दोस्त की चुदक्कड़ माँ की चुदाई

अब मैंने आंटी को पकड़ कर बेड पर पटक दिया और उनके ऊपर चढ़ गया और जोर से स्मूचिंग करने लगा. आंटी भी मेरा पूरा साथ दे रही थी. फिर मैं धीरे – धीरे किस करता हुआ उनकी गले पर आया फिर कंधे पर और फिर मैंने उनकी ब्रा की एक स्ट्रिप को साइड किया और फिर किस करता हुआ उसके मम्मे पर आ गया…

हेलो दोस्तों! मेरा नाम आर्यन है और मैं अम्बाला कैंट से हूँ. मैं एक इंजीनियर हूँ और 23 साल का स्मार्ट लड़का हूँ. ये मेरी पहली और एक दम सच्ची कहानी है जो मेरे साथ कुछ समय पहले घटी थी. अगर इसमें मुझसे कोई गलती हो जाये तो मैं आप सबसे क्षमा चाहूंगा.

मेरा एक दोस्त है जो मेरे ही मोहल्ले में रहता है. उम्र में वो मुझसे छोटा है. उसके घर में उसकी माँ, बाप और दादी रहती है. उसकी माँ ही घर का सारा खर्च चलाती है और उसका बाप हमेशा दारू के नशे में रहता है.

उसकी माँ की उम्र 38 साल है लेकिन दिखने में वो 34 की ही लगती है. उसके फिगर के तो क्या कहने दोस्तों! जो भी उसे एक बार देख ले उसका लण्ड जरूर खड़ा हो जाता है. दोस्तों, हर औरत में 4 चीजें बहुत मायने रखती हैं जो उसमें खूब भरी है. पहली उसकी हॉलीवुड हीरोइन जैसी शक्ल, दूसरा उसका दूध जैसा गोरा रंग, तीसरा उसके बड़े मम्मे और चौथा वो जिसके लिए किसी का भी लण्ड खड़ा हो जाये उसकी मोटी गांड.

दोस्तों यह बात आज से तीन साल पुरानी है. मेरे दोस्त की माँ के बारे में हर कोई यही कहता था कि वो एक नंबर की चुदक्कड़ औरत है. हमारा पूरा मोहल्ला उसकी बुराई करता रहता था. तो एक दिन मैंने भी सोचा कि क्यों न इस बात को आजमाया जाए हो सकता है शायद चूत का जुगाड़ ही हो जाये.

एक दिन जब मैं अपने उस दोस्त के घर गया तो मैंने आंटी को बोला कि आंटी मुझे आपसे जरूरी बात करनी है लेकिन अभी नहीं अकेले में और फिर मैं उनको अपना मोबाइल नंबर देकर घर वापस आ गया. शाम को उनका कॉल आया और उन्होंने मुझसे पूछा – बेटा क्या बात करनी है?

तो पहले मैंने उन्हें बोला कि आंटी, पहले आप वादा करो कि मैं आपसे जो भी बात करूंगा आप उसका बुरा तो नहीं मानोगी.

तो उन्होंने कहा – मैं वादा करती हूँ कि तुम्हारी बात का बुरा नहीं मानूंगी. अब बताओ.

मैं – आंटी, आपके बारे में पूरे मोहल्ले के लोग बहुत गलत – गलत बोलते हैं.

आंटी ( थोड़ा सा घबराहट के साथ) – क्या बोलते हैं सब?

मैं बोला – सब कहते हैं कि आपका चक्कर है दूसरे लोगों के साथ. क्या यह सच है?

आंटी बोली – नहीं नहीं बेटा, ऐसा कुछ नहीं है.

मैं – लेकिन आंटी, सब आपकी इतनी बदनामी क्यों करते है? जब अपने कुछ नहीं किया.

इस तरह मैंने उनके प्रति थोड़ी सहानुभूति दिखाई. जिससे उन्हें लगे कि मुझे सच में उनकी बदनामी का अफ़सोस है.
और फिर लास्ट में मैंने उनसे कहा कि आंटी, लोगों की एक बात तो सच ही है.

आंटी – कौन सी बात?

मैं – आप सच में बहुत सुंदर हो. आपको देख कर कोई भी आपका दीवाना हो सकता है.

मेरी इस बात का आंटी ने कोई रिप्लाई नहीं किया और फ़ोन काट दिया. मुझे लगा कि शायद मैंने कुछ गलत बोल दिया है. उसके बाद मैंने उनसे कोई बात नहीं की. दो हफ्ते बाद उनका खुद फ़ोन आया और वो मुझसे बोली कि वो मुझसे मिलना चाहती हैं. उन्होंने मुझे अगले दिन सुबह मिलने के लिए बुलाया.

मैं सुबह उनके घर चला गया और वहां पहुंच कर मैंने बेल बजाई तो आंटी ने गेट खोला. घर में वो अकेली थी और उस वक़्त उन्होंने सलवार – सूट पहन रखा था. जिसका गला बड़ा था. जिससे उनके चूचे बाहर को आ रहे थे.

उन्होंने मुझे अंदर बुलाया और पानी दिया. उसके बाद मैंने पूछा कि आंटी – क्या बात है?

आंटी – तुम्हें तो पता ही है कि तुम्हारे अंकल शराब पीते रहते है और घर का खर्च मैं ही चलती हूँ. कोई मेरा साथ नहीं देता. बस सब मुझे बदनाम करते हैं.

मैं बोला – आंटी, मैंने सुना है कि आपका चक्कर है किसी के साथ?

ये सुन कर आंटी रोने लगी और बोली – हाँ, जहाँ पर मैं काम करती हूँ वहाँ एक आदमी से मेरा रिलेशन है. मैं भी क्या करूं जब मेरा कोई नही है और मुझे सहारे की बहुत जरूरत है. मैंने अपनी सारी लाइफ ऐसे ही तेजी अंकल के साथ निकाल दी.

इतना कह कर वो रोने लगी. मैंने उन्हें हग करके चुप कराया. वो मुझसे अच्छे से चिपक गयी और बोली कि मुझे प्यार चाहिए. जिसके साथ मेरा रिलेशन है वो भी बेकार है.

मैं – आंटी, क्या आप मुझे एक मौका दोगे? मैं आपको हमेशा खुश रखूँगा.

आंटी – हाँ, लेकिन एक शर्त पर.

मैं – कैसी शर्त?

आंटी – जैसा मैं कहूँगी तुम्हें वैसा ही करना पड़ेगा.

मैं – आपका हुक्म सर आँखों पर.

अब आंटी ने तुरन्त ही पैंट के ऊपर से मेरा लण्ड पकड़ लिया और बोली इसको मेरा गुलाम बना दो.

मैं – आंटी, मैं खुद आपका गुलाम बन जाऊंगा. एक बार आप बोलो तो सही.

फिर आंटी ने फटाफट मेरी पैंट और अंडरवियर उतार दिया और खुद घुटनों के बल पर बैठ गयी और मेरा 6 इंच लंबा और 2.5 इंच मोटा लण्ड अपने मुंह में ले लिया और उसे पागलों की तरह चूसने लगी. वह ऐसे चूस रही थी जैसे उसने सालों से लण्ड न चूसा हो.

दोस्तों ये मेरा फर्स्ट टाइम था और उनके ऐसा करने में मुझे सच में बहुत मज़ा आ रहा था. मैं अपनी आँखें बंद करके लण्ड चुसावाने का मज़ा लेता रहा. मैं उनके लण्ड चूसने के तरीके से ज्यादा देर नहीं टिक पाया और अपना सारा पानी उनके मुंह में ही निकाल दिया. जिसे वो पी गयी.

उसके बाद आंटी ने मुझे बेड पर बिठा दिया और मेरे सामने डांस करते हुए अपने एक – एक कपड़े उतारने लगी. दोस्तों, ऐसा लग रहा था जैसे मैं स्वर्ग में हूँ. इतनी सेक्सी आंटी जिसे मोहल्ले का हर मर्द चोदना चाहता था आज वह मेरे सामने नंगी हो रही थी और वो भी एक दम फिल्मी स्टाइल में.

अपनी कमीज तो उन्होंने ऐसे ही उतार दी लेकिन जब सलवार की बारी आई तो दूसरी तरफ मुंह करके झुक गयी. उन्होंने मेरी तरफ गांड करके आराम से गांड हिलाते हुए सलवार उतार दी. सच में दोस्तों मन कर रहा था कि अभी इसकी गांड में लण्ड डाल दूं. एक – एक करके आंटी ने अपने कपड़े उतार दिए. अब वो सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी. उनके मम्मे बहुत बड़े थे और गांड तो उससे भी बड़ी. उनकी पेंटी उनकी गांड की दरार में फसी हुई थी और मम्मे आधे से ज्यादा ब्रा से बाहर आ रहे थे. जिसे देख कर मेरा लण्ड फिर से सलामी देने लग गया.

अब मैंने आंटी को पकड़ कर बेड पर पटक दिया और उनके ऊपर चढ़ गया और जोर से स्मूचिंग करने लग गया. आंटी भी मेरा पूरा साथ दे रही थी. फिर मैं धीरे – धीरे किस करता हुआ उनकी गले पर आया फिर कंधे पर और फिर मैंने उनकी ब्रा की एक स्ट्रिप को साइड किया और फिर किस करता हुआ उसके मम्मे पर आ गया.

अभी उनके एक ही मम्मे को मैंने बाहर निकाला था. जिसे मैं धीरे – धीरे किस कर रहा था और दूसरे मम्मे को ब्रा के ऊपर से ही दबा रहा था. फिर मैंने उनके मम्मे के निप्पल पर जीभ फिराई. इससे आंटी को करंट सा लगा और फिर मैं निप्पल को चूसने लगा.

अब मैंने पीछे हाथ ले जाकर उनकी ब्रा खोल दी और उनके दोनों मम्मों को आज़ाद कर दिया. अब मैं बारी – बारी उनके मम्मे चूस और दबा रहा था. आंटी आँखें बंद करके इसका मज़ा ले रही थी और मुंह से “आह्ह् इस्स्स्” की आवाजें निकाल रही थी.

आंटी अब सिर्फ पैंटी में थी. मैं धीरे – धीरे करता हुआ नीचे जा रहा था. और उनको उल्टा करके उनकी पीठ पर किस किए जा रहा था. फिर मैंने उनको उनको कमर के बल लिटा कर उनकी नाभि को चाटना शुरू किया. इससे आंटी की तड़प और बढ़ गयी. वो और जोर से सिसकियां लेने लगी और बोलने लगी – चोद दो मेरी जान, अब बर्दाश्त नहीं होता. अपना लण्ड पेल दो मेरी चूत में आह्ह.

मैं आंटी को थोड़ा और तड़पाना चाहता था. इसलिए मैं उन्हें किस किए जा रहा था. ऐसी कोई जगह नहीं थी, जहाँ मैंने उन्हें किस न किया हो. अब मैंने उनकी टांगें खोल कर पैंटी के ऊपर से ही उनकी चूत में मुह घुसा दिया.

उनकी पैंटी पूरी गीली हो गयी थी. उनकी चूत के पानी की खुशबू ने सच में मुझे और जोश दिला दिया. फिर मैंने उनकी पैंटी उतार कर अपनी जीभ से उनकी चूत चाटने लगा. उनकी चूत एक दम साफ़ थी. उस पर एक भी बाल नहीं था. एकदम गुलाबी रंग की चूत थी उनकी.

उनकी चूत में जहां तक हो सका मैंने जीभ डाल दी. अब मैं अपनी जीभ से उनकी चूत चोद रहा था. वो अपने हाथो से मेरा सर अपनी चूत में दबा रही थी. जब मुझे लगा कि वो झड़ने वाले है तो मैंने अपना लण्ड उनकी चूत पर रख कर एक झटका मारा. मेरा आधा लण्ड उनकी चूत में चला गया और उनके मुंह से आह निकल गयी.

फिर उन्होंने अपनी गांड उठा कर पूरा लण्ड अपनी चूत में ले लिया और फिर आंटी ने अपनी टाँगें मेरी कमर पर लपेट ली. जिससे लण्ड उनकी चूत में और अंदर तक चला गया. मैं एक बार पहले ही उनके मुंह में झड़ चुका था. इस बार करीब 20 मिनट तक मैंने आंटी की अलग – अलग पोजिशन में चुदाई की. उनको घोड़ी बनाकर चोदने में मुझे सबसे ज्यादा मज़ा आया.

अब मैंने अपना सारा पानी उनकी चूत में ही छोड़ दिया. इस बीच आंटी 3 बार झड़ चुकी थी. उसके बाद हमने 4 ट्रिप और लगाई. उस दिन आंटी के घर शाम तक कोई नहीं था. जिसका हमने बखूबी फायदा उठाया और हमने सिर्फ चुदाई ही की. जिसमें मैंने उन्हें हर पोज़ में चोदा.

बाद में उन्होंने बताया कि ऐसी चुदाई उनकी कभी नहीं हुई है. अब जब भी हमें मौका मिलता है हम सेक्स जरूर करते हैं. अब वो मेरी दीवानी हो चुकी है. इसके बाद आंटी ने अपनी सहेली की बेटी की भी चूत मुझे दिलवाई. लेकिन वो कहानी मैं अगली बार लिखूंगा.

मेरी यह सच्ची कहानी आप लोगों को कैसी लगी. मुझे मेल करके जरूर बताएं – [email protected]

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