दोस्त की शादी में मिली हसीना को होटल में चोदा

एक बार मैं अपने एक दोस्त की शादी में गया था. वहां मुझे एक खूबसूरत शादीशुदा महिला मिली. शादी के दौरान ही हम करीब आए. फिर किस तरह मैंने उस हसीना को ले जाकर होटल में चोदा, ये कहानी में आगे जानने को मिलेगा…

हेलो दोस्तों, मेरा नाम गौरव है और मैं जोधपुर, राजस्थान का रहने वाला हूं. मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूं और यहां पर यह मेरी पहली कहानी है. यह कहानी मेरी और मेरे दोस्त के रिश्तेदार पूनम की है.

कहानी में आगे बढ़ने से पहले मैं आप सब को पूनम के बारे में बता देना चाहता हूं. वो 30 32 साल की एक शादीशुदा औरत है. उसका फिगर 34 30 34 का है. कुल मिला कर वह भरे शरीर वाली मस्त माल है.

अब आप लोगों को ज्यादा बोर न करते हुए मैं सीधा अपनी कहानी पर आता हूं. बात करीब 2 साल पहले की है. मेरी और पूनम की मुलाक़ात मेरे दोस्त की शादी में हुई. शादी के दौरान हमारी आंखें चार हुईं और हमने थोड़ी – बहुत बातें भी कीं. इसके बाद हम अपने – अपने घर वापस आ गए.

घर आने के बाद उसने मुझे इंस्टाग्राम पर फ़ॉलो रिक्वेस्ट भेजी. मैंने एक्सेप्ट कर ली. फिर हमारी बातें होने लगीं. पहले तो हम इधर – उधर की बात करते लेकिन फिर धीरे – धीरे हमारी बातों का रुख बदलता गया और हमारे बीच सेक्स से संबंधित बातें भी होने लगीं.

ये सिलसिला कुछ डीं चलता रहा. फिर एक दिन उसने मुझे बताया कि वो मेरे साथ सेक्स करना चाहती है. दोस्तों, यकीन मानिए मैं भी दोस्त की शादी वाले दिन, जब से उसे देखा था, इसी के इंतजार में था. लेकिन मैं पहल करने से डरता था. उसकी बात सुन कर मैं बहुत खुश हुआ.

फिर हम दोनों सही समय का इंतजार करने लगे. कई दिन बीत गए लेकिन हमें मौका ही नहीं मिल रहा था. लेकिन वो कहते हैं न कि ऊपर वाले के घर देर देर है अंधेर नहीं. लम्बे इंतज़ार के बाद फिर आखिर वह दिन आ ही गया. तब उसने अपने घर वालों से झूठ बोला कि वह अपनी सहेली के यहां जा रही है और मुझसे मिलने के लिए निकल आई. ये बात उसने मुझे पहले ही बता दिया था इसलिए मैंने पहले ही एक होटल में रूम बुक कर लिया था.

घर से निकल कर उसने मुझे फोन किया और बताया कि इस टाइम वह कहां पर है. फिर मैं अपनी बाइक लेकर वहां गया और उसे बैठा कर होटल की तरफ चल पड़ा. होटल जाते समय वह मुझसे एक दम चिपक कर बैठी थी. रास्ते में जब भी मैं ब्रेक लगाता तो उसके बड़े – बड़े गोल मम्मे मेरी पीठ से दब जाते. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.

वह भी इसके मज़े ले रही थी और मुझसे कह रही थी कि ले लो मेरे मम्मों के मज़े अभी होटल में मैं तुम्हारे मज़े लूंगी. इस पर मैं बस मुस्कुरा के रह गया और मन में सोचने लगा कि तुम मेरे मज़े लो या मैं तुम्हारे दोनों तरह से चूत तुम्हारी ही मारी जाएगी

खैर, करीब 10 मिनट में मैं उसे लेकर होटल पहंच गया. हमने चेक इन किया और फिर कमरे के अंदर गए. रूम में जाते ही वो मुझ पर टूट पड़ी. मुझे किस करने लगी. वह मेरे गाल पर, गर्दन पर, कान पर लगातार किस कर रही थी. उसका ये करना मुझे भी अच्छा लग रहा था. थोड़ी देर बाद फिर मैं भी जोश में आ गया और उसके बाल जोर से पकड़ के पीछे खींच लिया और उसके होंठों पर अपने होंठ रख के किस करने लगा.

अब मैं और वो दोनों एक दम पागल से हो गए थे और एक – दूसरे के होंठों को जंगली जानवर की तरह चूमे जा रहे थे. फिर मैंने उसके गाल और गर्दन पर किस करने के बाद उसके कान के पीछे अपनी जीभ से चाटने लगा. इससे पूनम बहुत ज्यादा गरम हो कर मचलने लगी. धीरे – धीरे उसका हाथ मेरे लंड पर आ गया और वह उसे मसलने लगी.

हम दोनों अब कुछ भी बोलने की हालत में नहीं थे. फिर मैंने कपड़ों के ऊपर से ही उसके बूब्स को दबाना चालू किया. जिससे उसकी सिसकियां चालू हो गईं. मैं पहले धीरे – धीरे फिर जोर – जोर से उसके बूब्स दबाना लगा और वो बस ‘आह आह उम्म हां हां’ की आवाज करती रही.

उसके बड़े – बड़े बूब्स दबाने में मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. फिर मैंने एक – एक कर उसके सारे कपड़े उतार दिए. अब उसके गुलाबी मम्मे बिल्कुल नंगे हो गए. उन्हें देख कर मुझसे रहा न गया और मैं उसके बूब्स पर टूट पड़ा और चाटने – चूसने लगा. बीच – बीच में मैं उसके निप्पल्स को काट भी लेता था, जिससे वो उछल जाती.

फिर धीरे – धीरे उसके पेट पर होता हुआ नाभि तक जा पहुंचा जैसे ही उसे चूमा वह अपनी टांगें फैला कर जोर से करीब 1 फुट तक उछल गई. फिर मैं और नीचे गया और उसकी पेंटी हटा कर उसकी चूत को चाटने लगा. साथ ही अपनी एक उंगली भी उसकी चूत में डाल दी और अंदर – बाहर करने लगा.

इससे वो एक दम से चिहुंक उठी. मैंने धीरे – धीरे चूत को चाटना और उंगली करना तेज कर दिया. पहले तो वो मेरे लंड को हाथ में लेकर हिला रही थी लेकिन फिर हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए और उसने भी मेरा लंड अपने मुंह में भर लिया और लॉलीपॉप के जैसे चूसने लगी. बहुत मज़ा आ रहा था दोस्तों. जन्नत तो मैंने कभी देखी नहीं लेकिन जो फील उस टाइम आ रहा था वो भी मुझे कभी नहीं आया.

थोड़ी देर बाद फिर हम दोनों अलग हो गए. अब मैंने उसको सीधा लेटा के लंड उसकी चूत पर लगाया और जोर से एक धक्का दे दिया. इस अचानक से हुए हमले से एक बार तो उसकी चीख निकल गयी लेकिन फिर उसने खुद को कंट्रोल कर लिया. अब मैं फिर से धक्के लगाने लगा. वो भी नीचे से धक्के लगा रही थी. जिससे मज़ा डबल हो गया. 

फिर थोड़ी देर बाद वो मेरे ऊपर आ गयी और लंड के ऊपर बैठ कर कूदने लगी. इस पोजीशन में चुदाई करने पर मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. वो जैसे – जैसे कूदती उसके बूब्स  भी वैसे ही उछलते. जिन्हें देख के मेरी वासना और बढ़ती जाती.

काफी देर तक वह मेरे ऊपर कूदती रही. फिर जब उसके पैर थक गए तो फिर मैंने उसको डॉगी पोजीशन में किया पीछे से उसकी चूत मारने लगा. करीब 20-25 मिनट तक हमारी चुदाई चली. उसके बाद मैंने उसके अंदर ही अपना माल छोड़ दिया. अब हम दोनों थक गए थे और सीधे बिस्तर पर लेट गए.

करीब आधे घंटे बाद फिर हमारे हरकतें चालू हो गईं और हमारे बीच चुदाई का एक और राउंड चला. इस बार मुझे झड़ने में 30-35 मिनट लगे. उसके बाद मैंने उसे वापस जहां रिसीव किया था वहीं छोड़ दिया. दोस्तों, मेरी कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करके जरूर बताएं. मेरी मेल आईडी – [email protected]

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