दोस्त से चुद कर गांडू बन गया

हेलो दोस्तों, मेरा नाम विशाल है. मैं गुजरात का रहने वाला हूं और एक गांडू लड़का हूं. मेरी उम्र 20 साल है. हाल ही में मेरे साथ एक ऐसी घटना घटित हुई, जिसने मुझे गांडू बनाने में पूरा योगदान दिया…

अब आप लोगों को मैं अपनी कहानी की तरफ ले चलता हूं. दोस्तों, मैं एक कॉलेज में पढ़ता हूं और बीए सेकंड ईयर का विद्यार्थी हूं. मैं पढ़नें में बहुत तेज़ हूं तो कॉलेज में मेरे बहुत से दोस्त बन गए थे. लेकिन उनमें से एक मेरा जबसे अच्छा दोस्त था. उसका नाम भरत है. भरत था तो मेरा सबसे अच्छा दोस्त लेकिन पढ़ाई में मैं जितना तेज वो उतना ही कमज़ोर. उसी से दोस्ती करने के बाद मुझे सेक्स के बारे में पता चला.

हुआ यूं कि मेरा खास दोस्त होने की वजह से वह अक्सर मेरे घर आता रहता था. एक दिन जब वह मेरे घर आया तो उस समय मेरे घर पर कोई नहीं था. मैं अकेला अपने रूम में टीवी देख रहा था. बाहर का दरवाजा खुला था तो वो सीधा मेरे रूम में आ गया.

अंदर आते ही भरत मुझसे बोला – विशाल! कैसे हो मेरे दोस्त?

मैं – ठीक हूं भरत. क्या बात है भरत तुम कॉल किए बिना ही आ गए! कुछ जरूरी काम पड़ गया क्या?

भरत बोला – नहीं यार, तुमसे मिलने का मन हुआ तो चला आया.

इस पर मैंने कहा – अच्छा किया यार, वैसे भी घर में कोई नहीं था तो मैं बोर हो रहा था. आओ साथ में मूवी देखते हैं. एक दम रोमांटिक मूवी है, बिल्कुल तेरे लायक.

मेरे इतना कहते – कहते भरत मेरे बगल में बैठ गया और फिर हम मूवी देखने लगे. मूवी सच में काफी रोमांटिक थी. मूवी के एक सीन में एक लड़का अपने दोस्त के साथ मस्ती कर रहा होता है. उसे देख कर मैंने भरत से पूछा – यार भरत, मैंने सुना है लड़के – लड़के भी सेक्स करते हैं. सही है क्या?

मेरे इस सवाल पर भरत थोड़ा अचकचाते हुए बोला – नहीं यार झूठ है.

इतना कह कर भरत अपने में पता नहीं कहां खो गया और क्या सोचने लगा. उसे इस तरह विचारमग्न देख मैंने पूछा – हेलो भरत, कहां खो गए यार? तुम्हें नहीं पता तो कोई बात नहीं लेकिन मैंने पोर्न फिल्मों में देखा है कि लड़के – लड़के सेक्स करते हैं. और तुम भी तो सेक्स करते होगे!

तब भरत ने कहा – हां हां सेक्स तो मैं करता हूं लेकिन लड़कियों से. लड़के – लड़के वाला कभी किया नहीं है.

यह सुन कर मेरे मन में आया कि उससे बोल दूं कि मेरे साथ कर लो न लेकिन फिर मैंने अपनी इच्छाओं पर काबू पाते हुए भरत से कहा – भरत, मेरे यार एक बात बोलूं, बुरा तो नहीं मानोगे?

भरत ने कहा – हां, बोल न. मैंने आज तक तेरी किसी बात का बुरा माना है जो आज मानूंगा.

तब मैंने हिम्मत करते हुए कहा – यार, तुम मेरे साथ सेक्स कर लो. हमें लड़कों – लड़कों वाले सेक्स का एक्सपीरियंस भी हो जाएगा और मैं किसी से कुछ कहूंगा भी नहीं.

मेरे मुंह से यह सुन कर भरत की बांछें खुल गईं और वह बोला – पक्का तुम किसी से कुछ नहीं कहोगे?

मैंने कहा – हां भाई मैं पक्का किसी से कुछ नहीं कहूंगा.

अब तो भरत की खुशी का कोई ठिकाना ही न रहा. वह लगभग उछलते हुए बोला – यार विशाल, अब से मैं तुम्हारा पति हूं.

मैंने कहा – हां मेरे पतिदेव!

इतनी बात के बाद भरत ने मुझे खड़ा किया और मेरे शर्ट – पैंट को उतारने लगा. दूसरी तरफ मैं भरत के होंठों से लग कर उसे किस करने लगा. मेरी शर्ट – पैंट उतारने के बाद भरत ने मुझे उठाया और सीधा बेड पर पटक दिया और मेरे ऊपर आ गया. फिर हम दोनों एक दूसरे को टूट कर किस करने लगे.

अब भरत किस करते – करते नीचे आता है और छोटे – छोटे निप्पल्स पर अपनी जीभ और होंठ फिराने लगता है. उसका यह करना मुझे बहुत अच्छा लगता है. थोड़ी देर बाद भरत अपना एक हाथ नीचे ले गया और मेरी गांड में अपनी एक उंगली घुसा कर अंदर – बाहर करने लगा. उसके ऐसा करने से मेरे शरीर में सुरसुरी सी होने लगी.

मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. फिर कुछ देर बाद मैंने भरत को नीचे किया और उसके ऊपर चढ़ कर उसे चूमने लगा. साथ में उसके कपड़े भी उतारने लगा. जब मैंने उसका पैंट उतारने हाथ नीचे किया तो मेरा हाथ सीधे भरत के लम्बे लंड से टकरा गया. उसे देख कर मैं चौंक गया और बोला – मैं इतना बड़ा और मोटा लंड अंदर नहीं ले सकता पतिदेव!

इस पर भरत ने मुझे डांटते हुए कहा – चुप साले, सीधा पैंट खोल और लंड को मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दे.

अब मैंने उसका पैंट खोल कर अंडर वियर उतार दी. मेरे ऐसा करने से भरत का लम्बा लंड उछल कर मेरे सामने आ गया. तब मैंने उससे कहा – मुंह में ले तो रहा हूं पर धीरे – धीरे करना पतिदेव. इस पर भरत ने हां में सिर हिला दिया.

इसके बाद फिर मैंने भरत का लंड मुंह में ले लिया और चूसने लगा. लेकिन भरत ने पूरी बेरहमी बरतते हुए तेजी के साथ मेरे मुंह में अपना लंड अंदर – बाहर करने लगा. उसे बहुत मज़ा आ रहा था लेकिन ज्यादा अंदर जाने की वजह से मुझे उल्टी सी आने को हुई. तब मैंने मुंह से लंड निकाल दिया.

तब भरत ने मुझे उल्टा लिटाया और मेरी गांड के छेद पर लंड रख कर धीरे – धीरे दबाव बनाने लगा. मुझे दर्द हुआ तो मैंने अपनी गांड कस ली. इससे लंड अंदर नहीं जा पाया. फिर भरत ने अपना लंड बाहर निकाला और उस पर थूक लगा कर एक ही झटके में मेरी गांड में डाल दिया. मुझे बहुत तेज दर्द हुआ और मेरी आंखों में आंसू आ गए. तब मैंने भरत से कहा – धीरे – धीरे करो मेरे पतिदेव, नहीं तो मेरी गांड ही फट जाएगी! 

तब भरत ने कहा – बहनचोद बड़ी मस्त गांड है तेरी. तू ऐसा कर कल सुबह मुझसे शादी कर ले.

इस पर मैंने कहा – अब तो मैं आप की ही हूं मेरे पतिदेव. बस थोड़ा धीरे – धीरे करो.

फिर भरत ने अपनी स्पीड कुछ कम कर दी. करीब 8-10 मिनट तक मेरी गांड मारने के बाद उसने कहा कि बस अब मेरा होने वाला है कहां पर माल निकलूं? इस पर मैंने कहा कि मेरी गांड में निकाल दो न.

फिर भरत ने अपने धक्कों की स्पीड बढ़ा दी और 8-10 धक्कों के बाद सारा का सारा माल मेरी गांड में ही निकाल दिया. अब हम दोनों ही थक चुके थे. फिर हम बाहों में बाहें डाल कर सो गए. कुछ देर बाद जब भरत की आंख खुली तो उसने अपने कपड़े पहने और मेरे कपड़े मुझे पहना कर अपने घर चला गया. मैं अभी भी सो रहा था. उस दिन के बाद अब जब भी कभी मुझे अपनी गांड मरानी होती है मैं भरत को बुला लेता हूं और हम खूब मज़े लेते हैं. कहानी कैसी लगी, मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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