दिल्ली की सेक्सी कॉलेज कॉलगर्ल

एक बार मैं अपने दोस्त के पास दिल्ली गया. वहां उसने मुझसे चुदाई के बारे में बात की. मेरे न कहने पर उसने मुझे दिल्ली में चुदाई करने को कहा और कॉल गर्ल का इंतजाम किया…

अंतर्वासना के सभी दोस्तों को मेरा नमस्कार! मेरा नाम अभिराज है और मैं पश्चिम बंगाल के एक कॉलेज में पढ़ाई करता हूं. यहां पर ये मेरी पहली और सच्ची कहानी है. दोस्तों, मैंने अंतर्वासना पर बहुत सी कहानियां पढ़ी हैं, उनमें से कुछ सच्ची तो कुछ झूठी लगीं. चूंकि यह मेरी पहली कहानी है तो कोई ग़लती हो जाए तो मुझे माफ़ कर दीजिएगा.

कहानी में आगे बढ़ने से पहले मैं आप सब को अपने बारे में बताना चाहता हूं. मेरा कद 5 फिट 8 इंच है और मैं देखने में काफ़ी स्मार्ट हूं. दोस्तों, मैं बहुत शर्मीले स्वाभाव का लड़का हूं इसलिए मेरा लड़कियों से ज़्यादा इंटरैक्शन नहीं हुआ और आज तक मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं बनी.

बात पिछले साल की है. जब गर्मी की छुट्टियों के दौरान मई में अपने दोस्त से मिलने मैं दिल्ली गया था. मेरा वो दोस्त दिल्ली के एक नामी कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था. उसके पास कई गर्लफ्रेंड थीं और वो चुदाई में काफ़ी आगे निकल चुका था.

जब मैं उसके पास पहुंचा तो शुरुआती बातचीत के बाद वह मुझसे पूछने लगा – ये बता, कोई बंदी – वंदी पटी की नहीं अभी तक?

उसके इस सवाल पर मैं क्या बोलता? मेरे पास तो कोई थी ही नहीं. लेकिन फिर उसका जवाब दिया – भाई तुम्हारे जैसी किस्मत कहां है मेरी?

यह सुन कर वो बोला – तब तो तू अभी भी वर्जिन होगा?

इस पर मैंने कुछ नहीं कहा सिर्फ मुस्करा भर दिया. वह समझ गया कि मुझसे अभी तक कुछ नहीं बो पाया है और फिर बोला – लगता है शादी के बाद ही चढ़ाई करेगा?

इस पर मैं बोला – नहीं यार, वर्जिन नहीं हूं. एक बार कोलकाता में एक रंडी चोदी है, लेकिन 40 मिनट तक पेलने के बाद भी जब मेरा नहीं निकला तो रंडी बोली कि धंधे का टाइम है, अब और समय नहीं दूंगी. फिर उसने मुठ मार कर मेरा सारा माल निकाल दिया.

वो बोला – अबे, तो तुझे मना करना चाहिए था न.

इस पर मैंने कहा – अबे रेड लाइट एरिया में कौन रंडी से पंगा ले और ऊपर से मैं फर्स्ट टाइमर भी था तो डर लग रहा था.

वह बोला – चल कोई ना. बोल यहां चुदाई करेगा? यहां कॉल गर्ल मिल जाएंगी. कॉलेज की ही लड़कियां होती हैं, इसलिए चूत, चूत होती है,भोसड़ा नहीं.

यह सुन कर मैं खुश हो गया और बोला – भाई बड़ी मेहरबानी होगी. वैसे पहला एक्सपीरियंस खराब रहा है. यहां काम पूरा तो होगा न?

वो बोला – हां बे, इसका टेंशन ना ले. जो बोलेगा वो करेगी.

मैंने कहा – यार मैं तो खुद को अभी भी वर्जिन ही मानता हूं. पहला एक्सपीरियंस बेकार रहा. साला चूत में झड़ने का मौका ही नहीं मिला.

तब वो बोला – चल फिकर मत कर, तेरे वापस जाने से एक दिन पहले ही तुझे चुदाई कराऊंगा. अभी करा दिया तो रोज चुदाई करूंगा – करूंगा बोल के परेशान कर देगा.

मैं – हां चल, उस दिन ही ठीक है.

दिन बीतते गए. आखिर वो समय भी आ गया, जिसका मुझे बेसब्री से इंतेज़ार था. मेरे वापस जाने के एक दिन पहले वाला दिन यानी मुझे चुदाई का मौका जिस दिन मिलने वाला था वो दिन. उस दिन मेरे दोस्त ने एक बार फिर मुझसे पूछा – अबे चुदाई करेगा?

मैंने कहा – हां बे क्यों नहीं करूंगा! आग जो तुमने लगा दी है.

वह बोला – अच्छा चल ठीक है आज लाते हैं.

फिर उसने अपने सोर्स से बात करके एक लड़की का इंतज़ाम किया. लड़की फाइनल करने के लिए उसके सोर्स ने लड़की की फ़ोटो मेरे दोस्त के मोबाइल पर भेज दी. दोस्तों, मेरा तो लन्ड पिक देख कर ही बेकाबू हो गया. और वैसे भी इस मामले में मैं नया था तो मैंने सोचा कि मिले तो कोई मैं किसी की ले लूंगा. और इस तरह मैंने लड़की फाइनल कर दी.

फिर मैं और मेरा दोस्त लड़की को लेने गए. लड़की को देखते ही मेरा मुझ पर कोई कंट्रोल ही न रहा. हमने बियर पी रखी थी तो हल्का सा मुझे नशा था. खैर, फिर हम तीनों कैब में पीछे बैठ गए. मैं और मेरा दोस्त साइड में थे और वो लड़की बीच में. दोस्तों, मैं अब तक इतना एक्साइटेड हो चुका था कि चलती कैब में ही उसकी जांघों को सहला रहा था.

यह देख मेरा दोस्त हंसता और बोलता – बस कर भाई, यहीं पर सब कर लेगा क्या?

मैं बोला – यार मन तो है लेकिन मजबूर हूं. मेरे इतना कहते ही हम तीनो ठहाके मार के हंसने लगे. फिर मैंने उसका हाथ अपने लन्ड के ऊपर रख दिया. ऐसा करते ही उसने मेरी तरफ देखा और मुस्करा के मेरा लन्ड सहलाने लगी.

खैर किसी तरह हम अपने घर पहुंचे. अब तक मेरा नशा थोड़ा कम हो चुका था तो मैंने पहली बार उसको ढंग से देखा. क्या खूबसूरत माल थी यारों! एक दम गोल – गोल बूब्स थे उसके. साली ने ब्रा तक नहीं पहना था. यह देख मैंने उससे कहा – तूने तो ब्रा पहनी ही नहीं!

इस पर वो बोली – जब उतरने ही हैं पहनने का क्या मतलब?

मैंने कहा – हां यार, बात तो तेरी भी सही है.

दोस्तों, उसकी गोल – गोल गांड भी एक दम मस्त थी और कमर तो इतनी पतली कि क्या ही बताऊं! बला की खूबसूरत थी यार! उसके होंठों के पास का तिल उसकी खूबसूरती को चार चांद लगा रहे थे.

मैं लगातार उसको फ्लर्ट कर रहा था. तभी मेरा दोस्त मेरी बातों को सुन कर हंसने लगा और बोला – साले लगता है इतने सालों की भड़ास आज ही निकालेगा? अबे इसको वापस भी जाना है, जिंदा छोड़ना. तुम्हारा क्या भरोसा, पता चले पेल – पेल के जान ही ले लिए! यह सुन कर हम दोनों हंसने लगे.

फिर मैं उसे दूसरे रूम में ले गया और दरवाजा बंद करके उसके पास आया. तब तक वो अपने कपड़े निकालने लगी थी. यह देख मैंने मना किया और बोला कि मुझे तुम्हारे कपड़े खोलने हैं और तुम मेरे खोलना. वह मान गई.

फिर मैंने सबसे पहले उसका टॉप खोला और उसके उन दोनों तरबूजों को आज़ाद कर दिया, जिन्हें देख कर मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था. इसके बाद मैं उसके चूचों को मसलने लगा तो वो ‘सी सी आह आह’ की आवाज करने लगी.

थोड़ी देर बाद जब मैंने उसके मम्मों को छोड़ा तो उसने मेरा शर्ट निकाल दिया. इसके बाद मैंने उससे घुटनों पर बैठ कर मेरा जीन्स खोलने को कहा. उसने वैसा ही किया. इसके बाद फिर उसने लन्ड को अंडर वियर से बाहर निकाल लिया और हिलाने लगी.

तब मैंने उससे कहा – रुक जा जानेमन इतनी जल्दी भी क्या है? पहले मुझे किस तो कर. फिर वो लन्ड छोड़ कर झट मेरे गले से लिपट गई और मुझे फ्रेंच किस करने लगी. साथ ही साथ मेरी छाती को भी चूम रही थी. उसने मेरे निपल्स को भी चूसा. बहुत मज़ा आ रहा था दोस्तों, मैं तो किसी दूसरी ही दुनिया में पहुंच गया था.

थोड़ी देर बाद फिर वो मेरे लन्ड पर टूट पड़ी और इस बार उसे मुंह में लेकर चूसने लगी. उसके मुंह की गर्माहट और नर्माहट मुझे पागल कर रही थी. मेरी आंखें बंद हो चुकी थीं। करीब 20 मिनट तक उसने मेरा लन्ड चूसा.

फिर मैंने उसकी पैंटी उतारी और उसने मेरे लन्ड कंडोम लगाया. इसके बाद उसे बेड पर लिटा के एक ही झटके में मैंने अपना पूरा लन्ड उसकी चूत के अंदर पेल दिया. इस पर वह सीत्कार करती हुई मुझे पीछे ढकेलने लगी. लेकिन मैं नहीं हटा.

मैं तो पहले झटके के साथ ही रफ़्तार में आ गया धकापेल चुदाई करने लगा. उसकी मादक सीत्कारें मुझे मदहोश करने लगी थीं. करीब 30 मिनट की चुदाई के बाद मैंने उसको ऊपर आने को कहा. वह आ गई.

अब सारी मेहनत वो खुद कर रही थी. इस पोजिशन में बहुत मज़ा आ रहा था दोस्तों. करीब 10 मिनट तक ऐसे चोदने के बाद मैंने उसे घोड़ी बनने को कहा और फिर पीछे से आकर उसकी चूत मरने लगा. मैंने इस पोजिशन में करीब 10 मिनट तक उसको पेला. उसकी सिसकियां लगातार मेरा जोश बढ़ा रही थीं. मुझे पता ही नहीं चल रहा था कि मुझे इतनी ताक़त कहां से मिल रही है!

अब एक बार फिर मैंने पोजिशन चेंज की. मैंने उसे नीचे आने को बोला. फिर नीचे आ तो गई लेकिन मेरे अंदर डालने से पहले ही लन्ड को हाथ मे लेकर मुठ मारने लगी. यह देख मैंने – पूछा क्या हुआ? तो बोली कि अभी तक तुम्हारा हुआ कैसे नहीं? मैंने कहा – मुझे क्या पता यार!

फिर मैंने मुठ मारने से मना कर दिया और चूत में लन्ड घुसा के फिर पेलने लगा. अब वो एक बार फिर जोश में आ गई और मुझे गाली देने लगी. वह कहने लगी – ‘पेल मादरचोद पेल, दिखा कितना दम है तेरे अंदर?’

यह सुन कर जोश और बढ़ गया. इस पर मैंने कुछ कहा तो नहीं लेकिन उसके शब्दों का जवाब मेरे शरीर में आई फुर्ती दे रही थी. करीब 20 मिनट बाद उसका शरीर अकड़ने लगा और वो निढाल हो गई. फिर उसने बोलना बन्द कर दिया.

दोस्तों, मै इतने जोश में था कि अभी भी रूकने का नाम नहीं ले रहा था. फिर करीब 5 मिनट बाद मेरा भी माल निकल गया और मैं उसके ऊपर निढाल होकर पड़ गया और ज़ोर – ज़ोर से सांसें लेने लगा.

इसके 5 मिनट बाद हम दोनों उठे और खुद को साफ करने बाथरूम चले गए. बाथरूम में उसने मुझसे कहा – बहुत ऊपर जाएगा कमीने! यह सुन कर मैं हंसने लगा और उसे गले से लगाकर किस कर दिया.

फिर बाथरूम से बाहर निकल कर हमने उसे कैब में बिठा कर विदा किया. उसके जाने के बाद दोस्त बोला – साले, इतनी देर लगाई, मुझे तो सच में लग रहा था कि तुमने उसे तो चोद – चोद कर मार ही न दिया हो!

दोस्तों, इस चुदाई के बाद मेरा लौंडा मर्द बन चुका है. आपको मेरी कहानी कैसी लगी कृपया कमेंट करके जरूर बताएं.

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