दोस्त के बहन की ननद को उसके घर में चोदा

एक बार मेरा दोस्त मुझे अपनी बहन के घर ले गया. वहां पर उसके बहन की दो ननद थीं. उनमें से बड़ी मुझसे कुछ ज्यादा ही चिपक रही थी. फिर कैसे मैंने उसकी चुदाई की ये आप इस कहानी में जानेंगे…

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम विकी है और मैं मुंबई शहर से सटे कल्याण में रहता हूं. मेरी लंबाई 5 फुट 6 इंच है, रंग गोरा और शरीर काफी आकर्षक है. मैं दिखने में काफी हैंडसम हूं. बचपन से ही लड़कियां और महिलाएं मुझे देख कर मुग्ध हो जाती हैं.

एक बार की बात है. मैं तीज त्यौहार के दौरान अपने एक मित्र के साथ उसके बहन की ससुराल गया था. हाल ही में मेरे दोस्त की बहन की शादी हुई थी और मैं वहां पहली बार गया था. मेरे दोस्त के बहन की दो ननद थीं. एक का नाम पूजा था और दूसरी का रीना. वो दोनों हमारी उम्र की ही थीं.

दोनों देखने में गजब की खूबसूरत थीं पर पूजा ज्यादा अच्छी लगती थी. उसके बड़े – बड़े मम्मे और बाहर को निकली हुई गांड देख कर शायद ही कोई मर्द ऐसा हो जिसका लंड खड़ा न हो जाए. मैंने भी जब उसको पहकी बार देखा तो देखता ही रह गया. पूजा भी मुझे अपनी खूबसूरती का दीदार करते देख कर मुस्कुराने लगी थी.

ऐसे ही दिन निकल गया. शाम को जब खाना बन रहा था तो उस समय पूजा मेरे पास आकर बैठ गई. हम बातें करने लगे. इसी बीच वह अपने पैरों से मेरे पैरों से छुआने लगी. पहले तो मुझे लगा कि गलती से उसका पैर मेरे पैरों को स्पर्श हुआ होगा इसलिए मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया. लेकिन थोड़ी देर बाद फिर मेरे पैरों पर फिर कुछ हलचल हुई.

इस बार मैंने पूजा की तरफ देखा तो वो मुस्करा रही थी, और अपने नाजुक पैरों से मेरे पैरों को छू रही थी. यह देख मैंने पूछा कि ठंड लग रही है क्या? तब उसने जवाब डॉय कि मैं तो आपकी ठंडी मिटा रही हूं. मैं उसका इशारा समझ गया और अपने पैरों से उसके पैरों को छू कर उसे आगे बढ़ने की स्वीकृति दे दिया. फिर जब तक हम वहां पर बैठे बात कर रहे थे, तब तक वह मेरे पैरों को अपने पैरों से सहला कर मेरी वासना और मुझे कुरेद रही थी.

दोस्तों, ठंड का मौसम था और जैसा कि आप लोग जानते हैं कि ग्रामीण इलाकों में ठंडी के मौसम में राम लीला मंचन हुआ करता है. उनके गांव के बगल में भी राम लीला चल रही थी. फिर जब हम खाना खाने बैठे तो खाने के दौरान पूजा ने हमसे राम लीला देखने चलने के लिए पूछा. हमने हां बोल दिया.

फिर खाना खाने के बाद हम लोगों ने गाड़ी निकली और चल दिए. पूजा जान – बूझ कर मेरे साथ पिछली सीट पर बैठ गई. मेरा दोस्त गाड़ी ड्राइव कर रहा था और उसके साथ वाली सीट पर रीना बैठी थी. अभी गाड़ी कुछ ही दूर चली थी कि पूजा ने मेरे हाथों पर अपना हाथ रखा और हल्के से दबा दिया. तब मैंने उसकी तरफ देखा और मुस्कुरा दिया.

फिर धीरे – धीरे उसके हाथ मेरे पेट पर चलने लगे. उसके हाथ लगातार नीचे की तरफ जा रहे थे. मुझे बहुत मज़ा आ रहा. अब मैंने भी अपना एक हाथ बढ़ा कर उसके मम्मों पर रख दिया और धीरे – धीरे उन्हें दबाने लगा. इस तरह हम दोनों गर्म होने लगे. हमारी सांसें तेज होने लगी.

थोड़ी देर बाद फिर उसने मेरा हाथ पकड़ के अपनी पैंटी में घुसा लिया. उसकी हवेली में तूफान आ चुका था. उसकी चूत बहुत गर्म थी और उसमें से काम रस निकल रहा था, जिससे मेरी सारी उंगलियां भीग गईं. दोस्तों, उसकी चूत पर छोटे – छोटे बाल थे जो मेरी उत्तेजना को और भड़का रहे थे.

थोड़ी देर तक सहलाने के बाद मेरी उंगलियां उसकी चूत की गहराई नापने लगीं. दूसरी तरफ उसके हाथ मेरे पैंट के तम्बू को झकझोर रहे थे. करीब दस मिनट तक प्रेम सागर में गोते लगाने के बाद वो अकड़ने लगी और मेरे हाथ पर ही अपना सारा रस निकाल दिया. जिसे मैं चाट गया.

थोड़ी देर लंड हिलाने के बाद मैंने भी उसके हाथ में अपना रस छोड़ दिया, जिसे उसने चाट लिया. दोस्तों, गाड़ी में अंदर अंधेरा था, इसलिए हमें इतना करने में कोई दिक्कत नहीं हुई, हालांकि मेरे दोस्त को पता चल गया था लेकिन उसने कुछ नहीं कहा. गाड़ी में हमें इतने से ही संतोष करना पड़ा.

वहां जाकर हमने थोड़ी देर राम लीला देखी और फिर वापस आ गए. आते टाइम भी हमने ये सब किया. फिर घर आते ही सब अपने – अपने कमरे में सोने चले गए. मुझे नींद नहीं आ रही थी. सबके सो जाने के बाद पूजा मेरे पास आई और मुझे अपने कमरे में बुला के ले गई. कमरे में जाकर दोनों अन्दर से कुंडी लगा दी.

दरवाजा बंद होते ही पूजा मेरे ऊपर टूट पड़ी. वह मुझे चाटने, चूसने लगी. थोड़ी ही देर में हमारे कपड़े हमारे बदन से अलग होकर बिस्तर के नीचे पड़े थे. हम दोनों अपनी उत्तेजना की चरम सीमा में थे. थोड़ी देर बाद हम दोनों 69 की अवस्था में आ गए. अब मैं उसकी चूत चाट रहा था और वह मेरा लंड. करीब बीस मिनट चाटने – चूसने के बाद पूजा बोली कि अब और बर्दाश्त नहीं होगा, फाड़ डालो मेरी चूत को, जब से आपको देखा है लगातार पानी फेंक रही है.

यह सुन कर मैं मुस्कुराते हुए बोला, “हां मेरी जान, आज तो तेरी चूत फाड़ के ही दम लूंगा”. फिर मैंने उसकी गांड के नीचे तकिया लगाया और अपना लंड उसकी चूत में घुसाने लगा.

पूजा पहली बार लंड अन्दर ले रही थी, इसलिए उसकी चूत काफी कसी हुई थी. शुरुआती दो धक्कों में मेरा लंड अंदर जाने की बजाय फिसल कर बाहर निकल जाता था. फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत के छेद पर सेट किया और हाथ से पकड़ कर एक जोरदार धक्का लगाया. इस धक्के के साथ ही मेरा लंड उस नई नवेली हसीना की हवेली को फाड़ता हुआ अंदर चला गया. उसे बहुत दर्द हुआ और दर्द के मारे वो रोने लगी लेकिन मैंने अपनी पकड़ धीरे नहीं की. अब मैं धीरे – धीरे लंड अंदर – बाहर करने लगा था.

करीब पांच मिनट तक धक्का पेल तरीके से चुदने के बाद जब उसकी चूत में मेरा लंड सेट हो गया तो उसे भी मज़ा आने लगा और वो अपनी गांड उठा – उठा कर मेरा साथ देने लगी. इस ठंड के मौसम में भी मैं और पूजा पसीने से लथ पथ हो गए थे. बहुत मज़ा आ रहा था.

करीब 15 मिनट की जोरदार चुदाई के बाद मेरा काम रस उसकी चूत में ही निकल गया. मेरे साथ ही वह भी झड़ गई. उसके खून से बिस्तर खराब हो चुका था. फिर थोड़ी देर एक – दूसरे से चिपक के लेटे रहने के बाद हम उठे और हमने चादर निकाल के बगल वाले खेत में फेक दी. इसके बाद आकर अपने – अपने बिस्तर पर सो गए.

दोस्तों, अगली कहानी में मैं लिखूंगा कि कैसे मैंने उसकी छोटी बहन रीना का भी रस पान किया. आप सबको मेरी यह कहानी कैसी लगी? कमेंट या मेल करके जरूर बताना. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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