कॉलेज वाली गर्लफ्रेंड ने घर बुलाकर सील तुड़वाई

जब मैंने कॉलेज जाना शुरू किया तो एक लड़की से मेरी दोस्ती हो गई. दोस्ती धीरे – धीरे प्यार में बदल गई. फिर एक दिन उसने मुझे अपने घर बुलाया और अपनी सील तुड़वाई…

हेलो मेरे प्यारे दोस्तों, कैसे हो आप सब! ये कहानी मेरी और मेरी पहली गर्लफ्रैंड की है. यह मेरी पहली स्टोरी है तो अगर कोई गलती हों तो माफ़ करना. एक बात और कि हमने अपनी इस कहानी में गालियां या किसी भी तरह की हवाबाज़ी का इस्तेमाल नहीं किया, ये मेरी ज़िंदगी की बिल्कुल सच्ची कहानी है. उम्मीद करता हूं आप लोगों को पसंद आएगी.

अब आप सभी का समय बर्बाद न करते हुए मैं अपनी कहानी पर आता हूं. मेरा नाम दीपक है और मैं दिल्ली में रहता हूं. अभी मेरी आयु 29 वर्ष है और मैं दिखने में ठीक ठाक हूं.

बात उस समय की है जब मेरी आयु 22 वर्ष की थी. मैंने दिल्ली के एक प्रसिद्ध कॉलेज में एडमिशन लिया था. कुछ दिनों तक सब नॉर्मल रहा. इसी बीच वहां मेरी मुलाकात एक लड़की से हुई. उसका नाम साइमा था और उम्र 20 साल की थी. दोस्तों, उसका फिगर भी काफी अच्छा (32 28 30) था. कुल मिलाकर वो बहुत ही खूबसूरत थी.

मैं भी पढ़ने में ठीक ठाक था और वह भी तेज थी. इसी के चलते हम अच्छे दोस्त बन गए थे. कुछ दिन बाद हमने एक – दूसरे के मोबाइल नम्बर भी ले लिए और अब हम अक्सर एक – दूसरे को मैसेज भेजने लगे. धीरे – धीरे पढ़ाई के अलावा भी हमारे बीच दूसरे तरह की बातें होने लगीं.

अब हम एक – दूसरे को पसंद करने लग गए थे पर कह नहीं पा रहे थे. फिर हमने एक दिन उनसे अपना प्यार का इजहार कर दिया. उसने भी एक्सेप्ट कर लिया. उसके बाद अक्सर हम बाहर मिलने लगे, हम हाथों में हाथ लेकर घूमते रहते थे.

एक दिन हम पार्क में बैठे बाते कर रहे थे कि अचानक मौसम कुछ ज्यादा ही रोमांटिक हो गया था. यह देख हमने एक – दूसरे को बाहो में ले लिया और ना जाने कितनी देर तक हम हिले नहीं. जब हमें एहसास हुआ कि हम बाहर हैं तो हम झट से अलग हो गए.

फिर मैंने उसे उसके घर छोड़ दिया और खुद अपने घर चला आया. घर आने के बाद मेरा बिल्कुल भी मन नहीं लग रहा था तो मैंने उसे कॉल किया. फिर प्यार भरी बातें की. उसका भी कुछ यही हाल था.

एक दिन उसने मुझे बताया कि आज उसके परिवार वाले किसी शादी में जा रहे है और वो घर पर बिल्कुल अकेली है. उसकी यह बात सुन कर मैंने मज़ाक में ही कह दिया कि मैं आ जाऊं क्या तो उसने तुरंत ही हां कह दिया.

मेरी तो खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा. मैंने झट से बाइक उठाई और कुछ समय बाद ही उसके घर पहुंच गया. घर में घुसते ही मैंने उसे गले लगा लिया. पता नहीं हम लोगों को क्या हो गया था कि अलग होने का बिल्कुल मन ही नहीं कर रहा था.

फिर मैंने उसकी कमर पर हाथ फेरना चालू कर दिया. उसने मुझे और कस के अपनी बाहों में जकड़ लिया. फिर हम कुछ पल के लिए अलग हुए तो मैंने उसके माथे पर चूम लिया. उस समय वो शरमाती हुई बहुत ही प्यारी लग रही थी.

यह देख मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ कर मैंने फिर से उसे किस करने लगा. पहले माथे पर, फिर दोनों आंखों पर, फिर गालों पर और फिर उसकी आंखों में देखते हुए मैंने उसके होंठों को चूम लिया. वह सिहर सी गई. किस करने के साथ ही साथ मेरे हाथ उसकी पीठ और कमर चल रहे थे.

थोड़ी देर बाद किस करते हुए मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया और फिर अच्छे से उसके चेहरे, गले और कंधे पर चूमने लगा. बहुत मज़ा आ रहा था दोस्तों. ऐसा लग रहा था जैसे मैं जमीन पर होकर भी जन्नत के मज़े ले रहा हूं.

फिर थोड़ी देर बाद मैंने उसकी कुर्ती को उतार दिया. अब उसके मौसम्मी जैसे आकर के मम्मे गुलाबी ब्रा के अंदर से झांक रहे थे. कुछ देर के लिए तो मैं उनमें ही खो गया. थोड़ी देर बाद फिर मैंने उन्हें हाथ में पकड़ा और दबाने लगा. मेरे ऐसा करने से वो भी मस्त होने लगी. फिर थोड़ी देर बाद मैंने उसकी गुलाबी ब्रा भी उतार दी. अब उसके नंगे चूचे देख कर मेरे मुंह में पानी आ गया और फिर मैंने झट से उन्हें मुंह में भरा और चूसने लगा.

अब मैं कभी उसके एक चूचे को चूसता तो कभी दूसरे को. बड़ा मज़ा आ रहा था. इसी बीच उसका भी हाथ पता नहीं कब नीचे मेरे पैंट के ऊपर पहुंच गया और वह मेरे लंड को उसके ऊपर से ही दबाने लगी थी. इससे मैं एक दम मस्त हो गया.

फिर मैं उठा और झट से अपनी पैंट – शर्ट उतार दी. अब मैं सिर्फ अंडर वियर में था. मेरी अंडर वियर के अंदर मेरा लंड हिचकोले ले रहा था. जिसे वह बड़े ध्यान से देख रही थी. तभी मैं फिर से उसके चूचों पर टूट पड़ा और उन्हें चूसते हुए नीचे आकर उसकी नाभि को चूमने लगा. इससे वह मचलने लगी.

फिर मैंने उसकी सलवार उतार दी. नीचे उसने गुलाबी रंग की फ्लोरल पैंटी पहन रखी थी. फिर मैं उसके ऊपर से ही उसकी चूत को चाटने लगा. लेकिन पैंटी के ऊपर से चूत चाटने में मज़ा नहीं आ रहा था इसलिए फिर मैंने उसकी पैंटी भी उतार दी और इसके साथ ही उसने मेरी अंडर वियर को उतार दिया.

अब हम दोनो पूरे नंगे थे और एक – दूसरे चूम रहे थे. वो मेरे लंड को हाथ में लेकर मसल रही थी. फिर धीरे से नीचे गई और लंड को चूमते हुए उसे मुंह में ले लिया और बड़े ही प्यार से चूसने लगी. मुझे बहुत मजा आ रहा था. फिर कुछ समय बाद हम 69 की अवस्था में हो गए.

अब मैं उसकी चूत चूस रहा था और वो मेरे लंड को. हम दोनों ही मस्ती में खोए हुए थे. करीब 10 मिनट बाद हम दोनों का साथ ही रस निकल गया. जिसे हमने गटक लिया.

अब मुझसे रुका नहीं जा रहा था तो मैंने उसे सीधा लिटा कर लंड को उसके चूत पर सेट कर दिया और थोड़ी देर तक ऐसे ही घिसते रहे. लेकिन उसकी उत्तेजना अपने चरम पर थी इसलिए वह उचक रही थी. अगले ही पल उसने कहा कि जरा आराम से करना पहली बार है. यह सुन कर मैं मन ही मन खुश हो गया कि मुझे कुंवारी चूत चोदने को मिल रही है. खैर, मैंने उसे विश्वास दिलाया कि वो डरे नहीं प्यार से ही करूंगा.

इसके बाद मैंने हल्का सा धक्का देकर लंड का टोपा जैसे ही उसकी चूत के अंदर किया, वो चिहुंक उठी. उसे दर्द हो रहा था. यह देख मैं उसे किस करने लगा. किस करते हुए मैंने थोड़ा जोर लगा के लंड को और अंदर किया. अभी आधा ही लंड अंदर गया था कि वो दर्द से तड़पने लगी. उसकी सील टूट चुकी थी, ये उसी का दर्द था पर वो वासना के वशीभूत थी इसलिए सब भूल कर और अंदर डालने को कहने लगी.

उसकी हिम्मत देखते हुए फिर मैंने भी पूरा लंड अंदर डाल दिया. वो मुझे कस के पकड़े हुए थी और मैं उसके होंठों को चूसते हुए लंड अंदर – बाहर कर रहा था. अब हम दोनों को ही काफी मजा आ रहा था. वो एक दम मस्त हो चुकी थी और उसकी प्यार भरी सिसकारी छूट रही थी.

कुछ समय बाद मैंने उसे डॉगी स्टाइल में आने को कहा और उसके आते ही पीछे से लंड चूत में घुसा दिया और धक्का देने लगा. इस स्थिति में उसे ज्यादा मजा आ रहा था और वो मजे में जोर – जोर से चोदने के लिए बोल रही थी. दूसरी तरफ मैं भी पूरी मस्ती में चोद रहा था.

फिर कुछ समय बाद उसने मुझे लेटने को कहा और खुद मेरे ऊपर आ गई. फिर उसने लंड चूत में लिया और उस पर कूदने लगी. दोस्तों, इस पोजिशन में मुझे बड़ा मज़ा आया. ऐसे करते हुए करीब 5 मिनट बाद ही उसका रस निकल गया और वो ढीली पड़ गई.

फिर मैंने उसे नीचे लिटा के फिर से चुदाई शुरू कर दी. करीब 10 मिनट की धकापेल चुदाई बाद अब मेरा भी रस निकलने वाला था तो मैंने झट से अपना लंड बाहर निकाला और सारा रस उसके पेट और चूचों पर गिरा दिया.

उसके बाद हम एक – दूसरे को बाहों में भर कर लेट गए. हम काफी खुश थे. उसके बाद हमारा जब भी मन होता और उसके घर पर कोई नहीं होता था तो हम चुदाई कर लिया करते थे. हमने उसके घर में ऐसी कोई जगह नहीं छोड़ी जहां मैंने उसे चोदा न हो. हम ड्राइंगरूम, बेडरूम, बाथरूम कहीं भी शुरू हो जाते थे.

आप लोगों को मेरी यह कहानी कैसी लगी आप कमेंट करके या मेल लिख कर मुझे अवगत जरूर कराएं. तब तक आप सभी को मेरा प्यार भरा नमस्कार. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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