दोस्त के बॉयफ्रेंड से मैंने अपनी सील तुड़वा ली भाग – 2

इससे वो रुक गया और मेरे बूब्स दबाने लगा. इसके बाद उसने फिर एक जोरदार झटका लगाया और उसका पूरा लंड मेरे अंदर चला गया. जिससे मैं ज़ोर से चीख पड़ी और छटपटाने लगी. इस बार राहुल ने अपना लंड बाहर नहीं निकाला और अंदर ही डाले रखा और प्रिया मेरे सर पर हाथ रख कर सहलाने लगी और समझाने लगी कि जानेमन पहली बार दर्द होता है, सह लो अभी थोड़ी देर में मज़ा आने लग जाएगा. लेकिन उस दर्द के आगे मुझे कुछ नहीं सूझ रहा था…

इस कहानी का पिछला भाग – दोस्त के बॉयफ्रेंड से मैंने अपनी सील तुड़वा ली भाग – 1

अभी तक अपने पढ़ा कि प्रिया मेरी बहुत प्यारी दोस्त थी और उसका एक बॉयफ्रेंड था जिसका नाम राहुल था. प्रिया मुझसे अपने और राहुल के बीच की चुदाई के किस्से अक्सर सुनाया करती थी. उसकी कहानी सुन कर मेरा भी चुदाई करवाने का मन करने लगता. आखिर एक दिन मैंने उससे कहा ही दिया कि मुझे भी राहुल से चुदवाना है. जिससे वो गुस्सा हो गई लेकिन बाद में राहुल से चुदवाने के लिए राजी हो गई और मुझे लेकर राहुल के फ्लैट गई. अब आगे –

फिर उसने मुझे गोद में उठाया और बेडरूम में ले गया. अंदर ले जाकर उसने मुझे पलंग पर लिटा दिया और फिर मेरे बगल में लेट गया और मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिये और चूसने लगा. अब मैं भी अपने आंख बन्द करके उसका साथ दे रही थी. सच में दोस्तों, मुझे बहुत ही ज्यादा मज़ा आ रहा था. करीब 10 मिनट बाद जब मैंने अपनी आँख खोली तो देखा कि प्रिया हमें देख रही थी.

उसे देख कर मुझे शर्म आ गयी तो मैंने प्रिया से कहा कि वो प्लीज़ बाहर चली जाए. वो बिना कुछ बोले बाहर चली गयी. लेकिन दरवाज़ा अभी भी लॉक नहीं था. अब राहुल ने फिर से मुझे अपनी बाँहों में भर लिया और किस करने लगा. अब उसका एक हाथ मेरे बूब्स पर आ गया था. जिससे वो हल्के – हल्के मेरे बूब्स को दबा रहा था.

थोड़ी देर में उसने मेरा हाथ अपने शॉर्ट्स के ऊपर रख दिया. मैंने पहली बार किसी का लन्ड अपने हाथों पर महसूस किया था. उसका लंड काफ़ी बड़ा था. वह करीब 7 इंच लंबा और 2.5 इंच चौड़ा था. अब मैं उसके लन्ड को पकड़ कर ऊपर से ही सहला रही थी.

इसी बीच कब उसने अपना हाथ मेरे टॉप में डाल दिया मुझे पता ही नहीं चला. मैं तो उसके लंड को देखने के लिए बेताब थी. फिर राहुल ने मेरी टॉप और ब्रा को उतार दिया और मेरे बूब्स को प्यार करने लगा. थोड़ी देर बाद अब वो थोड़ा और आगे बढ़ा. अब उसने मेरी जीन्स का बटन खोल दिया और अपना एक हाथ मेरी जीन्स में डाल दिया.

फिर पैंटी के ऊपर से ही वह मेरी योनि को सहलाने लगा. मेरी पैंटी मेरे योनि रस से गीली हो चुकी थी. राहुल ने अब अपना हाथ पैंटी के अंदर ड़ाल दिया. जिससे मैं उछल गयी. मेरे पूरे बदन में एक सिहरन सी दौड़ गयी. इतने में मैंने राहुल का लंड एक दम टाइट पकड़ लिया और अब राहुल धीरे – धीर मेरी चूत में उंगली करने लगा.

अब मैं ज़ोर – ज़ोर से सिसकारी भर रही थी. तभी राहुल उठा और फिर उसने मेरी जींस उतार दी और मुझे उल्टा लेटने को कहा. मैं तुरन्त ही उल्टा लेट गयी. अब वो मेरी पीठ को बड़े प्यार से सहला रहा था और साथ ही साथ मेरे चूतड़ों को मसल और काट रहा था.

अब उसने एक ही झटके मे मेरी पैंटी उतार दी. जिससे अब मैं पूरी तरह नंगी हो गई. अब वो मेरे चूतड़ से खेलने लगा था. थोड़ी देर बाद उसने मुझे सीधा होने को कहा. मेरे सीधा होने पर उसने अपना शॉर्ट्स उतारा. उसका लंड देख कर मैं डर गयी और डर कर मैंने कहा – क्या ये मेरे अंदर चला जाएगा.

इस पर वो हँसने लगा और फिर उसने लंड को मेरे हाथो में पकड़ाया और कहा कि इसे प्यार करो, डरो नहीं. मैं बहुत धीरे से उसके लंड को सहला रही थी और वो मेरे चेहरे को ध्यान से देख रहा था. फिर उसने लंड को मुंह में लेने को कहा, तो मैंने मना कर दिया. वो ज़िद करने लगा तो मैंने उसके लंड को मुंह में ले लिया और धीरे – धीरे चूसने लगी.

अब वो मेरी चूत में उंगली करने लगा. दोस्तों, मैं बता नहीं सकती कि कैसा अहसास था. फिर वो मेरी टांगों के बीच आ गया और फिर उसने मेरे चूतड़ के नीचे तकिया रखा और मेरी टाँगें फैला दी. इसके बाद वह मेरी चूत को चाटने लगा. अब तो मैं एक दम जन्नत में थी.

अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था. मुझे लग रहा था कि बस कुछ भी हो अब मेरी चूत में जाना चाहिए पर मैं बोल नहीं पा रही थी. अब मैं राहुल का सर पकड़ कर अपने ऊपर खींच रही थी पर वो चूत चाटने में लगा हुआ था. इतने में प्रिया की आवाज़ आई. वो राहुल को कह रही थी, ‘अब इसे और मत तड़पा, अब इसकी चूत की आग को शांत भी कर दे.’

अब तक मैं इतनी गरम हो चुकी थी कि प्रिया को देख कर भी मुझे शर्म नहीं आ रही थी. तब राहुल उठा और उठ कर उसने मोर्चा संभाला. अब वो मेरी टांगों के बीच में आ गया और इसी बीच प्रिया भी मेरे बगल में आ गयी और मेरे बूब्स को दबाने लगी. मेरी चूत तो पूरी तरह से गीली थी.

फिर राहुल ने अपने लंड का टोपा मेरी चूत के निशाने पर लगाया और हल्का सा दबाने लगा. प्रिया ने मुझे गोद में ले लिया था. जिस से मुझे राहुल का लंड और राहुल को मेरी चूत साफ – साफ दिख रही थी. फिर राहुल ने धीरे से एक झटका लगाया. जिससे उसका थोड़ा सा लंड अंदर चला गया और मुझे हल्का सा दर्द हुआ और मेरे मुंह से आह निकल गई.

इससे वो रुक गया और मेरे बूब्स दबाने लगा. इसके बाद उसने फिर एक जोरदार झटका लगाया और उसका पूरा लंड मेरे अंदर चला गया. जिससे मैं ज़ोर से चीख पड़ी और छटपटाने लगी. इस बार राहुल ने अपना लंड बाहर नहीं निकाला और अंदर ही डाले रखा और प्रिया मेरे सर पर हाथ रख कर सहलाने लगी और समझाने लगी कि जानेमन पहली बार दर्द होता है, सह लो अभी थोड़ी देर में मज़ा आने लग जाएगा. लेकिन उस दर्द के आगे मुझे कुछ नहीं सूझ रहा था.

थोड़ी देर बाद जब मेरा दर्द कुछ कम हुआ तब राहुल ने धीरे – धीर अपना लंड बाहर निकाला और फिर धीरे से अंदर डाल दिया. इस बार मुझे हल्का सा ही दर्द हुआ. इस बीच मेरी चूत ने लंड के लिए जगह बना ली थी. अब राहुल ने अपनी स्पीड थोड़ी और बढ़ाई और फिर मुझे जोर – जोर से चोदने लगा.

अब मुझे भी खूब मज़ा आ रहा था. मेरे साथ ही साथ राहुल प्रिया को किस भी कर रहा था और मेरे बूब्स भी दबा रहा था. इतने में मैंने प्रिया से कपड़े उतारने को कहा तो उसने झट से अपने कपड़े उतार दिए और फिर उसने मेरे मुंह पर अपनी चूत लगा दी. चूंकि मैं पूरी मस्ती में थी तो मैं उसकी चूत को चाटने लगी.

आज मैं इस दुनिया में ही नहीं थी. मैं चाहती थी कि ये पल कभी ख़त्म ही न हो. राहुल मुझे ज़ोर – ज़ोर से चोदे जा रहा था और मैं लगातार सिसकारियां लेती जा रही थी. मेरे मुंह से हल्की – हल्की चीख भी निकल रही थी. राहुल के हर झटके के साथ मैं, ‘आआ आह आह, उ उऊह उऊह करते जा रही थी.

अब तक मैं एक बार झड़ चुकी थी लेकिन राहुल का अभी लंबा चलने वाला था. अब तक मैं थक गयी थी इसलिए राहुल से बोला कि, ‘राहुल, थोड़ा रूको यार.’ पर वो कहां रुकने वाला था. तब मैंने बोला – प्रिया भी तो है. इस बेचारी को भी तो लंड की ज़रूरत है, इसे क्यों तरसा रहे हो?

तब उसने अपना लंड बाहर निकाला और प्रिया को बोला – आज तो मैं तुम्हारी गांड में डालूंगा.

चूंकि मेरे चूत चाटने से वो भी गरम हो गयी थी इसलिए उसने बोला – तुझे जहां भी डालना है, डाल दे मेरे राज़ा.

इतना कह कर वो तुरन्त ही घोड़ी बन गयी और राहुल ने एक ही झटके में अपना 7 इंच मोटा लंड प्रिया की गांड में डाल दिया. प्रिया की चीख निकल गई पर वो थोड़ी ही देर में शांत हो गयी और वह मज़े से उसका लंड अंदर लेने लगी.

तब मुझे लगा कि प्रिया ने पहले भी अपनी गांड मरवा रखी है. राहुल भी अब फ्री होने वाला था इसलिए मैंने राहुल से बोला – राहुल, तुम मेरी ही चूत में अपना माल निकलोगे समझे न.

तब उसने प्रिया की गांड से अपना मूसल निकाल लिया और मेरी चूत में पेल दिया. बस 2 – 4 झटकों में ही उसने ढेर सारा माल मेरी चूत में भर दिया और फिर लंबी – लंबी साँसें लेने लगा. इसके बाद फिर हम तीनों ने अपने बदन को साफ किया और फिर राहुल हमें घर तक छोड़ने आया. दोस्तो उसके बाद हमने और कई बार चुदाई की.

ये मेरी पहली चुदाई की कहानी थी, आप लोगों को ये कैसी लगी? ज़रूर बताइएगा. अपनी ढेर सारी चुदाई की कहानी लेकर मैं फिर आपके सामने आऊंगी. मेरी मेल आईडी –
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