जोरों से धड़क रहा है. इतना कह कर उसने मेरा हाथ अपनी छाती पर रख दिया. इस पर मैं कुछ बोलता उससे पहले ही उसने कहा कि शर्ट के ऊपर से नहीं समझ आ रहा हो गया और फिर इतना कह कर मेरा हाथ अंदर डाल लिया.

इतना करने के बाद अनु ने कहा – तुम ही देखो राहुल, कितनी जोरों से मेरा दिल धड़क रहा है, सब कह रहे हैं कि मैं मोटी हो गई हूँ, तुम मेरे सबसे अच्छे दोस्त हो आज तुम्हीं मुझे देख कर बताओ क्या मैं सच में मोटी हो गई हूँ!

इतना कहने के बाद वह अपने शर्ट का बटन खोलने लगी. जब सारे बटन खुल गए तो मुझसे बोली, अब देखो मुझे और बताओ कि क्या मैं मोटी हूँ. मैं क्या बताता मेरी तो बोलती कब की बन्द हो चुकी थी. मेरा एक हाथ अभी भी उसके एक चूचे पर था और मैं उसके गोरे पेट और अध नंगी छाती को घूर रहा था.

उसके फिर से पूछने पर मैं बोला – नहीं अनु, तुम्हारे जितनी सुंदर लड़की तो मैंने आज तक देखी ही नहीं, तुम्हें देख कर लगता है कि अभी के अभी तुम्हें गले लगा लूं. यह सुन कर वह चहक उठी और बोली – तो रोका किसने है और आज तो मेरा जन्मदिन भी और मुझे अपना गिफ्ट भी तो चाहिए.

यह सुन कर मैं बिना देर किए अपना हाथ उसकी शर्ट के अंदर से पीठ पर ले गया और पीठ सहलाते हुए उसे हग लर लिया. हग करते हुए मैंने उससे कहा बोल तुझे क्या बर्थडे गिफ्ट चाहिए? तो वह बोली – वही, जो इतने दिनों से तू अपनी पैंट में छुपाकर घूम रहा है.

इतना कह कर उसने पैंट के ऊपर से ही मेरे खड़े लन्ड को पकड़ लिया और दबाने लगी. अब इधर मैं उसके गले से लगा हुआ उसकी गर्दन को चूम रहा था.

तभी अनु बोली – कितने दिनों से मैं इसे छूने के लिए तरस रही थी, बस अब रुका नहीं जाता जल्दी इसे बाहर निकाल मुझे छोटे राहुल से मिलना है.

इतना बोलने के बाद उसने मेरी चैन खोल दी और अंडर वियर से मेरा खड़ा लन्ड बाहर निकाल लिया और उसे हाथों में लेकर उसके साथ खेलने लगी. कुछ देर खेलने के बाद अनु बोली – मुझे तो मेरा लॉलीपॉप मिल गया.

इतना कह कर उसने बिना देर किए मेरा लन्ड अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगी. अब मैं बस अपनी आंखें बंद किए हुए उसके गर्म मुंह का मज़ा ले रहा था, साथ में उसकी शर्ट के अंदर हाथ डाले हुए उसकी पीठ को भी सहला रहा था.

उसने अपने थूक से मेरा लन्ड पूरा गीला कर दिया था. इसी बीच एक हाथ से मैंने उसकी ब्रा का हुक खोल दिया. उसने बिना कुछ बोले शर्ट के अंदर से ही अपनी ब्रा उतार दी. अब उसके गोरे – गोरे चूचे मेरे सामने एक दम आजाद थे.

दोस्तों, उसके बाल ऊपर की तरफ बंधे हुए थे और दाएं हाथ की तरफ एक लट लटक रही थी. इसकी वजह से वह बहुत ही मस्त दिख रही थी. जब मैंने देखा तो पाया कि उसकी आंखों में एक अजीब सा नशा छाया हुआ था.

उस समय वह इतनी हॉट दिख रही थी कि याद करने पर आज भी मुझे सब सामने ही दिखाई देता है. तभी मैंने अपने दोनों हाथों से उसके दोनों चूचे दबा दिए और उसके होंठों को चूसने लगा.

कसम से उसके होंठों का स्वाद मुझे स्ट्रेबेरी आइसक्रीम से कम नहीं लग रहा था. उधर वो एक हाथ से मेरा लन्ड हिला रही थी. 5 मिनट तक ऐसे ही चलता रहा. फिर मैंने उसका एक चूचा मुंह में भर लिया और एक हाथ उसकी पैंट में डाल दिया.

वो एक दम आग की तरह गर्म चुकी थी. फिर उसने मुझे धक्का दे दिया और झट से एक बार मेरा लन्ड अपने मुंह में लेकर चूसने लगी. अब मैं उसकी चूत को सहला रहा था. उसकी चूत से पानी निकल रहा था.

उसकी मस्त चुसाई की वजह से इस बार मैं अपने आप को ज्यादा देर तक रोक नहीं पाया और 5 मिनट में ही मैं उसके मुंह में झड़ गया. वह मेरा सारा माल पी गई और फिर से लड़ चूसने लगी. उसकी लन्ड चुसाई देख कर ऐसा लग रहा था जैसे इस काम में उसे महारथ हासिल हो. जब मैंने उससे इस बारे में पूछा तो उसने बताया कि उसके पापा के दोस्त ने बहुत बार उससे ये सब करवाया है.

लन्ड चूसने के बाद अनु बोली – तेरा काम तो हो गया पर मैं तो अभी भी गर्म हूँ, ऐसा कर आज तू अपनी उंगली से ही इस बस में मेरा काम कर दे आगे का कल देखते हैं.

इतना कह कर उसने अपनी शर्ट की बटन बन्द कर ली लेकिन ब्रा नहीं पहना. फिर उसने अपनी जीन्स का हुक खोल दिया और मुझसे एक दम चिपक कर बैठ गई.

मेरा एक हाथ उसकी गर्दन के पीछे से उसकी शर्ट के अंदर जाकर उसके चूचे दबा रहा था और एक हाथ से मैं उसकी चूत में उंगली कर रहा था. बीच – बीच में मैं उसके निप्पल्स को भी दबा देता था, तब वह मेरी गर्दन पर काट लेती थी. करीब 5 मिनट उंगली करने के बाद वह झड़ गई और फिर शांत हो गई. इसके बाद हमने अपने कपड़े ठीक किए और घर आने पर उतर गए.

इसके बाद मैंने उसे कैसे चोदा ये अगली कहानी में तब तक के नमस्कार. आपको यह कहानी कैसी लगी मुझे मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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