कॉलेज की लड़की को फ़ेसबुक की मदद से चोदा

हम साथ में एक ही कॉलेज में पढ़े थे. लेकिन उस दौरान हमारी बात नहीं होती थी. कॉलेज से निकलने के 1 साल बाद फेसबुक की मदद से मैं उससे जुड़ा और कैसे हम चुदाई तक पहुंचे ये मेरी इस कहानी में पढ़ें…

हेलो दोस्तों, मेरा नाम राहुल जैन है. मैं भोपाल में रहता हूँ और पिछले ही साल मेरी शादी हुई है. अन्तर्वासना पर ये मेरी पहली कहानी है, उम्मीद है आप सब को पसन्द आएगी.

दोस्तों, मुझे मुठ मारने की आदत तो 10 वीं क्लास से ही लग गई थी. लेकिन मेरी ख्वाहिश तो कॉलेज कंपलीट करने के बाद पूरी हुई. स्कूल और कॉलेज के टाइम मैं बहुत ही दुबला – पतला सा लड़का था. इस वजह से कोई लड़की घास नहीं डालती थी. लेकिन कॉलेज के बाद जब मेरी जॉब लग गई तो मेरी सेहत में काफी सुधार आ गया.

जब मैं दिखने में अच्छा लगने लगा तो मैंने फेसबुक पर अपनी फ़ोटो चेंज की. इसके बाद कुछ रेस्पॉन्स आने शुरू हुए. उनमें से एक लड़की भी थी. वह मेरे कॉलेज की ही थी. उसका नाम रमा था. कॉलेज के दिनों में रमा से बात कम ही होती थी और यह बात मेरे कॉलेज खत्म होने के करीब 1 साल बाद की है.

दोस्तों, रमा दिखने में मस्त माल थी. उसके जिस्म को याद करके आज भी लंड खड़ा हो जाता है. रमा से मेरी बात फ़ेसबुक से ही शुरू हुई. कुछ ही दिनों में हम अच्छे दोस्त बन गए.

मुझे लड़की पटाने के तरीके के बारे में ज्यादा जानकारी थी नहीं. इसलिए एक दिन बात करते – करते मैंने उससे बोला कि मुझे तुमसे कुछ बात करनी है. जब उसने बोलने को कहा तो मैंने बताया कि मैं पिछले 2 साल से उसे बहुत प्यार करता हूँ, लेकिन बोलने की हिम्मत नहीं हुई क्योंकि कॉलेज टाइम तुम तो मेरी तरफ देखती तक नहीं थी.

मेरे यह कहने के बाद उसने कुछ नहीं कहा और बाद में बात करती हूँ बोल कर ऑफलाइन हो गई. अगले दिन मैंने उसे मैसेज किया कि अगर मेरी बात तुम्हें बुरी लगी हो तो माफ कर देना लेकिन मेरे दिल में जो भी था वह मैंने तुमसे कह दिया.

उसे मेरी कहानी सच्ची लगी और फिर वह मुझसे बोली कि मम्मी – पापा को मना लोगे? इस पर मैंने कहा कि पहले तुम मान जाओ तो वो बोली कि मैं मान गई हूँ तभी तो मम्मी – पापा को मनाने के लिए बोला है.

अब तो जैसे मेरी लॉटरी लग गई. मुझे बस अब उसकी चुदाई करना ही दिख रहा था. वह अप्रैल का महीना था और गर्मी बहुत ज्यादा हो रही थी. मैं मिलने का प्लान बनाता और वो घूमने का प्लान बनाती लेकिन गर्मी के कारण हम बाहर नहीं निकलते और मिल भी नहीं पाते थे.

फिर मैंने अपने एक दोस्त से बोल कर रूम का जुगाड़ करवाया और उससे बोला कि चलो आज मूवी देखने चलते हैं. वो मां गई. मूवी देखने जाते समय रास्ते में मैंने पेट दर्द का बहाना बनाया और उससे बोला कि पास ही में मेरा दोस्त रहता हैं पहले वहां चलते हैं.

मेरी हालात देख कर वह मां गई और हम दोस्त के रूम पर आ गए. हमारे वहां पहुंचने के बाद मेरा दोस्त कुछ काम का बहाना बना कर बाहर चला गया. यह सब देख कर वह मेरा प्लान समझ गई और बोली, यह सब तुमने प्लान किया है न? तुम्हें पेट दर्द नहीं हुआ है न?

तब मैंने उससे कहा कि तुम इतना समझदार हो मुझे पता ही नहीं था. इस पर वह कुछ नहीं बोली, लेकिन अब वह मुझे अपने करीब आने ही नहीं दे रही थी. यह देख तब मैंने कहा कि ठीक है सिर्फ 5 किस ही दे दो. तब उसने कहा ठीक है लेकिन सिर्फ 5 किस और वो भी गाल पर, बाकी सब कुछ शादी के बाद!

यह सुनते ही मैंने फट से उसे अपनी ओर खींच लिया और 1 उसके गाल पर, 1 माथे पर, 1 नाक पर, 1 आंख पर और लास्ट वाला उसके होंठों पर किस किया. फिर धीरे – धीरे हम स्मूच करने लगे.

मैंने उसे लिटा कर करीब 10 मिनट तक किस किया. अब मेरे हाथ धीरे – धीरे उसकी टी-शर्ट के ऊपर से उसके दूध पर चलने लगे. जिससे वो अपना होश खो रही थी और मैं उस पर अपनी पकड़ बना रहा था.

अब हम दोनों एक – दूसरे से लिपट चुके थे. फिर मैंने धीरे से उसके टी-शर्ट को निकाल कर फेंक दिया. ब्रा में वह एक दम क़यामत लग रही थी. फिर जैसे ही मैंने उसके ब्रा को उतारने की कोशिश की उज़्ने मेरा हाथ पकड़ लिया.

अब मैंने उसे प्यार की बातों में उलझाया और ब्रा के अंदर से उसके मासूस और मुलायम संतरों को आज़ाद कर दिया. अब उससे भी सहन नहीं हो रहा था. फिर थोड़ी देर बाद उसने भी मेरी शर्ट निकाल फेंकी. अब हम दोनों के बदन में आग लग चुकी थी.

उसने जीन्स पहन रखा था. अब मैं उसकी जीन्स के ऊपर से ही उसकी चूत पर हाथ फेर रहा था और धीरे – धीरे उसका जीन्स भी निकालने की कोशिश कर रहा था. कुछ ही देर में मैंने उसके जीन्स को उसके बदन से अलग कर दिया. अब वह सिर्फ पैंटी में थी. फिर मैंने भी झट से अपना अंदर वियर उतार फेंका.

मेरा लन्ड देख कर जैसे उसे हिचकियाँ आने लगी हों. अब वह एक बार फिर से मना करने लगी. वह कह रही थी कि ये सब शादी के पहले नहीं लेकिन फिर मेरी प्यार भरी बातों में आकर उसने अपनी टांगें खोल दी और पैंटी को साइड में करके लन्ड डालने की जगह दिखा दी.

अब मैंने फट से उसकी पैंटी को निकाली और लन्ड उसकी चूत पर रखा ही था कि चिल्लाई और बोली कि रुको! मुझे डर लग रहा है, आराम से करना दर्द होता है बहुत! अब मेरे लन्ड की प्यास बुझने का समय आ गया था.

अभी मेरा लन्ड थोड़ा सा ही अंदर गया था कि वह चिल्लाने लगी और बाहर निकालने के लिए कहने लगी. वह कह रही थी कि निकालो इसे, बहुत दर्द हो रहा है, मैं मर जाऊंगी, जल्दी निकालो! लेकिन मैंने लन्ड बाहर नहीं निकाला और उसे किस करने लगा.

थोड़ी देर में वो फिर से मूड में आ गई और इस बार मैंने उसकी चूत में अपना पूरा लन्ड डालने की सोच रहा था. उसे किस करते – करते मैंने अचानक ही पूरा लन्ड पेल दिया. मैं अभी भी उसे किस कर रहा था. थोड़ा दर्द होने के बाद फिर उसे मज़ा आने लगा और वो धीरे – धीरे ‘आह आह ओह्ह यस आह मज़ा आ रहा है आह राहुल अब बहुत मज़ा आ रहा है’ करने लगी.

मैं लगातार उसे चोदता जा रहा था. आखिर में मैंने अपना सारा माल उसकी चूत में ही छोड़ दिया. चुदाई के बाद उसका चलना भी मुश्किल हो रहा था. इस पूरे प्रोग्राम में हमें करीब 4 घंटे लग गए थे. अब हमें भूख भी लग रही थी.

फिर जब मैंने मोबाइल चेक किया तो दोस्त की 4 मिस कॉल पड़ी थी. उसके बाद मैंने दोस्त को बुलाया और फिर हम निकल गए. बाद में मैंने उसे बताया कि हमारी शादी में प्रॉब्लम आ रही है इसलिए यह नहीं हो सकती और इतना कह कर उससे रिश्ता खत्म कर लिया.

अगर आपको मेरी यह कहानी पसन्द आई हो तो मुझे मेल करें. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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