दोस्त के बॉयफ्रेंड से मैंने अपनी सील तुड़वा ली भाग – 1

रास्ते में जब फिर से मैंने प्रिया से पूछा तो उसने बताया कि तेरी राहुल से चुदवाने की इच्छा थी न वो आज पूरी होने जा रही है. यह सुनते ही मुझे बड़ा अजीब सा लगा इसलिए पहले तो मैंने मना कर दिया. फिर उसने बताया कि कल तूने बोला था न उस वक्त तो मुझे गुस्सा आ गया था पर बाद में मैंने सोचा कि तेरी भी इच्छा है और अगर तेरी इच्छा का ध्यान मैं नहीं रखूँगी तो कौन रखेगा…

अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा प्यार भरा नमस्कार! मेरा नाम रश्मि है और ये मेरी पहली कहानी है, जिसे मैं आपके सामने रखने जा रही हूँ अगर कोई कमी हो तोउसके लिए मैं माफी चाहूँगी.

अब सारी बातें यहीं पर छोड़ कर अपनी कहनी पर आते हैं. मेरी उम्र 30 साल है और मेरा फिगर 34-28-36 का है. मैं उस समय मेरे मुहल्ले की रानी हुआ करती थी. वैसे आज भी मैं कम नहीं हूँ. आज भी मैं जिसे चाहूं उसे अपने बस में कर सकती हूँ. बस पल्लू ही तो हटाना है और कुछ थोड़े ही करना है. ये बात आज से लगभग 13 साल पुरानी है, जब मेरी पहली चुदाई हुए थी. उस के बाद से अब तो मुझे याद भी नहीं है कि मैं कितने लंड का स्वाद चख चुकी हूँ.

मेरे घर पर मेरे अलावा मेरा बड़ा भाई और मम्मी – पापा रहते हैं. पापा अक्सर बिजनेस के सिलसिले मे बाहर ही रहते हैं और भाई दोस्तों में तथा मम्मी अपनी किटी पार्टियों में बिज़ी रहती हैं और घर पर मैं अकेली फील किया करती थी. इसलिए मैं भी ज़्यादातर सहेलियों के साथ ही रहती थी.

मेरी एक सहेली प्रिया से मेरी खूब बनती थी. उसका एक बॉयफ्रेंड था. जिसका नाम राहुल था. वो मुझसे भी बातें किया करता था. प्रिया को भी इस बात से कोई दिक्कत नहीं होती थी क्योंकि वो जानती थी कि मैं अकेली हूँ. कभी – कभी प्रिया मुझे अपने और राहुल के चुदाई के किस्से भी सुनाया करती थी. जिसे सुन कर मेरी चूत एक दम गीली हो जाती थी और फिर मेरे मन में भी चुदने की इच्छा होने लगती थी.

मैंने एक – दो बार मम्मी – पापा को सेक्स करते हुए भी देखा था. उन्हें देख कर भी मेरा मन चुदने के लिए मचलने लगता था लेकिन मेरा कोई बॉयफ्रेंड था ही नहीं जिससे मैं अपनी चुदाई करवा सकती. एक दिन प्रिया बता रही थी कि कैसे राहुल ने अपने मोटे लंड से उसको चोदा था.

प्रिया के मुंह से ये सब सुन कर मैं इतना गरम हो गयी कि अचानक से मैंने उसे बोल दिया कि मुझे भी राहुल से चुदवाना है. ये सुन कर वो नाराज़ हो गयी और फिर वहां से चली गयी. मैंने उसे खूब मनाया लेकिन वो नहीं मानी. उसके जाने के बाद मैंने बहुत गिल्ट फील किया.

अगले दिन मेरे पास उसका फ़ोन आया. मैंने जैसे ही फोन उठाया, उसने कहा – आज शाम को फ्री हो क्या?

मैंने उससे बहुत पूछा कि किसलिए पर उसने कुछ नहीं बताया और मुझे शाम को तैयार रहने को कहा. घर पर पापा नहीं थे, भाई भी दोस्तों के साथ आउट ऑफ टाउन था. इसलिए मुझे कोई खास दिक्कत नहीं होने वाली थी. मम्मी को मैंने बोल दिया कि मैं शाम को प्रिया के साथ थोड़ी देर के लिए बाहर जा रही हूँ.

अब मुझे शाम का इंतज़ार था. मुझे जानना था कि ऐसा क्या है, जो प्रिया ने अभी तक मुझे नहीं बताया और केवल तैयार रहने को कहा है. फिर शाम को मैंने काली ब्रा और पैंटी पहनी. फिर उसके ऊपर रेड टॉप और स्काई ब्लू जींस पहन कर तैयार हो गई. शाम को करीब 5 बजे प्रिया मेरे घर आई और फिर मैं और प्रिया बंजारा हिल की तरफ ऑटो से चल दिए. वहीं पर राहुल का फ्लैट था.

रास्ते में जब फिर से मैंने प्रिया से पूछा तो उसने बताया कि तेरी राहुल से चुदवाने की इच्छा थी न वो आज पूरी होने जा रही है. यह सुनते ही मुझे बड़ा अजीब सा लगा इसलिए पहले तो मैंने मना कर दिया. फिर उसने बताया कि कल तूने बोला था न उस वक्त तो मुझे गुस्सा आ गया था पर बाद में मैंने सोचा कि तेरी भी इच्छा है और अगर तेरी इच्छा का ध्यान मैं नहीं रखूँगी तो कौन रखेगा.

यह सुन कर मैंने बोला कि मुझे डर लग रहा है. तो उसने मुझे समझाया कि डरने की कोई बात नहीं है और मैं तो तेरे साथ हूँ ही न. बातों ही बातों में हम राहुल के फ्लैट पर पहुंच गये. उसका रूम चौथी मंजिल पर था. हम लिफ्ट से उसके रूम पर गये. उसने जैसे ही दरवाज़ा खोला, प्रिया उससे गले लग गयी.

फिर हम अंदर पहुंचे. अंदर जाकर उसने मुझे भी हग किया और फिर कॉफ़ी बनाने चला गया. वो शॉर्ट्स पहने हुए था. उस दिन मैंने ठीक से उसका बदन देखा. क्या मांसल बदन था उसका! मैं तो देख कर ही दीवानी हो गयी. तब तक प्रिया मुझे छेड़ने लगी और बोली – आज तो तुम आँटी बनोगी.

फिर थोड़ा सा मेरे पास आकर बोली – खूब लपक – लपक कर अंदर लेना मेरी जान.

इतने में राहुल कॉफ़ी लेकर रूम में आ गया. फिर हमने कॉफ़ी पी. उसके बाद प्रिया राहुल की गोद मे बैठ गयी. राहुल उसे किस करने लगा और साथ ही उसके बूब्स कक दबाने लगा. मैं थोड़ा शर्मा रही थी. तब प्रिया ने राहुल से बोला – जानू, अपन तो हमेशा ही करते हैं. तुम्हें तो आज इसकी खुजली मिटानी है.

प्रिया ये क्या बोल रही थी. उसे सुन कर तो मैं एक दम हैरान थी पर वह जो भी बोल रही थी उससे मूज़े अलग सा अहसास हो रहा था और यह मुझे बहुत अच्छा भी लग रहा था.

तभी राहुल प्रिया को छोड़ कर मेरी तरफ आया और मुझसे बोला – हमें आपकी खिदमत का मौका तो दीजिए. हम आपको बिल्कुल भी निराश नहीं करेंगे.

मैं तो शर्मा रही थी और मेरे मुंह से कोई आवाज ही नहीं निकल रही थी. तब राहुल ने मेरा हाथ पकड़ा ओर मुझे खड़ा कर दिया और फिर मेरी कमर में हाथ डाल कर अपनी ओर खींचा लिया. जिससे मैं उसके सीने से लग गयी. इस झटके में मुझे बड़ा ही आनंद आया और मैं अंदर ही अंदर खुशी के मारे उछल पड़ी.

दोस्तों आपको मेरी यह कहानी कैसी लग रही है? मुझे मेल करके जरूर बताएं. साथ ही अगर कहानी लिखने में मुझसे कोई गलती भी हुई हो तो कृपा करके उसे भी बताने का कष्ट करें. आपके सुझाव और सलाह से मैं आगे अपनी कहानी में सुधार कर सकूंगी. मेरी ईमेल आईडी – [email protected] है.

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