दोस्त की बहन ने मुझे रोक कर चुदवाया

फिर मैंने सुधा को गोद में उठाया और उसे बेडरूम में ले गया. वहां ले जाकर मैंने सुधा को बेड पर पटक दिया और फिर उसके ऊपर चढ़ गया. मैं उसके बूब्स को अपने हाथों में पकड़ के जोर से दबा रहा था और साथ में चूस भी रहा था…

मस्त लन्ड वालों और प्यारी चूत वालियों को मेरा नमस्कार! मेरा नाम शकीर है और मैं आंध्र प्रदेश से हूँ. मैं अन्तर्वासना पिछले कई महीनों से अन्तर्वासना की सभी कहानियों पढ़ रहा हूँ. इनको पढ़ कर मैंने सोचा कि क्यों न मैं भी आप सब के सामने मेरी कहानी पेश करूँ.

ये कहानी मेरी और मेरे दोस्त की बहन की है, जिसके साथ मैंने दो महीने पहले ही सेक्स किया है. मैं इस साइट पर पहली बार अपनी कहानी लिख रहा हूँ इसमें मुझसे कोई गलती हुई हो तो नजरअंदाज कर दें.

अब मैं देरी ना करते हुए कहानी पर आता हूँ. मेरे दोस्त के घर मेरा आना जाना है. जब भी मैं मेरे दोस्त के घर जाता था तो मैं सुधा (दोस्त की बहन) पर लाइन मरता था. ये बात वह जानती थी. दोस्तों, मैं तो उसके बारे में बताना भूल ही गया था. उसका नाम सुधारनी है लेकिन हम सब प्यार से उसे सुधा कह कर बुलाते है. उसका फिगर 32:28:34 है. जोकि बहुत ही मस्त है.

हुआ ये कि एक दिन शाम के समय मैं सुधा के घर गया था. घर जाकर जब मैंने डोर बेल बजाई तो दरवाजा सुधा ने ही खोला और मुझे अंदर आने को कहा. उस दिन घर में सुधा और मेरे अलावा कोई भी नहीं था. ये बात पूछने पर सुधा ने ही बताई थी.

थोड़ी देर बाद जब मैंने घर जाने को कहा तो उसने कहा, “नहीं शकीर, भाई के आने तक रुक जाओ न”. फिर मैंने भी सहमति दे दी. अब हम दोनों सोफे पर बैठ कर टी वी देख रहे थे. उस समय टी वी पर सेक्सी सा एक गाना चल रहा था. जिसे हम दोनों बड़े मजे से देख रहे थे.

वो बात करते समय मुझसे पूछने लगी कि शकीर, तुम्हारी कोई गर्ल फ्रेंड है क्या? तब तक हम खुल कर बात करने लगे थे तो मैंने कह दिया कि हां मेरी गर्ल फ्रेंड है. तो उसने कहा कि कभी उसके साथ कुछ किया है? तो मैंने कहा कि हां, बहुत कुछ किया है.

तब उसने पूछा लिया कि क्या कुछ किया? उसे बार – बार मुझे कुरेद कर ऐसे पूछने से मैं समझ गया था कि सुधा का चुदाई करने का मन कर रहा है तो मैंने हिम्मत कर सुधा से कहा, “सिर्फ कह कर बताऊं या कर के भी दिखाऊं”? तो सुधा ने शर्माते हुए मेरे बात की सहमति दे दी.

अब तुरन्त ही मैंने सुधा का हाथ पकड़ के मेरे उसे और करीब खींच लिया और उसके होंठों को अपने होंठों से जकड़ लिया. हम इसी पोज में करीब दस मिनट तक किस करते रहे. किस करते समय मेरे हाथ कब उसके बूब्स पर पहुंच गए थे पता ही नहीं चला.

फिर मैंने सुधा को किस करते – करते एक – एक करके उसके सारे कपड़े उतार दिये. सुधा अब मेरे सामने बिल्कुल नंगी खड़ी थी. फिर उसने मुझसे कहा कि तुम क्या खड़े – खड़े मुझे घूरते ही रहोगे या अपने कपड़े उतार कर कुछ करोगे भी?

अब मैंने भी जल्दी से अपने कपड़े उतार दिये. जिससे मेरा खड़ा लम्बा लन्ड उछल कर उसके सामने आ गया. जिसे देख कर वो बहुत खुश हो गई. दोस्तों, आप लोगों को तो मैं अपने बारे में बताना ही भूल गया था. मेरा हाइट 5 फिट और 7 है और मेरा लन्ड करीब 6 इंच लंबा और 2.5 एक मोटा है. जिससे चुद कर कोई भी रसीली लड़की या औरत खुश हो सकती है.

अब मैं कहानी में आगे बढ़ता हूँ. कमरे में मैं और सुधा एक दम नंगे होकर एक – दूसरे के होंठों का रसपान कर रहे थे और इसी बीच मैं अपने एक हाथ से उसके एक बोबे को दबा रहा था और एक हाथ से उसकी बुर में उंगली कर रहा था. दोस्तों, सुधा की बुर बहुत ही टाइट थी. उंगली करने में मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.

फिर मैंने सुधा को गोद में उठाया और उसे बेडरूम में ले गया. वहां ले जाकर मैंने सुधा को बेड पर पटक दिया और फिर उसके ऊपर चढ़ गया. मैं उसके बूब्स को अपने हाथों में पकड़ के जोर से दबा रहा था और साथ में चूस भी रहा था.

जब मैं उसके बूब्स जोर से दबा देता तो सुधा के मुँह से आह निकल जाती. उसे मज़ा आ रहा था और वह बोल रही थी, “शकीर और जोर से दबाओ इन्हें और चूस – चूस के पूरी तरह निचोड़ दो इन्हें”. सुधा ऐसी बातों से मुझे और मस्ती चढ़ रही थी और फिर मैंने सीधा सुधा की बुर पर अपने जीभ से वार कर दिया. इससे सुधा के मुँह से आह निकलने लगी.

थोड़ी देर चूत चुसवाने के बाद सुधा की बुर अपना पानी छोड़ने लगी तो मैंने उसकी बुर से अपना मुँह हटाने की कोशिश की लेकिन तब तक सुधा ने मेरे सर को अपनी बुर के मुँहाने पर जकड़ लिया था जिसे मैं ना चाहते हुए भी उसका सारा पानी पी गया. उसके पानी का स्वाद मुझे बहुत अजीब सा लगा लेकिन बाद मज़ा भी आया.

अब सुधा की बारी थी. मेरे कहने भर की देरी थी, उसने झट से मेरा लन्ड अपने मुँह में भर लिया और लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. कुछ देर बाद मैं सुधा के मुँह में ही झड़ गया और वो मेरा सारा माल गटक गई.

फिर थोड़ी देर तक हम दोनों ऐसे ही बेड पर पड़े रहे थे. कुछ देर बाद सुधा ने फिर से मुझे किस करना शुरू कर दिया और मैं उसके बूब्स को फिर से दबाने लगा. अब सुधा मेरे लन्ड को अपने हाथ से मसलने लगी और वो फिर से नीचे आ गई और मेरे लन्ड महाराज को चूस – चूस कर खड़ा कर दिया.

अब वो मेरे लन्ड को अपनी बुर में लेने को तड़प रही थी और कह रही थी कि इसे जल्दी से मेरे अंदर पेल दो वरना मैं मर जाऊंगी. उसकी तड़प देख कर और उसकी बात सुन कर मैंने भी देर ना करते हुए उसे बेड पर लेटा दिया और उसकी टाँगों को अपने कंधों पर रख के अपने लन्ड को उसकी बुर पर रगड़ने लगा. अब सुधा ने सिसकारियां भरते हुए कहा कि जल्दी से अंदर डालो.

अब मैंने अपने लन्ड के सुपड़े को उसकी चूत के अंदर डाल दिया. सुधा का चूत बहुत टाइट थी तो पहली बार में मेरा लन्ड करीब एक इंच ही अंदर गया था. लेकिन इससे उसकी सील टूट चुकी थी और वह जोर से चिल्लाने लगी. उसके बुर से खून निकलने लगा था.

यह देख कर मैंने धक्के लगाना रोक दिया और सुधा के शांत होने तक उसको किस करने लगा और फिर जब वह शांत हुई और आगे बढ़ने का इशारा किया तो उसके कहने पर मैंने फिर से धक्के लगाना चालू कर दिया.

इस बार मैंने हल्के – हल्के धक्के लगते हुए धीरे – धीरे करके पूरा लन्ड उसकी बुर में घुसेड़ दिया. फिर मैंने लन्ड को बाहर खींच के एक ही बार में अंदर तक पेल दिया. अचानक हुए इस हमले से वो जोर से चिल्लाई और फिर थोड़ी देर में शांत हो गई.

फिर मैंने उसकी बुर में धक्के लगाना शुरू कर दिया. जिससे उसके मुँह से निकल रही मादक सिसकारियां पूरे कमरे में चारों ओर सुनाई दे रही थीं. कुछ देर चुदाई के बाद मैं उसकी चूत में ही झड़ गया और लन्ड बुर में ही डाले हुए सुधा के ऊपर ही लेटा रहा.

तो दोस्तों, कैसे लगी मेरी सच्ची कहानी? यह मेरी सच्ची घटना है. आप लोग अपने विचार मुझे जरूर ईमेल कीजिए. मुझे आपके विचारों का इंतजार रहेगा. मैं अपनी अगली स्टोरी पर सुनीता की चुदाई के बारे में लिखूंगा. जिसका परिचय मुझसे सुधा ने ही करवाया था. मेरा ईमेल आईडी – [email protected]

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