कॉलेज की जूनियर गर्लफ्रेंड की चुदाई

मेरी यह कहानी तब की है जब मैं मेडिकल की पढ़ाई कर रहा था. इस कहानी में मैं बताऊंगा कि किस तरह मैंने अपनी जूनियर (फर्स्ट ईयर) लड़की को गर्लफ्रेंड बनाया और अपने रूम में उसकी चुदाई की…

हाय दोस्तों, मेरा नाम सलमान है और मैं मुंबई का रहने वाला हूं. मेरी हाइट 5 फुट 8 इंच है. मैं हाई क्लास फैमिली से हूं और बंगलोर से डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहा हूं. ये मेरी पहली स्टोरी है, इसमें अगर कुछ गलती होतो माफ करना.

अब स्टोरी पर आते हैं. बात आज से करीब 2 साल पहले की है. हम 2 दोस्त साथ में एक रूम ले कर रहते थे. हम लोग रोज कॉलेज जाते थे. हमारी कॉलेज लाइफ मस्त चल रही थी.

जब मैं सेकंड ईयर में पहुंचा तो एक दिन कॉलेज में फ्रेशर पार्टी का आयोजन हुआ था. आप तो जानते ही हैं कि उस दिन नए आए जूनियर्स से प्यार से कुछ भी बोलो वो करते हैं. क्योंकि उन्हें भी सीनियर से नजदीकी बढ़ानी होती है.

फ्रेशर पार्टी चल रही थी. मैं अपने रूम मेट के साथ बैठा था. तभी हमें एक जूनियर लड़की दिखाई दी. वो हम दोनों को पसंद आई. फिर दोनों ने उसको बुला कर नाम पूछा और उसको पटाने में लग गए. हमने तय किया कि ट्राई दोनों करते हैं, जिस से पट गई उसकी हो जाएगी. इतना तय करके फिर हम लोग लग गए.

उसको पटाने में काफी दिन लग गए. जूनियर थी तो एक दिन मैंने उससे कहा कि कुछ नोट्स वगैरह चाहिए तो बता देना. दोस्तों, मैं पढ़ने में ठीक ठाक था और मैंने काफी नोट्स बना रखे थे. और जब लड़की नई – नई होती है तो उसकी थोड़ी भी हेल्प कर दो तो जल्दी पट जाती है.

मेरा दांव एक दम फिट बैठा. उसने मुझसे नोट्स मांगा और फिर धीरे – धीरे वो मुझसे पट गई. अब धीरे – धीरे मेरी थोड़ी – बहुत बात उससे होने लगी. ऐसे कुछ दिन बीत गए. शुरू में जब वो हमारे रूम में आती तो रूम मेट थोड़ा अपसेट सा रहता था. लेकिन बाद में वो उसने दूसरा रूम ले लिया और वहां रहने लगा.

अब मुझे और मेरी गर्लफ्रेंड को बात करने में कोई प्रॉब्लम नहीं होती थी. वो आती और रूम मेट दूसरे कमरे में चला जाता. फिर हम ढेर सारी बातें करते. धीरे – धीरे हमारे बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं और हम हर तरह की बातें करने लगे थे. धीरे – धीरे हमारे बीच किस करना शुरू हो गया.

सॉरी, दोस्तों मैंने अभी तक आप लोगों को उसका नाम ही नहीं बताया. उसका नाम रिया था. उसका रंग बिल्कुल गोरा था और 32 30 32 का फिगर था. उसकी फेस कटिंग भी जबरदस्त थी. कुल मिला कर वह एक दम मस्त माल थी.

इसी तरह काफी दिन बीत गए. हमारे बीच सिर्फ किस ही हो पाती थी. इसके आगे बढ़ने पर वो बोलती इतनी भी जल्दी क्या है फिर कभी कर लेना. ये कह कर वो बात टाल देती थी. मुझे तो चुदाई की तलब लगी थी लेकिन वो हो ही नहीं पा रही थी.

एक दिन मैंने चुदाई का प्लान बनाया. उस दिन मैंने पहले से ही बियर और कोल्ड ड्रिंक लाकर रख ली थी. फिर जब वो आई तो पहले हमने किसिंग किया. इस दौरान मैंने उसके बूब्स भी मसले. मैं आपको बताना भूल गया था कि अब वो थोड़ा मौका देने लगी थी. मैं उसके बूब्स मसल देता था. उसके कपड़ों के अंदर हाथ भी डाल देता था और उसकी चूत भी सहला देता था.

खैर, अब कहानी में आगे बढ़ते हैं. किस करने और बूब्स मसलने के बाद हम अलग हुए. फिर मैंने उससे कोल्ड ड्रिंक पीने को पूछा तो उसने हां कर दी. मैं अंदर गया और कोल्ड ड्रिंक में बियर मिलाई और ले आया. इसके बाद एक ग्लास उसे दे दी और एक मैंने ले ली.

वो उसे पीने लगी. अभी उसने थोड़ा ही पिया था कि उसे कड़वाहट महसूस हुई तो बोली कि ये कड़वी क्यों हैं? लेकिन मैंने उसे कोई जवाब नहीं दिया और इधर – उधर करके बात को टाल दिया. इसके बाद हमने अपनी ग्लास का पूरा कोल्ड ड्रिंक खत्म किया और फिर एक – दूसरे को किस करने लगे. आज वह कुछ ज्यादा ही फॉर्म में लग रही थी.

हम काफी देर तक किस करते रहे. इस दौरान मैं उसके मम्मों और चूत को भी लगातार सहलाता जा रहा था. कुछ देर बाद बियर ने भी अपना काम शुर कर दिया. अब वो मुझे रोक नहीं रही थी.

मैंने उसके पूरे बदन में कपड़ों के ऊपर से किस कर रहा था. किस करने के दौरान जब मैं उसके मम्मों पर पहुंचता तो दांतों से उसके मम्मों को हल्के से काट भी लेता. वो कुछ बोल नहीं रही थी. बस सिसकारी ले रही थी. कितना मजा आ रहा था दोस्तों बता नहीं सकता.

काफी देर तक यही चलता रहा. मैंने कपड़ों के ऊपर से उसकी चूत पर भी किस किया था. थोड़ी देर बाद बाद वो खुद ही बोली – अब डाल दो कंट्रोल नहीं हो रहा हैं, प्लीज अब अंदर डाल दो और पूरो तरह अपना लो मुझे.

उसकी यह बात सुन कर मैंने उसके और अपने सारे कपड़े उतार दिए. अब वो मेरे सामने जन्मजात नंगी खड़ी थी. फिर मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया और उसकी चूत में अपनी एक फिंगर डाल दी. मेरे ऐसा करने पर उसे दर्द हुआ और वह चिहुंक उठी. यह देख मैं समझ गया माल सील पैक है. लड़की अभी तक चुदी नहीं है.

फिर मैं काफी देर फिंगरिंग करता रहा. जब उसकी चूत पूरी गीली हो गई तो मैंने अपना 8 इंच का लंड उसकी चूत पर रखा और रगड़ने लगा. मैंने सोचा कि इसे और थोड़ा और तड़पाता हूं. लन्ड रगड़ने से वो सिसकारी भरने लगी.

फिर मैंने देखा कि लोहा एकदम गरम है अब हथौड़ा मार देना चाहिए. फिर मैंने उसको कस कर पकड़ा और तेल लेकर उसकी चूत और अपने लंड पर अच्छे से लगाया. इसके बाद मैंने एक धक्का मारा और मेरा थोड़ा सा लंड उसकी चूत में घुस गया.

इससे उसे दर्द हुआ और वो चिलाने लगी. फिर मैं रुक गया और उसको किस करने लगा. थोड़ी देर तक किस करने के बाद जब वो थोड़ा हिली तो फिर से मैंने एक शॉट मारा. इस बार मेरा आधा लन्ड उसकी चूत में चला गया. अब उसकी सील टूट चुकी थी और उसकी चूत से खून आने लगा था. यह देख वो गाली देते हुए बोली – मादरचोद, अब निकल लो मुझे नहीं चुदवाना.

लेकिन मैंने लन्ड बाहर नहीं निकाला. फिर थोड़ा समझाने के बाद वो मान गई. इसके बाद मैंने फिर एक धक्का मारा तो मेरा पूरा लन्ड अंदर चला गया. दर्द से वो तड़प रही थी. यह देख फिर मैं धीरे – धीरे अंदर – बाहर करने लगा. थोड़ी देर बाद उसे भी मजा आने लगा तो बोली और जोर से चोदो… और तेज… डाल दो पूरा… बहुत दिन से चुदवाने की सोच रही थी पर बोल नहीं पाती थी.

फिर मैंने उसको घोड़ी बनाया और पीछे से लन्ड डाल कर चोदने लगा. करीब 15 मिनट तक हमारी चुदाई चलती रही. अब तक वो 2 बार झड़ चुकी थी. तभी फिर से वो बोली कि मेरा फिर होने वाला है. उसकी चूत ने पानी छोड़ा और फिर उसके काम रस की गर्मी में मेरा लन्ड भी पिघल गया और वीर्य से उसकी चूत को भर दिया.

इसके बाद दोनों साथ में चिपक कर लेटे रहे और पता नहीं कब सो गए. फिर हम उठे और बाथरूम में जाकर खुद को साफ़ किया. इसके बाद मैं उसको हॉस्टल छोड़ आया. क्योंकि 6 बज चुके थे और 7 बजे हॉस्टल बंद हो जाता था.

अब मेरी और रिया से खूब बात होती थीं. हम लोग बाहर घूमने जाते थे. जब भी कभी वो मेरे रूम पर आती थी तो हम लोग खूब चुदाई करते थे.

बाद में उसने बताया कि उस दिन उसे कुछ नहीं हुआ था. उसे बियर से नशा नहीं होता है. वो अक्सर पीती है. वो तो उसने बहाना किया था क्योंकि उसे भी चुदवाना था.

कुछ दिन बाद उसकी तबियत खराब हो गई और वो हॉस्पिटल में एडमिट हो गई. तब मैं उसे देखने जाता था. मेरा रूम मेट भी देखने आता था और घंटों बैठ कर उससे बात करता था.

एक दिन की बात है. मैं अपने रूम पर था. शाम का टाइम था. मैं बाहर घूमने निकला तो रूम मेट के रूम के पास से जा रहा था. तभी मुझे रिया की एक्टिवा मेरे रूम मेट की बिल्डिंग के नीचे दिखाई दी.

उसे देख मेरा माथा ठनका तो मैं ऊपर गया और बेल बजाई तो काफी टाइम बाद मेरे दोस्त ने दरवाजा खोला. उसे देख कर मेरा दिमाग खराब हो गया. मेरा रूम मेट सिर्फ टॉवल में और उसके सारे कपड़े उतरे हुए थे. आगे क्या हुआ ये मैं नेक्स्ट स्टोरी में बताऊंगा.

आपको मेरी स्टोरी कैसी लगी? मुझे मेल करके जरूर बताना. किसी को कुछ प्राइवेट प्रॉब्लम हो तो भी बताना. डॉक्टर हूं शायद कुछ हेल्प कर दूं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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