दो सहेलियाँ

दोस्तों!! ये कहानी दो बहुत ही अच्छी सहेलियों की है, जिनका आपस का प्यार दो सगी बहनों से भी ज्यादा है. रिया और मोना की दोस्ती की मिसाले उनके कॉलेज में हर कोई देता है. दोनों का घर भी एक दुसरे के पास ही था. इन दोनों का हर काम साथ साथ ही होता था. लेकिन ऐसा क्या हुआ कि मोना और रिया आज अपने रिश्ते को वापस समझने कि कोशिश कर रही हैं. वजह इस कहानी में….

मोना अपनी माँ के साथ तकरीबन ११ साल पहले फरीदाबाद में रहने चली आई थी. उसके माता पिता का तलाक हो गया था और इसके बाद मोना अपनी माँ के साथ ही रहने लगी थी. मोना के मामा ने कुछ आर्थिक मदद की थी जिसकी वजह से मोना की माँ ने अपना एक ब्यूटी पार्लर खोल लिया था. दो साल के अन्दर ही उनका पार्लर काफी अच्छा चलने लगा था और उन्होंने कुछ पैसे भी बना लिए थे. मोना भी अपने पड़ोस में रहने वाली अपने से 1 साल बड़ी रिया से काफी घुल मिल गयी थी. दोनों एक ही क्लास में पढ़ती थी. उनका खेलना कूदना, पढना लिखना सब अब एक साथ ही होने लगा.

रिया के पिता कमलेश अरोरा, एक सख्त मिजाज बिज़नेस मैन थे. रिया की माँ के गुजरने के बाद वो अकेले ही रिया का पालन पोषण कर रहे थे. ऐसे में उन्हें भी सुकून था की माँ की मौत के बाद से काफी चुप चुप रहने वाली रिया की मुस्कान उसकी नयी दोस्त मोना की वजह से वापिस आने लगी थी. वक़्त बीतने लगा और मोना और रिया ने जवानी की दहलीज पे कदम रखा. सभी की तरह उनके अन्दर भी जिस्मानी और मानसिक परिवर्तन आने शुरू हो गए. मोना का तो कॉलेज का एक बॉयफ्रेंड भी था, नाम था सुमित. लेकिन अभी भी मोना का ज्यादातर वक़्त अपनी दोस्त रिया के साथ ही बीतता था.

जब भी सुमित से मिलना होता तब भी मोना अपनी दोस्त रिया की साथ ही जाती. सुमित को ये अच्छा तो नहीं लगता लेकिन मोना का प्यार खोने के डर की वजह से वो कुछ नहीं कहता था. रेस्टोरेंट का प्लान हो या मूवी देखने का तीनो साथ ही जाने लगे. मूवी देखते वक़्त मोना बीच में होती और रिया व् सुमित अगल बगल. जब भी कोई रोमांटिक सीन आता तो सुमित मोना के हाथों का सहलाता हुआ कभी कभी अपने हाथों को मोना के उन्नत वक्षों तक पंहुचा देता. मोना भी मुस्कुरा कर सुमित को किस कर देती. रिया ये सब कनखियों से देख रही होती लेकिन कुछ न देखने का नाटक करते हुए मूवी देखती रहती. सब कुछ हौले हौले बड़े रोमांटिक तरीके से चल रहा था.

एक बार मोना की माँ कुछ दिनों के लिए अपने भाई के पास बरेली चली गयीं. जाने से पहले मोना की जिम्मेदारी वो रिया के पिता कमलेश जी को दे गयीं. वैसे भी ये कोई नयी बात नहीं थी. पहले भी कई बार जब कमलेश जी को बहार जाना होता था तो वो रिया को मोना के घर छोड़ जाते थे. अब रात का खाना रिया के घर खाने के बाद मोना और रिया दोनों मोना के घर सोने चालले आते. दो दिनों के बाद जब कमलेश जी को एक बिज़नस डील के लिए जब मुंबई जाने को हुआ तो वो थोड़े चिंतित हो गए. अपने पिता को चिंतित देख रिया ने पूछा- क्या हुआ पापा? आप कुछ परेशान दिखाई दे रहे हैं?

अरोरा जी ने कहा की उन्हें कुछ दिनों के लिए मुंबई जाना है लेकिन वो उन दोनों को अकेला छोड़ कर जाने को लेकर थोड़े परेशान हैं. तभी मोना कमरे में दाखिल हुयी और कमलेश जी का हाथ अपने हाथ में लेते हुए बोली- अंकल! आप तो अभी भी हम दोनों को बच्चियां ही समझते हैं.  मैं १९ और रिया २० की हो चुकी है. डरने की कोई बात नहीं है. आप निश्चिन्त होकर मुंबई जाइये और अपनी मीटिंग पे ध्यान लगाइए.

ये सुनकर कमलेश को थोडा दिलासा हुआ.कमलेश के जाते ही मोना और रिया और स्वछन्द हो गयीं. दोनों खूब शौपिंग करती और मूवी एन्जॉय करती. एक दिन रिया को कहीं से ब्लू फिल्म की सी डी मिली, उस दिन दोनों ने पहली बार कोई पोर्न फिल्म देखी. फिल्म देखकर दोनों उत्तेजित हो गयीं और एक दुसरे के कपडे उतारकर अपने कोमल अंगों से खेलने लगी. आज जब शाम को दोनों शोपिंग गयीं तो दोनों ने ख़ूब सारे अन्तःवस्त्र यानि ब्रा पैंटी खरीदी. अलग अलग डिज़ाइनर ब्रा और पैंटी जिनमे से कुछ तो काफी उत्तेजक थी दोनों लेकर घर आ गयीं.

रात में खाना खाने के बाद दोनों जब बेडरूम में गयीं तो उन्होंने सोचा की क्यों न अभी सारे ब्रा पैंटी  को ट्राई किया जाय. दोनों ने अपने सारे कपडे उतार दिए. मोना की ३६ इंची चूचियां जाने क्यों रिया को उत्तेजित करने लगीं. वो पास आकर मोना की बड़ी चूच को अपने होठों से लगाकर चूसने लगी. मोना की सिसकारियाँ भी उसके गर्म होने का एहसास करने लगीं, तभी रिया के कानो में अपने पापा की कड़क आवाज पड़ी. कमलेश अपनी मीटिंग ख़त्म करके लौट आया था. घर का दरवाजा खुला हुआ था तो वो सीधा अन्दर ही चला आया. लेकिन अन्दर का ये नजारा देखकर तो उसके होश ही उड़ गए. दोनों जवान लड़कियां बिलकुल नंगा बदन होकर एक दुसरे से लिपटी हुयी थी.

कमलेश को यूँ अचानक देखकर उनके पाँव तले जमीन खिसक गई. दोनों ने बेड पे पड़ी चादर से अपने अपने शरीर को ढकने लगी. कमलेश ने रिया को डांटकर दुसरे कमरे में जाने को कहा. फिर खुद भी अपने कमरे में आ गए. एक साथ दो दो लड़कियों की कसी हुयी बड़ी चूच और चिकनी गांड का नजारा कमलेश की आखों के सामने से ओझल ही नहीं हो रहा था. खासतौर से मोना जिसका जवान नंगा बदन किसी तराशी हुयी संगमरमर की मूर्ति की तरह गोरा और चिकना था, उसका नजारा बार बार कमलेश की आखों के सामने नाच रहा था.

कमलेश की आखों से नींद गायब थी. उसने पानी का घूँट अपने हलक से नीचे उतारा और सोने की असफल कोशिश करने लगा, लेकिन नाकाम रहा. अब वो सीधा अपनी अलमारी के पास गया और एक व्हिस्की की बोटल खोल कर अपने मुह से लगा लिया. और बिस्तर पे बैठ गया. कुछ देर कमलेश उठा और सोचा की टी वी ही देखी जाय. लेकिन जैसे ही उसने टी वी ऑन की वही पोर्न फिल्म चालू हो गयी जो दोपहर में मोना और रिया देख रही.

अब तो कमलेश का लंड उसके काबू से बहार होने लगा. वो धीरे धीरे मोना के कमरे की और बढ़ने लगा. उसने देखा मोना सिर्फ ब्रा और पैंटी में ही सो रही थी. कमलेश ने अपने कपडे पहले ही उतार दिए और सिर्फ एक अंडरवियर में हो गया. कमलेश बेड पे सोती हुयी मोना की उठी हुयी गोल गोल गांड के पास बैठ गया. और उसे सहलाने लगा. मोना गहरी नींद में थी. अब कमलेश ने मोना की गोरी गांड से पैंटी को उतारना शुरू किया, लेकिन बड़ी सावधानी से वो ये कम करना चाहता था. कमलेश सोच रहा था की मोना की नींद भी न खुले और उसे मोना की चूत के भी दर्शन हो जाय.

फिर कमलेश ने ज्यादा सुरक्षित तरीका अपनाया. उसने मोना की पैंटी को एक ओर खिसका दिया. हाय! क्या गोरी गुलाबी चूत थी. झांट का नामो निशान न था. बिलकुल साफ और चिकनी. वो एक ऊँगली को मोना की चूत पे रगड़ने लगा. मोना नींद में ही कसमसाने लगी. कमलेश तुरंत हट कर बेड से नीचे आकर बैठ गया. लेकिन मोना जगी नहीं. कुछ देर बाद कमलेश फिर से मोना की पैंटी को हटाकर उसकी तंग चूत को चाटने लगा. इस बार मोना की नींद खुल गयी. वो हडबडा कर उठ गयी. उसने पूछा- अंकल आप यहाँ क्या कर रहे हैं?

कमलेश ने कहा की वो यहाँ उससे अपने बुरे बर्ताव के लिए माफ़ी मांगने आया था लेकिन मोना ने कहा – फिर आप ये क्या कर रहे थे?

अब कमलेश ने कुछ भी छुपाना उचित नहीं समझा उसने कहा की इतने दिनों के बाद वो एक जवान जिस्म को पूरा नंगा देखकर अपने पे काबू नहीं रख पा रहा है. सच तो ये था की मोना की चूत जब कमलेश चाट रहा था तो मोना जगी हुयी थी और ये चूत चुसाई उसे भी काफी उत्तेजित भी कर रही थी. मोना ने मुस्कुराते हुए कहा -अंकल आप काफी अच्छे से माफ़ी मांग रहे थे, ऐसी माफ़ी तो मेरे बॉयफ्रेंड ने भी कभी नहीं मांगी.

बस इतना इशारा कमलेश जैसे अनुभवी मर्द के लिए काफी था. उसने तुरंत मोना के होठों से अपने होठ सटा दिए, और बेतहाशा उसे चूमने लगा. मोना ने कमलेश का अंडरवियर उतारकर उसका लंड पकड़ लिया और उसे मसलने लगी. एक जवान लड़की के हाथों का स्पर्श पाकर कमलेश का लंड एकदम कड़क हो गया. उसने आनन् फानन में मोना की ब्रा पैंटी एक झटके में उतार फेकी. मोना की चूचियों को मसलते हुए कमलेश ने अपना लंड मोना के मुह में लगा दिया मोना भी एक एक्सपर्ट की तरह कमलेश का बड़ा लंड चूसने लगी.

मुखमैथुन से कमलेश का लंड लोहे के रॉड की मानिंद बिलकुल सख्त हो गया. अब उसने मोना की दोनों टांगों को फैला दिया और उसके ऊपर आते हुए चूत के मुह पे अपने लंड को सेट किया. फिर एक घप्प की आवाज मोना की चूत से आई और साथ मोना के चीखने की आवाज आई. कमलेश ने मोना के होठों को चुसाई करते हुए अपने लंड को उसकी चूत में आगे पीछे करना शुरू किया. कुछ ही देर में मोना का दर्द कम होने लगा और उसकी चूत भी मस्त होकर पानी छोड़ने लगी. कमलेश का कड़क लंड अनवरत मोना की चुदाई जरी रखे हुआ था. कमरा फच…फच..की आवाज से सराबोर हो रहा था.

फिर अंततः मोना का पानी छूट गया. अब वो काफी थक गयी थी लेकिन कमलेश का लंड अपने पूरे शबाब पे था. अभी वो इतनी जल्दी छूटने वाला नहीं था. लेकिन अब मोना की चूत दर्द करने लगी थी. तो कमलेश मोना के ऊपर से हटकर उसके साइड में आ गया. उसने मोना की टांगों को ऊपर उठा दिया. अब उसकी नजर मोना की गांड की छेद पे पड़ी.

कमलेश ने अपनी उँगलियों पे थूक लगाकर मोना की गांड की छेद पे मला और एक ही झटके में अपना लंड मोना की गांड में डाल दिया. य सब इतना जल्दी हुआ की मोना को सँभलने का मौका ही नहीं मिला. मोना दर्द से कराह उठी. उसे लगा की उसकी गांड फट गयी है. लेकिन कमलेश ने धक्के लगाने जरी रखे. कुछ देर में मोना भी अपनी गांड चुदाई का मजा लेने लगी. लेकिन मोना की गांड इतनी कसी हुयी थी की जल्दी ही कमलेश ने भी अपना वीर्य मोना की गांड में ही छोड़ दिया. अब दोनों की आखों में संतुष्टि  झलक रही थी….लेकिन तभी दोनों की नजर दरवाजे के पास खड़ी रिया पे पड़ी जो मोना की चीख सुनकर ऊपर आ गयी थी….कमलेश और मोना हतप्रभ से एक दुसरे को देख रहे थे…..

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