दूध लाकर पड़ोसन का दूध पिया

मैं नया – नया दिल्ली से बैंगलोर गया था. वहां मेरे पड़ोस में एक खूबसूरत भाभी रहती थीं. उनका पति काम के सिलसिले में चीन गया था. वह भी तड़प रही थीं. फिर मैंने उन्हें पटाया और हम दोनों की प्यास बुझाई…

हेलो दोस्तों, मेरा नाम पंकज है. आज मैं आप को मेरी और मेरी पड़ोसी भाभी नीलम (बदला हुआ नाम) की चुदाई की कहानी बताने जा रहा हूँ. यह कहानी आज से एक हफ्ते पुरानी है.

दोस्तों, मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ और जॉब के लिए मैं बैंगलोर आया हूँ. मैं यहां पर नया हूँ. पिछले महीने मैंने एक सोसाइटी में रेंट पर एक फ्लैट लिया. जिसमें मैं अकेले रहता हूँ.

अब मैं आप लोगों को ज्यादा बोर न करते हुए सीधा अपनी कहानी पर आता हूँ. एक दिन सुबह मैं अपने रूम से निकल कर सीधा बालकनी में आया और बाहर का नज़ारा देखने लगा. संडे का दिन था, इसलिए सोसाइटी के बहुत से बच्चे बाहर निकल कर खेल रहे थे. मैं उन्हें ही खेलते हुए देख रहा था.

तभी मेरे बाजू वाली बालकनी में एक सुंदर सी भाभी आकर खड़ी हो गईं. मैंने उन्हें देखा तो स्माइल दे दिया, जिसके जवाब में उन्होंने भी स्माइल पास की. फिर हमने थोड़ी बात की. उन्होंने मुझसे पूछा कि नए हो मैंने बताया हां. ऐसी ही कुछ और बातें भी हुईं.

दोस्तों, तब तक मुझे नहीं पता था कि मेरे बाजू में कोई इतनी खूबसूरत भाभी भी रहती है. ऐसे ही कुछ दिन बीतते गए. अगले शनिवार को जब मैं अपने दरवाजे से बाहर निकला तो भाभी उस समय अपने दरवाजे पर ही खड़ी थी. मुझे देख कर उन्होंने 50 रुपए देते हुए कहा कि वापस आते समय 1 लीटर दूध लेते आना. मैं भी दूकान पर ही जा रहा था तो मैंने पैसे ले लिए.

मैं करीब आधे घंटे में दूध लेकर वापस आया और भाभी को दे दिया. तब भाभी ने मुझे चाय पर बुलाया और मैं थोड़ी न नुकुर करने के बाद चला गया. भाभी चाय बनाकर ले आईं और चाय पीने के दौरान हम बात करने लगे.

बातों ही बातों में मुझे पता चला कि भाभी की शादी 2 साल पहले हुई है और उनका 10 महीने का बच्चा है. उनकी बातों से मुझे यह भी पता चला कि उनका पति सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और 6 महीने के लिए चीन गए हुए हैं. यह जान कर मैं मन ही मन खुश हो गया और सोचा कि यहां पर मेरे लिए कुछ जुगाड़ हो सकता है. बातों ही बातों में मैंने मोबाइल नम्बर ले लिया और फिर अपने फ्लैट पर आ गया.

फिर मैंने भाभी से व्हाट्सएप पर चैटिंग करनी शुरू कर दी। शुरुआत में हमारी चैटिंग ‘गुड मॉर्निंग, गुड नाईट और खाना खाया या अभी नहीं’ सिर्फ यहीं तक सीमित थी. धीरे – धीरे चैटिंग करने के दौरान कभी – कभी मैं उनके पास नॉनवेज जोक्स भी फॉरवर्ड कर देता था. इस पर उनकी तरफ से कोई नेगेटिव रेस्पॉन्स नहीं आता था.

फिर धीरे – धीरे हमारी बातें नॉटी होने लगीं और एक दिन चैटिंग के दौरान ही मैंने उन्हें प्रोपोज कर दिया. तब बहभी ने मुझसे कहा कि वो सिर्फ मेरी गर्लफ्रेंड बन सकती हैं और कुछ नहीं. अब भला मुझे इसमें क्या ही ऐतराज था, फिर मैंने भी हां कर दी. ऐसे ही हमारी स्टोरी शुरू हुई.

मैं भाभी के बॉडी की बहुत तारीफ किया करता था और उनसे कहता कि अगर वो मेरी बीवी होतीं तो मैं उन्हें यूं अकेले कभी नहीं छोड़ता. ऐसी ही दूसरी बातों से भी मैं उन्हें उकसाता रहता था.

एक दिन मैंने उनसे कहा कि मैं उन्हें नंगा देखना चाहता हूँ. इस पर पहले तो उन्होंने ना – नुकर की लेकिन फिर बाद में मान गईं. कुछ देर बाद उन्होंने मुझसे कहा कि आज रात खाने पर आ जाना. यह सुन कर मैं समझ गया कि आज रात मेरा काम होने वाला है.

मैं उस दिन जल्दी से ऑफिस का अपना काम खत्म करके रूम पर पहुंच गया और नहा धो कर रेडी हो गया. फिर मैंने वियाग्रा की एक गोली खा ली, जिसे ऑफिस से लौटते समय मैंने मेडिकल स्टोर से ले लिया था.

फिर मैं समय पर भाभी के घर खाने के लिए पहुंच गया और दरवाजे पर पहुंच कर डोर बेल बजाय. तब भाभी ने दरवाजा खोला. मैंने भाभी को देखा और देखता ही रह गया. रेड टी-शर्ट और टाइट जीन्स में वो क़यामत लग रही थीं. उन्हें देखते ही मेरा लन्ड खड़ा हो गया. जैसे – तैसे मैंने उस पर कंट्रोल किया और अंदर गया.

थोड़ी देर बाद भाभी ने खाना निकाला और हम दोनों ने साथ में ही खाना खाया. खाना खाते वक्त मैं उन्हें ही देख रहा था. भाभी भी मेरी ही तरफ देख ही थीं. मैं चाह रहा था कि अब बस जल्दी से खाना खत्म हो जाए ताकि मुझे कुछ मिल सके. जैसे – तैसे मैंने खाना खत्म किया.

इसके बाद फिर मैंने भाभी से कहा कि अब तो दिखा दो. इस पर भाभी ने कहा कि इतनी भी क्या जल्दी है. आराम से देखना. फिर उन्होंने कहा कि तुम चल कर बेडरूम में बैठो मैं बाकी के काम निपटा कर वहीं आती हूँ.

फिर मैं बेड रूम में जाकर बैठ गया. अभी 5 मिनट ही बीते होंगे कि भाभी अपना काम खत्म करके आ गईं. बेड रूम में आते ही उन्होंने मुझसे कहा कि अब तुम्हें जो भी देखना है खुद से देख लो. यह सुनना था कि मैं भाभी पर टूट पड़ा और उन्हें किस करने लगा.

भाभी भी पूरी एक्सपर्ट थीं. वह भी मेरा बखूबी साथ दे रही थीं और बड़े अच्छे से किस कर रही थीं. किस करते – करते मैंने भाभी के टॉप में हाथ डाल दिया और उनके मम्मों को मसलने लगा. मम्मों को मसलने से वह उत्तेजित हो गईं और आह भरने लगीं. उन्हें मज़ा आ रहा था और उन्हें पाकर मैं तो पूरा जन्नत में था.

फिर कुछ देर बाद मैंने भाभी का टॉप उतार दिया. इसके साथ ही मैंने उनके पैंट को भी खींच कर निकाल दिया. अब भाभी मेरे सामने सिर्फ ब्रा और पैंटी में थीं. उन्होंने लाल ब्रा और काली पैंटी पहन रखी थीं, जिसमें वह बेहद खूबसूरत नज़र आ रही थीं.

अब मैं सीधा उनके चूचों पर आ गया और उनकी ब्रा को भी खींच कर निकाल दिया. ब्रा निकालने के बाद जैसे ही भाभी के कबूतर आजाद हुए मैंने उन्हें पकड़ लिया और दबाते हुए उन पर अपने होंठ लगा दिए और मस्ती में चूसने लगा. चूचों पर होंठ लगते ही भाभी चिहुंक उठीं और कहने लगीं कि अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा है जल्दी से अपना हथियार डाल दो मेरे अंदर.

यह सुन कर मैं उनके निप्पल्स पर अपनी जीभ फेरने लगा, जिससे उनकी उत्तेजना लगातार बढ़ती जा रही थी और वह तड़प रही थीं. अब मैंने और ज़ोर – ज़ोर से उनके बोबे को चूसना शुरू कर दिया.

अब मैं धीरे – धीरे नीचे की तरफ जाने लगा. पहले मैंने भाभी के पेट को चूमा और फिर उनकी गहरी नाभि के साथ खेलने लगा. भाभी आंख बन्द किये मज़ा ले रही थीं. ऐसा करने से उन्हें असीम आनंद प्राप्त हो रहा था.

अब मैंने भाभी की पैंटी को एक साइड से ऊपर किया और उनकी चूत में धीरे – धीरे उंगली करने लगा. मेरे ऐसा करने से भाभी एक दम गर्म हो गईं और कंट्रोल न होने के कारण चिल्लाने लगीं. वह मुझे अपनी तरफ खींच भी रही थीं.

अब मैंने भाभी की पैंटी को पूरा उतार दिया और नीचे की तरफ जाकर उनकी चूत चाटने लगा. इससे वह एक दम जल बिन मछली जैसी तड़प रही थीं. फिर थोड़ी देर बाद वह अकड़ने लगीं. यह देख मैं समझ गया कि अब वह झड़ने वाली हैं. करीब 2 मिनट बाद भाभी ने मेरे मुंह में ही अपना पानी छोड़ दिया. उनकी चूत का काम रस मुझे कुछ कसैला सा लगा लेकिन मैं उसे भी चाट गया.

इसके बाद वह उठीं और उन्होंने मेरे सारे कपड़े उतार दिए. अंडर वियर उतारते ही मेरा लम्बा लन्ड बाहर निकल आया. जिसे देखते ही उन्होंने मुंह में ले लिया और चूसने लगीं. करीब 5 मिनट तक लन्ड चूसने के बाद भाभी ने मुझसे कहा कि अब मत तड़पाओ बस अब सीधा डाल दो.

अब मैंने भी ज्यादा देर करना उचित न समझा और उनके पैरों को अपने कंधे पर रख लिया और लन्ड को चूत पर सेट कर दिया. लन्ड सेट करने के बाद मैं धक्के देता उससे पहले ही भाभी ने नीचे से अपनी गांड उछाल दी और पूरा लन्ड उनकी चूत में घुस गया. उनकी चूत कसी हुई थी. इसलिए उन्हें हल्का सा दर्द हुआ. फिर हमारी चुदाई शुरू हो गई.

चुदाई के दौरान भाभी चिल्लाने लगीं. वो ‘फक मी हार्डर पंकज, फक मी हार्ड, बहुत दिनों से प्यासी हूँ आज मेरी प्यास बुझा दो’ और भी ऐसे ही शब्द बोलने लगीं.

मैंने भी भाभी को हर सम्भव पोजिशन में चोदा. करीब 7-8 मिनट की चुदाई के बाद मैं भाभी के अंदर ही झड़ गया. तब तक भाभी 4 बार और झड़ चुकी थीं. उस रात हमने 2 बार और चुदाई की. हमारी चुदाई के दौरान ही एक बार भाभी के पति का फोन भी आया था. तब भाभी फोन पर बात कर रही थीं और मैं उन्हें चोद रहा था. इस दौरान उन्होंने अपनी सिसकियों पर पूरा कंट्रोल कर रहा था. इसके बाद फिर मैं वहीं सो गया और सुबह होने पर ऑफिस चला गया.

भाभी का साथ पाकर तो मेरा नसीब ही खुल गया है. अब तो मेरी हर रात उन्हीं के साथ ही गुजरती है. दोस्तों, बैंगलोर आने से पहले जब मैं दिल्ली में था तो वहां पर मैंने दो भाभियों के साथ संबंध बनाये थे लेकिन वो कहानी अगली बार.

तब तक आप मुझे मेल करके यह बता सकते हैं कि आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी. अगर कहानी में सुधार संबंधी कोई सलाह हो तो वह भी बताएं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *